samacharsecretary.com

मिड-डे-मील में देसी स्वाद का तड़का! हरियाणा के बच्चों की थाली में आएंगी खीर और पिन्नी

चंडीगढ़ 
हरियाणा सरकार अब स्कूलों के मिड-डे-मील में बच्चों के स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखने जा रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पौष्टिक पिन्नी परोसी जाएगी। यह कदम बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने और मिड-डे-मील को और आकर्षक बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।

राज्य के शिक्षा विभाग ने इस पहल के लिए हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड, पंचकूला के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इसके तहत हरियाणा एग्रो पहली नवंबर से 31 मार्च, 2026 तक स्कूलों में इंस्टेंट खीर उपलब्ध करवाएगा। वहीं, पिन्नी की आपूर्ति की जिम्मेदारी पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में वीटा द्वारा निभाई जा रही है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि अब स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पिन्नी परोसी जाए। यह नई व्यवस्था बालवाटिका-।।। से लेकर कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी। यह सिर्फ स्वाद बढ़ाने की कोशिश नहीं, बल्कि बच्चों के शरीर में आवश्यक ऊर्जा और पोषक तत्वों की पूर्ति करने का प्रयास भी है। खीर में मौजूद दूध और चावल से ऊर्जा मिलेगी, जबकि पिन्नी बच्चों को देगी प्रोटीन और आयरन का बूस्ट।

राज्य सरकार का यह कदम बच्चों में कुपोषण को खत्म करने और उन्हें संतुलित आहार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। मिड-डे-मील में स्वाद और पौष्टिकता के नए विकल्प जोड़ने से बच्चों की उपस्थिति और रुचि दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। हरियाणा एग्रो और शिक्षा विभाग का यह संयुक्त प्रयास आने वाले महीनों में राज्य के लाखों विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान और उनके शरीर में नई ऊर्जा भरने जा रहा है।

दूध के साथ अब ‘आयरन डोज’ भी
शिक्षा विभाग ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि जिस दिन विद्यार्थियों को दूध वितरित किया जाएगा, उसी दिन उन्हें आयरन फॉलिक एसिड टैबलेट्स भी दी जाएंगी। इससे बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) को रोकने में मदद मिलेगी और उनकी एकाग्रता व स्मरण शक्ति में सुधार आएगा। राज्य सरकार का मानना है कि स्वस्थ बच्चा ही अच्छा विद्यार्थी बन सकता है, इसलिए यह पहल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास दोनों को ध्यान में रखकर की गई है।

नूंह और भिवानी से शुरू हुई ‘पिन्नी योजना’
केंद्र सरकार के पोषण सुधार दिशानिर्देशों के तहत हरियाणा ने पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में पिन्नी वितरण शुरू किया है। वीटा की ओर से फिलहाल 90 दिनों के लिए पिन्नी की आपूर्ति की जा रही है। स्कूलों को अपने विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पिन्नी की डिमांड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह डिमांड जिला मौलिक शिक्षा कार्यालयों के माध्यम से निदेशालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर हरियाणा एग्रो पिन्नी की अगली खेप मुहैया कराएगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here