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त्योहारी सीजन में यात्रियों की जेब पर मार, रांची से कोलकाता जाने वाली बसों के किराये में भारी उछाल

 रांची
दुर्गा पूजा के उत्साह के बीच राजधानी रांची से दूसरे शहरों में जाने वाले यात्रियों की जेब पर महंगाई की मार पड़ रही है।

रांची से सिलीगुड़ी और कोलकाता जाने वाली बसों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में करीब दोगुना तक हो गया है। वहीं, बसों में सीटों की उपलब्धता भी लगातार कम हो रही है

यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग में सीट नहीं मिलने पर बस टर्मिनल पहुंचकर महंगे दाम पर टिकट खरीदना पड़ रहा है। वहीं, रांची के बिरसा मुंडा बस टर्मिनल, खादगढ़ा से सिलीगुड़ी के लिए प्रतिदिन सात बसों का संचालन होता है।

दुर्गा पूजा के दौरान इन बसों में सीट मिलना मुश्किल हो गया है। जानकारी के अनुसार, अधिकांश बसों में केवल दो से चार सीटें ही खाली बच रही हैं

इन सीटों के लिए भी यात्रियों से सामान्य से काफी अधिक किराया वसूला जा रहा है। सामान्य दिनों में सिलीगुड़ी का किराया 900 से 1200 रुपये के बीच रहता है, जबकि अभी एक सीट के लिए 1850 से 2000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।

छठ के लिए अभी से ऑनलाइन बुकिंग
दुर्गा पूजा के बाद अब छठ पूजा को लेकर भी बसों में सीटों की मांग बढ़ने लगी है। पटना, मुजफ्फरपुर, नवादा, बिहारशरीफ, फतुहा, बनारस, हाजीपुर और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर समेत कई शहरों के लिए ऑनलाइन बुकिंग जारी है।

बस एजेंटों के अनुसार, कई सेवाओं में आफलाइन बुकिंग बंद है। उन्होंने आशंका जताई कि छठ पूजा के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली बसों का किराया भी दोगुना तक हो सकता है।

एजेंटों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने से बस संचालकों के लिए यह कमाई का प्रमुख समय होता है।

सिलीगुड़ी में मेरा पूरा परिवार रहता है और वह काम के सिलसिले में रांची में रहते हैं। रविवार को परिवार के साथ दुर्गा पूजा मनाने के लिए उन्हें सिलीगुड़ी जाना था। आनलाइन टिकट नहीं मिलने के बाद वह खादगढ़ा बस टर्मिनल पहुंचे, जहां शिवम बस में टिकट के लिए 2000 रुपये देने पड़े। उन्होंने कहा कि ट्रेन में काफी परेशानी होती है, जबकि बस सीधे सिलीगुड़ी पहुंचाती है। हालांकि, त्योहार के नाम पर इस तरह मनमाना किराया वसूलना उचित नहीं है।

अपने छोटे भाई के साथ सिलीगुड़ी स्थित ससुराल जा रहा हूं। हर साल दुर्गा पूजा के दौरान वहां के प्रसिद्ध पूजा पंडालों को देखने जाता हूं। पहले उन्हें सिलीगुड़ी जाने के लिए 900 से 1200 रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन इस बार एक सीट के लिए 1850 रुपये देना पड़ा है। इससे अर्थिक परेशानी होती है।

 

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