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नवरात्रि में हाथी पर सवार होकर होगा मां दुर्गा का आगमन, जानिए देश और दुनिया पर क्या पड़ेगा प्रभाव

अक्टूबर के इसी महीने में नवरात्रि की भी शुरुआत हो रही है, जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. जगह जगह पर माता की स्थापना के लिए झांकियां तैयार होनी शुरू हो चुकी हैं. शहडोल जिले के चौक चौराहों पर जहां-जहां दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित की जाती है. वहां पर कई दिन पहले से ही पंडाल सजना लाइटिंग की व्यवस्था झांकी की व्यवस्था की जा रही है. मूर्तिकार मूर्तियों को तैयार करने में जुटे हुए हैं. इस बार माता किस पर सवार होकर आ रही हैं, बैठकी का शुभ मुहूर्त कब है, और जिस वाहन में माता आ रही हैं उसके क्या संकेत हैं, जानिए ज्योतिष आचार्य से 11 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत ज्योतिष  बताते हैं कि, ''इस बार नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हो रही है, दिन रविवार पड़ रहा है. प्रातः कालीन सुबह 5:27 से लेकर के 10:30 बजे तक दिन में घट स्थापना का पहला शुभ मुहूर्त है. इसके बाद एक अभिजीत मुहूर्त भी है जो विशेष कर 11:45 दिन में शुरू होगा और 1:00 बजे के बीच में अभिजीत मुहूर्त रहेगा. यह बहुत महत्वपूर्ण मुहूर्त माना जाता है. इस मुहूर्त की लोग प्रतीक्षा भी करते हैं, और फिर एक मुहूर्त सायं कालीन शाम को 6:00 बजे से लेकर के 9:00 बजे के बीच में रात्रि कालीन समय में रहेगा. इस मुहूर्त में घट स्थापना करें, देवी की स्थापना करें, पंडाल को सजाएं और इसमें स्थापना करके पूजा पाठ करें तो देवी बहुत प्रसन्न होती हैं.'' 11 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत  ज्योतिष  बताते हैं कि, माता का हाथी पर आगमन देश और दुनिया के लिए कई बड़े संकेत लेकर आ रहा है. इस बार जब नवरात्रि की शुरुआत होगी तो माता हाथी पर सवार होकर आएंगी. शास्त्रों में ऐसा लिखा है कि जब हाथी पर बैठकर मां दुर्गा आती हैं तो पृथ्वी बहुत संतुष्ट होती है और पृथ्वी धन-धान्य से परिपूर्ण होती है. विशेष कर जो राजनीतिक क्षेत्र में लोग हैं उनमें बहुत सामंजस्य होता है।  देश में होगी अच्छी वर्षा, किसानों होंगे खुशहाल ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, ''हाथी को जल और बादलों का भी प्रतीक माना गया है, इसलिए माता का हाथी पर सवार होकर आना इस बात का भी संकेत है कि देश में अच्छी वर्षा होगी. जल स्रोतों में वृद्धि होगी, किसानों की फसल बेहतर होगी. समाज में ज्ञान स्थिरता, और सुख समृद्धि में बढ़ोतरी होगी. जब माता गज में सवार होकर आती हैं तो ये देश और समाज के लिए बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है. शांति का प्रतीक माना गया है. इससे जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और आर्थिक मजबूती आने की संभावनाएं भी बढ़ रही है. मतलब इस बार बहुत ही शुभ संकेत हैं, इस बार सब कुछ अच्छा होगा। 

विदेश जाना सस्ता, घर आना महंगा! दिवाली-छठ पर घरेलू फ्लाइट किराए ने बढ़ाई यात्रियों की चिंता

 नई दिल्ली दिवाली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सफर का खर्च चिंता बढ़ा रहा है. ट्रेनों में बुकिंग शुरू होते ही सीटें फुल हो गई थीं और अब जिन यात्रियों के पास हवाई जहाज से घर पहुंचने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है, उन्हें आसमान छूते किराये का सामना करना पड़ रहा है. हैदराबाद से उत्तर भारत के कई शहरों के लिए दिवाली और छठ के आसपास हवाई टिकट इतने महंगे हो गए हैं कि कुछ मामलों में विदेश जाना भी इससे सस्ता पड़ रहा है।  दिवाली और छठ से करीब एक महीने पहले ही हैदराबाद से कई घरेलू रूट पर हवाई किराये में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. वहीं, हैदराबाद से सिंगापुर, मलेशिया और बैंकॉक जैसे विदेशी गंतव्यों के लिए टिकट करीब 15,000 से 18,000 रुपये में मिल रहे हैं. कुछ घरेलू रूट की तुलना में ये किराये करीब 7,000 रुपये तक सस्ते हैं  चंडीगढ़-पटना का टिकट ₹22000 तक दिवाली के दौरान हैदराबाद से चंडीगढ़ या पटना जाने वाली एक तरफ की फ्लाइट का किराया करीब ₹22,000 तक पहुंच गया है. सामान्य दिनों में इसी रूट का किराया करीब ₹9,000 रहता है. यानी त्योहार के समय यात्रियों को सामान्य किराये से दोगुने से भी ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं. जयपुर के लिए भी यही स्थिति है. सामान्य तौर पर करीब ₹8,000 में मिलने वाला एक तरफ का टिकट अब लगभग ₹21,000 तक पहुंच गया है. कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, भोपाल और इंदौर जाने वाली उड़ानों में भी किराये में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है. कुछ रूट पर टिकट की कीमत सामान्य स्तर के मुकाबले करीब दोगुनी हो गई है।  ट्रेन में टिकट नहीं, फ्लाइट बनी मजबूरी त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन आमतौर पर सबसे सस्ता विकल्प होती है. लेकिन दिवाली और छठ के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट मिलना पहले से ही मुश्किल हो जाता है. ऐसे में आखिरी समय में घर पहुंचने के लिए हवाई सफर ही विकल्प बचता है. यही वजह है कि जिन लोगों को त्योहार पर हर हाल में घर पहुंचना है, उन्हें बढ़े हुए हवाई किराये के बावजूद टिकट बुक करना पड़ रहा है. हैदराबाद से लखनऊ के लिए एक तरफ का हवाई टिकट ₹17,000 से ज्यादा होना चौंकाने वाला है. इस कीमत पर विदेश जाना भी सस्ता पड़ रहा है. त्योहार के दौरान घर जाने वाले परिवारों के पास बढ़ा हुआ किराया चुकाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचता।  फ्लाइट्स की संख्या कम, डिमांड ज्यादा ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि हवाई किराये में इस तेजी की बड़ी वजह मांग और उपलब्ध सीटों के बीच बढ़ता अंतर है. कई रूट पर एयरलाइंस कम उड़ानें चला रही हैं, जबकि त्योहार के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. त्योहार के समय ज्यादातर लोग अपने शहर और गांव लौटते हैं, ऐसे में उपलब्ध सीटें तेजी से भर रही हैं और बची हुई सीटों के किराये बढ़ते जा रहे हैं।  दिवाली तक और बढ़ सकता है किराया दिवाली में अभी कई हफ्ते बाकी हैं, लेकिन कई घरेलू रूट पर किराये में अभी से बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. ट्रैवल एजेंट्स को आशंका है कि जैसे-जैसे यात्रा की तारीख नजदीक आएगी और मांग बढ़ेगी, किराये में और बढ़ोतरी हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, दशहरे के दौरान भी हैदराबाद से कई घरेलू रूट पर हवाई किराये सामान्य से काफी ऊपर रहे थे. ऐसे में दिवाली और छठ के लिए घर जाने वाले यात्रियों के सामने मुश्किल यह है कि ट्रेन में टिकट उपलब्ध नहीं है और फ्लाइट का किराया बजट बिगाड़ रहा है. कुछ रूट पर स्थिति ऐसी बन गई है कि देश के भीतर अपने घर जाना, विदेश जाने से भी महंगा पड़ रहा है। 

पीएनजी समन्वय समिति के सत्यापन उपरांत ही एलपीजी सप्लाई बंद की जाए

पीएनजी समन्वय समिति के सत्यापन उपरांत ही एलपीजी सप्लाई बंद की जाए भोपाल  पीएनजी कनेक्शन के संबंध में आयुक्त खाद्य दिनेश जैन द्वारा सीजीडी(सिटी गैस डिस्ट्रीव्यूशन) संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि कॉलोनियों में पीएनजी की सप्लाई सुचारू रूप से चालू होने के बाद पीएनजी समन्वय समिति द्वारा सत्यापन उपरांत ही संबंधित उपभोक्ता की एलपीजी सप्लाई बंद की जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। वर्तमान में भोपाल जिले में 4 सोसायटी जिसमें सागर लेक व्यू होम्स अयोध्या बायपास, सौम्या पार्क लैण्ड अवधपुरी, आकृति ग्रीन्स सलैया एवं कैनाल किंनशिप सलैया एलपीजी फ्री घोषित की गई है। इन कॉलोनियों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। थिंक गैस कंपनी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन पूर्व से उपलब्ध हैं, उन्हें भी एलपीजी फ्री श्रेणी में रखा गया है। यह जानकारी भी दी गई है कि भारत सरकार के राजपत्र अनुसार जिन क्षेत्रों में पीएनजी की उपलब्धता है, वहां उपभोक्ताओं को नोटिस देने के 90 दिवस बाद एलपीजी सप्लाई बंद करने के प्रावधान हैं। भोपाल जिले के 88 प्रतिशत एलपीजी उपभोक्ताओं द्वारा ई-केवायसी की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा विगत 06 माह में 06 बार ई-केवायसी की अनिवार्यता के लिये समय-सीमा बढ़ाई गई है। एक अक्टूबर 2026 तक जिन उपभोक्ताओं के द्वारा ई-केवायसी नहीं कराई गई है, उन्हें गैस रिफिल बुकिंग की सुविधा गैस कंपनियों द्वारा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार अस्थाई रूप से बंद की गई है, जो संबंधित उपभोकता द्वारा ई-केवायसी कराये जाने पर तत्काल पुनः प्रारंभ हो सकेगी। उपभोक्ता गैस एजेंसी अथवा ऑयल कंपनी के ऐप के माध्यम से भी घर बैठे ई-केवायसी कर सकते है। पीएनजी सप्लाई आयुक्त खाद्य जैन ने अपील की है कि जिन उपभोक्ताओं के एलपीजी रिफिल सुविधा ई-केवायसी न कराये जाने के कारण अस्थाई रूप से बंद है, वे तत्काल ई-केवायसी करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही एलपीजी या पीएनजी संबंधी समस्या होने पर संबंधित ऑयल कंपनी सीजीडी कंपनी की हेल्पलाईन पर संपर्क कर सकते है। हेल्पलाईन नम्बर र्थिंक गैस – इंडियन ऑयल कंपनी – 1800-3000-0046, भारत पेट्रोलियम कंपनी – 1800-2243-44/0755-2601651, हिन्दुस्थान पेट्रोलियम कंपनी – 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते है।  

IND vs WI मैच से इंदौर में होटल महंगे, ₹9 हजार का कमरा ₹25 हजार तक पहुंचा; ढाई गुना बढ़े दाम

इंदौर  11 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले से पहले इंदौर के होटल कारोबार में तेजी दिखाई देने लगी है। मैच से पांच दिन पहले ही कमरों की डिमांड बढ़ गई है और इसका असर रूम रेट पर भी पड़ा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 6 अक्टूबर को जिस कमरे का किराया जितना था, वही कमरा 11 अक्टूबर को कई होटलों में करीब दोगुने और कुछ जगहों पर इससे भी ज्यादा रेट में उपलब्ध है। जिन होटलों में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है, वहां कम कीमत वाले कमरों की उपलब्धता तेजी से घट रही है। बाहर से मैच देखने आने वाले दर्शकों के कारण शहर के दूसरे होटलों में भी बुकिंग बढ़ी है। इंदौर में करीब 300 होटल हैं। इनमें सबसे ज्यादा डिमांड रेडिसन ब्लू होटल और इंदौर मैरिएट होटल के आसपास के होटलों में देखी जा रही है। रेडिसन में डीलक्स रूम 6,975 से सीधे 14 हजार रेडिसन में टीम इंडिया के खिलाड़ियों के ठहरने की तैयारी है। यहां मैच की तारीख पर कमरों के रेट में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रेसिडेंशियल सुइट का मौजूदा रेट 51,300 रुपए है, जो 11 अक्टूबर को 56,655 रुपए होगा। डीलक्स रूम का मौजूदा किराया 6,975 रुपए है। मैच वाले दिन यही कमरा 14 हजार रुपए में मिलेगा। यानी एक ही कमरे के किराए में करीब 7 हजार रुपए का अंतर है। सामान्य श्रेणी के कमरों की डिमांड भी मैच की तारीख नजदीक आने के साथ बढ़ी है। मैरिएट में 13,050 का कमरा 21,565 रुपए में मैरिएट होटल में वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां भी 11 अक्टूबर के लिए कमरों के रेट बढ़े हुए हैं। सबसे महंगे कमरे का मौजूदा रेट 13,050 रुपए है, जो मैच वाले दिन 21,565 रुपए होगा। वहीं डीलक्स रूम अभी 7,125 रुपए का है, जबकि 11 अक्टूबर को इसका रेट 9,900 रुपए रहेगा। सयाजी में भी बढ़े रूम रेट सयाजी में भी मैच की तारीख पर कमरों के रेट बढ़ गए हैं। सबसे महंगे कमरे का मौजूदा रेट 10,555 रुपए है, जो 11 अक्टूबर को 13,499 रुपए होगा। डीलक्स रूम अभी 6,599 रुपए का है, जबकि मैच वाले दिन इसके लिए 7,466 रुपए चुकाने होंगे। शेरेटन में किराया ढाई गुना तक पहुंचा शेरेटन Grand Palace Indore में कुछ कमरों के रेट में सबसे ज्यादा उछाल दिखाई दे रहा है। सबसे महंगा कमरा अभी 9,416 रुपए का है, जबकि 11 अक्टूबर को इसका रेट बढ़कर 24,699 रुपए हो जाएगा। डीलक्स रूम का मौजूदा रेट 14,249 रुपए है, जो मैच वाले दिन 24,699 रुपए रहेगा। यानी मैच की तारीख पर कुछ श्रेणियों में मौजूदा रेट की तुलना में किराया काफी बढ़ गया है। होटलों में क्रिकेट थीम, लॉबी से रेस्टोरेंट तक सजावट मैच को लेकर होटल संचालक भी तैयारियों में जुट गए हैं। कई होटलों में लॉबी, रेस्टोरेंट और कॉमन एरिया को क्रिकेट थीम पर सजाने की तैयारी है। इसके अलावा फोटो पॉइंट और क्रिकेट से जुड़े डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे। बाहर से आने वाले दर्शकों के लिए रेस्टोरेंट और लॉबी में मैच का माहौल बनाने की तैयारी की जा रही है। खिलाड़ियों के लिए इंडियन और इंटरनेशनल फूड टीमों के खाने को लेकर भी होटल विशेष तैयारी कर रहे हैं। खिलाड़ियों की डाइट और पसंद को ध्यान में रखते हुए इंडियन और इंटरनेशनल व्यंजन रखे जाएंगे। मेन्यू में हल्का और प्रोटीन आधारित भोजन प्राथमिकता में रहेगा। होटल एसोसिएशन: मैच से होटल सेक्टर में बूम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा कि इंदौर में क्रिकेट मैच होने पर होटल कारोबार में हर बार डिमांड बढ़ती है। बाहर से बड़ी संख्या में दर्शक आते हैं, जिसका फायदा होटल के साथ रेस्टोरेंट कारोबार को भी मिलता है। इस बार भी होटल सेक्टर में बूम दिखाई दे रहा है और होटल मैच के हिसाब से तैयारियां कर रहे हैं। टीमों के साथ दर्शकों की बुकिंग से डबल फायदा भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले से होटल कारोबार को दो स्तर पर फायदा मिल रहा है। टीमों के ठहरने के कारण चुनिंदा होटलों में कमरों की डिमांड बढ़ी है, जबकि मैच देखने देश के अलग-अलग शहरों से आने वाले दर्शकों के कारण शहर के दूसरे होटलों में भी बुकिंग बढ़ रही है। शाम 7 बजे शुरू होगा मुकाबला भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच शाम 7 बजे शुरू होगा।

ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय का नया मॉडल, फसल और पानी के अनुसार बनेगी खाद; 17 सूक्ष्म तत्व होंगे शामिल

ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के वैज्ञानिक किसानों की आर्थिक उन्नति, भूमि सुधार और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक नवोन्मेषी सोर्स बेस्ड कंपोस्ट मॉडल तैयार कर रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अंचल के किसानों को उनकी स्थानीय फसलों, भूमि के प्रकार और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जैविक व प्राकृतिक खाद बनाने के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। खासबात यह है कि इन इस मॉडल से बनने वाली कंपोष्ट खाद में न केवल मुख्य तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटेशियम के अलावा अन्य 17 सूक्ष्म तत्व होंगे। जिससे किसानों की फसल को पूरा पोषण मिलेगा। साथ ही रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। साथ ही इन मॉडलों को बनाने में प्रयास किया जा रहा है कि कार्बन का उत्सर्जन शून्य हो। जिससे वातावरण भी स्वच्छ रहे। यदि कंपोस्ट बनाने का ये मॉडल अप्रने प्रयोग में सफल रहते हैं तो इन्हें किसानों को अपनाने के लिए बुलाया जाएगा। किसान की जरूरत के मुताबिक होंगे माउल     एग्रीफोरेस्ट्री बेस्ड नेचुरल मॉडल: यह मॉडल कृषि और वानिकी का बेहतरीन समन्वय है। इसमें खेतों और वृक्षों से मिलने वाले जैविक कचरे का उपयोग कर टिकाऊ कंपोस्ट तैयार की जाएगी। यह मॉडल सभी किसानों के लिए होगा।     हाई-इनकम एग्री-हार्टी नेचुरल फार्मिंग मॉडल: कृषि और उद्यानिकी फसलों (फल व सब्जियां) को ध्यान में रखकर तैयार यह मॉडल व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों की उच्च पोषण आवश्यकता को पूरा करता है। इस मॉडल उन किसानों के लिए अनुकूल होगा जो जो आर्थिक रूप से भी अधिक सक्षम हैं और उनके पानी की उपलब्धता है।     क्लाइमेट-रिजिलिएंट सिस्टम मॉडल: यह मॉडल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, जैसे अनियमित वर्षा या सूखे जैसी परिस्थितियों में भी मिट्टी में नमी और जैविक कार्बन बनाए रखने में सक्षम है। इस मॉडल से उन किसानों को फायदा मिलेगा जिनके पास फसलों की सिंचाई के लिए पानी कम है। कम पानी भी इस खाद वे वे अच्छा उत्पादन ले सकेंगे। संसाधनों के अनुसार चयन का विकल्प इन तीनों मॉडलों को किसान की वित्तीय क्षमता, वार्षिक आय और उनके क्षेत्र में पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इससे छोटे, मध्यम और बड़े किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सही मॉडल चुनकर कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली खाद बना सकेंगे। साथ ही किसानों के पास उपलब्ध एग्री वेस्ट या एनीमल वेस्ट का भी उपयोग कर सकेंगे। जीरो कार्बन एमिशन और मृदा स्वास्थ्य पर जोर इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता शून्य कार्बन उत्सर्जन है। कंपोस्ट बनाने की पारम्परिक प्रक्रियाओं में निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों पर नियंत्रण कर पर्यावरण को सुरक्षित रखा जाएगा। क्या कहते हैं वैज्ञानिक -इस तकनीक से रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता काफी कम होगी, जिससे खेती की लागत घटेगी। इसके साथ ही लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से खराब हो रही मिट्टी की जैविक उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन इन सोर्स बेस्ड मॉडल बनाने का प्रयोग सफल होता है तो इनका प्रदर्शन विभिन्न माध्यमों से किसानों के के सामने किया जाएगा। जिससे वे इन्हें अपना सकें। डॉ. एकता जोशी, वैज्ञानिक व नोडल अधिकारी, आरवीएसकेविवि

UPI यूजर्स और कारोबारियों के लिए अहम खबर, 15 अक्टूबर से 0.4% MDR लागू होगा या टलेगा फैसला?

नई दिल्ली यूपीआई के जरिए 2,000 रुपये से अधिक पेमेंट पर 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट्स (MDR) लगाने की योजना 15 अक्टूबर से लागू होनी है। लेकिन बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसे 1 जनवरी तक टालने पर विचार किया जा रहा है। यानी फेस्टिव सीजन में इससे रिटेलर्स को राहत मिल सकती है। माना जा रहा है कि सरकार अगले कुछ दिनों में इस पर फैसला ले सकती है। इस रिपोर्ट से पेमेंट एग्रीगेटर्स पेटीएम के शेयर 10% गिर गए और कंपनी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से नीचे चला गया। इसी तरह मोबिक्विक और पाइन लैब्स में 8% तक की गिरावट आई। पेटीएम के शेयर कुछ देर के लिए 1,558.80 रुपये के लोअर सर्किट पर पहुंच गए। मार्केट खुलने के कुछ ही मिनटों में कंपनी का मार्केट कैप करीब 10,972 करोड़ रुपये कम हो गया। पेटीएम शेयर पेटीएम का 52 हफ्ते का टॉप 1,856.50 रुपये है। मोबिक्विक के शेयर 8% से ज्यादा गिरकर 234.52 रुपये पर आ गए, जबकि पाइन लैब्स के शेयर 4% से ज्यादा फिसलकर 170.21 रुपये पर आ गए। मोबिक्विक का 52 हफ्ते का टॉप 290.35 रुपये है। इसी तरह पाइन लैब्स का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 283.70 रुपये है। ट्रेडर्स और इंडस्ट्री एसोसिएशन के इस बात पर चिंता जताई थी कि त्योहारों की सेल के दौरान MDR शुरू करने से बिजनेस के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ जाएगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) की अगुवाई वाली UPI और सर्विस स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य बुधवार को MDR टाइमिंग और दूसरी बातों पर चर्चा करने के लिए मिले। वित्त मंत्री से भी किया गया है आग्रह   एक बड़े व्‍यापारिक सूत्र ने बताया कि व्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्री से  UPI लेनदेन पर MDR लगाने को टालने का आग्रह किया है. ट्रेडर्स ने वित्त मंत्री से अपील की है कि UPI के पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR के प्रस्ताव को 6 हफ्ते के लिए टाल दिया जाए।  वित्त मंत्री को दिए एक लिखित मेमोरेंडम में व्यापारी संगठनों ने कहा है कि MDR को लेकर व्यापारियों में  संशय की स्थिति है. इसलिए इसे लागू करने की तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 किया जाए।  UPI-MDR चार्ज पर क्‍या है प्रस्‍ताव?  NPCI के मुताबिक, 2,000 रुपये से ऊपर के पर्सन टू मर्चेंट ट्रांजैक्‍शन पर 0.4 % का MDR चार्ज लागू किया जाना है.  इस हिसाब से 75,000 रुपये के लेनदेन पर चार्ज 300 रुपये बनते हैं.हालांकि एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन रखी गई है।  ऐसे में 75,000 रुपये से ऊपर के जो भी ट्रांजैक्‍शन होंगे, उनपर अधिकतम यानी 300 रुपये MDR चार्ज लिए जाने का प्रावधान है।  2,000 रुपये से ऊपर हर ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं? 2,000 रुपये से ज्यादा के सिर्फ तय Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा. सामान्य दर 0.4% होगी, जबकि 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम MDR 300 रुपये होगा।  रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी सेक्टरों में 2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर सिर्फ 5 रुपये का फ्लैट MDR होगा।  अहम बात ये है कि ग्राहक से MDR नहीं लिया जाएगा. बैंकों को निर्देश दिया गया है कि व्यापारी इसका बोझ ग्राहकों पर न डालें।  96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं सरकार के मुताबिक, करीब 96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR से प्रभावित नहीं होंगे. ₹2,000 तक के सभी UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा।  इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI पेमेंट किसी भी रकम पर फ्री रहेगा. छोटे व्यापारियों को UPI QR के जरिए महीने में 1 लाख तक मिलने वाली रकम पर भी MDR नहीं लगेगा. RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी MDR शून्य रहेगा।  नो यूपीआई डे इस महीने की शुरुआत में, होलसेल ट्रेडर्स और रिटेलर्स ने 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR के प्रस्तावित लागू होने के विरोध में 'नो UPI डे' मनाया था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कमेटी 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले बिजनेस को MDR फीस से छूट देने पर भी विचार कर रही है। मौजूदा फ्रेमवर्क के तहत 1 लाख रुपये तक के मंथली टर्नओवर वाले बिजनेस को रोलआउट के तहत छूट दी जानी थी।  

तेजस निर्माण में आई तेजी, भारत को मिले 4 F404 इंजन; धड़ाधड़ बनेंगे स्वदेशी लड़ाकू विमान

बेंगलुरु   भारत के तेजस फाइटर जेट प्रोग्राम को नई रफ्तार मिली है. अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी ने देसी राफेल फाइटर जेट के नाम से मशहूर तेजस लड़ाकू विमान के लिए 4 F404 इंजन भेजा है. बता दें कि इंजन की आपूर्ति में देरी की वजह से तेजस फाइटर जेट प्रोग्राम पर प्रतिकूल असर पड़ा और यह प्रोग्राम तय समय से काफी पीछे चल रहा है. अब इसके रफ्तार पकड़ने की संभावना बढ़ गई है. अमेरिकी कंपनी ने तेजस फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए इंजन की आपूर्ति शुरू कर दी है. सितंबर महीने में 4 F404 भेजे गए. बताया जा रहा है कि ऐसे 20 जेट इंजनों की सप्‍लाई का प्‍लान ट्रैक पर है।  जानकारी के अनुसार, अमेरिकी कंपनी GE Aerospace ने भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस कार्यक्रम के लिए सितंबर 2026 में 4 F404-IN20 इंजन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को भेजे हैं. कंपनी के प्रवक्ता ने न्‍यूज एजेंसी ANI को यह जानकारी दी है. इसके साथ ही जून से दिसंबर 2026 के बीच 20 इंजनों की आपूर्ति के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में कंपनी की प्रगति जारी है. GE Aerospace के प्रवक्ता ने आगे बताया कि कंपनी भारत के तेजस लड़ाकू विमानों को शक्ति देने के लिए आवश्यक इंजनों की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित किए हुए है. कंपनी ने HAL और भारतीय वायुसेना के साथ अपनी साझेदारी पर भी जोर दिया. सितंबर की खेप से पहले अगस्त में तीन इंजन HAL को भेजे गए थे।  2021 में 99 F404-IN20 इंजन का ऑर्डर पूर्व HAL चेयरमैन डीके सुनील ने अप्रैल में ANI को बताया था कि GE ने जून से दिसंबर 2026 के बीच 20 F404 इंजन की आपूर्ति का आश्वासन दिया है. HAL ने तेजस Mk1A कार्यक्रम के लिए 2021 में GE से 99 F404-IN20 इंजन का ऑर्डर दिया था. इस ऑर्डर के तहत पहला इंजन 25 मार्च 2025 को भारत पहुंचा था. GE के मुताबिक, अतिरिक्त ऑर्डर मिलने के समय F404-IN20 इंजन की उत्पादन लाइन करीब 5 वर्षों से बंद थी. कंपनी को उत्पादन दोबारा शुरू करने के साथ वैश्विक सप्लाई चेन को भी फिर से सक्रिय करना पड़ा. GE के कॉम्बैट एंड ट्रेनर इंजन कारोबार के महाप्रबंधक शॉन वॉरेन ने बताया था कि कोविड-19 महामारी के कारण यह प्रक्रिया और चुनौतीपूर्ण हो गई थी। 

राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर, 16 अक्टूबर को नहीं पड़ेगा एक भी वोट; सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध विजयी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब नहीं होगा. राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किये थे. लेकिन आज नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने के बाद BJP के 8 और समाजवादी पार्टी (सपा) के 2 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है. यानी अब इन 10 सीटों के लिए मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल, उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है. इसे देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने इन सीटों पर 16 अक्टूबर को द्विवार्षिक चुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया था।  10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने दाखिल किया था नामांकन चुनाव प्रक्रिया के तहत 29 सितंबर से 6 अक्टूबर तक नामांकन की अंतिम तारीख निर्धारित की गई थी. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच तथा 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की समयसीमा तय है. जिसके तहत 10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था।  सबसे पहले नामांकन कर बैकफुट पर आई सपा नामांकन प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले सपा की ओर से प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया. वहीं 1 अक्टूबर को कांते सयन्ना ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा. हालांकि इस दौरान सपा ने जल्द ही अपना तीसरा उम्मीदवार भी उतारने का ऐलान कर दिया था. हालांकि बीते 6 अक्टूबर को नामांकन के अंतिम दिन सपा मुखिया अखिलेश यादव ने X पर “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” पोस्ट कर अपना तीसरा उम्मीदवार ना उतारने का ऐलान कर BJP और सपा के सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन तय कर दिया था।  BJP के आत्मविश्वास से बैकफुट पर आये विपक्षी इस दौरान BJP ने अपने 8 उम्मीदवारो के नाम का ऐलान कर दिया था. जिसमें 7 को जिताने के लिए BJP के पास पर्याप्त संख्या थी. जबकि BJP ने अपना 8 वां उम्मीदवार विपक्षी विधायकों के समर्थन के भरोसेमंद मैदान में उतारा था. जिसके बाद एक ओर जहाँ विपक्ष बैकफुट पर नज़र आया. तो वही BJP पूरे आत्माविश्वास के साथ CM योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी CM के साथ संगठन के शीर्ष नेतृत्व के साथ BJP ने अपने सभी 8 उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कराते हुए नज़र आई. जिसमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, राम प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह और श्रुति गंगवार शामिल रही. हालांकि इस दौरान ओमकार नाथ चौरसिया ने भी बिना आवश्यक 10 प्रस्तावको के ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया. जिससे 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवारों के नामांकन हो गए।  दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने कांते सयन्ना और ओमकार नाथ चौरसिया के नामांकन पत्र खारिज कर दिए. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक दोनों निर्दलीय उम्मीदवार आवश्यक 10 प्रस्तावकों की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं कर सके थे. जिसके चलते बिना 10 प्रस्तावको के ही नामांकन पत्र दाखिल कर देने के आधार पर इन दोनों निर्दलीय उम्मीदवारो का नामांकन ख़ारिज कर दिया गया है. अब राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मैदान में केवल BJP के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार रह गए हैं. ऐसे में इन सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।  9 को नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट अब 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी. यदि कोई उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेता है. तो इसके बाद सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी. और सभी उम्मीदवारों को निर्वाचन का सर्टिफिकेट भी दें दिया जायेगा. और फिर उसके बाद बिना मतदान ही राज्यसभा चुनाव की समस्त प्रक्रियाओ को संपन्न करने की औपचारिकताओ को भी पूरा कर दिया जायेगा।  इन राज्यसभा सदस्यों का 25 नवंबर को खत्म होगा कार्यकाल उत्तर प्रदेश से जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रो. राम गोपाल यादव, रामजी, बी.एल. वर्मा, सीमा और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं. वहीं डॉ. दिनेश शर्मा को बीते दिनों अंडमान निकोबार का उप राज्यपाल बना दिया गया है. जिसके चलते राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफे जाने के चलते उनकी सीट बीते 11 सितंबर 2026 से रिक्त है। 

11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू, घटस्थापना में कलश रखते समय इन गलतियों से बचें

Sharadiya Navratri:शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से है। पहले दिन ही मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ घटस्थापना की परंपरा निभाई जाती है। नवरात्रि में पहले दिन ही कलश की स्थापना करते हुए अगले नौ दिन तक मां दुर्गा की पूर्जा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि कलश में देवती-देवता वास करते हैं और इसकी स्थापना में किसी भी तरह की चूक करने से बचना चाहिए। तमाम लोगों को ये कन्फ्यूजन होता है कि कलश की स्थापना कैसे करना है और कौन सा स्टेप पहले शुरू करना है। वहीं इस बात को लेकर बहुत कन्फ्यूजन होता है कि कलश को सीधे जमीन पर रखना है या फिर इसके नीचे कोई अनाज रखना है। अगर अनाज रखना है तो फिर कौन सा अनाज रखना है? चलिए जानते हैं कि कलसश के नीचे क्या रखना चाहिए? साथ ही जानेंगे के घटस्थापना के वक्त किन गलतियों को करने से बचना है? कलश के नीचे कौन सा अनाज रखें? नवरात्रि की कलश स्थापना में कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। पूजा के कलश को सीधे जमीन पर नहीं रखा जाता है। ना ही इसे सीधे तौर पर चौकी पर रखना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले अनाजों की वेदी बनाते हैं और इसी पर कलश को रखना शुभ मानते हैं। इस दौरान सात तरह के अनाजों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। इसे सप्तधान्य भी कहा जाता है। इसमें आप चावल, गेंहू, तिल और बाजरा समेत कई चीजें मिला सकते हैं। सबसे पहले अनाज को साफ कर लें और फिर इसकी वेदी बना दें और इसी पर कलश को रखें। नवरात्रि घटस्थापना में ना करें ये गलतियां 1. कलश पर रखे जाने वाले नारियल को गलत दिशा में कभी भी ना रखें। इसकी सही दिशा का ध्यान जरूर दें। धार्मिक मान्यता के हिसाब से जब आप पूजा करें तो नारियल की दिशा पूजा करने वाले की साइड होना चाहिए। इसे कहीं पर भी ऊपर या फिर अपने पीछे की ओर ना रखें। 2. नवरात्रि की घटस्थापना में अक्षत का इस्तेमाल होता है। ऐसे में इस दौरान कोशिश करें कि चावल टूटे हुए ना हो। कलश स्थापना के वक्त चावल का इस्तेमाल करते वक्त इस बात का ध्यान जरूर रखें। साथ ही ध्यान रखें कि पूजा में इस्तेमाल होने वाले चावल साफ हो। 3. नियम के अनुसार घटस्थापना वाले कलश को गलत जगह ना रखें। इसके लिए घर के ईशान कोण को चुनें। ज्योतिष वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। अगर यहां जगह संभव नहीं है तो पूर्व दिशा में भी कलश रख सकते हैं। बस इतना ध्यान रखें कि जहां भी पूजा हो रही है वो जगह साफ हो। बार-बार यहां पर किसी का हाथ नहीं लगना चाहिए।

8 या 9 नवंबर, कब है दिवाली? जानें 2026 की सही तारीख, लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और पूजा विधि

 Diwali 2026 : दीपावली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। रोशनी और खुशियों का यह पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस दिन घरों में दीप जलाने के साथ मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली की रात विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी लोगों के बीच दिवाली की तारीख को लेकर उत्सुकता है। आइए जानते हैं 2026 में दिवाली किस दिन मनाई जाएगी और लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। कब है दिवाली? हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी। वहीं, अमावस्या तिथि का समापन 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा। प्रदोष काल में अमावस्या तिथि होने के कारण इस साल दीपावली का पर्व 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। दिवाली के दिन शाम के समय घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाते हैं। इसके बाद शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। कई परिवार इस दिन अपने घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल को दीपों और रंगोली से सजाते हैं। लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए शाम 5 बजकर 54 मिनट से शाम 7 बजकर 50 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं। पूजा स्थल को पहले अच्छी तरह साफ करके सजाएं। इसके बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा के दौरान घर के सभी सदस्य एक साथ शामिल होकर देवी-देवताओं का ध्यान कर सकते हैं। दिवाली से जुड़े प्रमुख त्योहारों की तारीख धनतेरस: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी: 7 नवंबर 2026, शनिवार दीपावली: 8 नवंबर 2026, रविवार गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर 2026, मंगलवार भाई दूज: 11 नवंबर 2026, बुधवार दीपावली की पूजा विधि     दिवाली की पूजा से पहले पूजा स्थल और पूरे घर की साफ-सफाई कर लें।     इसके बाद पूजा की चौकी पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।     पास में कलश रखें और उस पर रोली से तिलक करें।     इसके बाद कलश में जल भरकर उसमें आवश्यक पूजा सामग्री अर्पित करें।     पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के ध्यान और पूजन से करें।     उन्हें रोली, चंदन, अक्षत, फूल और माला अर्पित करें। इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा करें।     देवी को फूल, अक्षत, फल, मिठाई और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें।     पूजा के दौरान मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का ध्यान करते हुए दीप जलाएं।     इसके बाद परिवार के सभी सदस्य मिलकर लक्ष्मी-गणेश की पूजा और कथा कर सकते हैं।     अंत में देवी-देवताओं की आरती करें और प्रसाद सभी लोगों में बांटें।     मान्यता के अनुसार, दिवाली की रात दीप जलाने और विधि-विधान से पूजा करने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों की जाती है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन-धान्य, सुख और समृद्धि का वास होता है। यही वजह है कि लोग इस दिन अपने घर और पूजा स्थल को दीपों से सजाते हैं और मां लक्ष्मी से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। भगवान गणेश को शुभता और विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के साथ गणेश जी की आराधना करने की भी परंपरा है। दिवाली पर इन बातों का रखें ध्यान     दिवाली के दिन पूजा स्थल को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए।     पूजा के दौरान परिवार के सभी सदस्य श्रद्धा और शांत मन से शामिल हों।     लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।     घर में दीप जलाते समय उनकी सुरक्षित जगह का ध्यान रखें, ताकि त्योहार के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।