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इंदौर कनेक्शन के साथ 10 करोड़ की MD ड्रग्स फैक्टरी का भंडाफोड़, हरियाणा तक होती थी सप्लाई

आगर-मालवा
 आगर-मालवा में पकड़ी गई अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री मामले में 36 घंटे बीत जाने के बाद भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस खेल के असली 'खिलाड़ी' तक नहीं पहुंच सकी हैं। एनसीबी की छापेमारी में 31.25 किलो ड्रग्स और पूरी लैब तो पकड़ ली गई, लेकिन जमीन के असली मालिक और फैक्टरी संचालक को लेकर रहस्य बना है। दस्तावेजों में जमीन स्थानीय लोगों के नाम है, लेकिन तार इंदौर से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।

NCB उज्जैन के अधीक्षक मुकेश खत्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आगर में इस एमडी ड्रग्स निर्माण की अवैध फैक्टरी के मामले में फाूर्म हाउस के मैनेजर सिद्धनाथ धारासिंह और प्रहलाद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभाग को पूछताछ में कुछ अहम जानकारी भी मिली हैं। हालांकि उनका खुलासा नहीं किया गया है।
इन लोगों को हिरासत में लिया, कर रहे पूछताछ

जानकारी अनुसार आमला के पास स्थित तीर्थ हर्बल नर्सरी पर शनिवार को नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम द्वारा कार्यवाहिकर एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री का खुलासा किया था। मामले में रविवार को नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया की फैक्ट्री संचालन को लेकर तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। 

31.25 kgs एमडी और करीब 600 किलो कैमिकल्स जब्त

नारकोटिक्स टीम के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आमला स्थित तीर्थ हर्बल नर्सरी में छुपी हुई नशे की फैक्टरी से 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स और 600 किलो से अधिक ड्रग्स बनाने का कैमिकल्स जब्त किया गया है। टीम ने पूरी लैब को मौके पर ही नष्ट कराया है, ताकि दोबारा यहां अवैध कारोबार न किया जा सके।

ड्रग्स बनाने की मशीनें भी मिलीं नारकोटिक्स विभाग के छापे में तलाशी के दौरान नर्सरी परिसर के भीतर MD ड्रग्स बनाने की लैब मिली। मौके से 31.250 किलो तैयार ड्रग्स, करीब 600 किलो केमिकल, ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाली मशीनें और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए। मामले में मैनेजर सिद्धनाथ, धारा सिंह और प्रहलाद सिंह को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया गया है।

नर्सरी का बोर्ड, तारों की फेंसिंग आगर मालवा जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर झालावाड़-कोटा रोड पर करीब 18 किमी दूर आमला है। यहां से करीब एक किलोमीटर पहले हनुमान मंदिर और क्रेशर के पास से होकर जंगल में अंदर एक रास्ता जाता है।

यहां से करीब दो किमी अंदर कच्ची रोड किनारे यह नर्सरी है। बाहर तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी का बोर्ड लगा है। चारों ओर तारों की फेंसिंग है। इसके आसपास अन्य किसानों की खेती की जमीन है।

तस्करों को ड्रग्स सप्लाई की जानकारी मिली थी

बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को आमला गांव में हाईवे के निकट स्थित तीर्थ नर्सरी कम फॉर्म हाउस से एक अंतर राज्यीय तस्कर को एमडी ड्रग्स क बड़ी खेप की डिलीवरी की सूचना मिली थी। उज्जैन, जावरा और नीमच कार्यालयों की संयुक्त टीम ने आधी रात को नर्सरी को आसपास से घेरकर जाल बिछाया था। सुबह 11 बजे तक जब कोई व्यक्ति डिलीवरी लेने नहीं आया तो सीबीएन टीम ने नर्सरी में प्रवेश किया था। टीम ने सुनसान जगह पर गुप्त रूप से बनी हुई एमडी की लैब को ढूंढ़ निकाला। साथ ही 31.250 kg एमडी पाउडर, 600 kgs के करीब एमडी निर्माण में प्रयुक्त होने वाले रसायन एवं लैब के उपकरणों जब्त किया।

तीन व्यक्ति मौजूद थे, इन्हें हिरासत में लिया

मौके पर मौजूद तीन संदिग्ध व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर कार्यालय लाया गया है। उन से पूछताछ की जा रही है। इधर, सीबीएन द्वारा की गई कार्यवाही से स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि थाना क्षेत्र में नशे की इतनी बड़ी फैक्टरी संचालित हो रही थी और पुलिस इससे अनजान बनी रही।

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