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राउत के बयान से भड़कीं अमृता फडणवीस, जानिए क्या था विवाद

मुंबई 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत की टिप्पणियों पर जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके पति दावोस में पिकनिक मनाने नहीं गए हैं। फडणवीस विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस में हैं।

अमृता ने मुंबई में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मुझे उनकी (राउत) भाषा कभी समझ नहीं आती, लेकिन मैं इतना ही कहूंगी कि अगर कोई व्यक्ति पिकनिक पर गया है, तो वह भारत और महाराष्ट्र में निवेश लाने और रोजगार बढ़ाने के लिए रोज सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक सम्मेलन और बैठकें नहीं करता।' उन्होंने कहा, 'इसलिए मुझे लगता है कि उनका (राउत) यह बयान, उनके बाकी सभी बयानों की तरह निराधार है।'

राउत ने दावोस जाने वाले नेताओं के यात्रा खर्च को सार्वजनिक करने की मांग की थी। राउत ने कहा था, 'भारत के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में पिकनिक मना रहे हैं। भारतीय दृष्टिकोण से दावोस सम्मेलन हास्यास्पद है।' मुंबई के नए महापौर के बारे में पूछे जाने पर अमृता ने कहा कि वह एक मराठी व्यक्ति होंगे।
महाराष्ट्र में 15 लाख करोड़ के निवेश पर हस्ताक्षर

एजेंसी वार्ता के अनुसार, फडणवीस ने दावोस में राज्य के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं तथा इन निवेशों के जरिए राज्य में लगभग 13 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। महाराष्ट्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के मीडिया सेल प्रमुख नवनाथ बान ने  संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

राउत के मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा की आलोचना पर पलटवार करते हुए बान ने कहा कि राउत को यह बताना चाहिए कि उन्होंने अपने जीवन में क्या 13 लोगों को भी रोजगार दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या उद्धव ठाकरे ने अपने ढाई साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कम से कम 1,300 लोगों को नौकरी दी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने राउत को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे फडणवीस की दावोस यात्रा की आलोचना कर रहे हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि आदित्य ठाकरे अपने दावोस दौरे से कितना निवेश लेकर लौटे थे।

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