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आसाराम के बेटे नारायण साईं ने कुटुम्ब न्यायालय में दी पेशी, पत्नी ने दायर की तलाक की याचिका

इंदौर 

स्वयंभू संत आसाराम का बेटा नारायण साईं कथित मानसिक क्रूरता को लेकर अपनी पत्नी की ओर से दायर तलाक के मुकदमे में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इंदौर के कुटुम्ब न्यायालय में पेश हुआ और बयान दर्ज कराया। मामले से जुड़े वकीलों ने यह जानकारी दी। नारायण साईं दुष्कर्म के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद गुजरात के सूरत के जेल में बंद है। जिसके बाद उसे पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ इंदौर के कुटुम्ब न्यायालय में लाया गया। इस दौरान अदालत परिसर में उसकी इंदौर निवासी पत्नी जानकी हरपलानी भी मौजूद थीं। हालांकि, उन्होंने मीडिया के सामने चुप्पी साधे रखी।

एकमुश्त मांगी 5 करोड़ की रकम
मामले से जुड़े वकीलों ने बताया कि जानकी की ओर से पेश तलाक के मुकदमे में नारायण साईं कुटुम्ब न्यायालय में पेश हुआ। वकीलों ने बताया कि यह मुकदमा जानकी ने अपने पति पर मानसिक क्रूरता और अन्य आरोप लगाते हुए दायर किया है जिसमें उन्होंने एकमुश्त पांच करोड़ रुपए की स्थायी भरण-पोषण राशि की मांग की है।

अदालत ने दी 1 अप्रैल की अगली तारीख
वकीलों ने बताया कि करीब 90 मिनट की पेशी के दौरान अदालत में नारायण साईं का बयान दर्ज किया गया और फिर जानकी के वकीलों ने उससे जिरह की। अदालत ने मुकदमे में दोनों पक्षों की अंतिम बहस के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है। कुटुम्ब न्यायालय ने नारायण साईं को वर्ष 2018 में आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी जानकी को हर महीने 50,000 रुपए की भरण-पोषण राशि प्रदान करे। हालांकि जानकी की ओर से अदालत में कहा गया है कि पिछले आठ साल से उनके पति की ओर से उन्हें भरण-पोषण राशि अदा नहीं की गई है।

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