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सड़कों पर बेकाबू रफ्तार अब नहीं चलेगी: चालकों पर कार्रवाई तेज, चालान का सिलसिला जारी

जगदलपुर जगदलपुर में तय गति से तेज वाहन चलाने वालों की अब खैर नहीं है। ट्रैफिक पुलिस दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए तेज गति से वाहन चलाने वालों का चालान इंटरसेप्टर के माध्यम से कर रही है। तय मानक से तेज वाहन चलाने और इससे होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस कमर कस ली है। लगातार ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। शहर में 14 जुलाई से लगातार विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में जब यात्रियों की जान को जोखिम में डालकर सरपट दौड़ रही यात्री बस अपनी निर्धारित स्पीड से ज्यादा में दौड़ रही थी, तभी यातायात पुलिस के द्वारा ओवरस्पीड को अपने इंटरसेप्ट में कैद होने के कारण यातायात पुलिस के द्वारा कार्रवाई की गई। ओवर स्पिड 95/किमी. से कोंडागांव तरफ से जगदलपुर की ओर आ रही थी, जिसे कैमरा में रिकॉर्ड किया गया, जो निर्धारित अधिकतम गति सीमा 80/किमी. का उल्लंघन करना पाए जाने पर कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस के द्वारा लगातार देखा जा रहा था कि यात्री बस चालकों की लापरवाही के कारण कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिसे रोकने के लिए हाइवे पर लगातार यातायात पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस के इंटरसेप्टर वाहन के कैमरे में ओवर स्पीड रिकॉर्ड दर्ज किया गया। 14 जुलाई से लगातार विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 10 दिन में 516 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क दुर्घटना के रोकथाम एवं बचाव के लिए बस्तर जिले में ओवर स्पीड से वाहन चलाने वाले चालकों पर यातायात पुलिस के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष जैन एवं यातायात प्रभारी मधुसूदन नाग लगातार ऐसे वाहन चालकों को सबक सिखाने में लगे हैं। 

फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे तुर्की पहुँची समर अबू जमर, वहां की दूसरी शादी से खुला राज

खान यूनिस  गाजा के लोग इजरायली हवाई हमलों और गहराते मानवीय संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, हमास के वरिष्ठ नेता और मिलिट्री कमांडरों के परिवार चुपचाप युद्ध क्षेत्र को छोड़कर भाग रहे हैं। गाजा में इजरायली हमला शुरू होने के चंद हफ्तों के अंदर ही हमास की टॉप लीडरशिप ने अपने परिवार को सीमा पार तुर्की, मिस्र, ईरान और कतर पहुंचा दिया था। ऐसे में अब गाजा में हमास के नेताओं के खिलाफ आक्रोश भड़क रहा है। इस बीच खबर आई है कि जाली पासपोर्ट और ढेर सारा कैश लेकर भागी हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार की पत्नी समर अबू जमर ने तुर्की में दोबारा शादी कर ली है। सिनवार को 16 अक्तूबर 2024 को इजरायली सेना ने मार गिराया था। गाजा से तुर्की भाग गई थी समर अबू जमर कई स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युद्ध के शुरुआती दिनों में जाली दस्तावेजों, सैन्य सहायता और विदेशी संपर्कों की मदद से हमास के शीर्ष अधिकारियों के परिवारों को गाजा पट्टी से तस्करी कर बाहर निकाला गया था। जनवरी में, इजरायली सेना ने एक फुटेज जारी किया जिसमें हमास के सैन्य कमांडर याह्या सिनवार की विधवा समर अबू जमर अपने बच्चों के साथ हमास की एक सुरंग में प्रवेश करती दिखाई दे रही थीं। शुरुआती अटकलों के अनुसार, वह अंडरग्राउंड हो गई थीं। लेकिन स्थानीय सूत्रों ने बाद में इजरायली समाचार आउटलेट Ynet को बताया कि अबू जमर पूरी तरह से गाजा छोड़कर तुर्की में रह रही थी। समर अबू जमर ने तुर्की में की दूसरी शादी एक सूत्र ने कहा, "वह अब यहां नहीं है—उसने एक फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके राफा सीमा पार की थी।" उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में "उच्च-स्तरीय समन्वय, रसद सहायता और बड़ी रकम शामिल थी जो आम गाज़ावासियों के पास नहीं होती।" सूत्र ने यह भी बताया कि सिनवार की इजरायली सेना द्वारा हत्या के कुछ महीने बाद अबू जमर ने तुर्की में दोबारा शादी कर ली। बताया जाता है कि इस शादी की व्यवस्था हमास के वरिष्ठ राजनीतिक ब्यूरो सदस्य फती हम्माद ने की थी, जिन्हें पहले हमास के लोगों और उनके परिवारों को भागने में मदद करने के प्रयासों से जोड़ा जाता रहा है। समर अबू जमर के महंगे बैग पर हुआ था विवाद पिछले साल अबू जमर को उस समय आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था जब एक वीडियो में उसे एक सुरंग में छिपते हुए एक महंगा हर्मीस बिर्किन हैंडबैग ले जाते हुए दिखाया गया था। याह्या सिनवार के भाई मुहम्मद सिनवार की पत्नी नजवा सिनवार भी लापता है। हाल के महीनों में उनके ठिकाने का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं है। स्थानीय सूत्रों का मानना है कि वह भी अपने पति की मृत्यु से पहले अपने बच्चों के साथ गाजा छोड़कर संभवत तुर्की चली गई थी। इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों महिलाएं अपने पतियों की हत्या से पहले राफा क्रॉसिंग के रास्ते गाजा से बाहर निकल गई थीं।  

दरवाजे पर खड़े बुजुर्ग को रौंदा कांवड़ियों के वाहन ने, श्रद्धालुओं में मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले सकरा थाना क्षेत्र में कांवड़ियों के अनियंत्रित वाहन ने एक बुजुर्ग की जान ले ली और खुद भी पलट गया। हादसे में वाहन सवार कई कांवड़िए घायल हो गए। मृतक की पहचान सहदेव राय 80 वर्ष के रूप हुई है। बताया जा रहा है कि देवघर बाबा बैद्यनाथ से जलाभिषेक कर लौट रही कांवड़ियों की एक गाड़ी अचानक बेकाबू हो गई और सड़क से थोड़ी दूर एक घर के पास में खड़े बुजुर्ग को रौंदते हुए पलट गई। हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार छह कांवड़ियों को चोट आई है, जिसमें दो गंभीर बताया जा रहा है। इस घटना के बाद मौके पर बनी अफरातफरी की स्थिति मामले की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची सकरा थाना की पुलिस मामले की जांच और करवाई में जुटी हुई है। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क को जाम कर दिया। मामला जिले के सकरा थाना क्षेत्र के एनएच 28 मुसहरी के पास की है। इस घटना के बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने दुर्घटना में घायल कांवड़ियों को किसी तरह बाहर निकाला। घायल हुए कांवड़िए पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं इस घटना के बाद नाराज होकर ग्रामीण ने सड़क मार्ग को जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान में कांवड़ियों को लेकर आ रहे घायल चालक से भी नोक झोंक हुई। पूरे मामले में सकरा थाना प्रभारी राजू कुमार पाल ने बताया कि एक वाहन अनियंत्रित होकर के घर के पास में खड़े बुजुर्ग को रौंद दिया था। उनकी मौत मौके पर ही हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। वाहन में कांवड़िए सवार थे। सभी घायल हुए और प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजा जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जाने की कवायद की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार को लेकर दिए अहम निर्देश

रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में  आज नया रायपुर के सेक्टर 27 में स्थित स्वास्थ्य विभाग के उपक्रम सीजीएमएससीएल की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और सचिव स्वास्थ्य सेवाएं अमित कटारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सीजीएमएससी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि राज्य की जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इस दौरान उन्होंने पारदर्शिता दिखाने के उद्देश्य से सीजीएमएससी की नई वेबसाइट को रिमोट का बटन दबाकर लॉन्च किया।  उन्होंने निर्देशित किया कि जहां भी कोई बाधा हो, उसे शीघ्र दूर किया जाए। मंत्री ने कहा कि ब्रांडेड और गुणवत्ता वाली दवाइयों की खरीदी की जाए तथा दवाइयों की आपूर्ति सुचारु और समयबद्ध हो। उन्होंने कहा कि सीजीएमएससी स्वास्थ्य विभाग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपक्रम है, जिसके माध्यम से प्रदेश के तीन करोड़ लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इसीलिए इसके उपकरण और दवाइयों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण कार्यों और खरीदी प्रक्रिया को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीजीएमएससी स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न हिस्सा है और इसके बिना विभाग का काम अधूरा है। उन्होंने कार्यों में प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से शामिल करने की बात कही जिससे कार्य की गुणवत्ता में और सुधार लाया जा सके। बैठक के बाद अध्यक्ष दीपक म्हस्के ने कहा कि आज की समीक्षा बैठक बहुत ही उपयोगी रही। यह तय किया गया है कि आगे और बेहतर तरीके से काम कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध रूप से कार्य करते हुए इसे आगे बढ़ाना है। साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से एक नई वेबसाइट तैयार की गई है, जिसमें विभाग की सभी जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह उपक्रम लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और आने वाले समय में इसके कार्यों की गुणवत्ता और बेहतर होगी। समीक्षा बैठक में सीजीएमएससी के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उद्यानिकी फसलों के लिए सशक्त विपणन व्यवस्था की दिशा में सरकार सक्रिय

उद्यानिकी फसलों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था के प्रयास तेज: मंत्री  कुशवाह  उद्यानिकी किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार, मंत्री कुशवाह ने दिए निर्देश उद्यानिकी फसलों के लिए सशक्त विपणन व्यवस्था की दिशा में सरकार सक्रिय उद्यानिकी मंत्री की अध्यक्षता में सलाहकार बोर्ड की हुई बैठक भोपाल प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उद्यानिकी फसलों के विपणन के लिए बेहतर बनाए जाने के लिए प्रदेश में तेजी से प्रयास किए गये हैं। इसी कड़ी में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग गठन सलाहकार बोर्ड की बैठक बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के उत्पादक कृषकों को उनकी फसल का उचित दाम दिलवाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा पृथक से उद्यानिकी फसल उपज मंडी बोर्ड बनाने पर कार्य प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के अधीन म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड का गठन किया गया है। इनमें कृषि और उद्यानिकी का फसलों का क्रय-विक्रय एक ही परिसर में किया जाता है। प्रदेश की 25 कृषि उपज मंडी समिति है जिसमें फल-सब्जियों के विक्रय के लिये 174 मंडियाँ अधिसूचित है। नवीन व्यवस्था लागू हो जाने पर फल-फूल सब्जी फसल के लिये पृथक नवीन परिसर बनाये जाएंगे। प्रस्तावित मंडियों में ग्रेडिंग, सोर्टिग, पैकिंग, पैकहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चैन, भंडारण आदि सुविधाएँ विकसित की जायेंगी। कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने निर्देश दिये हैं कि उद्यानिकी फसलों के लिए पृथक मंडी गठन से पूर्व मंडी बोर्ड और उद्यानिकी विभाग देश के अन्य राज्यों की कृषि मंडी और उद्यानिकी फसल उपज मंडियों का सर्वे कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सलाहकार बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने ग्वालियर संभागीय मुख्यालय पर संचालित निजी फल मंडी का अध्ययन करने के निर्देश प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरूषोत्तम को दिए। ग्वालियर में नवीन कृषि उपज मंडी तथा उद्यानिकी फसल मंडी आवश्यक : मंत्री कुशवाह उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि ग्वालियर में कृषि उपज मंडी और सब्जी मंडी दोनों नगरीय सीमा लक्ष्मीगंज में होने के कारण शहर का यातायात बाधित होता है। साथ ही मंडी प्रांगण भी समय की मांग के अनुसार अब छोटा होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड को नवीन कृषि उपज मंडी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) में शिफ्ट किया जाना चाहिए। इसके लिए मंडी बोर्ड सर्वे कर रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करे। बैठक में सचिव कृषि निशांत बरबड़े, आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति  मैथिल, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरूषोत्तम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   

आज है SSC MTS आवेदन की डेडलाइन, रात 11 बजे तक करें अप्लाई

  जयपुर अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं और अब तक एसएससी एमटीएस भर्ती 2025 के लिए आवेदन नहीं किया है, तो अब देरी न करें। आज (24 जुलाई 2025) इस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार (CBIC और CBN) पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। योग्य उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नोट करें सभी महत्वपूर्ण तिथियां पंजीकरण प्रक्रिया 26 जून 2025 से शुरू हुई थी और आज यानी 24 जुलाई 2025 को समाप्त होगी। ऑनलाइन आवेदन शुल्क 25 जुलाई (रात्रि 11.00 बजे) तक जमा किया जा सकेगा। आवेदन सुधार विंडो 29 से 31 जुलाई (रात्रि 11.00 बजे) तक सक्रिय रहेगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षण 20 सितंबर से 24 अक्तूबर 2025 के बीच निर्धारित है। परीक्षा शहर सूचना पर्जी परीक्षा दिवस से 10 दिन पहले जारी की जाएगी।  शैक्षणिक योग्यता इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिकुलेशन परीक्षा (10वीं) या समकक्ष उत्तीर्ण होना आवश्यक है। उम्मीदवार के पास यह योग्यता कट-ऑफ तिथि यानी 01-08-2025 तक या उससे पहले होनी चाहिए। आयुसीमा     एमटीएस के लिए 18-25 वर्ष (अर्थात अभ्यर्थी का जन्म 02.08.2000 से पहले और 01.08.2007 के बाद न हुआ हो)।     सीबीआईसी और सीबीएन, राजस्व विभाग में हवलदार और विभिन्न विभागों में एमटीएस के कुछ पदों के लिए 18-27 वर्ष (अर्थात अभ्यर्थी का जन्म 02.08.1998 से पहले और 01.08.2007 के बाद न हुआ हो)। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार ऊपरी आयुसीमा में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 100 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। महिला, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), बेंचमार्क विकलांग व्यक्ति (PwBD) और आरक्षण के लिए पात्र भूतपूर्व सैनिकों (ESM) से संबंधित उम्मीदवारों को शुल्क के भुगतान से छूट दी गई है। शुल्क का भुगतान 25-07-2025 (23:00 बजे) तक किया जा सकता है।  चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)/शारीरिक मानक परीक्षा (PST) में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। अंतिम परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा।     कंप्यूटर आधारित परीक्षण     फिजिकल टेस्ट     दस्तावेज सत्यापन चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद 7वें वेतन आयोग के वेतन मैट्रिक्स के अनुसार लेवल-1 का वेतन प्रदान किया जाएगा।

मंत्री टेटवाल ने एडीबी मिशन ने एसएसआरजीएसपी संस्थान का किया भ्रमण और छात्रों से किया संवाद

मंत्री टेटवाल से एडीबी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मंत्री टेटवाल से एडीबी प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट, विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा मंत्री टेटवाल ने एडीबी मिशन ने एसएसआरजीएसपी संस्थान का किया भ्रमण और छात्रों से किया संवाद भोपाल  मध्यप्रदेश के दौरे पर आई एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी ) की पोर्टफोलियो प्रबंधन मिशन टीम ने कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल से भेंट कर एडीबी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति और प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री  टेटवाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां से प्रशिक्षित युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार मिल रहे हैं , जो संस्थान की गुणवत्ता और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मंत्री टेटवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एडीबी द्वारा दिए गए सुझावों का गंभीरता से अनुकरण कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। एडीबी मिशन टीम ने 21 और 22 जुलाई को दो दिवसीय प्रवास के दौरान राजधानी भोपाल स्थित एसएसआरजीएसपी का भ्रमण कर संस्थान की आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था, आधारभूत संरचना और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। टीम के सदस्यों ने प्रशिक्षुओं से सीधा संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रतिनिधियों ने एसएसआरजीएसपी की गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे कौशल विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल बताया। संस्थान के सीईओ गिरीश शर्मा ने टीम को संस्थान की उपलब्धियों, उद्योग साझेदारी मॉडल, नवाचार आधारित प्रशिक्षण और उच्च प्लेसमेंट दर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसएसआरजीएसपी कौशल आधारित शिक्षा का एक प्रेरणास्पद मॉडल बन चुका है, जो युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री  यादव के मार्गदर्शन के अनुरूप एडीबी की समीक्षा बैठक में राज्य में संचालित एडीबी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति , कार्यान्वयन की गुणवत्ता, जोखिम मूल्यांकन और प्रबंधन रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में मध्यप्रदेश कौशल विकास परियोजना (एमपी-एसडीपी), सिंचाई दक्षता सुधार परियोजना, शहरी सेवा सुधार परियोजना, सड़क नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं लचीलापन परियोजना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित सड़क विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों और परियोजना इकाइयों के प्रतिनिधियों ने जमीनी अनुभव, उपलब्धियों और सामने आ रही चुनौतियों को साझा किया। एडीबी मिशन यात्रा का प्रमुख उद्देश्य राज्य में संचालित परियोजनाओं में जोखिमों की पहचान, उनके समाधान की प्रक्रिया का मूल्यांकन और अनुभवों के आधार पर 'प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन हैंडबुक' (पीआईएच) का प्रारूप तैयार करना है। यह हैंडबुक परियोजना योजना, निष्पादन, निगरानी और समापन की प्रक्रिया में व्यवहारिक मार्गदर्शिका सिद्ध होगी, जिसमें पारदर्शिता और जोखिम प्रबंधन को विशेष महत्व दिया जाएगा। एडीबी मिशन की यह यात्रा न केवल एसएसआरजीएसपी जैसी संस्थाओं की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर प्रमाणित करती है, बल्कि मध्यप्रदेश की विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण को भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस उच्चस्तरीय मिशन में मनीला (फिलीपींस) स्थित एडीबी मुख्यालय एवं भारत कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में प्रधान पोर्टफोलियो प्रबंधन विशेषज्ञ युजी ओनो, वरिष्ठ पोर्टफोलियो प्रबंधन अधिकारी सुपामेला बारामेडा, सलाहकार हंस कार्लसन तथा संचालन अधिकारी एवं मिशन समन्वयक अखिलेश साम्याल सम्मिलित रहे। मिशन प्रतिनिधियों ने दो दिनों तक विभिन्न परियोजना स्थलों का भ्रमण कर कार्यान्वयन इकाइयों के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया।  

एचआरटीसी बस हादसा: सड़क से फिसलकर गिरी बस, पांच लोगों की मौत, कई घायल

सरकाघाट-मंडी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल में मसेरन के पास तरांगला में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यात्रियों से भरी हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) की बस अनियंत्रित होकर नीचे खेतों में जा गिरी। हादसे में  पांच यात्रियों की माैत हो गई है। करीब 20 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में तीन महिलाएं व दो पुरुष शामिल हैं। घायलों का सरकाघाट अस्पताल में उपचार चल रहा है। चंबा में शिक्षक की मौत उधर, चंबा जिले के मंडून गांव में बीती रात को एक शिक्षक की सड़क हादसे में माैत हो गई।  जानकारी के अनुसार गाड़ी अनियंत्रित होकर टीन की छत पर गिर गई। हादसे में खेम राज पुत्र बृजलाल निवासी बुंदेडी की माैत हो गई।  पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने हादसे की पुष्टि की है।  

होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा, शासकीय कॉलेज में दो और पीजी कोर्स शुरू होंगे

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय को दो और विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की मिली अनुमति शासकीय होम्योपैथिक कॉलेज में दो नए पीजी पाठ्यक्रमों को मिली मंज़ूरी होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा, शासकीय कॉलेज में दो और पीजी कोर्स शुरू होंगे शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय को मिली दो नए विषयों में पीजी पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति अब 9 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम होंगे संचालित भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने दो विषयों डर्मेटोलॉजी एवं कम्युनिटी मेडिसिन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति प्रदान की है। ज्ञातव्य है कि इससे पहले शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 7 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित हैं। महाविद्यालय में प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन, पेडियाट्रिक, सायकियाट्री, फार्मेसी, मटेरिया मेडिका, आर्गेनन ऑफ मेडिसिन एवं रिपर्टरी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूर्व से संचालित हैं। शिक्षण सत्र 2025-26 से त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) एवं कम्युनिटी मेडिसिन विषयों में भी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित होंगे। अब महाविद्यालय को कुल 9 विषयों में स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है। उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के नेतृत्व में आयुष विभाग सतत् गुणवत्तापूर्ण आयुष चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।  

मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के अभिनव प्रयासों की रांची में प्रशंसा

एफएनएचडब्ल्यू रीजनल वर्कशॉप रांची में मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के नवाचारों की सराहना एफएनएचडब्ल्यू कार्यशाला में चमका मध्यप्रदेश का आजीविका मॉडल मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के अभिनव प्रयासों की रांची में प्रशंसा रांची वर्कशॉप में मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के नवाचारों को मिली सराहना मध्यप्रदेश की विभिन्न पुस्तिकाओं का विमोचन भोपाल केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रांची में एफएनएचडब्ल्यू के अंतर्गत 14 राज्यों की क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिता सिंह ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से एफएनएचडब्ल्यू अंतर्गत खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिये किये जा रहे नवाचार और विशेष प्रयासों का प्रस्तुतिकरण दिया। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण ने मध्यप्रदेश में किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी इन्हें अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किये गये नवाचार जिनमें स्वास्थ्य चार्ट, साप्ताहिक पोषण मैन्यू चार्ट, स्वास्थ्य पोषण पुस्तिका एवं पोषण टूल किट, तीनों प्रकार के कैन्सर ओरल, ब्रैस्ट एवं सर्वाइकल पर जागरूकता के लिये बुकलेट का विमोचन किया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्रशिक्षणों में आने वाले हितग्राहियों तथा समूहों के माध्यम से ग्रामीण वंचित वर्ग के परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता को ध्यान में रख कर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत दीनदयाल उपध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (आरसेटी) अंतर्गत प्रशिक्षणों को जेण्डर एवं एफएनएचडब्ल्यू उन्मु‍खी बनाने के लिये समस्त प्रशिक्षणों में स्वास्थ्य जांच, मासिक धर्म स्वच्छ‍ता पर जागरूकता, पौष्टिक आहार का महत्व एवं साप्ताहिक पोषण मैन्यू चार्ट एवं स्वास्थ्य पोषण पुस्तिका भी तैयार की गई है। मध्यप्रदेश में समुदाय-मातृ एवं शिशु कल्याण के लिये एक समुदाय आधारित पहल की गई है जिसके अंतर्गत संस्थागत प्रसव, एनीमिया, सिकलसेल एनीमिया, कुपोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता पर इमर्शन साईट विकास खण्ड के मॉडल सीएलएफ में जागरूकता कार्य के प्रभावों के आंकलन के लिये पोषण टूल किट तैयार की गई है। इस किट के माध्यम से वर्ष में तीन वार प्रारंभिक, मध्य एवं अंत में हितग्राहियों के स्वास्थ्य  के आंकडों का संधारण किया जा सकेगा। इसी प्रकार गैर संचारी बीमारियां जैसे हाईपरटेंसन, मधुमेह, मोटापा पर जागरूकता हेतु बुकलेट तैयार की गई है।