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शारदा विश्वविद्यालय में युवा महोत्सव में दिखी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की झलक

भाषा अनेक, भाव एक' के मंत्र के साथ गूंजा ‘सनातनी शंखनाद’

शारदा विश्वविद्यालय में युवा महोत्सव में दिखी 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की झलक

नई पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और विरासत संरक्षण में सक्रिय भूमिका रहा उद्देश्य

वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की तार्किकता और 2017 के बाद आए बदलाव पंर रखे विचार

ग्रेटर नोएडा
 नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय का प्रांगण बुधवार को सनातन संस्कृति और युवा ऊर्जा के संगम का साक्षी बना। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग द्वारा आयोजित युवा महोत्सव ‘सनातनी शंखनाद 2026’ के भव्य आयोजन में प्रदेश भर से आए आठ हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इन युवाओं ने एक स्वर में कहा- हमारी पूजा पद्धति भले अलग-अलग हो, हमारी भाषा भले भिन्न हो, लेकिन हमारे हृदय का भाव एक है, और यही भाव हमें एकजुट रखता है।

संवाद, संस्कृति और साधना का अद्भुत समन्वय
युवा महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और विरासत संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना रहा। ‘विविध भारत: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव’ थीम पर आधारित इस महोत्सव में संवाद, संस्कृति और साधना का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसमें युवाओं ने खुलकर अपने विचारों को अभिव्यक्त किया।

युवाओं की भूमिका पर गहन मंथन
कार्यक्रम के वैचारिक सत्रों में सनातन परंपरा का वैज्ञानिक आधार, भारतीय संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता, आध्यात्मिक ज्ञान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर गहन मंथन हुआ। प्रख्यात संत बालकानंद गिरि जी महाराज, सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात अधिवक्ता विष्णु जैन, साध्वी डॉ. शिवानी भारती और काजल हिंदुस्तानी ने युवाओं से संवाद किया। वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की तार्किकता, सांस्कृतिक पहचान, युवा शक्ति और वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, धार्मिक पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व बदलावों पर अपने विचार रखे।

नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया
सांस्कृतिक मंच पर लोक नृत्य, कथक, भरतनाट्यम, भक्ति संगीत, नाट्य मंचन और शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा को समर्पित विशेष नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए सांस्कृतिक परिवर्तन पर आधारित विशेष गीत एवं दृश्य प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं। महोत्सव का समापन केशवम बैंड की ग्रैंड म्यूजिकल नाइट और भजन के अद्भुत संगम के साथ हुआ, जहां आधुनिक संगीत के साथ भक्ति की ऊर्जा ने युवाओं में नया जोश भर दिया।

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