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हिसार में रोडवेज हड़ताल से यात्री परेशान, निजी बसों पर बढ़ा दबाव; सुरक्षा की मांग तेज

हिसार
 हिसार डिपो में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच अब तक तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन किसी भी वार्ता में सहमति नहीं बन पाई। सरकारी बसों का संचालन बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

बस स्टैंड पर महिलाएं, बुजुर्ग और विद्यार्थी बसों के इंतजार में भटकते रहे। वहीं, सरकारी बसें बंद होने से निजी और सहकारी परिवहन समितियों की बसों पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। हिसार और हांसी बस डिपो से करीब 270 बसों का संचालन किया जाता हैं। हिसार बस अड्डा पर रोजाना 30 से 35 हजार यात्री सफर करते है। ये यात्री दूसरे डिपो और प्राइवेट बसों पर निर्भर हो गए हैं।

सहकारी समितियों ने मांगी सुरक्षा, सीएम और डीजीपी को लिखा पत्र
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सहकारी परिवहन समिति एसोसिएशन ने निजी और सहकारी बसों के निर्बाध संचालन के लिए सुरक्षा की मांग उठाई है। हरियाणा सहकारी परिवहन समिति एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धन सिंह ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, डीजीपी और परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर बस अड्डों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। एसोसिएशन ने पांच और छह नवंबर को हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा के प्रस्तावित आंदोलन के मद्देनजर बसों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

हाई कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला
डा. धन सिंह ने पत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 19 जुलाई 2017 के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि हड़ताल के दौरान सहकारी और अन्य परमिटधारक बसों का संचालन नहीं रोका जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान कुछ लोग बस अड्डों को जबरन बंद करवाते हैं और निजी व सहकारी बसों को चलने से रोकते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होती है।

बसें रोकने वालों पर कार्रवाई की मांग
एसोसिएशन का कहना है कि उन्हें रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों से कोई विरोध नहीं है, लेकिन हड़ताल के नाम पर आम जनता को परेशान करना और अन्य बसों का संचालन रोकना उचित नहीं है।

एसोसिएशन ने बस अड्डों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, बसें रोकने और धमकी देने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई तो एसोसिएशन हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेगी।

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