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उच्च शिक्षा में बड़ा कदम: बिहार के 54 कॉलेजों में खुलेंगी AI लैब, बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

पटना.

राज्य में 54 पुराने अंगीभूत महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने चयनित संबंधित संस्थानों को एडवाइजरी जारी किया है। यूं कहें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा को अप्रैल से जमीन पर उतारने की विभागीय प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग ने अपने दिशा-निर्देश में स्पष्ट कहा है कि चयनित महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करें।

लक्ष्य की प्राप्ति हेतु अत्याधुनिक तकनीक और मानकीकृत सर्वोत्तम प्रथाओं (वेस्ट प्रैक्टिक्स) को अपनाना आवश्यक है। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ नवाचार, अनुसंधान और नवीन शिक्षण विधियों को सुनिश्चित करना है।

दो चरणों में पूरा होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का काम
उच्च शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि अभी से चयनित उच्च शिक्षण संस्थानों को दिशा-निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि तैयार रोडमैप के आधार पर नये वित्तीय वर्ष 2026-27 से तेजी से कार्यारंभ हो सके। उच्च शिक्षा में सुधार की दिशा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम करना बड़ा फैसला है। विभाग ने 54 शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके आधार पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का काम दो चरणों में पूरा होगा। प्रथम चरण में वर्ष 2026-27 के लिए 30 शिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है। द्वितीय चरण 2027-30 के 24 संस्थानों के बीच कार्य होगा। इन संस्थानों में अनुभवी शिक्षक, शोध को बढ़ावा और कौशल विकास को लेकर अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराये जाएंगे।

इंडस्ट्री पार्टनरशिप को भी बढ़ावा
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में जब चयनित संस्थान विकसित हो जाएंगे तब उनमें इंडस्ट्री पार्टनरशिप को भी बढ़ावा देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप लागू किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप से लेकर प्लेसमेंट के अवसर दिया जाएगा। विभाग के रोडमैप के मुताबिक चयनित शैक्षणिक संस्थातों को उच्च स्तरीय शिक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास का केंद्र विकसित करने की प्राथमिकता दी जाएगी। यह केवल डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि कौशल-आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को उद्योग-योग्य बनाने वाला एक आदर्श संस्थान बनाया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन कदमों को अपनाकर एक सामान्य कालेज को एक शोध-आधारित, उच्च प्रदर्शन करने वाले सेंटर आफ एक्सीलेंस में बदला जा सकता है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

  1. शिक्षण संस्थानों को विशिष्ट बनाने पर फोकस करना
  2. हर संस्थान को डेवलपमेंट प्लान तैयार करना
  3. एआई लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, इनोवेशन प्रोग्राम, रिसर्च प्लान एवं नॉलेज मैनेजमेंट को प्राथमिकता देना
  4. स्मार्ट क्लासेज, अत्याधुनिक प्रयोगशाला, हाई स्पीड इंटरनेट और तकनीकी उपकरण की सुविधा प्रदान करना
  5. हर संकाय और छात्रों को व्यावहारिक अनुसंधान और नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करना

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