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सरस मेला 4 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से रात 10 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा

भोपाल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सरस मेला महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का एक प्रभावी और महत्वपूर्ण मंच है। यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनके उत्पादों को एक नई पहचान दिलाने, नए बाजार से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त पहल है। मंत्री  पटेल ने भोपाल हाट परिसर में 21वें रीजनल सरस मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्यमंत्री मती राधा सिंह भी उपस्थित रहीं। मंत्री  पटेल ने कहा कि भोपाल हाट में यह लगातार 21वां सफल आयोजन है, जो महिला सशक्तिकरण को नई गति दे रहा है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह मेला 23 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक संचालित रहेगा। इस मेले में देश के 15 राज्यों के 52 स्व-सहायता समूहों, मध्य प्रदेश के 45 जिलों के लगभग 104 महिला समूहों तथा विकास आयुक्त (हथकरघा) से जुड़े 45 शिल्पियों सहित कुल 201 स्वरोजगारियों ने पंजीयन कराया है। मेले में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं चंदेरी साड़ियां, धार का प्रसिद्ध बाघ प्रिंट, बनारसी सिल्क, चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प और हथकरघा से जुड़ी उत्कृष्ट सामग्रियों का प्रदर्शन और विक्रय कर रही हैं।

मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विनय निगम ने बताया कि खरीदारी के साथ-साथ मेले में आगंतुकों के स्वाद और मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा गया है। फ़ूड ज़ोन में सिक्किम के मिलेट मोमोज, सोया व दम आलू, उत्तर प्रदेश (अयोध्या) की प्रसिद्ध चाट व लिट्टी-चोखा, बालाघाट के लहसुन एवं मिलेट के चीले तथा उज्जैन की प्रसिद्ध चाट के स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां होंगी और बच्चों के खेल-कूद के साधन भी उपलब्ध हैं। यह मेला प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से रात 10 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा।

 

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