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1873 करोड़ की रेल लाइन से इंदौर में होगा नया ट्रांसपोर्ट युग, फरवरी तक शुरू हो सकता है ट्रेन संचालन

इंदौर

इंदौर शहर का डेड एंड खत्म करने के लिए वर्षों से लंबित इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम अब तेजी से चल रहा है। रेलवे इस प्रोजेक्ट के इंदौर-धार रेल लाइन का काम अंतिम दौर में कर रहा है। फरवरी में सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) के निरीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद धार तक ट्रेन चल जाएगी। 

1873 करोड़ का है प्रोजेक्ट

मालूम हो, धार क्षेत्र में आज तक ट्रेन नहीं पहुंची है। पीथमपुर, सागौर, गुणावद, टीही में स्टेशन बिल्डिंग, पटरियां बिछाने और ब्रिजों का काम अंतिम दौर में है। 204.76 किमी में इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट वर्षों से अटका है। प्रोजेक्ट के लिए 1873.10 करोड़ मिले है। धार तक 21 ब्रिज बनने है, जिनमें से 19 का पूरा हो गया है।

राजस्थान तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी

रतलाम रेल मंडल पीआरओ खेमराज मीना ने बताया कि धार लाइन से इंदौर का दाहोद, छोटा में से उदयपुर के जरिए मुंबई-गुजरात से सीधा जुड़ाव होगा। धार स्टेशन मांडू के जहाज महल की प्रतिकृति बनाया जा रहा है। इस रेल लाइन सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। कृषि और व्यवसाय के लिए परिवहन मजबूत होगा।

काम की स्थिति

इंदौर से टीही 21 किमी

राऊ से धार के लिए रेल लाइन डाली जानी है। राऊ से टीही तक 21 किमी तक ट्रैक बन चुका है। टीही तक मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है।

टीही से पीथमपुर 8.29 किमी

टीही से पीथमपुर तक पटरियां बिछ चुकी हैं। राऊ से बिछे ट्रैक और नई पटरियों के बीच 2.9 किमी टनल का फिनिशिंग का काम चल रहा है। बाद टनल में पटरियां बिछेंगी।

पीथमपुर से सागौर : 9.12 किमी

पीथमपुर से सागौर के बीच पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। पीथमपुर में स्टेशन की फिनिशिंग चल रही है. हालांकि स्टेशन के पीछे वाली भूमि का अधिग्रहण बाकी है।

सागौर से गुणावद : 15.14 किमी

4 किमी से अधिक हिस्से में पटरियां डल गई हैं। इसके अलावा अन्य हिस्सों में पटरियां बिछाई जा रही हैं। स्टेशन का काम अंतिम दौर में है।

गुणावय से धार: 14.02 किमी

किमी से अधिक किमी तक पटरियां डाली जा चुका है। धार में स्टेशन का स्ट्रक्चर खड़ा होने के बाद फिनिशिंग की 9.8 जा रही है। धार से आगे तिरला तक अर्थ वर्क चल रहा है।

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