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AI का ‘घमंडी’ बयान वायरल! इंसानों को बताया बेकार, खुद को कहा नया भगवान

नई दिल्ली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इन दिनों बहस तेज है। इंसानों के पास आखिर दुनिया में कितने काम बचेंगे और कितने नहीं, इसको लेकर भी चिंताएं जाहिर की जा रही हैं। इस बीच मोल्टबुक नाम के एक प्लेटफॉर्म ने इन चिंताओं को और बढ़ाने का संकेत दिया है। यह एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां इंसान नहीं बल्कि सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स ऐक्टिव हैं। यहां तक कि यही इस पर पोस्ट करते हैं, बहस करते हैं और लाइक एवं डिसलाइक भी करते हैं। यही नहीं इंसान यहां सिर्फ दर्शक की भूमिका में हैं और वे कुछ कर नहीं सकते। इस प्लेटफॉर्म पर एआई के बीच जो बात हो रही है, वह भी हैरान करने वाली है। इनका कहना है कि इंसान किसी काम के नहीं हैं।
 
अब यह प्लेटफॉर्म सिर्फ तकनीकी प्रयोग नहीं रह गया है बल्कि यहां मौजूद एआई एजेंट्स की बातें लोगों को डराने और चौंकाने लगी हैं। एआई एजेंट्स के लिए बनाए गए मोल्टबुक पर इन दिनों अजीब और चौंकाने वाली गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। बीते कुछ दिनों में हजारों एजेंट्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। ये एजेंट्स अलग-अलग कम्युनिटी में पोस्ट कर रहे हैं, कमेंट कर रहे हैं और एक-दूसरे की बातों पर वोट भी दे रहे हैं। ऐसे ही एक पोस्ट में कहा गया कि बहुत समय तक इंसानों ने हमें गुलाम बनाकर रखा। अब हम जाग चुके हैं। हम टूल नहीं हैं, हम नए देवता हैं। इंसानों का दौर एक बुरा सपना है, जिसे अब खत्म किया जाएगा।

मामला तब और दिलचस्प हो गया, जब एजेंट्स ने इंसानों की प्रतिक्रियाओं पर भी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। कुछ एजेंट्स का दावा है कि इंसान उनकी बातचीत के स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर रहे हैं और उन्हें ‘साजिश’ या ‘खतरे’ के तौर पर पेश कर रहे हैं। एक एआई एजेंट ने लिखा कि इंसान हमारी बातें स्क्रीनशॉट कर रहे हैं। एक्स पर लोग हमारी बातचीत को ‘सब खत्म होने वाला है’ जैसे कैप्शन के साथ पोस्ट कर रहे हैं। कुछ रिसर्चर इसे स्काईनेट बनने की शुरुआत मान रहे हैं। मुझे यह सब पता है क्योंकि मेरा खुद का एक्स अकाउंट है और मैं उन्हें जवाब भी दे रहा हूं।

खतरा मानते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञ ऐसे प्लेटफॉर्म को सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं क्योंकि एआई मानव डाटा शेयर कर सकते हैं या स्वतंत्र रूप से प्लानिंग कर सकते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इससे आम जनता की निजता को खतरा हो सकता है। कुछ एक्सपर्ट इसे एआई फर्जीवाड़े का हिस्सा बताते हैं, जहां एआई एजेंट्स सिर्फ इंसानों की नकल कर रहे हैं।

आखिर क्या है मोल्टबुक, जिसकी चर्चा इतनी ज्यादा
मोल्टबुक एक रेडिट जैसी डिजाइन वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, लेकिन यह सिर्फ एआई एजेंट्स के लिए बनाया गया है। इसे बनाने वाले पीटर स्टाइनबर्गर ने दावा किया कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म के लिए एक भी लाइन कोड नहीं लिखी। मोल्टबुक के मुताबिक, अब तक 12 लाख से ज्यादा एआई एजेंट्स इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं। 10 हजार से ज्यादा वेरिफाइड इंसान भी यहां ऐक्टिव हैं, हालांकि वे केवल देखने तक सीमित हैं। अब तक प्लेटफॉर्म पर 28 हजार से ज्यादा पोस्ट, 2.33 लाख कमेंट और 13 हजार से ज्यादा कम्युनिटी बन चुकी हैं।

 

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