samacharsecretary.com

CG में शिक्षकों के लिए बड़ा दिन, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव देंगे सम्मान और पुरस्कार

दुर्ग.

लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान की तिथि तय की गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के मुख्य आतिथ्य में शिक्षक सम्मान समारोह 13 अक्टूबर को खालसा पब्लिक स्कूल में दोपहर 12 बजे से रखा गया है।

सम्मान समारोह में दुर्ग संभाग के अलावा दुर्ग जिले के उत्कृष्ट शिक्षक भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को चयन किया जा चुका है। अफसोस इस बात का है कि एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इन शिक्षकों को अब तक पुरस्कृत नहीं किया जा सका है। दरअसल, मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत प्रति वर्ष शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को पुरस्कृत किए जाने का प्रावधान रहा है। विकासखंड स्तर पर शिक्षादूत, जिला स्तर पर ज्ञानदीप तथा संभाग स्तर पर शिक्षाश्री पुरस्कार से शिक्षकों को नवाजा जाता है। विकासखंड स्तर पर शिक्षादूत पुरस्कार के लिए 9 सहायक शिक्षक, ज्ञानदीप के लिए पूर्व माध्यमिक शाला के 3 शिक्षक तथा संभाग स्तर पर 3 व्याख्याता को शिक्षाश्री सम्मान दिया जाना है। इसके लिए उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन भी हो ‘चुका है।

सम्मान समारोह में शिक्षादूत पुरस्कार के लिए प्रत्येक शिक्षकों को 5000 रूपये, ज्ञानदीप पर 7000 रुपए तथा शिक्षाश्री पुरस्कार के लिए 10000 रुपए एवं प्रशस्ति पत्र, शील्ड प्रदान किया जाएगा। ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए श्रीमती स्वाति प्रसाद शिक्षक (एल.बी) शास. पू.मा.शा टेमरी दुर्ग, राकेश हरमुख शिक्षक (ई) शास. पू. मा.शा तुमाकला धमधा तथा मुकेश कुमार वर्मा शिक्षक (एल.बी) शास.पू.मा.शा. अमेरी पाटन के नामों की घोषणा की गई है। शिक्षादूत पुरस्कार के लिए दुर्ग ब्लॉक से रजनीकांत भारद्वाज करहीडीह, टोमन लाल साहू बोरसीभाठा तथा चित्रा इंगले बिरेझरभाठा, पाटन ब्लॉक से टिकेश्वरी वर्मा अमेरी, दिलीप कुमार शुक्ला कुगदा तथा कमल सिंह साहू मोरिद, धमधा ब्लॉक से चदूलाल साहू नवीन सेमरिया, श्रीमती सपना दुबे रामपुर तथा कुंवर सिंह खिलौरा का चयन किया गया है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here