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MP हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी अब डिजिटल! 80 लाख दस्तावेज डिजीलॉकर में होंगे संरक्षित

भोपाल  मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी 80 लाख प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट अब डिजी लॉकर पर भी मिलेंगे। ऐसे में अब डॉक्यूमेंट आग लगने या चोरी होने पर भी सुरक्षित रहेंगे। अभी 75 हजार आवंटियों की प्रॉपर्टी को सुरक्षित किया गया है। हाउसिंग बोर्ड ने अपने आवंटियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित करने के लिए डिजिटाइजेशन का काम करीब पूरा कर लिया है। अब तक बोर्ड 75 हजार से ज्यादा आवंटियों की 80 लाख संपत्तियों के दस्तावेज और नस्तियां ऑनलाइन कर चुका है 80 लाख प्रॉपर्टी दस्तावेज और नस्तियां 8 महीने तक स्केन करके ऑनलाइन किए गए हैं। इस डॉक्यूमेंट को हाउसिंग बोर्ड ने डिजी लॉकर एप पर भी अपलोड कर दिया है। यानी, किसी आवंटी को अपने डॉक्यूमेंट की जरूरत है या देखना है तो वह अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपने दस्तावेज डिजी लॉकर पर देख सकता है। कुल 101 तहत के डॉक्यूमेंट ऑनलाइन डिजी लॉकर पर मप्र शासन के 101 तरह के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनमें अब हाउसिंग बोर्ड भी आ गया है। चोरी होने, आग लगने या किसी प्राकृतिक आपदा में डॉक्यूमेंट गायब होने की समस्या अब खत्म हो जाएगी। बोर्ड से किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग अब बिना ऑफिस के चक्कर लगाए 30-40 साल पुरानी प्रॉपर्टी के भी पेपर ऑनलाइन देख सकते हैं। बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के लेजर (खाता) पहले ही ऑनलाइन कर चुका है। बोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एवं चीफ आईटी ऑफिसर एमके साहू ने बताया कि पूरे डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने में करीब 8 महीने लगे हैं। अभी भी टीम काम कर रही है। इससे आवंटियों को बड़ा फायदा मिलेगा। डिजिटलाइजेशन से ये फायदा     चोरी होने, आग लगने या किसी भी प्राकृतिक आपदा में दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।     आवंटी को अपने किसी भी डॉक्यूमेंट की जानकारी के लिए बोर्ड के लोकल ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे।     किसी कानूनी विवाद की स्थिति में आवंटी के पास सभी पेपर उसके मोबाइल में मौजूद रहेंगे।     30-40 सल पुराने दस्तावेज ढूंढने में कोई परेशानी नहीं होगी।     नामांतरण और हस्तांतरण जैसी प्रक्रिया में फाइल न मिलने जैसी समस्या दूर होगी। काम आसान होगा।     जो जानकारी आरटीआई के तहत मांगी जाती थी वो ऑनलाइन मिल जाएगी।     प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट पेपर, लीज एग्रीमेंट, पेमेंट की रसीद जैसे पेपर ऑनलाइन अपलोड होंगे।     50 साल बाद भी नामांतरण-हस्तांतरण के लिए दस्तावेज ढूंढने नहीं पड़ेंगे। प्रॉपर्टी की खरीद-बेच में पारदर्शिता आएगी। 40 साल पुराने डॉक्यूमेंट भी ऑनलाइन हाउसिंग बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के 30 से 40 साल पुराने दस्तावेज भी ऑनलाइन कर रहा है। बोर्ड की वेबसाइट पर आवंटी अपने 40 साल पुराने पेपर भी घर बैठे देख सकता है। 75 हजार लोगों का प्रॉपर्टी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड हो गया है और बाकी लोगों के डॉक्यूमेंट की स्कैनिंग फेज वाइज चल रही है। सभी 15 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हाउसिंग बोर्ड ने संपत्ति के नामांतरण, हस्तांतरण, एनओसी जैसी अपनी सभी 15 सुविधाएं ऑनलाइन कर दी हैं। इन सुविधाओं के लिए पहले आवंटी को बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सभी प्रकार की राशि ऑनलाइन ही जमा हो रही हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जाती है। हर पेमेंट की डिटेल ऑटो मोड में ऑनलाइन अपडेट होती है। कमिश्नर बोले-डेटा और दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में प्रॉपर्टी बुक करने से लेकर पेमेंट तक सभी काम ऑनलाइन होता है। डिजिटल होते जमाने में आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए डिजिटलाइजेशन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी आवंटी घर बैठे अपने सभी डॉक्यूमेंट एक्सेस कर पाएं। साथ ही उनका दस्तावेज सुरक्षित रहे।

UP में शराब की दुकान खोलने का क्रेज, एक ठेके के लिए 265 आवेदन – ये हैं लाइसेंस के नियम और फायदे

लखनऊ  देश में शराब की बिक्री लगातार बढ़ रही है, राज्य सरकारों की इससे झोली भरती है, अप्लीकेशन फीस, लाइसेंस चार्ज और फिर हर बोतल पर कमीशन यानी TAX से सरकार को मोटी कमाई होती है. राज्य सरकारें अपने हिसाब से आबकारी नीतियों पर बदलाव करती रहती हैं, ताकि पारदर्शिता के साथ-साथ सरकार की आय भी बढ़ती रहे.   इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ लागू की गई है. उत्तर प्रदेश सरकार की मानें तो नई आबकारी नीति 2025-26 का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना, शराब व्यापार में पारदर्शिता लाना और मिलावट को रोकना है. ई-लॉटरी के माध्यम से लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया को निष्पक्ष और आसान बनाया गया है.  अगर उत्तर प्रदेश में आप शराब की दुकान का लाइसेंस लेना चाहते हैं तो आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसकी पूरी जानकारी आपको आबकारी विभाग की वेबसाइट या जिला आबकारी विभाग से मिल जाएगी. लाइसेंस के लिए आवेदन उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (www.upexcise.in) पर ऑनलाइन जमा करना होगा.  एक अनुमान के मुताबिक वित्त-वर्ष 2024-25 के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 12533 शराब और बीयर दुकानें थीं. इनमें अंग्रेजी शराब की 6,563 और बीयर की 5970 दुकानें थीं. कंपोजिट दुकानों को लेकर आबकारी विभाग ने अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों की कुल संख्या 9,362 कर दी है. अब आइए बताते हैं, आप कैसे उत्तर प्रदेश में शराब और बीयर की दुकान खोल सकते हैं…  सरकार का दावा है कि शराब की दुकान का लाइसेंस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है. उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2025-26 के अनुसार कंपोजिट दुकानों पर अंग्रेजी शराब, बीयर और वाइन की बिक्री एक साथ की जा सकेगी. यानी सूबे में कुल शराब की दुकानों की संख्या में जो कमी आई है, उसकी ये वजह है. पहले अंग्रेजी शराब, बीयर और वाइन की अलग-अलग दुकानें होती थीं, जिसे अब एकसाथ खोलने की अनुमति दे दी गई है, जिससे दुकानों की संख्या घटी है, यानी दुकानें बंद नहीं हुई हैं, विलय कर दिया गया है.   ई-लॉटरी सिस्टम से लाइसेंस का वितरण उत्तर प्रदेश में शराब (देशी, विदेशी, बीयर) और भांग की दुकानों के लाइसेंस अब ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए जा रहे हैं. पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण (रिन्यूवल) इस बार नहीं होगा. हालांकि, वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाइसेंस रिन्यूवल का विकल्प उपलब्ध होगा. एक व्यक्ति, फर्म या कंपनी पूरे प्रदेश में अधिकतम दो दुकानों का लाइसेंस प्राप्त कर सकती है. एक व्यक्ति को दो से अधिक दुकानों का लाइसेंस नहीं मिलेगा, जिससे शराब व्यापार में एकाधिकार (मोनोपॉली) को रोका जा सके. कंपोजिट दुकान किसे कहते हैं? इस आर्टिकल में ऊपर कंपोजिट दुकानों का जिक्र है. दरअसल सूबे की सरकार ने पहली बार 'कंपोजिट शॉप्स' का नया विकल्प दिया है. जहां एक ही दुकान पर देशी शराब, विदेशी शराब, बीयर और वाइन बेची जा सकती है. इससे पहले बीयर की दुकानें अलग थीं. अभी भी इन दुकानों पर शराब पीने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि ग्राहकों को शराब पीने की सुविधा देने के लिए कंपोजिट दुकानों को मॉडल शॉप में परिवर्तित किया जा सकेगा. इसके लिए अलग से शुल्क देना पड़ेगा. मॉल या मल्टीप्लेक्स में प्रीमियम दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है. लेकिन हवाई अड्डों, मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के साथ खोली जा सकती हैं.  प्रोसेसिंग शुल्क यानी आवदेन शुल्क (ये रकम वापस नहीं की जाएगी): देशी शराब की दुकान: 65,000 रुपये कंपोजिट दुकान: 90,000 रुपये मॉडल शॉप: 1,00,000 रुपये भांग की दुकान: 25,000 रुपये उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आबकारी नीति 2025-26 के तहत करीब 1,987.19 करोड़ रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में जमा हुए थे. यह शुल्क गैर-वापसी योग्य है, यानी ये वापस नहीं किए गए. सरकार को केवल अप्लीकेशन से करीब 2000 करोड़ रुपये की कमाई हुई. बता दें, यूपी आबकारी विभाग चार श्रेणियों में 27,308 शराब की दुकानों के लिए ऑनलाइन लॉटरी आयोजित की थी, लॉटरी में 2 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें औसतन प्रति दुकान के लिए 15 आवेदक थे. सबसे ज्यादा आवेदन मिश्रित शराब (Composite Liquor) की दुकानों के लिए मिले, ग्रेटर नोएडा में एक दुकान के लिए 265 आवेदन प्राप्त मिले. राज्य में 1 अप्रैल 2025 से नई आबकारी नीति लागू हो गई है.  अगर आप उत्तर प्रदेश में कंपोजिट दुकान के लिए आवेदन करते हैं, तो आपको कुल 90,000 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क या आवेदन शुल्क के तौर जमा करना होगा, और ये किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा. भले ही आपका आवेदन अस्वीकार हो जाए, आप लॉटरी में चयनित न हों, या आप बाद में प्रक्रिया से हट जाएं. इसलिए नई आबकारी नीति को देखते हुए कह सकते हैं, अब केवल गंभीर आवेदक ही प्रक्रिया में भाग लें, और लाइसेंस मिले या ना मिले आवेदन शुल्क के तौर पर 25 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक चुकाने ही पड़ेंगे.  लाइसेंस पाने की योग्यता  आवेदक कम से कम 21 वर्ष का भारतीय नागरिक होना चाहिए. एक व्यक्ति केवल एक आवेदन कर सकता है, लेकिन विभिन्न दुकानों के लिए आवेदन संभव है. आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड साफ होना चाहिए. परिवार (पति/पत्नी, आश्रित पुत्र, अविवाहित पुत्रियां, आश्रित माता-पिता) के सदस्यों को अलग-अलग आवेदन करने की अनुमति है.  आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी- पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी) आयकर रिटर्न (पिछले तीन वर्ष का) शपथ पत्र (ई-लॉटरी आवेदन के साथ) प्रोसेसिंग शुल्क का भुगतान रसीद अन्य दस्तावेज- निवास प्रमाण पत्र और बैंक विवरण.  सभी पात्र आवेदनों की जांच जिला आबकारी अधिकारी द्वारा की जाती है. लॉटरी माध्यम से चयन के बाद आवेदकों को ईमेल और SMS के माध्यम से सूचित किया जाता है. परिणाम आबकारी विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होते हैं.  नई आबकारी नीति में ये बदलाव भी: – चयन के बाद, लाइसेंस शुल्क (254-260 रुपये प्रति लीटर) और अन्य शुल्क जमा करना होगा. – देशी शराब अब एसेप्टिक ब्रिक पैक (टेट्रा पैक) में उपलब्ध होगी, जिससे मिलावट की संभावना कम होगी.  – सूबे के प्रत्येक जिले में फल आधारित शराब (फ्रूट वाइन) की एक दुकान होगी. मंडल मुख्यालयों पर लाइसेंस शुल्क 50,000 रुपये और अन्य जिला मुख्यालयों पर 30,000 रुपये है.  – सभी दुकानों पर दो CCTV कैमरे और जियो-फेंसिंग अनिवार्य होगी. … Read more

‘परिवार का हिस्सा हैं’– हाउसहेल्प की बेटी और उसकी दोस्त के गायब होने पर अंकिता ने उठाई आवाज

मुंबई  टीवी की फेमस एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे की हाउस हेल्पर की बेटी और उसकी दोस्त बीते 4 दिनों से गायब है. जिसके बाद एक्ट्रेस और उनके पति विक्की जैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है. FIR की कॉपी भी एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है.  इसी के साथ एक्ट्रेस ने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट भी लिखा है. अंकिता ने शेयर की FIR की कॉपी अंकिता लोखंडे ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा, 'हमारी हाउस हेल्प कांता की बेटी सलोनी और उसकी फ्रेंड नेहा 31 जुलाई 2025 सुबह 10 बजे से लापता हैं. उन्हें आखिरी बार वकोला इलाके के पास देखा गया था. मालवणी पुलिस स्टेशन में पहले ही FIR दर्ज कर ली गई है, लेकिन उसका पता अभी भी नहीं चल पाया है. वे सिर्फ हमारे घर ही नहीं, बल्कि हमारे परिवार का हिस्सा हैं.' एक्ट्रेस ने आगे लिखा, 'हम काफी टेंशन में हैं और सभी से खासकर मुंबई पुलिस ने रिकवेस्ट करते हैं कि वे इस बात को लोगों तक पहुंचाने में हमारी हेल्प करें. अगर किसी ने कुछ देखा या सुना है तो कृपया तुरंत संपर्क करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें. इस समय आपके सपोर्ट ही सबकुछ हैं.' पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा? समाचार एजेंसी PTI ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि दोनों लड़कियां नाबालिग हैं, इसलिए अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है. दोनों ही लड़कियों को आखिरी बार मु्ंबई के सांताक्रूज के वकोला इलाके के पास देखा गया था. जांच की जा रही है. राजनेताओं को भी किया टैग बता दें कि अंकिता ने अपनी इस पोस्ट में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से लेकर अजीत पवार समेत कई लोगों को टैग किया है. वहीं अंकिता और विक्की के वर्क फ्रेट की बात करें तो हाल ही में दोनों को रियलिटी शो लाफ्टर शेफ में देखा गया था. दोनों ही कपल सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव नजर आते हैं.

अनिल अंबानी पर ईडी का कड़ा प्रहार, बैंकिंग नेटवर्क तक पहुंची जांच की आंच

 मुंबई केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक तरफ रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के समूह की कंपनियों के खिलाफ करोड़ों रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें 5 अगस्त को पूछताछ के लिए समन भेजा है, तो दूसरी तरफ दर्जन भर ऐसे बैंकों को चिट्ठी लिखकर उनकी मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं, जिन्होंने उनकी कंपनियों को लोन दिए थे। ईडी ने उन बैंकों को पत्र लिखकर उनकी कंपनियों को दिए गए ऋणों का विवरण मांगा है। मामले से जुड़े लोगों ने सोमवार को यह जानकारी दी।  रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने 12-13 सार्वजनिक और निजी बैंकों को पत्र लिखकर रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस को दिए गए लोन का विवरण माँगा है। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने जिन बैंकों को चिट्ठी लिखी है, उनमें भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल है। जो लोन बन गए NPA… रिपोर्ट में कहा गया है कि ईडी अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप को दिए गए ऋण के मामले में उन लोन्स को स्वीकृत करने और जारी करने वाले बैंक अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए तलब कर सकती है, जो बाद में NPA बन गए। सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने ऋण मंजूरी की प्रक्रिया, चूक की समय-सीमा और ऐसे खातों पर की गई वसूली कार्रवाई का विवरण भी माँगा है। पिछले हफ्ते पहली गिरफ्तारी एजेंसी ने पिछले हफ्ते अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ 3,000 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में पहली गिरफ्तारी की थी। बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पार्थ सारथी बिस्वाल को शुक्रवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 68.2 करोड़ रुपये की फर्जी गारंटी जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि ये गारंटी रिलायंस पावर की ओर से दी गई थी। 3,000 करोड़ रुपये के कथित ऋण हेराफेरी का मामला बता दें कि ईडी 2017 और 2019 के बीच यस बैंक द्वारा रिलायंस समूह की कंपनियों को दिए गए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के कथित ऋण हेराफेरी की जांच कर रही है। एजेंसी ने पाया है कि बैंक के प्रवर्तकों को ऋण स्वीकृत होने से ठीक पहले भुगतान भी प्राप्त हुआ था, जो एक लेन-देन व्यवस्था का संकेत देता है। एजेंसी ने पिछले महीने इस मामले से जुड़ी 50 से अधिक फर्मों पर छापे मारे थे। अंबानी के खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है।

शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए बेहतर प्रयासों से विश्वविद्यालय को मिली नैक की ए ग्रेडिंग

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को नेशनल असेंसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल ‘नैक’ की “ए ग्रेडिंग” मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रबंधन, संकाय और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि यह प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये बेहतर प्रयासों का सुफल है। राज्यपाल पटेल को यह जानकारी बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने राजभवन पहुंच कर दी। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा “ए ग्रेडिंग” मिलना शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, कार्य कुशल प्रबंधन और नवाचारों की उत्कृष्टता का प्रमाण है। इससे विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी। विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शोध और उच्च अध्ययन के नये अवसर सृजित होंगे। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय, सहभागिता और शोध अनुदान आदि की स्थिति बेहतर होगी।  

कैदियों से राखी पर मुलाकात सीमित: बहनों को सिर्फ 15 मिनट, मिठाई पर पाबंदी

उज्जैन  केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद कैदियों को रक्षाबंधन पर्व पर उनकी बहनें राखी बांध सकेंगी। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक जेल प्रशासन विशेष मुलाकात करवाएगा। जेल कैंटीन से महिलाएं मिठाई, फल व नारियल खरीद सकेंगी। केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में विभिन्न मामलों में बंद कैदियों को उनकी बहनों द्वारा राखी बांधने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। हालांकि रक्षाबंधन पर शासकीय अवकाश होने के बावजूद पूर्व वर्षों से जारी परंपरा को देखते हुए भाई-बहनों के मुलाकात की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी बहनों की मुलाकात एवं रक्षाबंधन विशेष सुरक्षा प्रबंध के दायरे में होंगे। इन निर्देशों का करना होगा पालन     रक्षाबंधन पर केवल महिलाओं को मुलाकात दी जाएगी।     मुलाकात का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा।     समय-सीमा 15 मिनट रहेगी।     बहनों के साथ तीन वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।     मुलाकात पंजीयन के लिए फोटोयुक्त परिचय-पत्र अथवा आधार कार्ड की छायाप्रति साथ होना अनिवार्य है।     एक बंदी से एक ही बार मुलाकात होगी। सभी बहनें एक साथ आएं।     स्टील की थाली जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।     मुलाकात के पूर्व महिला स्टाफ को सघन तलाशी देना जरूरी होगा।     थाली में राखी, कुमकुम, चावल, फूटा हुआ नारियल, एक फल व 250 ग्राम मिठाई जेल कैंटीन से खरीदी जा सकेगी। मुलाकात के दौरान इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध महिलाएं अपने साथ झोला, बैग, पर्स, केरीबैग आदि नहीं ले जा सकेंगी। इसके अलावा नकद राशि, मोबाइल, नशीली वस्तु, धारादार वस्तुएं एवं बाहर से निर्मित खाद्य सामग्री एवं मिठाई नहीं ले जा पाएंगी। नियम एवं निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

भीषण सड़क हादसा: दर्शन के लिए निकले भाजयुमो नेता की पुल से गिरने से मौत, तीन गंभीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुल के नीचे गिर गई. इस भीषण हादसे में भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत दो लोगों की मौत हो गई है. हादसे के वक्त कार में 5 लोग सवार थे. सभी बिलाईगढ़ भटगांव से भूतेश्वरनाथ मंदिर जा रहे थे. इस दौरान उनकी कार फिंगेश्वर सरगी नाला पर हादसे का शिकार हो गई. हादसे में तीन लोग घायल हैं, जिनका इलाज जारी है. घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, बिलाईगढ़ के भटगांव थाना क्षेत्र के 5 लोग गरियाबंद के भूतेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे थे. फिंगेश्वर सरगी नाला पार के दौरान कार चला रहे पंकज को झपकी आ गई. कार पत्थर से टकराकर पुल से नाले में जा गिरी. दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान लोकेश साहू और पंकज दास (भाजपा मंडल अध्यक्ष) के रूप में हुई है. वहीं हादसे में घायल 3 युवकों का इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुल में रेलिंग नही होने से यहां आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं. इसके बावजूद प्रशासन इसपर कोई सुध नही ले रहा है. फिलहाल फिंगेश्वर पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है. 

खाद वितरण में पारदर्शिता की तैयारी: किसानों के लिए बनेगा डेबिट कार्ड, ब्लैक मार्केटिंग होगी बंद

 राजगढ़ मध्यप्रदेश में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए किसानों को डेबिट कार्ड पर खाद देने की व्यवस्था बनाई जा रही है। राजगढ़ में भी जिले की 140 सहकारी समितियों में किसानों को डेबिट कार्ड के जरिए खाद देने की व्यवस्था की जा रही है। सहकारी बैंकों से सबद्ध किसानों को अब डेबिट कार्ड मुहैया कराया जाएगा। इसी के माध्यम से उन्हें रबी और खरीफ के सीजन में खाद मिलेगा। यानी एटीएम की तर्ज पर कम्प्यूटरीकृत ब्रांच में जाकर उन्हें कार्ड स्वैप करना होगा, तभी खाद मिल पाएगा। डेबिट कार्ड से मिलेगा किसानों को खाद सहकारी समितियों की हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। राजगढ़ जिले में भी सहकारी समितियों के तहत आने वाले किसानों के अब डेबिट कार्ड बनेंगे। एटीएम में जिस तरह से कैश निकाला जाता है उसी हिसाब से उक्त कार्ड के माध्यम से खाद मिलेगा। जिससे खाद की पूरी एंट्री ऑनलाइन रहेगी। हालांकि प्रबंधक का कहना है कि अभी भी खाद का वितरण पीओएस मशीन से किया जाता है लेकिन नई व्यवस्था से और पारदर्शिता आएगी। 15 अगस्त से कार्ड बनना शुरू होंगे। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगस्त माह के बाद बिना डेबिट कार्ड के किसी भी किसान को खाद नहीं दिया जाएगा। सभी बैंकों की ओर से इस पर सख्ती से अमल करवाने के लिए निर्देशित किया गया। सभी समिति प्रबंधकों इसकी जिम्मेदारी दी गई है। डेबिट कार्ड से खाद बांटने पर ये होंगे फायदे..     खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, ये फायदे भी-     डेबिट कार्ड होने से वही किसान खाद ले पाएगा जिसका कार्ड हो।     एक तय लिमिट तक ही डेबिट कार्ड के माध्यम से खाद खरीदा जा सकेगा।     जरूरत से ज्यादा कोई खाद नहीं ले सकेगा, जितना तय होगा उतना ही मिलेगा।     किसानों को जारी खाद की डिटेल उनके मोबाइल फोन पर आएगी, मैसेज आएगा।     खाद लेने के लिए किसानों परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी।     किसान किसी भी समिति से कार्ड के जरिए खाद ले सकेंगे।

Vivo Y400 5G की एंट्री, सुहाना खान की ग्लैमरस मौजूदगी से हुआ धमाकेदार लॉन्च

मुंबई  Vivo ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Vivo Y400 5G है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है और इसमें कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं. इस स्मार्टफोन के लिए कंपनी ने SRK की बेटी सुहाना खान को ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है. Vivo Y400 5G में 6,000mAh की बैटरी और बेहतरीन कलर ऑप्शन दिए हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.  Vivo Y400 5G की भारत में शुरुआती कीमत 21,999 रुपये है, जिसमें 8GB Ram + 128GB स्टोरेज मिलती है. वहीं, 8GB RAm + 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए 23,999 रुपये खर्च करने होंगे.   7 अगस्त से शुरू होगी सेल  Vivo Y400 5G  दो कलर वेरिएंट Glam White और Olive Green कलर में आता है. इसकी पहली सेल 7 अगस्त से शुरू होगी, जो Vivo India e-store, Flipkart, Amazon और चुनिंदा रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध होगा. प्री बुकिंग करने वाले यूजर्स को चुनिंदा बैंक के कार्ड्स पर 10 परसेंट तक का डिस्काउंट मिलेगा.  Vivo Y400 5G  के स्पेसिफिकेशन्स  Vivo Y400 5G  में 6.67-inch full-HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. इसमें 120Hz Refresh Rate और 1800 Nits की पीक ब्राइटनेस मिलेगी.  Vivo Y400 5G  का प्रोसेसर और रैम  Vivo का यह लेटेस्ट हैंडसेट Snapdragon 4 Gen 2 चिपसेट के साथ आता है. इसमें 8GB LPDDR4X RAM और 256GB की UFS 3.1 स्टोरेज मिलेगी.  Vivo Y400 5G का कैमरा  Vivo Y400 5G के कैमरा की बात करें तो इसमें बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50-megapixel Sony IMX852 प्राइमरी कैमरा सेंसर है. सेकेंडरी कैमरा 2-Megapixel Depth सेंसर दिया है. इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा दिया है. फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी के लिए खास AI Modes का यूज किया है.  Vivo Y400 5G की बैटरी और अन्य फीचर्स Vivo Y400 5G में 6,000mAh की बैटरी दी गई है, जिसके साथ 90W का वायर चार्जिंग सपोर्ट मिलता है. इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है, जो बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ आता है. इस स्मार्टफोन को  IP68+IP69 रेटिंग मिली है जो इसे वॉटर और डस्ट रेसिस्टेंस बनाता है.     

बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन में 05 अगस्‍त को विद्युत आपूर्ति रहेगी अवरुद्ध

अनूपपुर  म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अनूपपुर के अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा.) ने बताया है कि उपसंभाग कोतमा के वितरण केन्‍द्र बिजुरी अंतर्गत ग्राम लोहसरा फीडर में स्थित स्‍टेडियम के ऊपर से गुजरी हुई 33 के.व्‍ही. लाइन शिफ्ट करने एवं रखरखाव करने हेतु मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इस कार्य के प्रभावी रूप से सम्पादन हेतु 05 अगस्‍त को 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र कोतमा से निकलने वाली 33 के.व्‍ही. बहेराबांध कॉलरी एवं बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन एवं सभी ग्राम की विद्युत आपूर्ति प्रातः 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक अवरुद्ध रहेगी। कार्य के अनुसार विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध रहने की समयावधि को बढ़ाया या घटाया जा सकता है।