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फसल बीमा क्लेम पर बड़ा फैसला, डूंगरपुर के किसानों को मिलेंगे 7.69 करोड़ रुपये

जयपुर
 पंचायतीराज चुनाव प्रक्रिया के बीच फसल खराब होने पर बीमा क्लेम के इंतजार में बैठे किसानों के लिए राहत की खबर है। फसल कटाई प्रयोगों और बीमित क्षेत्र को लेकर बीमा कंपनियों की ओर से दर्ज आपत्तियों के निस्तारण के बाद डूंगरपुर और जालोर के किसानों को करोड़ों रुपए का लाभ मिलेगा। अकेले डूंगरपुर में 155 फसल कटाई प्रयोगों पर दर्ज आपत्तियां दूर होने से किसानों को करीब 7.69 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा, जबकि जालोर में दो अलग-अलग प्रकरणों में 13 करोड़ रुपए से अधिक की राशि से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण किया गया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की शिकायतों के निस्तारण के लिए बुधवार को जयपुर स्थित कृषि पंत भवन में राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति (एसजीआरसी) की बैठक हुई। कृषि विभाग की शासन सचिव मंजू राजपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न जिलों से मिले प्रकरणों की समीक्षा कर उनका निस्तारण किया गया।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग, बीमा कंपनियों और संबंधित वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। किसानों के बीमा संबंधी प्रकरणों में तथ्यों और अभिलेखों की समुचित जांच की गई है, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न हो।

डूंगरपुर: एक साल से लंबित था भुगतान
डूंगरपुर जिले में खरीफ मौसम 2025 के दौरान बीमा कंपनी ने 155 फसल कटाई प्रयोगों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। समिति ने इन आपत्तियों का निस्तारण किया, जिससे किसानों को करीब 7.69 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा।

जालोर: दो साल से चक्कर काट रहे थे किसान
जालोर जिले में रबी मौसम 2023-24 के दौरान चवरडा पटवार मंडल में सरसों की फसल के फसल कटाई प्रयोगों पर बीमा कंपनी की ओर से दर्ज आपत्तियों का निस्तारण किया गया। इसके बाद किसानों के लिए 1 करोड़ 22 लाख रुपए का बीमा क्लेम मंजूर किया गया।

13 पटवार मंडलों में 12.36 करोड़ रुपए की आपत्तियों का निस्तारण
जालोर में खरीफ मौसम 2024 के दौरान गिरदावरी रिपोर्ट के अभिलेखों में दर्ज फसलों का बीमित क्षेत्र वास्तविक बोए गए क्षेत्र से अधिक होने से संबंधित मामला सामने आया था। इस संबंध में 13 पटवार मंडलों में करीब 12 करोड़ 36 लाख रुपए की राशि से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण किया गया, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा।

 

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