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MP News: वेतन के लिए डॉक्टरों का अनशन, जेपी अस्पताल में तीन डॉक्टरों ने शुरू की भूख हड़ताल

भोपाल
 जेपी जिला अस्पताल में पदस्थ तीन डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पिछले कई महीनों से वेतन और स्टाइपेंड का भुगतान न होने से नाराज इन डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में ही आंदोलन का रास्ता चुना है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गई है।

भूख हड़ताल पर बैठने वाले डॉक्टरों में डॉ. शुभम कश्यप (तीसरे वर्ष के डीएनबी फैमिली मेडिसिन छात्र), डॉ. मनीष बारसारे (मेडिकल ऑफिसर) और डॉ. रविंद्र पाल (पीजीएमओ ऑर्थोपेडिक्स) शामिल हैं। इन डॉक्टरों का आरोप है कि उनका बकाया भुगतान बिना किसी स्पष्ट और ठोस कारण के रोका गया है, जो विभागीय नियमों के भी खिलाफ है।

डॉक्टरों के क्या हैं गंभीर आरोप?
आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा है:

    डॉ. शुभम कश्यप का कहना है कि उनका पिछले पांच महीनों का स्टाइपेंड रोक दिया गया है। इसके अलावा, पिछले तीन सालों के दौरान मध्य प्रदेश सरकार द्वारा की गई स्टाइपेंड बढ़ोतरी का एरियर भी अभी तक उन्हें नहीं मिला है।

    वहीं, डॉ. मनीष बारसारे और डॉ. रविंद्र पाल का दावा है कि उन्हें पिछले करीब तीन महीने से वेतन ही नहीं मिला है, जिसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    डॉक्टरों की मुख्य मांग है कि उनके सभी पेंडिंग बकाए और वेतन का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके।

अस्पताल प्रबंधन की सफाई
दूसरी ओर, जेपी अस्पताल के अधीक्षक और सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में वेतन और भुगतान उपस्थिति नियमित होने के बाद ही जारी किए जाते हैं। डॉ. जैन के अनुसार, इन तीनों डॉक्टरों के भुगतान में देरी के पीछे अलग-अलग तकनीकी और प्रशासनिक कारण रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नियमों और विनियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है, और एक मामले में तो मानवता के आधार पर एक महीने का वेतन सहानुभूति पूर्वक पहले ही जारी किया जा चुका है। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन और नाराज डॉक्टरों के बीच इस गतिरोध को सुलझाने के प्रयास जारी हैं।

 

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