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मंत्री परमार की उपस्थिति में होगी कार्यशाला, पुस्तकों के लेखन को दिशा देंगे विषय विशेषज्ञ

भोपाल
भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा की पाठ्यसामग्री में समुचित स्थान देने तथा उसके प्रामाणिक, संदर्भपरक और गुणवत्तापूर्ण साहित्य के सृजन के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में 24 एवं 25 अक्टूबर को भोपाल में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। शासकीय सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की उपस्थिति में भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित पुस्तक लेखन की रूपरेखा और कार्ययोजना पर विमर्श होगा।

कार्यशाला में स्नातक तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर स्तर की पाठ्यसामग्री के लेखन पर विशेष चर्चा की जाएगी। विषय विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रामाणिक स्रोतों, ऐतिहासिक आधारों तथा विभिन्न शैक्षणिक विषयों के साथ उसके समन्वय पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही, पुस्तक लेखन की कार्यविधि, संदर्भ सामग्री के उपयोग, भाषा-शैली, विषयवस्तु के प्रभावी प्रस्तुतीकरण और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।

दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र एवं इतिहास सहित विभिन्न विषयों के लिए पाठ्यसामग्री की रूपरेखा, प्रश्नों एवं गतिविधियों के चयन तथा अभ्यासों के स्वरूप पर भी विचार किया जाएगा। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को अकादमिक अध्ययन से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के लिए प्रामाणिक, व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें तैयार करने की दिशा में ठोस पहल करना है।

कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा भी उपस्थित रहेंगे।कार्यशाला में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल के पूर्व कुलपति डॉ. रमेशचंद्र भारद्वाज, प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. चांदकिरण सलूजा, मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन डॉ. खेम सिंह डहेरिया, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. अल्केश चतुर्वेदी तथा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के पूर्व आचार्य डॉ. राकेश ढंड और मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के मनोनीत लेखकों सहित विभिन्न विषयों के शिक्षाविद् एवं विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे।

 

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