रांची
झारखंड के तमाम जिलों में कंट्रोल कमांड सिस्टम के माध्यम से बगैर जीपीएस के चलनेवाले वाहनों की जानकारी मिलने लगी है। अभी राजधानी रांची के सोनाहातू और एक अन्य प्रखंड में इस तरह का मामला पकड़ में आने के बाद दो सहायक महाप्रबंधकों को शोकाज किया गया है।
सचिव राजेश शर्मा ने समीक्षा बैठक के दौरान दोनों मामले में कार्रवाई को लेकर जिले के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। इसके पूर्व भी सचिव ने अनियमितताओं के आधार पर रांची, खूंटी, बोकारो और गिरिडीह के डीएसओ को शोकाज किया गया था।
झारखंड में लाख प्रयासों के बावजूद खाद्यान्न लेकर जा रहे वाहनों में जीपीएस या तो लगी नहीं है या फिर काम नही कर रही है। इसके कारण से कब, कहां और कितनी मात्रा में खाद्यान्न का परिवहन किया गया, पता नहीं लग पा रहा है।
ऐसे मामलों में विभागीय लापरवाही की बात भी सामने आ रही है और इसी आधार पर राजधानी रांची के सोनाहातू समेत दो प्रखंडों के एजीएम को शोकाज किया गया है। इनसे पूछा गया है कि आखिर किस आधार पर बिना जीपीएस लगे वाहनों से खाद्यान्न का परिवहन किया जा रहा है।
राजधानी रांची समेत कई जिलों में इसके तहत पूरे दिन निगरानी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अन्य जिलों में भी अधिकारियों को इस काम में लगाया गया है। सभी जिलों के मुख्यालयों में एक टीम इसके लिए खास तौर पर काम कर रही है।
वाहनों के निकलने से लेकर उनके निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बीच मार्ग में वाहन कहां-कहां रुके, कितनी देर रुके और किन कारणों से रुके, इसकी जानकारी ली जा रही है।
इसके बाद जिलों से इस तरह की जानकारी राज्य मुख्यालय को भी भेजी जा रही है। कहीं भी कोई गड़बड़ी होने की स्थिति में अधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है।




