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दीपावली से पहले हिसार की हवा हुई जहरीली, स्मॉग से आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी

 हिसार
 शहर की हवा अब सांस लेने लायक नहीं रह गई है। दीपावली को चार दिन बचे है। उससे पहले ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 638 तक पहुंच गया है। हालात यह है कि सांस लेना मुश्किल है। आंखों में जलन हो रही है।

सोमवार को हिसार शहर में दोपहर तक यह हालात बने रहे। खुले आसमान के नीचे भी लोगों को स्वच्छ हवा नसीब नहीं हो रही। प्रदूषण के इस स्तर ने शहर को स्मॉग की चादर में लपेट दिया। सुबह की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी और चार बजे से एक्यूआइ में तेजी से उछाल दर्ज किया गया।

दोपहर तक हालात ऐसे रहे कि लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही।

सुबह चार बजे 554 AQI
मौसम में परिवर्तन के कारण हवा खराब श्रेणी में चल रही है। सोमवार को लोग सुबह उठे तो आसमान स्मॉग की चादर में लिपटा था। सुबह चार बजे से ही स्मॉग काफी ज्यादा था।

चार बजे 554 एक्यूआइ का आंकड़ा दर्ज किया गया। उसके बाद धीरे-धीरे हवा खराब होती गई और सुबह 10 बजे आंकड़ा 638 तक पहुंच गया। उसके बाद सूरज निकला तो स्मॉग छंटना शुरू हुआ।

स्मॉग ज्यादा होने से लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। बुजुर्ग इसके ज्यादा परेशान दिखे। वहीं सोमवार को 24 घंटे का एक्यूआइ 259 दर्ज किया गया।

बिना पीये 12 सिगरेट का धुआं ले रहे
शरीर के अंदर स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्मॉग से शरीर को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है। जितना स्मॉग सोमवार को था उसने रिकॉर्ड तोड़े हुए है। स्मॉग का आंकड़ा स्वस्थ व्यक्ति को भी बीमार कर सकता है। जो व्यक्ति सिगरेट नहीं पीता है वह इस धुआं को भी अंदर ले रहा है।

एक अनुमान के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति भी पूरे दिन में 12 सिगरेट का धुआं अंदर ले रहा है। यह शरीर को भी काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है।

रात का न्यूनतम तापमान गिरा, 15.6 डिग्री पहुंचा
मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। रात का न्यूनतम तापमान नीचे गिर रहा है। सोमवार को यह 15.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह आने वाले दिनों में और ज्यादा गिर सकता है। सुबह और शाम को ठंड महसूस हो रही है। स्माग के कारण लोग परेशान रहे जिसके बाद दोपहर को थोड़ी हवा चलने के कारण यह स्माग कम हुआ तो एक्यूआइ 200 से नीचे हो गया।

 

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