घर में Smart TV है, तो आपने देखा होगा कि उसमें बिना केबल या DTH रिचार्ज के भी कई चैनल मुफ्त में देख सकते हैं. लेकिन अब इन्हें दिखाने वाले ऐप्स के लिए नियम बदल सकते हैं. TRAI ने प्रस्ताव दिया है कि इंटरनेट पर लाइव टीवी दिखाने वाली कुछ सेवाओं को सरकार से मंजूरी लेनी पड़ सकती है. हालांकि, अभी ये सिर्फ प्रस्ताव हैं, अंतिम नियम नहीं.
क्या होते हैं FAST ऐप्स?
FAST का पूरा नाम Free Ad-Supported Streaming Television है. आसान भाषा में, ऐसे ऐप्स जिन पर बिना सब्सक्रिप्शन दिए टीवी चैनल देख सकते हैं. इनकी कमाई विज्ञापनों से होती है. Smart TV में मिलने वाले कई मुफ्त चैनल इसी मॉडल पर चलते हैं.
TRAI क्या बदलाव चाहता है?
TRAI का सुझाव है कि इंटरनेट पर लाइव टीवी चैनल दिखाने वाली सेवाओं को भी सरकारी मंजूरी के दायरे में लाया जाए. अभी केबल और DTH सेवाओं के लिए नियम हैं, लेकिन FAST ऐप्स के लिए अलग व्यवस्था की जरूरत महसूस की गई है. प्रस्ताव के मुताबिक, Smart TV बनाने वाली कंपनियों और उनके ऑपरेटिंग सिस्टम देने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है. उन्हें यह सुनिश्चित करना पड़ सकता है कि उनके प्लेटफॉर्म पर मंजूरी प्राप्त लाइव टीवी ऐप्स ही उपलब्ध हों.
क्या मुफ्त चैनल देखने के लिए पैसे देने होंगे?
फिलहाल ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ है कि दर्शकों को मुफ्त चैनल देखने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा. TRAI की सिफारिशें मुख्य रूप से ऐप चलाने वाली कंपनियों की मंजूरी और जिम्मेदारियों से जुड़ी हैं. इसी तरह, Netflix जैसे OTT ऐप्स पर भी ये नियम अपने आप लागू नहीं माने जा सकते. यहां मुख्य फोकस इंटरनेट पर लाइव टीवी चैनल दिखाने वाली सेवाओं पर है.
क्या नियम लागू हो गए हैं?
अभी नहीं. TRAI ने अपनी सिफारिशें सरकार को दी हैं. अब सरकार को तय करना है कि इन्हें मंजूरी दी जाए या नहीं और नियम किस तरह लागू किए जाएं. अगर सरकार इन सिफारिशों को मंजूरी देती है, तो मुफ्त लाइव टीवी ऐप्स और Smart TV कंपनियों को कुछ नए नियमों का पालन करना पड़ सकता है. लेकिन दर्शकों को पैसे देने पड़ेंगे या उनके चैनल बंद होंगे, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है.





