samacharsecretary.com

सोने के आभूषण मिलने के बाद कर्नाटक में मंदिर परिसर से खजाना खोजने की तैयारी

बेंगलुरु
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने गडग जिले में खजाना के लिए एक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक जिले के लक्कुंडी गांव में एक मकान के निर्माण के दौरान सोने के आभूषण मिलने के बाद राज्य सरकार ने ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत के लिए प्रसिद्ध लक्कुंडी स्थित कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर परिसर में व्यापक स्तर पर खुदाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
 
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर परिसर में खजाने की तलाश में जुटे प्रशासन ने खुदाई के लिए जेसीबी, ट्रक और ट्रैक्टर लगाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 10 वर्ग मीटर क्षेत्र को खुदाई के लिए चिह्नित किया गया है और इसे आधिकारिक रूप से खुदाई क्षेत्र घोषित किया गया है। इस काम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “इस कार्य के लिए 15 महिलाओं और पांच पुरुषों को लगाया गया है।”

आपको बता दें, यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब एक लड़के को मकान निर्माण के समय तांबे का एक बर्तन मिला। खोलने पर उसमें सोने के आभूषण मिले। बताया जाता है कि ये आभूषण 300 से 400 वर्ष पुराने हैं। लड़के ने यह आभूषण जिला प्रशासन को सौंप दिये, जिसके लिए उसे सम्मानित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र सोने, चांदी, हीरे, मोती, माणिक, मूंगे और लहसुनिया सहित दबे हुए बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध माना जाता है। खुदाई से जुड़े सूत्रों ने कहा, “लक्कुंडी ऐतिहासिक रूप से एक समृद्ध केंद्र रहा है और उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि यहां अब भी भूमिगत अपार भौतिक संपदा छिपी हो सकती है।”

नवंबर 2024 में की गई एक खोज के दौरान लक्कुंडी में हजारों प्राचीन कलाकृतियां मिली थीं। हाल ही में आभूषणों की खोज से इस स्थल के प्रति रुचि और बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, अब भी इलाके के विभिन्न हिस्सों में नीलम, मोती, रत्न, हीरे और लहसुनिया जैसे कीमती पत्थर मिलने की सूचना है।

गौरलतब है कि लक्कुंडी पर कभी चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसल, कलचुरी और विजयनगर शासकों का शासन रहा है और इसका संबंध प्रसिद्ध दानवीर दानचिंतामणि अत्तिमब्बे से भी रहा है। पुरातत्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्राचीन काल में यह स्थान सोने के सिक्के ढालने का प्रमुख केंद्र भी था। पुरातत्वविदों ने कहा कि यह नई खुदाई ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे कर्नाटक के मध्यकालीन इतिहास से जुड़े अभिलेख, स्मारक, मूर्तियां और आभूषण मिलने की उम्मीद है, जिससे लक्कुंडी की समृद्ध विरासत को समझने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here