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सीमा पर खुशियों का सवेरा, योगी सरकार के सुशासन से चौगुर्जी गांव में रचा गया इतिहास

यूपी-नेपाल सीमा पर बसे गांव में योगी सरकार लाई खुशियों का सवेरा

पुल से चलकर आई ‘जिंदगी’ चौगुर्जी में

सीएम योगी के मार्गदर्शन, डीएम की सक्रिय पहल से बदली 109 परिवारों की बदली तकदीर

कर्णाली और मोहना नदी पर बने नए पांटून पुल का लोकार्पण

लखनऊ/लखीमपुर खीरी

भारत-नेपाल सीमा पर बसा चौगुर्जी गांव वर्षों तक विकास से कटे रहने की मजबूरी झेलता रहा। नदी, दूरी और दुर्गम भूगोल ने यहां के 109 परिवारों को मुख्यधारा से अलग-थलग कर दिया था। लेकिन योगी सरकार के “हर गांव तक विकास” के संकल्प ने आज इस सीमांत गांव की नियति ही बदल दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित सुशासन मॉडल का जीवंत उदाहरण गुरुवार को तब देखने को मिला, जब जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की प्रशासनिक तत्परता और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से चौगुर्जी गांव को ‘जिंदगी’ की वह सौगात मिली, जिसका इंतजार दशकों से था।

पुल बना, दूरी घटी, अब घंटे नहीं, मिनटों में सफर
गुरुवार को कर्णाली व मोहना नदी पर बने नए पांटून पुल का लोकार्पण डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और निघासन विधायक शशांक वर्मा ने किया। यह पुल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि गांव के लिए जीवन-रेखा साबित हुआ है। जहां पहले गांव तक पहुंचने में दो घंटे लगते थे, अब एंबुलेंस, स्कूल बस और आवश्यक सेवाएं मिनटों में उपलब्ध होंगी। यह बदलाव योगी सरकार की उस नीति का परिणाम है, जिसमें सीमांत और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंच प्राथमिकता है।

शुद्ध जल, स्वस्थ जीवन, आर्सेनिक से मिली मुक्ति
योगी सरकार के जल जीवन मिशन के तहत चौगुर्जी के 109 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा मिली। वर्षों से आर्सेनिक युक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीणों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं। बटन दबाते ही नलों से निकला साफ पानी इस बात का प्रतीक बना कि सरकार की योजनाएं अब कागजों से निकलकर ज़मीन पर उतर चुकी हैं।

अंधेरे से उजाले की ओर, सोलर लाइटों से रोशन गांव
सीमांत गांव की गलियों में अब अंधेरा नहीं, बल्कि उम्मीद की रोशनी है। 20 सोलर स्ट्रीट लाइटों के लोकार्पण से न सिर्फ गांव जगमगाया, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया। यह पहल योगी सरकार की ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भर गांव की सोच को दर्शाती है।

शिक्षा को मिली नई उड़ान, बच्चों के सपनों को लगे पंख
परिषदीय विद्यालयों में सौर ऊर्जा, स्मार्ट क्लास और नया फर्नीचर उपलब्ध कराकर सरकार ने यह संदेश दिया कि सीमा पर रहने वाला बच्चा भी वही अवसर पाएगा, जो शहरों में उपलब्ध हैं। अब चौगुर्जी के बच्चे भी डिजिटल शिक्षा से जुड़कर देश की मुख्यधारा का हिस्सा बनेंगे।

ग्रामीणों की जुबानी, यह सिर्फ विकास नहीं, सम्मान है
ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि यह दिन उनके जीवन का सबसे बड़ा पल है। इतने वर्षों बाद हमें पुल, साफ पानी, रोशनी और शिक्षा मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, विधायक और डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने हमारे गांव को पहचान दी है। चौगुर्जी गांव की यह तस्वीर लखीमपुर खीरी में चल रहे उस व्यापक बदलाव की कहानी कहती है, जहां योगी सरकार के नेतृत्व में सीमा, दूरी और संसाधनों की कमी अब विकास में बाधा नहीं बन रही।

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