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एक कार ने रोक दी शुगर मिल की रफ्तार, गेट जाम होने से किसानों में मचा हड़कंप

नरसिंहपुर
जिले के करेली स्थित करेली शुगर मिल में रविवार सुबह उस समय भारी अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब फैक्ट्री के मुख्य गेट पर एक अज्ञात कार खड़ी होने के कारण पूरा आवागमन ठप हो गया। इस छोटी सी लापरवाही ने एक बड़े संकट का रूप ले लिया, जिससे मिल परिसर के अंदर सैकड़ों किसान और उनकी खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कैद होकर रह गईं।

एक कार ने रोका सैकड़ों ट्रैक्टरों का रास्ता
मिली जानकारी के अनुसार, देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति अपनी कार मिल के ठीक मुख्य गेट के सामने खड़ी करके चला गया। सुबह जब तुलाई के बाद खाली ट्रैक्टरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, तो रास्ता पूरी तरह बंद मिला। बताया जा रहा है कि कार का स्टीयरिंग लॉक होने के कारण उसे धक्का मारकर हटाना भी संभव नहीं हो सका। इसके कारण मिल के भीतर से बाहर आने वाली ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई और परिसर में 'डेडलॉक' की स्थिति बन गई।
 
किसानों का फूटा गुस्सा, तनावपूर्ण हुए हालात
पिछले कई दिनों से तुलाई में हो रही देरी से जूझ रहे किसानों का धैर्य इस घटना के बाद जवाब दे गया। आक्रोशित किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। किसानों का कहना है कि वे कड़ाके की ठंड में घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को भी मिल के बाहर लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। मिल प्रबंधन की लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण कोई भी बाहरी व्यक्ति गेट पर वाहन खड़ा कर चला गया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

फैक्ट्री बंद होने की कगार पर
मिल प्रबंधन मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल के जर्नल मैनीजर अवस्थी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य द्वार जल्द खाली नहीं कराया गया और ट्रॉलियों की निकासी शुरू नहीं हुई, तो गन्ने की आवक रुक जाएगी। ऐसी स्थिति में फैक्ट्री का संचालन बंद करना पड़ सकता है, जिससे मिल और किसान दोनों का बड़ा नुकसान होगा।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
इस दौरान मिल परिसर में हंगामा भी वहां खड़े लोगों ने किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई है ताकि क्रेन की मदद से उक्त कार को हटाया जा सके और यातायात बहाल हो सके। किसानों ने मांग की है कि मिल प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

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