samacharsecretary.com

अमेरिका का रूस पर वार तेज, जब्त संपत्तियों की बिक्री से बढ़ेगा तनाव, 29 अरब में बेचेगा लग्जरी नौका!

मॉस्को 

अमेरिका अब रूस के साथ टेंशन बढ़ाने की राह पर चल रहा है. अमेरिका प्रशासन ने रूस की जब्त अरबों की संपत्तियों की नीलामी करने का फैसला शुरू किया है. इसी सिलसिले में अमेरिका रूस के एक जब्त लग्जरी नौका अमेडिया (Amadea) को नीलाम करने जा रहा है. रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ये अमेरिका किसी रूसी संपत्ति की पहली बार नीलामी कर रहा है.

विलासिता की सभी सुविधाओं से लैस इस नौका की कीमत अमेरिका ने 325 मिलियन डॉलर रखी है. रुपये में ये रकम लगभग 29 अरब होती है.  

10 सितंबर को समाप्त होने वाली यह नीलामी ऐसे समय में हो रही है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ाना चाहते हैं. अमेरिका ने कहा है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रूसी धनाढ्य वर्ग पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इनमें कुछ रईस पुतिन के करीबी हैं. अमेरिकी सरकार ने इन रईसों की लग्जरी नौकाएं जब्त कर ली है. ताकि ये अमीर लोग राष्ट्रपति पुतिन को युद्ध रोकने के लिए मजबूर करें.

विलासिता का दूसरा नाम अमेडिया

तीन साल पहले ज़ब्त की गई और वर्तमान में सैन डिएगो में खड़ी 106 मीटर लंबी नौका को जर्मन कंपनी लुर्सेन ने 2017 में विशेष रूप से निर्मित किया था.  फ़्रांस्वा ज़ुरेट्टी द्वारा डिजाइन की गई इस नौका में संगमरमर लगे हैं. इस लग्जरी जहाज में आठ राजकीय कक्ष, एक ब्यूटी सैलून, एक स्पा, एक जिम, एक हेलीपैड, एक स्विमिंग पूल और एक लिफ्ट है.  इसमें 16 मेहमानों और 36 चालक दल के सदस्यों के रहने की व्यवस्था है. 

कौन है अमेडिया का मालिक?

अमेडिया  का असली मालिक कौन है, ये निर्धारित करना काफी विवादास्पद रहा है. क्योंकि कई ट्रस्ट और शेल कंपनियों के नाम इस लग्जरी नौका से जुड़े हैं. यह नौका केमैन द्वीप समूह में पंजीकृत है और इसका स्वामित्व केमैन द्वीप समूह में ही स्थित मिलमारिन इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के पास है. 

अमेरिका का दावा है कि अर्थशास्त्री और पूर्व रूसी राजनेता सुलेमान केरीमोव, जिस पर 2018 में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया था इस नौका के मालिक हैं. वहीं सरकारी नियंत्रण वाली रूसी तेल और गैस कंपनी रोसनेफ्ट के पूर्व अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एडुआर्ड खुदैनातोव इस नौका के मालिक होने का दावा कर रहे हैं. एडुआर्ड खुदैनातोव अभी अमेरिकी प्रतिबंधों से मुक्त हैं. 

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि खुदैनातोव नौका के नकली मालिक हैं, इसका उद्देश्य नौका के असली मालिक केरीमोव को बचाना और छुपाना है. नौका के असली स्वामित्व को लेकर मुकदमा चल रहा है.

खुदैनातोव के एक प्रतिनिधि ने बुधवार को ईमेल के ज़रिए दिए गए एक बयान में कहा कि नौका की बिक्री की योजना "अनुचित और समय से पहले" है क्योंकि खुदैनातोव इस ज़ब्ती के एक फैसले के ख़िलाफ़ अपील कर रहे हैं.

प्रतिनिधि एडम फोर्ड ने कहा, "हमें संदेह है कि यह उचित बाजार मूल्य पर किसी भी तर्कसंगत खरीदार को आकर्षित करेगा, क्योंकि स्वामित्व को संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर की अदालतों में चुनौती दी जा सकती है और दी जाएगी, जिससे खरीदारों को कई वर्षों तक महंगी, अनिश्चित मुकदमेबाजी का सामना करना पड़ेगा."

2022 में अमेरिका ने किया था जब्त

2022 में नेशनल मेरीटाइम सर्विस के अधिकारियों ने इस नौका को अपने कब्जे में लिया था. इसके बाद से इसका उपयोग नहीं किया गया है. अब अमेरिका इसकी नीलामी कर रहा है. बोली लगाने वालों को सीलबंद लिफाफे में इस नौका की कीमत भेजनी होगी. इसके अलावा उन्हें पेशगी के तौर पर 11.6 मिलियन डॉलर भी जमा करने होंगे. 

मई 2024 में अमेरिका ने यूक्रेन की मदद के लिए एक पैकेज दिया था. इसे यूएस में कानून का दर्जा दिया गया है. इसके आधार पर अमेरिकी क्षेत्र में मौजूद किसी भी रूसी संपत्ति को जब्त किया जा सकेगा और इसे बेचकर इसका इस्तेमाल यूक्रेन के फायदे के लिए किया जा सकेगा. 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here