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CM की समीक्षा बैठक में सख्ती, शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर तहसीलदार निलंबित

रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों, उनके निराकरण, शिकायतकर्ताओं से लिए जा रहे फीडबैक तथा विभागवार और जिलेवार प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों से जिलों में शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की।

सीएम का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन-प्रशासन में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों के कारण योजनाएं धरातल तक पहुंच रही हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में लापरवाही या नागरिकों की समस्याओं के प्रति गंभीरता की कमी पूरे प्रशासन की छवि को प्रभावित करती है।

इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को यह समझना होगा कि जनता की समस्या का समाधान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन मिले और शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।

एक अधिकारी सस्पेंड
समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार ने सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद तहसीलदार प्रमोद चंद्रवंशी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रमोद चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सीएम की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद राजस्व एवं आपदा विभाग के अवर सचिव धनंजय नेताम ने तहसीलदार के निलंबन का निर्देश जारी किया। लेटर में लिखा है कि निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कबीरधाम निर्धारित किया जाता है। इसके साथ ही उन्हें नियमानुसार भत्ते मिलते रहेंगें।

88.85 प्रतिशत का हो चुका निराकरण
समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक सीएम हेल्पलाइन पर कुल 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शेष 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार अब तक प्राप्त कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने हेल्पलाइन के शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों का निराकरण अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पिछली समीक्षा में दिए गए निर्देशों पर भी अच्छा कार्य हुआ है। इस व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिक को वास्तविक रूप से राहत मिले और वह समाधान से संतुष्ट हो।

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