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10 साल पहले लापता लड़की जयपुर से मिली, आधार कार्ड से खुला राज; पुलिस ने 4 लड़कियों को बचाया

रांची
 झारखंड पुलिस ने नई दिल्ली और राजस्थान के जयपुर से लापता 4 लड़कियों को बचाया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि खूंटी पुलिस की एक विशेष टीम ने इन चारों लड़कियों को बचाया और सोमवार को उन्हें यहां ले आई।

पुलिस के अनुसार, बचाई गई चार लड़कियों में से तीन को मानव तस्करों ने घरेलू काम दिलाने के बहाने फंसाया था, जबकि चौथी लड़की को करीब 10 साल पहले दिल्ली ले जाया गया था। वहां छह महीने तक घरेलू काम में लगाने के बाद, तस्करों ने उसे राजस्थान के जयपुर में बेच दिया।

कैसे किया रेस्क्यू?
यह सफलता तब मिली जब पुलिस 13 और 14 साल की दो लापता लड़कियों की तलाश में नई दिल्ली गई।अधिकारी ने बताया कि दोनों लड़कियां नवंबर 2025 से लापता थीं और उनके माता-पिता ने खूंटी के 'एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट' (मानव तस्करी विरोधी इकाई) पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था।

खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने PTI को बताया, "हमने चार लापता लड़कियों को बचाया है। तीन लड़कियों को 15 अक्टूबर को नई दिल्ली की अलग-अलग जगहों से बचाया गया, जबकि चौथी लड़की, जो 10 साल से लापता थी, उसे राजस्थान के जयपुर से बरामद किया गया। इनमें से दो लड़कियां खूंटी पुलिस स्टेशन क्षेत्र की रहने वाली हैं, जबकि बाकी दो कर्रा पुलिस स्टेशन क्षेत्र की हैं।"

आधार कार्ड से मिला सुराग
एसपी ने बताया, "10 साल से लापता लड़की के बारे में पुलिस को तब सुराग मिला, जब उसका नया आधार कार्ड बन रहा था। UIDAI की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, उपलब्ध डेटा का मिलान उसके पैतृक गांव और पुराने मोबाइल नंबर से किया गया। इसके बाद, पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया। नई दिल्ली गई उसी टीम को राजस्थान भेजा गया और उन्होंने लड़की को वहां से सुरक्षित बचा लिया।"

एसपी ने बताया कि इन लड़कियों को मानव तस्करों ने घरेलू काम दिलाने के बहाने फंसाया था और इसमें कुछ 'प्लेसमेंट एजेंसियों' की भी भूमिका थी। पुलिस अब ऐसी एजेंसियों की जांच कर रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

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