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बड़े तालाब पर अतिक्रमण का आरोप: सांसद ने अधिकारियों से मांगा हिसाब

भोपाल

शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब 30 साल में 10 वर्ग किलोमीटर छोटा हो गया और जिम्मेदार जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी आंख बंद कर बैठे रहे। कैचमेंट क्षेत्र में भूमाफिया ने कब्जा कर फार्म हाउस, रिसार्ट, पक्के मकान, बंगले, मैरिज गार्डन आदि बनाए हैं, जिनमें ड्रग्स की पार्टियां चलती हैं। सेप्ट की रिपोर्ट के आधार पर सीमा बताने वाली पीले कलर की मुनारें लगाई गई थीं, उन्हें उखाड़कर फेंक दिया है। यह जानकारी सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में एक विशेष बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में बड़ा तालाब का क्षेत्रफल 39.8 वर्ग किलोमीटर था, जो कि घटकर 30 वर्षों में यह 29.8 वर्ग किलोमीटर रह गया है। इसका उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारियों से जवाब मांगा।

एनजीटी की सख्ती के बाद भी सुस्त रहा सीमांकन का कार्य

बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल, क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक, पर्यावरणविद, एडीएम, एसडीएम, नगर निगम अपर आयुक्त, पूर्व बीडीए अध्यक्ष सहित एप्को, मप्र प्रदूषण बोर्ड, राजस्व, नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार चार महीने पहले एनजीटी की सख्ती के बाद बैरागढ़ एसडीएम ने कोहेफिजा और खानूगांव में बड़े तालाब का सीमांकन शुरू किया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही काम रोक दिया गया। अधिकारियों का तर्क था कि वर्षा की वजह से तालाब किनारे कीचड़-दलदल होने की वजह से काम रोका गया है। इसके साथ टीटीनगर और हुजूर एसडीएम ने सीमांकन ही शुरू नहीं किया।

अतिक्रमणों को तोड़ने और नए मास्टर प्लान के निर्देश

इस पर चर्चा करते हुए बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र 50 मीटर दायरे में आने वाले बड़े अतिक्रमणों को तोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने अधिकारियों से बड़ा तालाब को लेकर सवाल पूछते हुए कहा कि बड़ा तालाब की गहराई और क्षेत्र को लेकर सेप्ट की रिपोर्ट, केपीएमजी की रिपोर्ट, कुमार एसोसिएट्स द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट, यह सारी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाना चाहिए। जब अधिकारियों से कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो सांसद ने कहा कि बड़ा तालाब को भूमाफिया से बचाने के लिए नए सिरे से सर्वे करवाएं और मास्टर प्लान बनाएं।

कलेक्टर ने सात दिन का दिया समय, अधिकारियों ने मांगे 15 दिन

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि तालाब किनारे कई निजी जमीनों पर अवैध रूप से निर्माण करने की जानकारी मिली है। जिसको लेकर एसडीएम हुजूर, संत हिरदरामनगर, टीटीनगर और शहर वृत्त को एक सप्ताह में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर सभी एसडीएम ने कहा कि तालाब का सीमांकन टीएंडसीपी के नक्शे के आधार पर किया जाएगा, जिसके लिए 15 दिन का समय दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सीमांकन की कार्रवाई कर सभी प्रमुख अतिक्रमणों को जमींदोज किया जाए, जिसको लेकर प्रति सप्ताह समीक्षा बैठक की जाएगी।

प्रेमपुरा से नहीं हटी 26 झुग्गियां, भोपाल वक्फ की जागीर

भदभदा डैम के पास प्रेमपुरा से 227 झुग्गियां हटाई गई थीं, लेकिन आज तक 26 झुग्गियां नहीं हट सकी हैं ।यह चिंता का विषय है।सांसद ने कहा कि भोपाल वक्फ बोर्ड की जागीर हो गया है। मेट्रो ट्रेन की लाईन डालो, पालिटेक्निक चौराहा से डिपो चौराहा तक स्मार्ट रोड बनवाओ, भोपाल के हमीदिया रोड स्थित सब्जी मंडी की जगह पर बस स्टैंड बनाना चाहो तो वक्फ बोर्ड की जगह बताई जाती है।

सांसद आलोक शर्मा ने यह सवाल अधिकारियों से पूछे

  •     अतिक्रमण हटाने के लिए एनजीटी ने अब कितने आदेश जारी किए?
  •     उनका पालन जिला प्रशासन और नगर निगम ने कितना किया ?
  •     अतिक्रमण रोकने कोई टीम गठीत की, टीम ने क्या-क्या कार्रवाई की ?
  •     कितने गंदे नालों के पानी को रोकने के लिए कितने एसटीपी बनाए हैं?
  •     वर्तमान में कितने शेष गंदे नालों का पानी बड़ा तालाब में मिल रहा है?
  •     गंदे पानी को बड़े तालाब में जाने से रोकने के लिए क्या प्लानिंग है?

 

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