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सुनवाई का नया अवसर: दुर्ग पुलिस हर रविवार करेगी पुरुषों की शिकायतों का निपटारा

दुर्ग
 पारिवारिक विवादों में निष्पक्षता और संतुलन की दिशा में दुर्ग पुलिस ने एक ऐतिहासिक और बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत की है। महिला थाना, दुर्ग के पारिवारिक परामर्श केंद्र में अब पुरुष पक्ष की भी समस्याओं की आधिकारिक सुनवाई होगी। यह पहली बार है जब प्रदेश में किसी महिला थाना ने पुरुषों के लिए भी अलग परामर्श व्यवस्था शुरू की है।

रविवार, 07 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग की उपस्थिति में इस नई व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान ही 8 पुरुष आवेदकों की शिकायतों पर सुनवाई की गई, जहाँ उन्हें काउंसलरों और पुलिस अधिकारियों ने कानूनी व मानसिक सहायता उपलब्ध कराई। एसपी ने व्यक्तिगत रूप से सभी आवेदनों को सुना और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 क्यों जरूरी पड़ा यह कदम?

कई पुरुष आवेदकों ने शिकायत की थी कि पारंपरिक महिला परामर्श केंद्रों में उनकी बात को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए

परिवार को बचाने,

दोनों पक्षों को समान अवसर देने, और निष्पक्ष समाधान तक पहुँच बनाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने पुरुष काउंसलरों की नियुक्ति कर यह नई व्यवस्था लागू की।

 नई व्यवस्था कैसे काम करेगी?

अब हर रविवार पुरुष अपनी किसी भी पारिवारिक या वैवाहिक समस्या लेकर यहाँ आ सकेंगे। पुरुष एवं महिला काउंसलरों की संयुक्त टीम उनकी बात सुनेगी।  कानूनी सहायता, पारिवारिक समन्वय और व्यवहारिक समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी निगरानी में उपस्थित रहेंगे, ताकि किसी भी पक्ष को उपेक्षित महसूस न हो।

काउंसलिंग में उपस्थित रहे अधिकारी

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे अशोक जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सेवानिवृत्त) – पुरुष काउंसलर ,रत्ना डाकलिया एवं मोनिका सिंह  महिला काउंसलर,पद्मश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW),भारती मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW),नीता राजपूत, थाना प्रभारी महिला थाना पुलिस स्टाफ एवं अन्य सदस्य सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि महिला थाना अब परिवार को जोड़ने का केंद्र बनेगा, न कि केवल शिकायत सुनने का स्थान।

एसपी दुर्ग का स्पष्ट संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए

“प्रत्येक शिकायत निष्पक्ष रूप से सुनी जाए। किसी भी पक्ष को कमतर न समझा जाए। हमारा उद्देश्य परिवार को टूटने से बचाना और न्यायपूर्ण संस्कृति स्थापित करना है।

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