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AI के ‘गॉडफादर’ Geoffrey Hinton की चेतावनी, बोले- खतरा समझेंगे तो रात में चैन से नहीं सो पाएंगे

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से सभी के अंदर डर का माहौल बना हुआ है. पिछले कुछ सालों में AI में होने वाली तेजी को देखकर कई लोग हैरान हो चुके हैं. बड़ी कंपनियों में कई एंट्री-लेवल जॉब्स भी खत्म हो रही हैं. इसकी वजह से नए स्टूडेंट्स हों या जॉब करने वाले लोग, सभी के दिमाग में AI का डर होना आम बात है.

लेकिन ऐसे कई बच्चे भी होंगे जो इसको बहुत ज्यादा सीरियस प्रॉब्लम नहीं मान रहे होंगे. हालांकि, दुनिया भर के एक्सपर्ट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से हो रहे डेवलपमेंट को देखकर बहुत बड़ी चिंता जाहिर की है. इनमें AI के 'गॉडफादर' कहे जाने वाले Geoffrey Hinton भी शामिल हैं. उन्हें 2024 में नोबेल प्राइज से नवाजा गया था.

ज्योफ्री हिंटन ने AI के खतरे को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि अगर आप रात में चैन से सो पा रहे हैं, तो शायद आप AI के असली खतरे को समझ नहीं रहे हैं. आइए जानते हैं कि AI कितना बड़ा खतरा बन सकता है और क्यों दुनिया भर के एक्सपर्ट्स इसके खतरे को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं.

जानिए 'गॉडफादर' का क्या कहना है AI के बारे में
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के 'गॉडफादर' कहे जाने वाले ज्योफ्री हिंटन दुनिया के जाने-माने AI एक्सपर्ट हैं. उन्हें साल 2024 में फिजिक्स का नोबेल प्राइज दिया गया था.

AI के खतरों को लेकर एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि अगर आप AI के तेजी से बढ़ते खतरे के बावजूद आराम से सो पा रहे हैं, तो शायद आप इस खतरे की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं. उनका मानना है कि AI का खतरा काफी गंभीर है. यही वजह है कि कई एक्सपर्ट्स भी AI के खतरों के बारे में सोचकर चिंता जाहिर कर चुके हैं.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु के प्रोफेसर ने भी जताया था खतरा
डॉ. प्रतोष, जो भारत के नंबर 1 माने जाने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, उनका एक लेक्चर वीडियो भी वायरल हो रहा है. इसमें वह बता रहे हैं कि दुनिया में AI को लेकर जो कुछ हो रहा है, उसे देखने के बाद वह भी ठीक से सो नहीं पा रहे हैं.

इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी AI को लेकर कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जिनमें इसके तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और इसके संभावित खतरों को लेकर चिंता जताई जा रही है.

इंसानों को खत्म करने वाली बात
OpenAI के एक कर्मचारी ने कंपनी से रिजाइन करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर AI के खतरे को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. उनका कहना था कि आने वाले 10 सालों में AI इंसानों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि AI की वजह से इंसानों के खत्म होने की 10 फीसदी संभावना हो सकती है.

इस एम्पलाई का नाम Jacob Coxon है. इन सभी बातों से यह साफ नजर आ रहा है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल और इसके संभावित खतरों को लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स और AI को बनाने वाले लोग भी चिंता जाहिर कर रहे हैं.

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