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धौलपुर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विविधताओं से समृद्ध धरती पर विज्ञान और नवाचार की एक नई दिशा जुड़ी

जयपुर
धौलपुर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विविधताओं से समृद्ध धरती पर  विज्ञान और नवाचार की एक नई दिशा जुड़ गई है। केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को धौलपुर जिला मुख्यालय पर सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय परिसर स्थित सूचना केंद्र में राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान के सहयोग से स्थापित धौलपुर विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया तथा वहाँ उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न विज्ञान प्रयोगों, मॉडल को न केवल सराहा बल्कि विज्ञान के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझने, समझाने और उन्हें दैनिक जीवन से जोड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क में 'एक पेड़ माँ के नाम अभियान' में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी जागरूकता का संदेश दिया।

इस कार्यक्रम के बाद टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नवाचार और विज्ञान का युग है। केन्द्र सरकार द्वारा आकांक्षी जिलों में विज्ञान केंद्रों की स्थापना उसी सोच का विस्तार है। इससे देश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक चेतना का विस्तार हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब वैज्ञानिक नवाचारों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। चंद्रयान-3 मिशन के तहत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचना हो या ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का स्थानीय अनुभव, नवीनतम तकनीक और पुरातन ज्ञान परम्परा के समन्वय से नवाचार कर समाधान करना हो, भारत ने वैश्विक मंच पर विज्ञान के क्षेत्र में अपनी दृढ़ उपस्थिति दर्ज करवाई है।

इस दौरान विद्यार्थियों ने केंद्रीय मंत्री से संवाद करते हुए विज्ञान में रुचि, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।  विद्यार्थियों ने इसे अपने लिए अत्यंत लाभकारी बताया और कहा कि अब विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे उसे स्वयं प्रयोग कर सीख सकेंगे और समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे। छात्राओं ने सुझाव दिए कि राज्य के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार विज्ञान केंद्रों की स्थापना की जाए।

जिला प्रभारी मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा विज्ञान की जानकारी जब बच्चों के पास पहुँचती है तो वह केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, वह उनके जीवन के निर्णयों में झलकने लगती है। यह विज्ञान केंद्र हमारे युवाओं को तकनीकी और डिजिटल युग के साथ तालमेल बिठाने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रतिरक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. देवाशीष मोहंती, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश एच. गोखले तथा राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. विजय शंकर शर्मा ने विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों और उपलब्धियों की जानकारी दी।

 जिला कलक्टर श्री श्रीनिधि बी. टी. ने सभी गणमान्य अतिथियों और वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह विज्ञान केंद्र धौलपुर के लिए केवल एक संरचना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक चेतना की उड़ान का रन वे है। अब धौलपुर की पहचान सिर्फ बीहड़ों तक सीमित नहीं रहेगी,  यह जिला प्राकृतिक पर्यटन, वैज्ञानिक सोच और सतत् विकास की नई इबारत लिखेगा।

इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री सुमित मेहरड़ा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए. एन. सोमनाथ, पूर्व विधायकगण सुखराम कोली और गिर्राज सिंह मलिंगा, रानी सिलौटिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री हरिराम मीणा,  श्री राजवीर सिंह राजावत, इंदु जाटव, डॉ. शिवचरण कुशवाह, नीरजा शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि,  शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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