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ग्वालियर में ज्योतिष ‘ओपीडी’ की शुरुआत, संस्कृत महाविद्यालय बना केंद्र

ग्वालियर
अगर आपकी कुंडली में मंगल उग्र है, राहु-केतु नींद खराब कर रहे हैं, विवाह टलता जा रहा है या करियर की दिशा धुंधली लग रही है, तो सीधे जाएं ओपीडी! पर ये कोई अस्पताल नहीं, बल्कि संस्कृत महाविद्यालय की ज्योतिष ओपीडी है, जहां इलाज नहीं ज्योतिषीय परामर्श मिलेगा वो भी विशेषज्ञ आचार्यों से। संस्कृत की प्राचीन परंपराओं को जनसामान्य से जोड़ने के लिए शासकीय संस्कृति महाविद्यालय सत्र 2025-26 से अनूठी पहल करने जा रहा है।

जहां अस्पताल की ओपीडी की तर्ज पर ज्योतिष परामर्श ओपीडी संचालित की जाएगी। इसमें लोग अपनी जीवन से जुड़ी समस्याओं का समाधान संस्कृत के आचार्यों से पा सकेंगे। यह ओपीडी हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को संचालित होगी।

ज्योतिषीय मार्गदर्शन होगा सरल
इस नवाचार के तहत महाविद्यालय के 12 आचार्य ओपीडी की तर्ज पर कक्ष में बैठेंगे, जहां लोग सीधे उनसे मुलाकात कर अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं साझा कर सकेंगे। परामर्श के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा, जिससे यह सेवा आम जनता के लिए सुलभ बनी रहे।
 
संस्कृत ज्ञान को आधुनिक संदर्भ से जोड़ने की पहल
संस्कृत महाविद्यालय की यह पहल न केवल लोगों को ज्योतिषीय समाधान प्रदान करेगी, बल्कि विद्यार्थियों और जनसामान्य के बीच संस्कृत भाषा, संस्कृति और शास्त्रों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी। महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक परामर्श प्रणाली से जोड़ा गया है।

छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
यह परामर्श सेवा एक तरफ जहां जनता को लाभ पहुंचाएगी, वहीं संस्कृत के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष परामर्श प्रक्रिया का अनुभव भी मिलेगा। इससे उनके अध्ययन को व्यवहारिक धरातल पर लाने में मदद मिलेगी।

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