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United Airlines Flight: महिला यात्री के सामने अश्लील हरकत का आरोप, बिना सजा विमान से उतरा शख्स

कैलिफोर्निया  अमेरिका के कैलिफोर्निया की महिला का यूनाइटेड एयरलाइंस में सफर करने का अनुभव बहुत खराब रहा। उसने एयरलाइंस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी सीट के पास पॉर्न देखकर हस्तमैथुन करने वाले व्यक्ति को सजा दिलाने की कोशिश नहीं की। महिला ने एनबीसी 7 को बताया कि वह सैन डिएगो से नेवार्क जा रही थी। रेड-आई फ्लाइट में फर्स्ट क्लास की टिकट ली थी, जिससे आराम से सो कर जा सकूं। उड़ान के दौरान उनके बगल में एक व्यक्ति बैठा था, जो पोर्न वीडियो देख रहा था। उसके बाद उसने कंबल के नीचे अजीब हरकतें करना शुरू कर दिया। वह साफतौर पर हस्तमैथुन कर रहा था। मैं बुरी तरह से डरी हुई थी'     महिला ने कहा कि उसको ऐसा करता देख मैं घबरा गई थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इस सिचुएशन में क्या किया जाए। मैं खिड़की के पास थी। वह मेरे बगल में था, तो वहां से निकलना भी मुश्किल था, क्यों कि उसको पार कर मुझे जाना पड़ता। इस बारे में फ्लाइट अटेंडेंट को बताया।     उनसे कहीं दूसरी जगह सीट देने के लिए कहा। मेरी सीट चेंज हो गई थी। मुझे ऐसा लग रहा था कि फ्लाइट से उतरने के बाद उसको पुलिस गिरफ्तार कर लेगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। ये बहुत ही हैरानी वाली बात है।  

ESIC Benefits: कर्मचारियों के परिवारों को राहत, अंतिम संस्कार सहायता राशि ₹15,000 से बढ़कर ₹20,000 हुई

 नई दिल्ली प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले ऐसे कर्मचारियों के परिवारों के लिए राहत की खबर है, जो कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की बीमा योजना के दायरे में आते हैं. कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके अंतिम संस्कार के लिए अब परिवार को 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. पहले यह राशि 15,000 रुपये थी. यानी ESIC ने अंतिम संस्कार के खर्च के लिए मिलने वाली मदद में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की है।  ESIC ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. इसके मुताबिक, बढ़ी हुई सहायता राशि 8 मई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी. इस फैसले से उन परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी, जिनके सदस्य प्राइवेट जॉब करते थे और ESIC के तहत इंश्योर्ड थे और नौकरी में रहने के दौरान जिनकी मृत्यु हो गई।  ESIC ने जारी किया नोटिफिकेशन कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने अक्टूबर 2026 में अंतिम संस्कार के खर्च के लिए दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाने को लेकर अधिसूचना जारी की. यह अधिसूचना 16 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक राजपत्र (गजट) में प्रकाशित हुई. इस बदलाव के तहत अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली राशि 15,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दी गई है।  अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 32(1)(f) और सामाजिक सुरक्षा (केंद्रीय) नियम, 2026 के नियम 21 के तहत किया गया है. बढ़ी हुई राशि 8 मई 2026 से लागू मानी जाएगी. किसी परिवार में सदस्य की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार से जुड़े कई खर्च अचानक सामने आते हैं. ऐसे मुश्किल समय में मिलने वाली यह आर्थिक सहायता परिवार को कुछ राहत दे सकती है।  किसे मिलेंगे 20,000 रुपये? ESIC के तहत मिलने वाली यह सहायता बीमित व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए दी जाती है. इसका लाभ लेने के लिए संबंधित नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करना जरूरी है. सामाजिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अनुसार, सामान्य स्थिति में यह राशि मृत बीमित व्यक्ति के परिवार के सबसे बड़े जीवित सदस्य को दी जाती है. इसलिए ESIC के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए इस सहायता और इससे जुड़े नियमों की जानकारी रखना जरूरी है।  ESIC के दायरे में कौन लोग आते हैं? कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के दायरे में वे सभी कर्मचारी आते हैं जो किसी ऐसे गैर-मौसमी कारखाने (Non-Seasonal Factories) या प्रतिष्ठान में काम करते हैं जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं. कुछ राज्यों में यह सीमा 20 कर्मचारियों की है. गैर-मौसमी कारखानेवे औद्योगिक इकाइयां होती हैं जो किसी विशेष मौसम या सीजन पर निर्भर नहीं होती हैं, बल्कि साल के सभी 12 महीने लगातार काम करती हैं।  ऐसे कारखानों में काम करने वाले जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन ₹21,000 या उससे कम है, वे इस योजना के अनिवार्य दायरे में आते हैं. दिव्यांग व्यक्तियों (Persons with Disabilities) के लिए यह मासिक वेतन सीमा ₹25,000 है. इस योजना के तहत कवरेज के लिए कोई अधिकतम या न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है. इसमें कारखानों के अलावा दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमाघर, सड़क परिवहन उपक्रम, अखबार प्रतिष्ठान, निजी शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थान, तथा निर्माण स्थलों पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।  ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन ने ESIC की ओर से अंतिम संस्कार सहायता राशि बढ़ाए जाने के फैसले का स्वागत किया है. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली राशि 15,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दी गई है. उन्होंने बताया कि भारत सरकार के आधिकारिक राजपत्र के अनुसार, यह फैसला 8 मई 2026 से प्रभावी माना जाएगा. उन्होंने कर्मचारियों तक इस जानकारी को पहुंचाने की अपील भी की, ताकि जरूरत के समय प्रभावित परिवार इस सहायता का लाभ उठा सकें। 

Diwali Shopping Alert: ऑनलाइन खरीदारी से ट्रेन टिकट तक, त्योहारों में ऐसे ठगी कर रहे साइबर अपराधी

भोपाल  दीपावली पर ऑनलाइन खरीदारी, घर लौटने के लिए ट्रेन टिकट की बुकिंग और मोबाइल पर आने वाले शुभकामना संदेशों के बीच साइबर ठगों का जाल बिछा हुआ है।ठग आकर्षक आफर देकर ही नहीं, बल्कि रिटर्न-रिफंड, टिकट बुकिंग, गिफ्ट कार्ड और दिवाली के बधाई संदेशों के नाम पर भी लोगों को निशाना बना सकते हैं। भोपाल पुलिस की साइबर सेल ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ऑनलाइन शापिंग के नाम पर पिछले दिनों भोपाल में ठगी के 10 से अधिक मामले सामने आने की जानकारी है। वहीं, पिछले वर्षों में दिवाली के बधाई संदेश भेजने के नाम पर भी साइबर ठगी के मामले सामने आए थे। ठग शुभकामना कार्ड या गिफ्ट के नाम पर संदिग्ध फाइल डाउनलोड करवाकर लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए पुलिस पहले ही एडवाइजरी जारी कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ सावधानियां बरती जाएं तो साइबर ठगी के इस जाल से बचा सकता है। एआई से तैयार हो रहे असली जैसे फर्जी ऑफर साइबर ठगी का तरीका भी बदल रहा है। अब अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से असली जैसी दिखने वाली शॉपिंग स्क्रीन और डिस्काउंट लिंक तैयार कर सकते हैं। ग्राहक को वेबसाइट या ऑफर वास्तविक लगता है और वह जल्दबाजी में लिंक खोलकर अपनी जानकारी दर्ज कर देता है। इसी तरह फर्जी एसएमएस और ईमेल में ऑर्डर अपडेट, गिफ्ट कार्ड या भारी छूट का लालच देकर लॉगिन डिटेल और भुगतान संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है। नकली वेबसाइट से भी रहें सावधान: ठग बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों की वेबसाइट जैसी दिखने वाली साइट बना सकते हैं। ग्राहक अनजाने में ऐसी साइट पर कार्ड या यूपीआई की जानकारी दर्ज कर दे, तो उसका दुरुपयोग होने का खतरा रहता है। इसलिए किसी भी प्रमोशनल लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।  खरीदारी के दौरान चुपके से जुड़ सकते हैं अतिरिक्त चार्ज  पुलिस ने ऑनलाइन खरीदारी में छिपे शुल्क और अनचाहे प्रोडक्ट जोड़ने के तरीकों को लेकर भी सावधान किया है। कुछ वेबसाइट या ऐप पर चेकआउट के समय अतिरिक्त फीस, इंश्योरेंस या सब्सक्रिप्शन कार्ट में जुड़ा हो सकता है। ग्राहक जल्दबाजी में भुगतान कर देता है और बाद में उसे अतिरिक्त रकम का पता चलता है। ऐसे में पेमेंट करने से पहले ऑर्डर की पूरी समरी ध्यान से देखना जरूरी है। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान – लिंक के बजाय आधिकारिक ऐप खोलें: वेबसाइट का पता खुद टाइप करें या वेरिफाइड ऐप से खरीदारी करें। अनजान मैसेज में आए ऑफर लिंक पर सीधे क्लिक न करें। – फर्जी मैसेज से बचें: लॉटरी, गिफ्ट कार्ड या त्योहार पर बड़ी जीत का दावा करने वाले अनजान एसएमएस और व्हाट्सऐप संदेशों पर भरोसा न करें। – पेमेंट से पहले कार्ट जांचें: भुगतान करने से पहले कुल कीमत, डिलीवरी शुल्क, इंश्योरेंस और सब्सक्रिप्शन सहित सभी मदों को ध्यान से देखें। – खाते की सुरक्षा मजबूत करें: हर खाते के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या बायोमेट्रिक लॉगिन उपलब्ध हो तो उसे चालू करें। – कार्ड की जानकारी सेव करने से बचें: रिटेल प्लेटफॉर्म पर कार्ड नंबर और सीवीवी सेव करने के बजाय सुरक्षित भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल करें। यूपीआई से भुगतान करते समय भी प्राप्तकर्ता और भुगतान अनुरोध की जांच करें। ठगी हो जाए तो तुरंत करें शिकायत अगर ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ठगी हो जाए या साइबर ठग पैसे ऐंठने की कोशिश करें, तो देरी न करें। राजस्थान पुलिस ने लोगों से निकटतम पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने में सूचना देने की अपील की है। साइबर अपराध की शिकायत https://cybercrime.gov.in पर की जा सकती है। आर्थिक साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है। ऐसे बिछा है ठगी का जाल     ऑनलाइन शॉपिंग: सस्ते सामान के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर भुगतान कराया जाता है, लेकिन सामान नहीं मिलता या नकली उत्पाद भेजा जाता है।     रिटर्न-रिफंड: सामान लौटाने या पैसा वापस दिलाने के नाम पर फर्जी कस्टमर केयर एजेंट लिंक भेजते हैं या एपीके फाइल डाउनलोड करवाते हैं। इससे मोबाइल का डेटा और बैंकिंग जानकारी खतरे में पड़ सकती है।     ट्रेन टिकट बुकिंग: कन्फर्म टिकट दिलाने या तत्काल टिकट कराने के नाम पर फर्जी वेबसाइट और एजेंट अग्रिम भुगतान लेकर गायब हो सकते हैं। दिवाली गिफ्ट कार्ड: मुफ्त उपहार, बोनस या गिफ्ट कार्ड का लालच देकर अनजान लिंक पर क्लिक कराया जा सकता है या एपीके फाइल इंस्टाल कराई जा सकती है।     बधाई संदेश: दिवाली की शुभकामनाओं वाले कार्ड, फोटो या वीडियो के नाम पर भेजी गई संदिग्ध एपीके फाइल इंस्टाल करने से मोबाइल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।     फर्जी कस्टमर केयर: ठग सहायता के नाम पर ओटीपी, यूपीआइ पिन या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति लेकर खाते से रकम निकाल सकते हैं। ऐसे बचें साइबर ठगी से     खरीदारी और ट्रेन टिकट के लिए आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें।     रिफंड पाने के लिए यूपीआइ पिन डालने या ओटीपी बताने की जरूरत नहीं होती। ऐसे किसी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया न दें।     अनजान लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड न करें। वाट्सएप के सुरक्षा उपायों को लागू करें।     गिफ्ट कार्ड या त्योहार के आफर की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करें।     किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टाल न करें।     ठगी होने पर तुरंत 1930 पर काल करें या अपने बैंक और नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।     “त्योहारों के दौरान साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना सकते हैं। ऑनलाइन खरीदारी, रिफंड और टिकट बुकिंग के लिए अधिकृत प्लेटफार्म का ही उपयोग करें। दिवाली के गिफ्ट कार्ड या बधाई संदेश के नाम पर आने वाली अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें। किसी से ओटीपी, यूपीआइ पिन या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। – शैलेंद्र सिंह चौहान, एडीशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच  

Kanya Sumangala Yojana: बेटियों को ₹25 हजार की आर्थिक मदद, कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

लखनऊ  मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के लिए चलने वाली एक कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना है, जिसे महिला एवं बाल विकास विभाग चलाता है. यह 1 अप्रैल 2019 से लागू है, इसका मकसद है बेटी की सेहत और पढ़ाई को हर बड़े पड़ाव पर सहारा देना।  वित्त वर्ष 2024-25 से प्रति बेटी कुल 25,000 रुपये मिलते हैं, जो छह चरणों में दिए जाते हैं।      जन्म पर 5,000 रुपये     पूरा टीकाकरण होने पर 2,000 रुपये     कक्षा 1 में दाखिले पर 3,000 रुपये     कक्षा 6 में दाखिले पर 3,000 रुपये     कक्षा 9 में दाखिले पर 5,000 रुपये     कक्षा 12 के बाद ग्रेजुएशन या डिप्लोमा कोर्स में दाखिले पर 7,000 रुपये कौन ले सकता है लाभ? आधिकारिक पोर्टल पर बताई गई शर्तें:     परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो और राशन कार्ड, आधार, वोटर आईडी, बिजली या टेलीफोन बिल जैसा कोई निवास प्रमाण हो.     परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से ज्यादा न हो.     एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलेगा, और परिवार में ज्यादा से ज्यादा दो बच्चे होने चाहिए.     दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बच्चे होने पर तीसरी बेटी भी पात्र होगी.     अगर परिवार किसी अनाथ बच्ची को गोद लेता है, तो अपनी और गोद ली गई, दोनों बेटियों को मिलाकर अधिकतम दो ही लाभार्थी होंगी. आवेदन कैसे करें आवेदन mksy.up.gov.in के सिटीजन सर्विसेज सेक्शन से ऑनलाइन किया जाता है, इसी पोर्टल पर बालिका की पात्रता भी जांची जा सकती है।  यह क्यों जरूरी है टीकाकरण और स्कूल दाखिले जैसे पड़ावों से भुगतान जोड़कर यह योजना परिवारों को बेटी को स्वस्थ रखने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करती है. यह सिर्फ एक बार की रकम देने वाली योजना नहीं है। 

Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने क्यों रोका दिलजीत का शो? सुरक्षा कारणों से अटकी अनुमति

 नई दिल्ली दिलजीत दोसांझ के दिल्ली वाले फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. अगर आपने भी 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले उनके कॉन्सर्ट के टिकट बुक किए हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है. दिलजीत के ‘Aura India Tour’ के दिल्ली शो को सुरक्षा संबंधी मंजूरी नहीं मिली है. ऐसे में उन फैंस को झटका लगा है, जो अपने पसंदीदा सिंगर को लाइव परफॉर्म करते देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।  पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी मंजूरी रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के ऑफिस ने 'बुक माय शो' को एक पत्र भेजा है. इसमें 14 अक्टूबर 2026 को मिले आवेदन का जिक्र करते हुए बताया गया कि 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती।  पत्र में इसकी वजह बताते हुए कहा गया कि सुरक्षा से जुड़े कुछ खास इनपुट मिले हैं. इसके अलावा, त्योहारों के मौसम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी दूसरी अहम जिम्मेदारियों के चलते भी सुरक्षा व्यवस्था पर काफी दबाव है. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शो आयोजित करने की मांग को मंजूरी नहीं दी गई।  हालांकि, इस अपडेट से टिकट बुक कर चुके फैंस के मन में कई सवाल उठना लाजिमी है. फिलहाल टिकटों के रिफंड, शो की नई तारीख या किसी दूसरी जगह आयोजन को लेकर स्थिति साफ होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।  दिल्ली दिलजीत का ये टूर इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरू, लखनऊ और चंडीगढ़ में भी होने वाला है. इस टूर की शुरुआत दिल्ली से होनी थी लेकिन अब देखना होगा कि प्लान में क्या बदलाव आते हैं।  टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता हाल ही में मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ था. उनसे जुड़े ठिकाने को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई थी. जांच के दौरान आरोपियों पर फिल्मी सितारों के घरों और ठिकानों की रेकी करने के आरोप भी सामने आए थे. इस घटना ने मनोरंजन जगत की हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।  हालांकि, दिलजीत के दिल्ली कॉन्सर्ट को मंजूरी न मिलने की वजह के तौर पर पुलिस के पत्र में सुरक्षा से जुड़े इनपुट और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों का जिक्र है। 

पलायन पर लगी रोक, गांव में रोजगार से श्रमिकों को मिला सहारा; प्रतिदिन ₹300 की मजदूरी से संवर रही जिंदगी

माटी में रोजगार- प्रतिदिन 300 रुपए की मजदूरी से श्रमिक परिवारों को मिला मजबूत आर्थिक आधार, पलायन पर लगी रोक ​डबरी, तालाब, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और सैंड फिल्टर निर्माण से बदली गाँवों की सूरत ​वीबी-जी राम जी योजनारू धमतरी में संवर रहे गाँव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई रफ़्तार ​रायपुर,  छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में आजीविका संवर्धन और आधारभूत संरचना के सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित ‘वीबी-जी राम जी योजना’ धमतरी जिले के गाँवों की दिशा और दशा बदलने में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से जहाँ एक ओर जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढाँचों का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय श्रमिकों को उनके गाँव में ही नियमित आजीविका उपलब्ध कराकर आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। वर्षा जल के संचयन और भू-जल पुनर्भरण में अभूतपूर्व सुधार           ​धमतरी जिले के चारों विकासखंडों, धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी में योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के निर्माण एवं जीर्णाेद्धार कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आजीविका डबरी, निजी एवं सामुदायिक तालाबों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल के संचयन और भू-जल पुनर्भरण में अभूतपूर्व सुधार आया है। इसके साथ ही जल स्रोतों में सैंड फिल्टर के निर्माण से ग्रामीणों को स्वच्छ जल प्रबंधन की सुविधा मिल रही है। गाँवों में स्वच्छता और गरिमा को प्राथमिकता देते हुए छात्राओं की सुविधा के लिए बालिका शौचालयों का निर्माण कराया गया है, जबकि जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नालियों की सफाई और गहरीकरण का कार्य निरंतर जारी है। इसके अलावा, ग्रामीणों को आवश्यक सामुदायिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गाँव-गाँव में मुक्तिधाम शेड का निर्माण भी किया जा रहा है। श्रमिकों को नियमित मिल रहा है काम        ​वीबी-जी राम जी योजना ने ग्रामीण श्रमिक परिवारों के जीवन में स्थायित्व ला दिया है। विभिन्न निर्माण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को नियोजित किए जाने से उन्हें अपने क्षेत्र में ही नियमित काम मिल रहा है, जिससे काम की तलाश में दूसरे राज्यों या शहरों में होने वाले पलायन पर काफी हद तक अंकुश लगा है। योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 300 रुपए की निर्धारित मजदूरी मिलने और नियमानुसार उसका समय पर भुगतान होने से श्रमिक परिवार अपने दैनिक खर्चों और बच्चों की आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रहे हैं। इस प्रकार यह योजना रोजगार और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़ते हुए गाँवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण कर रही है। परिसंपत्तियों का निर्माण और स्थानीय स्तर पर आजीविका का सृजन करना है        ​जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण और स्थानीय स्तर पर आजीविका का सृजन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास के कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि निर्मित परिसंपत्तियों का दीर्घकालिक लाभ ग्रामीणों को मिल सके। जिले में संचालित सभी विकास कार्यों की प्रगति पर प्रशासनिक निगरानी रखी जा रही है, ताकि स्वीकृति के अनुरूप कार्य निर्धारित मानकों पर पूरे हों और श्रमिकों को उनकी मजदूरी का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जा सके।         ​वर्तमान में रोजगार प्राप्त कर रहे श्रमिकों के साथ-साथ भविष्य में इन स्थायी सुविधाओं का उपयोग करने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए यह योजना वरदान सिद्ध हो रही है। धमतरी जिले में वीबी-जी राम जी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण स्वावलंबन और समावेशी विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रहा है।

MP News: अर्धसैनिक बलों को मिलेगा नया वाटर बाउजर, जबलपुर व्हीकल फैक्ट्री तैयार करेगी वाहन

जबलपुर  व्हीकल फैक्ट्री देश के अर्धसैनिक बलों के लिए वाटर बाउजर की नई खेप तैयार करने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सीआरपीएफ, बीएसएफ और आइटीबीपी के लिए बनने वाले इन वाहनों की पहली खेप में 52 वाटर बाउजर शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय से इनका उत्पादन आदेश मिल चुका है। शक्तिमान चेसिस पर आधारित ये वाहन केवल पानी की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में जवानों की जरूरतों के अनुरूप कई भूमिकाएं निभा सकेंगे। इनमें 12 हजार लीटर तक पानी ले जाने की क्षमता, स्टेनलेस स्टील के टैंक, पानी शुद्ध करने की इकाई और 60 मीटर तक तेज धार फेंकने वाला हाई-प्रेशर वाटर मॉनिटर होगा। वाहन को 4गुणा4 और 6गुणा6 दोनों श्रेणी में तैयार किया जा रहा है। बख्तरबंद केबिन, विशेष टायर प्रणाली और 380 मिलीमीटर ग्राउंड क्लीयरेंस इसे नक्सल प्रभावित जंगलों से लेकर रेतीले इलाकों तक उपयोगी बनाएंगे। फैक्ट्री के अनुसार, प्रोटोटाइप परीक्षण के दौरान माइनस 45 से 55 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में दो हजार किलोमीटर चला और कोई खराबी दर्ज नहीं हुई। श्रमिक सूत्रों के अनुसार यह परियोजना रक्षा उत्पादन में स्वदेशी निर्माण की दिशा में व्हीकल फैक्ट्री की एक और पहल है। क्या है खास इस नए वाटर बाउजर में यह नया वाटर बाउजर 4गुणा4 और 6गुणा6 दोनों कान्फिगरेशन में तैयार किया जा रहा है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं। क्षमता और तकनीक: इसमें 12,000 लीटर तक पानी ले जाने की क्षमता होगी। टैंक स्टेनलेस स्टील 304 ग्रेड का बनाया जा रहा है ताकि पानी लंबे समय तक स्वच्छ रहे और जंग न लगे। टैंक के अंदर फूड-ग्रेड इपाक्सी कोटिंग की गई है, जिससे जवानों को पीने का शुद्ध पानी मिल सके। दंगा नियंत्रण और फायर फाइटिंग में सक्षम: वाहन में हाई-प्रेशर वाटर मानिटर सिस्टम लगाया गया है, जो 60 मीटर तक पानी की तेज धार फेंक सकता है। इसका इस्तेमाल दंगा नियंत्रण और जंगल में लगी आग बुझाने में किया जा सकेगा। इसके लिए तीन अलग-अलग नोजल मोड रखे गए हैं – जेट, स्प्रे और फाग। ऑल-टेरेन कैपेबिलिटी: छत्तीसगढ़ के नक्सल इलाकों और राजस्थान के रेगिस्तान में पानी की सबसे ज्यादा किल्लत होती है। इसलिए इस वाहन को व्हीकल फैक्ट्री के ट्रेडमार्क "शक्तिमान" चेसिस पर बनाया जा रहा है। इसमें सेंट्रल टायर इंफ्लेशन सिस्टम होगा, जिससे रेत या कीचड़ में फंसे टायर का प्रेशर ड्राइवर केबिन से ही कम-ज्यादा किया जा सकेगा। ग्राउंड क्लीयरेंस 380 मिमी रखा गया है। सेल्फ-प्रोटेक्शन: जवानों की सुरक्षा के लिए केबिन को आर्मर्ड बनाया गया है। यह छोटे हथियारों की फायरिंग और आइईडी के छोटे धमाकों को झेल सकता है। केबिन में वाटर प्यूरिफिकेशन यूनिट भी लगाई गई है। नई खेप आत्मनिर्भर भारत की एक झलक: व्हीकल फैक्ट्री प्रोटोटाइप का ट्रायल सफल रहा है। 45 डिग्री से लेकर 55 डिग्री तापमान में इस वाहन ने बिना किसी ब्रेकडाउन के 2000 किमी का ट्रायल पूरा किया है। गौरतलब है कि व्हीकल फैक्ट्री पहले भी सेना के लिए पांच टन, 2.5 टन शक्तिमान, एलपीटीए 715 और बुलेट प्रूफ वाहन बनाकर देश को आत्मनिर्भर बना चुकी है। वाटर बाउजर की यह नई खेप 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' की दिशा में एक और बड़ा कदम है, जिससे न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

बिजली कनेक्शन का लोड स्वीकृत कराएं, जुर्माने से बचें; विभाग की उपभोक्ताओं को सलाह

विद्युत भार (लोड) स्वीकृत करवायें एवं जुर्माने से बचें भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इन दिनों निम्नदाब के गैर घरेलू और औद्योगिक (पॉवर) उपभोक्ताओं के परिसरों का व्यापक चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान उपभोक्ता परिसर में विद्युत भार (लोड) में वृद्धि के प्रकरण पकड़े जा रहे हैं। कंपनी द्वारा विद्युत भार की वृद्धि स्वेच्छा से कराने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक करने का अभियान इन दिनों चलाया जा रहा है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कंपनी के पोर्टल पर स्वेच्छिक ऑनलाइन आवेदन कर भार वृद्धि करा लें। कंपनी ने उपभोक्ताओं की जानकारी के लिए इस संबंध में कुछ जानकारी साझा की है। विद्युत भार क्या है ? बिजली कंपनी में नवीन कनेक्शन के लिए जब कोई व्यक्ति अधिकृत आवेदन देता है तो उसके परिसर में भार (लोड) की गणना कर भार निर्धारित किया जाता है। इस प्रक्रिया में नया कनेक्शन देने के लिए बिजली कर्मचारी परिसर का लोड सर्वे करते हैं। यह भार (लोड) विद्युत प्रणाली में जोड़ा जाता है, इसलिए इसे संयोजित भार या कनेक्टेड लोड कहा जाता है। भार की सही गणना। उपभोक्ता को बिजली कंपनी के साथ सहयोग कर भार की सही गणना कराना चाहिए ताकि विद्युत प्रणाली सुचारू रूप से संचालित की जा सके। उपभोक्ता द्वारा परिसर में कनेक्शन लेने के कुछ अन्तराल बाद कुछ नये विद्युत उपकरणों को स्थापित कर भार बढ़ा लिया जाता है। यह बढ़ा भार बिजली कंपनी के कार्यालय में यदि स्वीकृत नहीं कराया जाता है तो चेकिंग के दौरान भार वृद्धि का प्रकरण बन जाता है और उपभोक्ता को जुर्माना भरना पड़ता है। चेकिंग में पकड़े जाने पर जुर्माना यदि उपभोक्ता के परिसर में भार वृद्धि का प्रकरण मिलता है तो ऐसे उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके अनुसार बढ़े हुए भार की अनुपातिक खपत पर दो गुनी दर से शुल्क वसूली का प्रावधान है। साथ ही विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत भी चैकिंग में अतिरिक्त भार पाए जाने पर ऐसे अतिरिक्त भार को संयोजित करने की दिनांक से बढ़े हुए भार की अनुपातिक खपत पर दुगुनी दर से पेनाल्टी लगाने का प्रावधान है। विद्युत भार वृद्धि : क्या करें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्ताओं से आग्रह करती है कि वे बिजली कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल saralsanyojan.mpcz.in:8888/home पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें। ऑनलाइन आवेदन में विद्युत उपकरणों एवं उनके भार की जानकारी दिया जाना आवश्यक है। उपभोक्ता द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने पर एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करने पर कंपनी द्वारा आगे भार स्वीकृत कर दिया जाता है। उपभोक्ता को चाहिए कि वे लाईसेंसी ठेकेदार से गणना करा कर यदि आनलाइन भार वृद्धि /कमी प्रस्तुत करेंगे तो उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने सभी सम्माननीय उपभोक्ताओं से अपील करती है कि वे आनलाइन सुविधा का लाभ लेकर अपने परिसर के वास्तविक भार के अनुसार अपना संयोजित भार स्वीकृत करवायें।

MP Rail News: नवंबर 2026 तक खंडवा-ओंकारेश्वर रोड रेल सेवा शुरू करने की तैयारी, आसान होगा सफर

ओंकारेश्वर   पश्चिम रेलवे के डीआरएम अश्विन कुमार ने गुरुवार को ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्टेशन और यहां चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नवंबर 2026 तक खंडवा से ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन तक ट्रेनों का संचालन शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। डीआरएम ने बताया कि ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। कुछ आवश्यक तैयारियां और शेष हैं, जिन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद खंडवा की ओर से यात्री ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ होगा। सिंहस्थ 2028 तक बलवाड़ा तक ट्रेन पहुंचाने की कोशिश डीआरएम ने कहा कि ओंकारेश्वर रोड से महू-अंबेडकर नगर तक रेल लाइन का काम अभी पूरा होने में समय लगेगा। रेलवे की कोशिश है कि सिंहस्थ 2028 से पहले बलवाड़ा तक रेल लाइन का काम पूरा कर वहां तक ट्रेन संचालन शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि बलवाड़ा तक ट्रैक तैयार करने और ट्रेन चलाने के लिए रेलवे लगातार प्रयास कर रहा है। हालांकि इंदौर और बलवाड़ा के बीच पहाड़ी क्षेत्र, घने जंगल और अन्य तकनीकी एवं पर्यावरणीय परिस्थितियां बड़ी चुनौती हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य के लिए विभिन्न स्तरों पर अनुमति और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ रहा है। नासिक-त्र्यंबकेश्वर के लिए भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी की उम्मीद पत्रकारों ने डीआरएम से पूछा कि क्या भविष्य में ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन से नासिक-त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए सीधी ट्रेन शुरू हो सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न स्थानों से ट्रेनों के संचालन की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इससे ओंकारेश्वर को देश के अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों से रेल मार्ग के जरिए जोड़ने की उम्मीद बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच ओंकारेश्वर के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खंडवा-अकोला रेल कनेक्टिविटी से भी मिलेगा लाभ इधर खंडवा से अकोला रेल मार्ग पर भी ट्रेनों के संचालन का ट्रायल शुरू हो चुका है। हाल ही में खंडवा से अकोला के बीच ट्रेन चलाकर ट्रैक की तैयारियों को परखा गया। खंडवा से ओंकारेश्वर रोड तक रेल संचालन शुरू होने के बाद ओंकारेश्वर भी आगे अकोला की दिशा में रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेगा। इससे महाराष्ट्र से ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आवागमन आसान होने की संभावना है। उज्जैन-ओंकारेश्वर कनेक्टिविटी के लिए करना होगा इंतजार हालांकि उज्जैन से ओंकारेश्वर को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में अभी कुछ समय लग सकता है। इंदौर-बलवाड़ा क्षेत्र में पहाड़ी भूभाग, घने जंगल और निर्माण से जुड़ी विभिन्न अनुमतियों के कारण यह परियोजना चुनौतीपूर्ण है। ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन के विकास और खंडवा-अकोला रेल कनेक्टिविटी के साथ यदि भविष्य में बलवाड़ा तक रेल लाइन और आगे महू-अंबेडकर नगर क्षेत्र से जुड़ाव पूरा होता है, तो ओंकारेश्वर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और तीर्थस्थलों के बीच रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए रेलवे की इन परियोजनाओं को ओंकारेश्वर की धार्मिक और पर्यटन कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  

कार्तिक मास में त्योहारों की धूम! करवा चौथ, दिवाली, छठ और कार्तिक पूर्णिमा की जानें तारीखें

 भक्ति, साधना, संयम और पुण्य अर्जित करने की परंपराओं से जुड़ा कार्तिक मास में प्रमुख पर्व त्योहार होंगे। शरद ऋतु की शीतलता के बीच दीपों की रोशनी, मंदिरों में गूंजते भजन, तुलसी पूजन और पवित्र नदियों में स्नान के साथ यह महीना धार्मिक आस्था और लोकसंस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा। 27 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलने वाले इस मास में करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ महापर्व, देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास भगवान विष्णु को विशेष प्रिय है। इस दौरान सुबह स्नान, भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा, तुलसी सेवा, दीपदान, व्रत और कथा श्रवण को पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि नियमित दिनचर्या, आत्मसंयम, सेवा और दान के माध्यम से व्यक्ति आध्यात्मिक शांति को प्राप्त करता है। माह में मंदिरों से लेकर घरों तक पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों की विशेष छटा देखने को मिलेगी। बाजारों में खरीदारी और घरों में तैयारियों का माहौल बनने लगेगा। धनतेरस पर बर्तन और आभूषण खरीदने की परंपरा के बाद दीपावली पर घर-आंगन दीपों से जगमगाएंगे। इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज पारिवारिक रिश्तों की आत्मीयता को मजबूत करेंगे। छठ के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धा, लोकगीतों की गूंज और पारंपरिक प्रसाद बिहार की सांस्कृतिक पहचान को विशेष रूप से सामने लाएंगे। मास के प्रमुख पर्व-त्योहार: 29 अक्टूबर : करवा चौथ महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत करेंगीं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व के दिन सुहागिन शिव पार्वती की उपासना कर व्रत करेंगी। गणेश और कार्तिकेय के साथ चंद्रदेव का पूजा होगा। छह नवंबर : धनतेरस धन और आरोग्य की कामना के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाएगी। बाजारों में बर्तन, आभूषण और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी की परंपरा रहेगी। आठ नवंबर : दीपावली घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाएंगे। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ रोशनी का पर्व मनाया जाएगा। 10 नवंबर : गोवर्धन पूजा और चित्रगुप्त पूजा गोवर्धन पूजा में अन्नकूट का विशेष महत्व रहेगा। कायस्थ समाज के लोग कलम-दवात और बहीखातों की पूजा कर चित्रगुप्त महाराज का स्मरण करेंगे। 11 नवंबर : भाई दूज बहनें अपने भाई की सलामती को लेकर इस दिन व्रत रखकर पूजन करेंगी। बहनें भाई को घर बुलाकर तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख व समृद्धि की कामना करती हैं। 13 से 16 नवंबर: लोक आस्था का महापर्व नहाय-खाय से आरंभ होगा। 13 नवंबर को व्रती नहाय-खाय करेंगी। 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन होगा। 18 नवंबर : अक्षय नवमी इस दिन श्रद्धालु आंवला वृक्ष का पूजन करने के साथ दान पुण्य करते हैं। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की विधि-विधान के साथ पूजन करते हैं। 21 नवंबर : देव उठनी एकादशी भगवान विष्णु के योग निद्रा से जागने की मान्यता से जुड़ा यह पर्व मांगलिक कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। तुलसी विवाह की परंपरा भी इसी अवधि में निभाई जाती है। इस दिन मठ-मंदिरों में भगवान विष्णु की पूजा होने के साथ इस दिन से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएगा। 24 नवंबर : कार्तिक पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान और दान पुण्य का विशेष महत्व होता है। वहीं, सिख समुदाय गुरु नानक देव की जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनाएंगे।