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हाई कोर्ट में अमृतपाल की वर्चुअल पेशी, संसद सत्र में भाग लेने को लेकर रखी ये दलील

चंडीगढ़ 
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर मंगलवार 16 दिसंबर) पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान अमृतपाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए और कोर्ट के सामने अपनी बात रखी.

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हाई कोर्ट में अपनी पैरोल याचिका की सुनवाई के दौरान पेश हुए अमृतपाल की जेल में जाने के बाद पहली तस्वीर सामने आई. इस दौरान वो सफेद कुर्ता और नीली पगड़ी पहने नजर आए. सांसद ने कोर्ट में कहा कि उनकी नजरबंदी के चलते उनके संसदीय क्षेत्र का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि बाढ़, नशे और कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे संसद के पटल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

अमृतपाल ने कोर्ट में दी दलील
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान हाई कोर्ट को अमृतपाल ने भारतीय लोकतंत्र की दलील देते हुए कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र के मुद्दों को संसद में उठाना उसका लोकतांत्रिक अधिकारी है. हालांकि सांसद बनने से पहले और NSA के तहत जेल जाने से पहले अमृतपाल भारतीय लोकतंत्र और संविधान को नकारता रहा है. वो अलग खालिस्तान बनाने की मांग का सार्वजनिक तौर पर समर्थन करता रहा है.

संसद सत्र में शामिल होने की मांग
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की बेंच के समक्ष पेश होते हुए अमृतपाल सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि संसद के जारी विंटर सेशन में उसे शामिल होकर अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े मुद्दों और कुछ महीने पहले पंजाब में आई बाढ़ की वजह से उसके संसदीय क्षेत्र में हुए नुकसान के मुद्दे उठाने की इजाजत दी जाए. सांसद ने दलील दी कि NSA के तहत उनकी लगातार हिरासत ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया है, बल्कि उनके पूरे संसदीय क्षेत्र की कार्यप्रणाली भी बाधित कर दी है.

पंजाब सरकार के तर्क को बताया बेतुका
सांसद अमृतपाल सिंह ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में सभी काम ठप्प हो गए और उनकी हिरासत उन्हें संसद में मुख्य सार्वजनिक मुद्दे – बाढ़, ड्रग्स और कथित फर्जी मुठभेड़ों को उठाने से रोक रही है. जेल से बाहर आने पर पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के मुद्दे को लेकर अमृतपाल ने कहा कि ये पंजाब सरकार का बेतुका तर्क है क्योंकि उन्हें विंटर सेशन में शामिल होने के लिए दिल्ली आना है ना कि पंजाब.

आज फिर होगी सुनवाई
हाई कोर्ट में वकीलों के द्वारा वर्क सस्पेंड किए जाने की वजह से पंजाब सरकार के वकील कोर्ट में पेश नहीं हो सके. जिसके चलते हाई कोर्ट ने सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी. आज फिर मामले की सुनवाई होगी. अमृतपाल सिंह ने संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए उन्हें पैरोल देने से राज्य के इनकार को चुनौती देते हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया है.

 

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