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11 साल पहले हुदहुद तूफान ने झारखंड में मचाई थी तबाही, चाईबासा में 80 घरों की छतें उड़ीं

रांची
अक्टूबर 2014 में आए चक्रवात हुदहुद ने देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी, जिसका असर झारखंड पर दिखाई दिया था. लातेहार के गारू प्रखंड में एक महिला की जान चली गई थी, जबकि 300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे. सबसे अधिक पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा और इसके आसपास के इलाकों से मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर आई थी. तूफान की वजह से कई मकानों की छतें उड़ गई थीं.
तूफान से लातेहार में महिला की मौत

चक्रवाती तूफान हुदहुद से लातेहार जिले के गारू प्रखंड के हेसवा गांव में सहोदरी देवी पति बैजनाथ सिंह की मौत हो गयी थी. जानकारी के अनुसार, सहोदरी देवी (55 वर्ष) 15 अक्टूबर 2014 की रात करीब नौ बजे घर से बाहर निकली थी. उसी समय तेज आंधी चलने के कारण वह गिर पड़ी. उसकी तत्काल मौत हो गयी. वह वृद्धा पेंशनधारी थी.

चाईबासा में 80 मकान हो गए थे क्षतिग्रस्त
चाईबासा के तत्कालीन एसडीओ असीम किस्पोटा के अनुसार, हुदहुद तूफान की वजह से पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुख्यालय चाईबासा और उसके आसपास के इलाकों में कम से कम चार लोग घायल और लगभग 80 घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. चक्रवात की सबसे ज्यादा मार गितिलादेर गांव पर पड़ी, जहां 72 घर क्षतिग्रस्त हो गए थे और उनकी छतें उड़ गई थीं. हालांकि, ये कच्चे मकान थे.

रांची में दो से तीन दिनों तक छाये रहे बादल
राजधानी रांची में लगातार दो से तीन दिनों तक घने बादल छाये रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही थी. शहर के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी. तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल गिरने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी. लगातार बारिश के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा था. दैनिक गतिविधियों के साथ स्थानीय परिवहन पर भी मौसम का असर पड़ा था.

ट्रेनों और विमानों के परिचालन पर भी पड़ा था असर
हुदहुद के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने झारखंड में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था. खराब मौसम की आशंका के कारण कुछ ट्रेनों के परिचालन में बदलाव और स्कूल बंद रखने पर भी विचार किया गया था. चक्रवात के प्रभाव से राज्य में 13 से 15 अक्टूबर के बीच भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गयी थी. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, 13 अक्टूबर को झारखंड के कुछ हिस्सों में 80 से 150 मिलीमीटर तक बारिश हुई थी.

12 अक्टूबर को विशाखापत्तनम तट से टकराया था हुदहुद
चक्रवात हुदहुद 12 अक्टूबर 2014 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट से टकराया था. इसके कारण तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं, भारी बारिश और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था. तूफान के आगे बढ़ने और कमजोर पड़ने के बाद बने निम्न दबाव के प्रभाव से झारखंड सहित आसपास के कई राज्यों में मौसम खराब हुआ था. अक्टूबर के मध्य में राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर चला था. तटीय इलाकों में हुई व्यापक तबाही की तुलना में झारखंड में नुकसान मुख्य रूप से मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और सामान्य जनजीवन पर पड़े असर के रूप में सामने आया था.

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