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अखिलेश यादव से भिड़े जयंत चौधरी, बोले- मैंने मुंह खोल दिया तो बहुत मुश्किल हो जाएगी

दिल्ली

जयंत चौधरी और अखिलेश यादव में वार-पलटवार जारी है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच वार-पलटवार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में अखिलेश के बयान से जुड़े सवाल पर जयंत चौधरी भयानक रूप से भड़क गए। जयंत ने कहा कि अगर मैंने मुंह खोल दिया तो अखिलेश यादव को यहां भी खड़े नहीं हो पाएंगे। दरअसल, समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश ने राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख पर तंज कसते हुए कहा था, हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी वे हमें छोड़कर चले गए।

जयंत चौधरी ने कहा

जयंत चौधरी ने कहा कि यूपी में 403 विधानसभा सीटें हैं। यूपी में चुनाव है। जयंत ने ऐलान करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी चुनाव होंगे और हम वहां भी चुनाव लड़ेंगे। सभी सीटें पर एनडीए की संयुक्त लड़ाई है। हम सब एक हैं। जयंत चौधरी ने कहा कि एकजुट लड़ाई और एकमात्र कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि विकास के रास्ते न रुके। जयंत चौधरी ने कहा कि किस पार्टी के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल होगा, इस बारे में बात करें तो राजनीतिक पार्टियां समय के साथ अपने चुनाव चिह्न बदलती रहती हैं। मैं अधिकार के साथ एनडीए की बातें करता हूं।

मैं गंभीरता के कारण कुछ बातें नहीं कहना चाहता हूं

अखिलेश यादव के बयान पर मीडिया के पूछे गए सवाल पर जयंत चौधरी भड़क गए। जयंत ने कहा कि जब हमारा उनके यानी समाजवादी पार्टी के साथ साझा था, तब बंद दरवाजों के पीछे हुई हर बात सार्वजनिक नहीं की गई थी। मैं गंभीरता के कारण कुछ बातें नहीं कहना चाहता हूं। अगर मैं खुलकर उन मामलों को बता दूं, तो यहां भी खड़े होने की भी जगह नहीं बचेगी। अखिलेश यादव आज जिस तरह के हल्केपन बातें कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है। चौधरी चरण सिंह के सम्मान को विधानसभा सीटों की संख्या से नहीं मापा या तय किया जा सकता है। उनके प्रति सम्मान हर किसी के दिल में बसा है और हमेशा रहेगा, चाहे कोई कुछ भी दावा करे। भले ही राष्ट्रीय लोक दल को एक भी सीट न मिले, फिर भी चौधरी चरण सिंह का सम्मान और प्रतिष्ठा कभी कम नहीं होगी।
 

चवन्‍नी कोई मुद्दा नहीं, विकास का मुद्दा होना चाहिए

अखिलेश यादव वाले बयान पर जयंत ने यह भी कहा कि राजनीति मुद्दों पर की जाती है। अखिलेश को नसीहत देते हुए जयंत ने कहा कि चवन्‍नी कोई मुद्दा नहीं है। विकास का मुद्दा होना चाहिए। आज सहारनपुर से दिल्‍ली जाने में केवल डेढ़ घंटे लगते हैं। पहले छह घंटे लगा करते थे।

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