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करौली में किसानों का ऐलान, 30 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

 करौली
पांचना बांध को लेकर करौली जिले के गुनेसरी स्थित तुलसीपुरा मोड़ पर रविवार को किसानों की पंचायत हुई. जिसमें बांध से लिफ्ट परियोजना के माध्यम से 24 गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई. पंचायत में गोपालपुर, धांधुपुरा, गुनेसरी, आनंदगढ़, देहमौली, कीरतपुरा, सायपुर, सेसरीपुरा, हजारीपुरा, रतनपुर, रघुवंशी, मोहनपुर, विंदापुरा, पितरामपुरा, भोलूपुरा, जगतपुरा, खांडेपुरा, नयाबास, खूबपुरा, रतिपुरा, मकनपुर, मल्हापुरा, हाथीपुरा समेत अन्य गांवों के पंच-पटेल और किसान शामिल हुए. इस दौरान किसानों ने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित हो रही है, इसलिए पांचना बांध से लिफ्ट परियोजना के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाए.

कल मंत्री को ज्ञापन सौपेगी समिति
किसानों की पंचायत में 11 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. समिति सोमवार दोपहर 12 बजे करौली सर्किट हाउस में गृहमंत्री जवाहर सिंह बेढम और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत को ज्ञापन सौंपेगी. ज्ञापन में सरकार को मांगों के समाधान के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा. अगर इन 30 दिनों में किसानों की मांगे पूरी नहीं हुईं तो 30 दिन बाद तुलसीपुरा मोड़ पर पुन बड़ी बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी.

किसानों की बैठक में क्या निर्णय हुआ?

  • हमारी संघर्ष समिति का नाम " जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड " रहेगा.
  • आगे की कमान संभालने के लिए एक कार्य समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें 18-20 लोगों का प्रतिनिधित्व रहेगा.
  • वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए दर दर की ठोकर खाना पड़ रहा है, निरंतर गिरते भूजल से भविष्य में पेयजल का संकट और भयावह हो जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ी को जल के लिए संघर्ष करना पड़ेगा.
  • हमारी प्रमुख मांग- पशु व कृषि प्रधान क्षेत्र होने से आजीविका का एकमात्र साधन है, इसलिए पेयजल और सिचाई हेतु जल का प्रबंध किया जाए. इसके लिए पांचना लिफ्ट परियोजना का विस्तार कर उसी में जोड़ा जाना सबसे अच्छा विकल्प है.
  • हमारी मांगों के लिए सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए सोमवार 6 जुलाई को संबंधित मंत्री और सम्बन्धित प्रतिनिधियों को समिति के सदस्यों द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा.
  • किसान ने कहा कि अगर अगले 15 दिन में या 21 जुलाई तक ठोस कार्य योजना और कार्रवाई नहीं होती है तो 24 गांवों के नेतृत्व में   'जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड' के द्वारा आगामी कार्य योजना का निर्धारण किया जाएगा. इस सबंध में अलग से समय और स्थान का निर्धारण कर सूचित किया जाएगा.

28 गावों के पंच-पटेले हुए इकट्ठा
किसान नेता सियाराम गुर्जर ने बताया कि यह कोई सभी नहीं थी. हमारे 28 गांवों के एक-एक दो-दो आदमी जो चुनिंदा लोग थे, वह यहां बुलाए थे. यह आम सभा नहीं थी. हम लोगों ने यहां डिसीजन लिया है. हमने एक 11 सदस्य एक संघर्ष समिति का गठन किया है. उसके बाद में हमारे सब पंच पटेलों ने ये निर्णय लिया है कि आगामी कोई तारीख अभी हमने फिक्स नहीं की. शायद हो सके तो महीना भर के बाद में. एक महीने के बाद में फिर दोबारा यही इसी जगह पर एक मीटिंग और लेंगे.

सियाराम गुर्जर ने कहा कि हमारी डिमांड पानी की है. हमें पानी चाहिए. हमारा जल स्तर नीचे जा चुका है और जब तीन जगह पानी पांचने में जा सकता है तो हमारा भी हक बनता है कि हमें भी नहरों के द्वारा पानी चाहिए. किसान नेताओं ने आगामी तैयारी के बारे में बताया कि हम कल सिंचाई मंत्री और प्रभारी मंत्री जवाहर मैडम को कलेक्टेट में ज्ञापन सौंपेंगे और उसके बाद में वह हमें क्या आश्वस्त करते हैं, उनकी तरफ हम देखेंगे क्या होता है.

किसान नेता राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि आज हमारी मीटिंग हुई है. इसमें सिर्फ 28 गांव के पंच पटेलों को हमने एकत्रित किया है. ना कि हमारी कोई महापंचायत है, ना कोई बड़ी किसान पंचायत है. इसलिए आपको संख्या बल भी कम दिख रहा है और हमारी मेन डिमांड है पानी की. लिफ्ट योजना जब तीन जगह जा रही है तो चौथी जगह हमको भी क्यों नहीं मिला, पानी हमारा अधिकार है.

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