samacharsecretary.com

2030 तक GCC की संख्या भारत में होगी 2,200 से ऊपर: नवीनतम अनुमान

नई दिल्ली.  भारत में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) की संख्या 2030 तक 1,700 से बढ़कर 2,200 से अधिक होने की उम्मीद है। यह जानकारी शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। घरेलू निवेश बैंक एसबीआई कैपिटल मार्केट्स (एसबीआईसीएपीएस) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि परिसंपत्ति वर्गों की विस्तृत श्रृंखला और निवेश योग्य परिसंपत्तियों की निरंतर उपलब्धता के कारण आने वाले वर्षों में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट एसेट अंडर मैनेजमेंट (आरईआईटी एयूएम) में 25-30 प्रतिशत की वृद्धि होगी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की निवेश बैंकिंग शाखा की रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस स्पेस के लिए लीजिंग ने किराए में वृद्धि और रिक्तियों में कमी के साथ वर्ष 2024 में पिछले रिकॉर्ड को 20 प्रतिशत तक तोड़ दिया। वर्ष 2025 में भी गति जारी है, विशेष रूप से बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और पुणे में गतिविधियां मजबूत हैं। जीसीसी मुख्य मांग स्रोत थे, जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां सबसे कम लागत वाले वर्कफोर्स के बजाए बजाय भारत को अपनी मुख्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रही थीं। रिपोर्ट में अगले कुछ वर्षों में इन सुविधाओं के लिए 1.3 गुना वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। फ्लेक्स स्पेस में वर्ष 2025 की पहली छमाही में लीजिंग में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो छह महीने की अवधि में अब तक की सबसे अधिक लीजिंग है। रिपोर्ट के अनुसार, "रेरा और आईबीसी के साथ शुरू हुआ इस क्षेत्र का औपचारिकीकरण अब चरम पर पहुंच गया है। इन कारकों ने फंड रेजिंग की चाहत को बढ़ा दिया है। प्रमोटरों ने इक्विटी जुटाने के लिए वित्त वर्ष 2025 में क्यूआईपी मार्ग का आक्रामक रूप से उपयोग किया है।" अलटरनेट इंवेस्टमेंट फंड (एआईएफ) भूमि खरीद और निर्माण वित्त के उच्च-जोखिम, उच्च-लाभ वाले शुरुआती चरण में तेजी से शामिल हो रहे हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2025 में रियल एस्टेट उनका सबसे बड़ा निवेश क्षेत्र था, जो अगले क्षेत्र से लगभग दोगुना है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि संस्थागत पूंजी और क्षेत्रीय नकदी प्रवाह के पक्ष में कई नियामकीय कार्रवाइयों के स्थिर होने के साथ, फंड रेजिंग (आईपीओ, एआईएफ, सॉवरेन वेल्थ फंड आदि) का चलन जारी रहेगा। एसबीआईकैप्स ने कहा कि कमर्शियल रियल एस्टेट, विशेष रूप से ऑफिस, एक उच्च-विकासशील क्षेत्र है, जहाँ प्रत्येक निवेशक के जोखिम-लाभ मैट्रिक्स के लिए अवसर मौजूद हैं। नियामकीय इकोसिस्टम निवेशक आधार को व्यापक बनाने के लिए अनुकूल है और भविष्य में आरईआईटी एयूएम के विस्तार के साथ खुदरा भागीदारी बढ़ेगी।  

चार शादियां, एक भी दुल्हन नहीं! युवक के साथ हुआ 4 लाख का प्यार का खेल

जोधपुर.  दुल्हन लाने के लिए एक के बाद एक कुल चार शादियां की लेकिन एक भी दुल्हन साथ नहीं आई। मामला राजस्थान के लूणी का है जहां पड़ोसी ने ही युवक को शादी का झांसा दिया और 3.85 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी युवक ने हर शादी से पहले पैसे की डिमांड की, जिसे दुल्हन की आस में पूरा भी किया गया। लेकिन फिर भी कोई दुल्हन घर तक नहीं आई। ठगी का शिकार होने के बाद अब पीड़ित दूल्हा पुलिस की शरण में पहुंचा है जहां उसने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। जोधपुर की लूनी थाना अनुसंधान में जुटी है। लूणी थानाधिकारी डॉ. हनवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि विजेंद्र भारती ने इस्तगासा के आधार पर शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें उसने अपने पड़ोस में रहने वाले पप्पू भारती अमर भारती भंवरी देवी और राकेश भारती के खिलाफ शिकायत देते हुए लिखा है। विवाह के नाम पर लगाया चूना उन्होंने उसका योग्य लड़की से विवाह करवाने की बात की। पीड़ित युवक विजेंद्र ने इन लोगों की बातों पर विश्वास किया। गत 26 अप्रैल 2024 को ट्रेन से बिहार के सासाराम गए, वहां से बक्सर और बक्सर से फिर दिनार गए। वहां पर इन लोगों ने चार-पांच लड़कियां बताई और शादी भी करवाई। जिसकी एवज में समय-समय पर इन लोगों ने पप्पू भारती के खाते में 1.85 लाख रुपए डलवाए और बाकी सभी लोग अमर भारती, राकेश भारती, भंवरी देवी ने उससे विवाह के नाम पर दो लाख की नगद राशि ली और आपस में बांट ली। विवाह के बाद पहली लड़की बस से उतर कर गायब हो गई तब इन चार लोगों ने अन्य दूसरी लड़की से विवाह करवाने के बाद कहीं और दूसरे दिन विजेंद्र का अन्य लड़की से विवाह करवाया भी। लेकिन यह लड़की भी रास्ते में कहीं गुम हो गई और वापस उसे नहीं मिली। इसकी शिकायत जब उसने इन चारों से की तो इन्होंने एक अन्य लड़की से भी विजेंद्र की शादी करवाई लेकिन वह विवाह के बाद साथ जाने को भी तैयार नहीं हुई। उसके बाद एक अन्य लड़की से भी शादी करवाने की बात पर रुपए मांगे गए लेकिन पीड़ित ने रुपए होने से इनकार कर दिया। इसके बाद एक अन्य लड़की से विवाह करवाया गया लेकिन वह विवाह मंडप से ही उठकर चली गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित दूल्हे विजेंद्र ने अपने पैसे वापस लेने का प्रयास किया तो पीड़ित युवक के पड़ोसियों ने ₹3,85000 में से 1,15000 दो महीने में लौटने का वादा किया लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी पीड़ित युवक को ₹1 नहीं मिला। इसके बाद थक हारकर विजेंद्र की ओर से न्यायालय में परिवार दायर किया गया जिस्म की पप्पू अमर भंवरी देवी और राकेश भारती के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। जोधपुर लूणी थाना इस मामले में अनुसंधान कर रहा है।  

आज काशी में पीएम मोदी का दौरा, विकास परियोजनाओं का होगा शुभारंभ

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की सुबह 51वें दौरे पर काशी आएंगे। वह तीन घंटे तक काशी में रहेंगे। विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से सेवापुरी के गांव बनौली जाएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिव्यांगों को उपकरण देंगे। 2183.45 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लोकार्पण की सबसे बड़ी परियोजना 35 किलोमीटर लंबी वाराणसी-भदोही फोरलेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये) है। शिलान्यास की सबसे बड़ी परियोजना राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़) है। प्रधानमंत्री दोपहर 1:25 बजे बाबतपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रधानमंत्री के आगमन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ शुक्रवार शाम 7:40 बजे काशी आ गए। उन्होंने अफसरों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री की जनसभा की तैयारियों की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी से ही देश के 9.70 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में 20,500 करोड़ रुपये की धनराशि भेजेंगे। इसमें काशी के 2.21 लाख किसान शामिल रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति संस्थान की कक्षा आठ की छात्रा बबली कुमारी को लो विजन उपकरण, रामनगर के रग्बी खिलाड़ी संतोष पांडेय को स्पोर्ट व्हीलचेयर, चुप्पेपुर के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी विकास कुमार पटेल को एक्टिव फोल्डिंग व्हीलचेयर, पितरकुंडा के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी मनोज कुमार को स्पोर्ट व्हीलचेयर, सेवापुरी के मटुका ककरहा की सीता कुमारी पाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, सेवापुरी के कालिका बाजार के किशुन (61 वर्ष) को कान की मशीन देंगे, फिर जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा नेता स्वागत करेंगे। 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से वाराणसी-भदोही मार्ग का 4 लेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये), 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर में 300 व्यक्तियों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण (2.54 करोड़ रुपये), वाराणसी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर एवं डॉग केयर सेंटर का निर्माण (1.85 करोड़ रुपये), महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल, वाराणसी में 02 रेडिएशन मशीनों, रोबोटिक सर्जरी यूनिट और सीटी स्कैन मशीन की स्थापना (73.30 करोड़ रुपये), दुर्गाकुंड के जीर्णोद्धार और जल शोधन का कार्य (3.40 करोड़ रुपये) शामिल है। 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़), गंगा नदी के 24 घाटों का जीर्णोद्धार एवं साइनेज कार्य (4.66 करोड़), नक्सल क्यूआरटी हेतु बैरक का निर्माण (1.54 करोड़), स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में ग्राम करखियांव के सुंदरीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य (18.26 करोड़), संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के आवासीय भवनों का नवीनीकरण (8.23 करोड़), लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के घर का संग्रहालय के रूप में विकास (11.82 करोड़), वाराणसी-गाजीपुर मार्ग से स्वर्वेद महामंदिर तक मार्ग के नव निर्माण का (11.46 करोड़ ), दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण (215.88 करोड़ और कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता कक्ष का निर्माण (4.95 करोड़) शामिल है।

दहशत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: कुलगाम में मुठभेड़, आतंकी मारा गया

जम्मू जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। सुरक्षा बलों ने अब तक एक आतंकवादी को मार गिराया है। जबकि बचे हुए आतंकियों की तलाश की जा रही है। चिनार कॉर्प्स भारतीय सेना ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि सुरक्षा बलों ने अब तक एक आतंकवादी को मार गिराया है। ऑपरेशन जारी है। जानकारी के अनुसार, देर शाम को जिले के देवसर के अखल वन इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। सेना, पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ के जवानों ने वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। छिपे आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। दोनों ओर से थोड़ी देर तक फायरिंग हुई, लेकिन आतंकी अंधेरे की आड़ में जंगल में भाग निकले। आतंकियों ने रात में घेरा और सख्त कर दिया। शनिवार को सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराने में सफलता हासिल की। बता दें कि यह घाटी में पिछले पांच दिनों में दूसरा ऑपरेशन है। इससे पूर्व श्रीनगर के दाछीगाम में एक ऑपरेशन के दौरान लश्कर के कमांडर सहित तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

सावन पुत्रदा एकादशी व्रत: कब करें उपवास, कैसे करें पूजा, जानें हर जरूरी जानकारी

पुत्रदा एकादशी सावन महीने की अंतिम एकादशी है, जो 5 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी. पुत्रदा एकादशी वर्ष में दो बार आती है- पौष और सावन माह में. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है. सावन शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है, जो पवित्रता एकादशी के नाम से भी जानी जाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और विष्णु जी की पूजा करने से नि:संतान जोड़ों को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है. सावन पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त श्रावण मास के पुत्रदा एकादशी की तिथि 4 अगस्त को सुबह 11 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 5 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 12 मिनट को होगा. उदयातिथि के अनुसार, श्रावण मास के पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त 2025 को ही मनाई जाएगी. पारण का समय- 6 अगस्त को सुबह 5 बजकर 45 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगा.  सावन पुत्रदा एकादशी पूजन विधि इस दिन का शुभारंभ सुबह स्नान से करें और फिर भगवान विष्णु की पूजा के लिए तैयार हों. पूजा में धूप, दीप, नैवेद्य और अन्य 16 सामग्री का उपयोग करें. भगवान विष्णु का गंगाजल से अभिषेक करें और उन्हें पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें. इस दिन व्रत रखें और भगवान के भोग में तुलसी अवश्य शामिल करें. भोग लगाने के बाद भगवान विष्णु की आरती करें और रात को दीपदान करके पूजा का समापन करें. सावन पुत्रदा एकादशी का महत्व  धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो दंपत्ति संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं, विशेष रूप से पुत्र की इच्छा रखते हैं, उन्हें यह व्रत अवश्य करना चाहिए. यह व्रत वर्ष में दो बार आता है – पौष और सावन माह में. यह व्रत रक्षाबंधन से चार दिन पहले रखा जाता है और इसमें भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस व्रत के पालन से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है, साथ ही ग्रह दोष भी दूर हो जाते हैं.

भोपाल में यासीन मछली के खिलाफ दूसरी बार दुष्कर्म का आरोप, पीड़िता ने दर्ज कराई FIR

भोपाल  राजधानी की क्राइम ब्रांच द्वारा ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ दुष्कर्म का एक और मामला सामने आया है। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित युवती ने एमपी नगर थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर थाने से चंद कदम दूरी पर स्थित एक बड़े एक होटल में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। जानकारी के अनुसार दूसरे जिले की रहने वाली 29 वर्षीय युवती की जान-पहचान करीब दो साल पहले यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली से एक क्लब में हुई थी। नंबर एक्सचेंज करने के बाद उनके बीच बातचीत होने लगी थी। उसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एमपी नगर स्थित एक होटल में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद से वह लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में पीड़िता गोवा चली गई और वहां नौकरी करने लगी। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने यासीन को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान पता चला कि उसने कई युवतियों का शारीरिक शोषण किया। यह जानकारी युवती को मिली तो उसने एमपी नगर थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर यासीन के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का मामला दर्ज कर लिया है। रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस  आरोपी यासीन को 30 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से एक अगस्त तक के लिए ज्यूडीशियल रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसे आज दोपहर बाद फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ तलैया, कोहेफिजा, अरेरा हिल्स, महिला थाना समेत अन्य थानों में कई केस दर्ज हुए हैं, इसलिए पुलिस उसे दोबारा रिमांड पर ले सकती है। कोहेफिजा पुलिस को आरोपी से पूछताछ कर कुछ सामान बरामद करना है, इसलिए पुलिस द्वारा रिमांड मांगी जा सकती है। अंशुल सिंह गिरफ्तार इधर, ड्रग तस्करी से जुड़े एक अन्य आरोपी अंशुल सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद चार अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी और यासीन के बीच ड्रग तस्करी को लेकर चैट मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ा था।  

नोएडा में लहराएगा गौरव: डीएम मेधा ने शूटिंग चैम्पionship में जीतें तीन गोल्ड

 नोएडा  मेधा रूपम गौतमबुद्ध नगर की पहली महिला ज़िला मजिस्ट्रेट का पदभार संभाला है. एक शानदार करियर और प्रतिष्ठित पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ, एक राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर से लेकर एक शीर्ष नौकरशाह तक का उनका सफ़र कई लोगों को प्रेरित करता है. मेधा रूपम नोएडा ( गौतमबुद्ध नगर ) की पहली महिला जिलाधिकारी (डीएम) हैं. 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रूपम ने 30 जुलाई को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय का कार्यभार संभाला है.  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं पिता मेधा रूपम के पिता ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. मेधा की नियुक्ति की घोषणा इसी सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले आदेश में की गई थी, जिनमें गाजियाबाद और प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं. उन्होंने मनीष कुमार वर्मा का स्थान लिया है, जिन्हें प्रयागराज का जिलाधिकारी बनाकर स्थानांतरित किया गया है. कौन हैं मेधा रूपम ? आगरा में जन्मी मेधा ने अपनी स्कूली शिक्षा केरल में पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.  मेधा ने 2014 में यूपीएससी परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में अपना करियर शुरू किया है.  इसके बाद, वे मेरठ, हापुड़ और कासगंज सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीर्ष नौकरशाह के रूप में तैनात रहीं. उन्होंने फरवरी 2023 से जून 2024 तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी कार्य किया.  शूटिंग चैम्पियनशिप में जीतें तीन गोल्ड मेडल मेधा राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर भी हैं और उन्होंने केरल राज्य शूटिंग चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं. मेधा के पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और सहारनपुर में सेवारत हैं. सितंबर 2024 में, मेधा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक ट्रैक्टर में बैठी थीं और उनके साथ ड्राइवर समेत दो लोग थे. वह जलभराव वाले ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण कर रही थीं. मेधा की नियुक्ति भारतीय प्रशासन में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. मेधा के पिता ज्ञानेश कुमार, केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. 60 वर्षीय कुमार इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ काम कर चुके हैं. वे 31 जनवरी, 2024 को अमित शाह के अधीन आने वाले सहकारिता मंत्रालय में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए. इससे पहले, वे संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के पद पर भी कार्यरत थे. कुमार ने इस वर्ष फरवरी में राजीव कुमार का स्थान लेते हुए भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के रूप में पदभार ग्रहण किया था.

डायल-100 की जगह नया इमरजेंसी नंबर लागू, पुलिस बुलाने का तरीका बदला

 ग्वालियर ग्वालियर-चंबल इलाके की पहचान पहले बीहड़ों और डकैतों से होती थी, लेकिन अब अपराध का तरीका बदल गया है। आज के समय में ग्वालियर में हो रहे अपराधों में से करीब 60% साइबर क्राइम से जुड़े होते हैं। यानी अब अपराधी इंटरनेट का सहारा लेकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर पुलिस को भी हाईटेक बनाया जा रहा है। ग्वालियर में पहले 45 स्थानों पर पुलिस की डायल 100 सेवा तैनात रहती थी, अब इसमें 9 पॉइंट और जोड़कर कुल 54 कर दिए गए हैं। साथ ही डायल 100 का नाम अब बदलकर डायल 112 कर दिया जाएगा। यानी अगर किसी को इमरजेंसी में पुलिस की जरूरत हो, तो अब 112 नंबर डायल करना होगा। पहले डायल 100 में सफारी गाड़ियां इस्तेमाल होती थीं, लेकिन अब इनकी जगह नई बोलेरो और स्कॉर्पियो गाड़ियां लगाई जाएंगी। इन गाड़ियों में GPS सिस्टम और डिजिटल वायरलेस लगाए जाएंगे, जिससे गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और जवान आपस में कॉलिंग भी कर सकेंगे। इन सबके लिए एक स्थानीय सर्वर रूम भी बनाया जा रहा है, जो सीधे सेंट्रल सिस्टम से जुड़ा रहेगा। अब एक नया सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसे इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम कहा जाता है। इसके तहत पुलिस, अस्पताल, कोर्ट और जेल को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि अपराध से जुड़ी कार्रवाई जल्दी और बिना रुकावट हो सके। साथ ही, ग्वालियर में अब अलग से साइबर क्राइम थाना बनाया जाएगा। अभी तक साइबर मामलों की जांच क्राइम ब्रांच में मौजूद एक छोटी सी साइबर सेल करती थी, लेकिन अब एक पूरा थाना स्थापित किया जाएगा, जो स्थानीय पुलिस थानों से जुड़ा रहेगा। इससे साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम आसान हो जाएगी। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि शहर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस को हाईटेक किया जा रहा है। नए बदलावों से बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना भी आसान होगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी।  

रेसलिंग रिंग से ज्यादा रोमांचक है पर्दे के पीछे का खेल, बैकस्टेज की जंग

नई दिल्ली लड़कपन से  30s की उम्र में आते-आते पहले ही क्या कम तमाम खूबसूरत भ्रम टूटकर फीके यथार्थ में बदल चुके थे, जो अब ये डाक्यूमेंट्री भी देखना बाकी था! WWE की रिंग, फाइट्स, सुपरस्टार्स, उनकी एंट्री वाला म्यूजिक, उनके 'किलर' मूव और उनकी आपसी दुश्मनी एक वक्त हम सबने टीवी पर बहुत देखी है. अब नेटफ्लिक्स की डाक्यूमेंट्री 'WWE Unreal' इस पूरे खेल के पीछे का खेल दिखाने आई है.  ईमानदारी से कहूं तो WWE ने पहली बार दिल तब तोड़ा था जब पता लगा था कि अंडरटेकर और केन असलियत में सगे भाई नहीं हैं. वो तो दो बिल्कुल अलग लोग हैं जो इस शो पर अंडरटेकर और केन के 'किरदारों में' नजर आते हैं! फिर भी दिल को समझा-बुझाकर किसी तरह ये प्रेम प्रसंग बरकरार रखा गया. मगर तबतक ये भी अफवाह जोरों पर थी कि WWE तो स्क्रिप्टेड होती है.  फील तो कभी-कभी हमें भी होता था मगर हमने इसे 'अफवाह' ही मानकर, WWE के भीमकाय मानवों की अमानवीय फाइट्स का रस लेना ज्यादा जरूरी समझा. जवान होते-होते रियल लाइफ के ड्रामे ने इतने चोक-स्लैम और पावर-बॉम्ब दिए कि सर पर चढ़ा WWE का भूत चुपचाप दिल की अलमारी के कोने में पड़ी बोतल में जाकर बैठ गया.  'WWE Unreal' यूं करती है कि उस भूत को बोतल से निकालती है और उसकी पूरी सच्चाई, उसके डरों, उसकी कमजोरियों, उसके सांस लेते हाड़-मांस के शरीर और चोटों को आपके सामने रख देती है. और अचानक से आप पाते हैं कि वो जो बोतल में कैद था वो कोई भूत नहीं, एक सुपरहीरो था. WWE में हम जिन रेसलर्स को मैच ना जीतता देखकर हमारे दिल टूटे, उनका हारना भले स्क्रिप्टेड रहा हो मगर उनकी हड्डियां सच में टूटी थी. मगर वो अगली बार फिर से उसी स्पिरिट के साथ हमारे एंटरटेनमेंट के लिए रिंग में उतरे सुपरहीरो थे. क्या है 'WWE Unreal' का मुद्दा? 'WWE Unreal' रेसलिंग स्पोर्ट के पीछे का पूरा खेल आपको दिखाकर वो भ्रम तोड़ देती है जिसे आप अपने बचपन से लेकर लड़कपन तक पूरी गंभीरता से देखते आए थे. लेकिन ऐसा होते हुए 'WWE Unreal' में आपके फेवरेट रेसलर्स जैसे जॉन सीना, सीएम पंक, ट्रिपल एच और द रॉक वगैरह की जो दूसरी साइड सामने आती है वो इस डाक्यूमेंट्री को अद्भुत बना देती है.  इस खेल को आपके लिए मनोरंजक बनाने के लिए जो कहानियां तैयार होती हैं, वो कैसे सोची जाती हैं. WWE का राइटर्स रूम कैसे काम करता है, वहां कैसे ये सोचा जाता है कि किस इवेंट में कौन जीतेगा, इन फैसलों के लिए रेसलर्स खुद कितने तैयार होते हैं, ये सब आपको नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री में नजर आता है. रेसलर्स जब अपनी पर्सनल लाइफ और परिवार के साथ नजर आते हैं तो वो उतने ही आम इंसान लगते हैं जितने आप और हम हैं.  इन आम इंसानों को कब पर्दे पर जब इवेंट का सुपरस्टार बनाया जाता है तो उनका क्या रिएक्शन होता है, ये सब 'WWE Unreal' को एक देखने लायक डॉक्यूमेंट्री बना देता है. जब ये बात कही जाती है कि WWE स्क्रिप्टेड होती है तो पहला सवाल दिमाग में ये आता है कि क्या हिस्सा स्क्रिप्टेड होता है और क्या रियल? इस सवाल का जवाब भी अब आपके सामने है.  कैसी है नेटफ्लिक्स की ये डॉक्यूमेंट्री? WWE का क्रेज भारत में भी बहुत जबरदस्त रहा है. एक पूरा वक्त ऐसा रहा है जब प्रोफेशनल रेसलिंग का ये शो और इसके रिपीट टेलीकास्ट, टीवी पर लोगों की फर्स्ट चॉइस हुआ करते थे. मगर बदलते वक्त के साथ लोगों ने जब ये डिस्कवर करना शुरू किया कि ये स्क्रिप्टेड होता है तो इसका इंटरेस्ट भी कुछ कम हुआ.  'WWE Unreal' देखने के बाद आप WWE की फाइट्स और इसके रेसलर्स को पहले से भी ज्यादा दिलचस्पी से देख पाएंगे. कई दशकों तक ये शो दर्शकों के लिए एक रहस्य रहा है और लोग इसमें नजर आने वाले फाइटर्स को उनके कैरेक्टर वाले नामों से ही पहचानते आए हैं. इन किरदारों की जर्नी कैसे तय होती है ये देखना एक बहुत कमाल का अनुभव है जिसे 'WWE Unreal' दमदार तरीके से डिलीवर करती है.  एक दौर में WWE के टॉप रेसलर रहे ट्रिपल एच, जिनका रियल नाम पॉल लेवेक (Paul Levesque) है, इस डॉक्यूमेंट्री के नैरेटर हैं. पॉल खुद WWE के चीफ कंटेंट ऑफिसर हैं. डॉक्यूमेंट्री का नैरेटिव WWE के सिग्नेचर शो 'रॉ' से लेकर 'रोड टू रेसलमेनिया' और फिर अल्टीमेट सालाना इवेंट 'रेसलमेनिया' तक जाता है.  डॉक्यूमेंट्री का नैरेटिव जॉन सीना, सीएम पंक, चेल्सी ग्रीन, बियांका ब्लेयर और जे ऊसो जैसे रेसलर्स को फॉलो करता है जो इस बिजनेस के कुछ बेस्ट नाम हैं. उनकी कहानी के जरिए 'WWE Unreal' उस पूरे शो से पर्दा उठाती है, जो आप सालों से स्क्रीन पर देखते आए हैं. 'WWE Unreal' की एडिटिंग सॉलिड है जो इस डॉक्यू सीरीज को कमाल का एक्सपीरियंस बनाती है. इसलिए जहां एक तरफ आपको लगता है कि जिस रहस्य को आप बचपन से स्क्रीन पर देख रहे हैं उससे फाइनली पर्दा उठ रहा है. वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे की कहानी आपको WWE के संसार का और बड़ा फैन बनाती जाती है. इस सीरीज में आपको ये तो दिखता है कि जिस मोमेंट को आप किसी रेसलर का बड़ा मोमेंट मान रहे थे वो कैसे स्क्रिप्ट हुआ था. लेकिन ये डॉक्यू-सीरीज ये भी दिखाती है कि आप भले सबकुछ जान लें मगर WWE की क्रिएटिव टीम फिर भी अपने नए सीजन में आपको सरप्राइज कर सकती है. और इस शो में आप जितनी भी स्टोरीलाइन देखते हैं, वो भले ही स्क्रिप्टेड हो लेकिन फाइट्स और रेसलर्स की चोटें बिल्कुल असली होती हैं. करीब एक लाख लोगों के सामने एक दूसरे की जान के प्यासे लगने वाले रेसलर्स, बैक स्टेज आकर जब एक दूसरे की खैर-खबर ले रहे हैं और अपनी चोटों पर बात कर रहे हैं तो जैसे WWE के एक्सपीरियंस में एक नया एलिमेंट जुड़ जाता है.  प्रोफेशनल रेसलर्स की भाषा में WWE जैसे शोज को केफेब (Kayfabe) कहा जाता है, जिसमें आपके सामने घट रहीं रियल जैसी लगने वाली चीजें असल में स्क्रिप्टेड कहानियां हैं. केफेब की खासियत यही है कि पब्लिक के सामने कभी ये नहीं आने … Read more

हरपालपुर जल योजना पर तेजी से काम, 28 करोड़ की परियोजना से बदलेंगे हालात

छतरपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन कार्यरत उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 40 लाख रूपये है। इस लागत में आगामी दस वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत धसान नदी से जल लेकर उसे 3.36 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 83 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है। जल संग्रहण के लिये परियोजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमताओं वाले तीन ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है। संपूर्ण परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इस परियोजना का जल्द ही काम पूरा हो जायेगा। इस परियोजना से हरपालपुर नगर की 20 हजार से अधिक आबादी को नियमित, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के प्रति स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि योजना के पूरा होते ही उन्हें निर्बाध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार भी होगा।