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पाट जात्रा पूजा विधान के साथ होगी विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की गुरूवार से विधिवत शुरूआत

परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है बस्तर दशहरा रायपुर, छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में कल गुरुवार को हरेली अमावस्या के मौके पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत होगी। इस दौरान पारम्परिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने ठुरलू खोटला रस्म अदा करेंगे। इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति द्वारा मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों सहित गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों को उपस्थित होकर पाट जात्रा पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।       जात्रा पूजा विधान के साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस 75 दिवसीय ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान के पश्चात दोपहर में मुरिया दरबार का आयोजन होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई की जाएगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।,

24 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे CM डॉ. यादव, वन विकास निगम की होगी विशेष बैठक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 24 जुलाई को स्वर्ण जयंती वर्ष का उद्घाटन एवं राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।वे ‘विजन डॉक्यूमेंट-2047’ का विमोचन एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। कार्यक्रम में निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को सम्मानित भी किया जायेगा। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित रहेंगे। गुरुवार 24 जुलाई को प्रात: 10:30 बजे से भारतीय वन प्रबंधन संस्थान नेहरू नगर भोपाल के ऑडिटोरियम में होने वाले कार्यक्रम के संबंध में प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम श्री व्ही.एन. अम्बाड़े ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तेलंगाना और कर्नाटक राज्य के वन विकास निगम के प्रबंध संचालक द्वारा विभिन्न विषयों जैसे थिनिंग व फेलिंग, जनरल प्लानटेशन, मियॉवाकी प्लानटेशन, डिपॉजिट वर्क, थीम वर्क, ईको टूरिज्म विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जायेगा। कार्यशाला का उद्देश्य मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा विगत 50 वर्षों में किये गये वानिकी, वन एवं वन्य जीव संरक्षण कार्य को रेखांकित किया जाना है। कार्यक्रम में वन विकास निगम के कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जायेगा। वनीकरण में निगम की अनेक उपलब्धियां मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की स्थापना 24 जुलाई 1975 को हुई थी। निगम की स्थापना का उद्देश्य निम्न कोटि के वन क्षेत्रों को तेजी से बढ़ने वाली बहुमूल्य तथा बहु उपयोगी प्रजातियों के रोपण द्वारा उच्च कोटि के वन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता में सुधार लाना है। निगम का कार्य प्रदेश के 22 जिलों में संचालित है। निगम अंतर्गत कुल 13 काष्ठगार एवं 15 स्थाई रोपणियां स्थापित हैं। निगम को लगभग 4.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें से वर्ष 2025 तक 3.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का उपचारण किया जा चुका है एवं 3.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण किया गया है। विगत 2 वर्षों में निगम द्वारा 2 करोड़ 48 लाख पौधों का रोपण किया गया है। निगम की रोपणियों में वर्ष 2025 में कुल 1 करोड़ 70 लाख सागौन रूटशूट सागौन का उत्पादन हुआ है। टाइगर रिजर्व में चुनौती पूर्ण कार्य वन विकास निगम की अधिकांश परियोजना मंडल टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य क्षेत्र बफर जोन से लगे हैं। इन क्षेत्रों में बाघ, तेंदुआ, भालू एवं हिरण आदि वन्य जीवों के विचरण की उपस्थिति दर्ज की गई है। वन्य जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिये निगम द्वारा बोरीबंधान, तालाब निर्माण एवं झिरियां निर्माण का कार्य किया जाता है। वर्ष 2024-25 में लगभग 60 हजार घनमीटर इमारती काष्ठ एवं 3100 टन बांस का उत्पादन किया गया। जैव विविधता के साथ साथ जलगंगा संवर्धन भी निगम ने व्यावसायिक वृक्षारोपण के साथ जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य भी किया जा रहा है। निगम द्वारा ‘जल गंगा संवर्धन’ एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अंतर्गत लगभग 125 करोड़ पौधों का रोपण वृहद स्तर पर किया जा रहा है। निगम को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 170 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।   

भोपाल में 400 करोड़ के निवेश से लगेगा रोजगार का मेला, 1500 युवाओं को मिलेगा लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है। पांच इकाईयों का होगा भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 12.88 हेक्टेयर में 400 करोड़ से अधिक निवेश और लगभग 1500 व्यक्तियों को रोजगार देने वाली 5 इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें गारमेंट सेक्टर में गोकुलदास एक्सपोर्टस, टेक्सटाइल सेक्टर में इंडो एकॉर्ड अप्पेरल्स, हाई टेक इलेक्ट्रानिक में एसेडस प्राइवेट लिमिटेड, फार्मा सेक्टर में सिनाई हेल्थ केयर और कृषि उपकरण में समर्थ एग्रीटेक इकाइयां शामिल हैं। मुख्यमंत्री  ने  कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।  मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना,  स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है।    

विकसित भारत @2047 अंतर्गत रोजगार आधारित शिक्षा: रुझान एवं नए अवसर राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यपाल और मुख्यमंत्री हुए शामिल

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं को पहचान कर विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम तैयार करें। उन्होंने प्रदेश में देश विदेश से निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल की सराहना की है। अपेक्षा की है कि निवेश परियोजना क्रियान्वयन के साथ ही उद्योग में रोजगार के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध कराने के लिए कोर्स प्रारम्भ करें, जिससे परियोजना शुरू होने के साथ ही आवश्यकता अनुसार स्थानीय स्तर के युवा उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज करेंसी का जमाना है, लेकिन स्किल (कौशल) ही करेंसी है, भारत इसे अच्छी तरह समझता है। इसीलिए हम नवाचार करते हुए कौशल विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान और तेजी से बढ़ता राज्य है। इसीलिए हम खेती की पढ़ाई को सामान्य महाविद्यालयों तक लेकर गए हैं। अगर कोई युवा खेती में करियर बनाना चाहे तो उसे आधुनिक तकनीक की जानकारी होनी चाहिए। विश्वविद्यालयों के दायरे विस्तृत होने चाहिए। सभी कोर्स यहां से संचालित होने चाहिए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उक्त विचार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विकसित मध्यप्रदेश @2047 ‘रोजगार आधारित शिक्षा-रूझान एवं नए अवसर’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही है। कार्यशाला का आयोजन बुधवार को  कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय रोजगार आधारित शिक्षा-रूझान एवं नए अवसर कार्यशाला समय की आवश्यकता है। भविष्य की तैयारी का सशक्त मंच है। रोजगार केन्द्रित शिक्षा और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश के योगदान को बढ़ाने की प्रभावी पहल है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षा समाज की रीढ़ है। यह समय के साथ तालमेल बैठाने, नवाचारों को अपनाने और नवीन अवसरों का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को सक्षम बनाती है। इसलिए हमारी शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को रोजगार के अवसरों तक सुलभ पहुंच देने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा से मनुष्य का समग्र विकास होता है। यह आयोजन को बदलते दौर में रोजगार आधारित शिक्षा और अवसरों का विकास करने के क्रम किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सबसे पहले 1968 और उसके बाद 1988 में मंथन हुआ। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर तीसरी बार मंथन हो रहा है। लेकिन आजादी के बाद 2020 से पहले कभी भी लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति से बाहर आकर विचार नहीं किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल शासन की मंशा को समझने वाले दृष्टा थे। इसी भाव से उन्होंने सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करते हुए देश की जड़ों को मजबूत करने का कार्य किया। महात्मा गांधी ने अहिंसा के अस्त्र का उपयोग करते हुए देश के गांव-गांव तक स्वतंत्रता की अलख जगाई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया, भारत के साथ आने के लिए लालायित है। आक्रांताओं ने भारतीय संस्कृति पर आक्रमण करने के लिए हमारी शिक्षा के बड़े केंद्रों तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला को तोड़ने और जलाने का कार्य किया। मध्य प्रदेश 64 कलाओं की शिक्षा वाली भूमि है। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए थे। हम उस देश के वासी हैं, जहां होठों पर सच्चाई रहती है और जो होठों पर सच्चाई लेकर आए वही शिक्षा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में शासकीय और निजी मिलाकर 70 से अधिक विश्वविद्यालय हैं। भारत विश्वगुरु है और गुरु वह जो हमारे जीवन में अंधकार हटाकर उसे प्रकाशमय कर दे। जेएनयू ने भी मध्यप्रदेश की कुलगुरु परंपरा को आत्मसात कर लिया है। सरकार प्रदेश में 10 हजार से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं में एनईपी लागू करने पर आगे बढ़ चुकी है। प्रदेश में 220 से अधिक सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है। यहां विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर कोडिंग लैब स्थापित की गई हैं। शिक्षा केवल कागज की डिग्री लेने के लिए न हो, बल्कि वह भविष्य की चुनौतियों से लड़ने और उसे समझने में समर्थ हो। इसीलिए प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्युटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमने शीर्ष स्तर पर पहुंचने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है, इसीलिए राज्य सरकार प्रदेश में वेटेनरी कॉलेज की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है। हम सिंचाई के रकबे के साथ-साथ मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा हर काल में सर्वोच्च रही है। भारतीय संस्कृति में संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए रोजगार देने की परंपरा थी। बिना संस्कारों के हम श्रेष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक नहीं बना सकते हैं। प्रदेश में नई शिक्षा नीति और कार्य की जवाबदेही तय करने की पहल देश भर में स्थान बनाएगी और प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल पटेल का उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने पौधा, श्रीफल, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यशाला में विषय -विशेषज्ञ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और आई.ई.यू.ए.सी. के निदेशक डॉ. ए.सी. पांड़े ने विचार रखे। राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने स्वागत उद्बोधन दिया। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. भरत शरण सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त प्रबल सिपाहा, प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, वरिष्ठ प्राध्यापक और विषय-विशेषज्ञ उपस्थित रहे।  

रंजिश में चॉइस सेंटर संचालक पर हमला, हालत गंभीर

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अपराधियों के हौंसले बुलंद है. पुरानी रंजिश में चॉइस सेंटर संचालक पर जानलेवा हमले के मामला सामने आया है. आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार किया, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल है. मामला गुंडरदेही थाना सेहतर के डौकीडीह गांव का है. जानकारी के मुताबिक, डौकीडीह गांव के एक चॉइस सेंटर में दो लोग पहुंचे और पुरानी बातों को लेकर विवाद करने लगे. इसी दौरान संचालक पर धारदार चाकू से हाथ, जांघ और कमर पर बेरहमी से हमला कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए हैं. घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है. पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों की पतासाजी में जुट गई है.

मुख्यमंत्री साय बोले – नौनिहालों के पोषण के साथ ही सुरक्षित और सुनहरा भविष्य देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

  बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ करें कार्य अगली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की होगी गहन समीक्षा बच्चों से जुड़ी योजनाओं का हो शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करें कलेक्टर रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री साय ने आज  मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचना, बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगी, उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार, गर्म भोजन, उसकी मात्रा, गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता है, और जहां भी कमी दिखाई दे, वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी-छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं। मुख्यमंत्री साय ने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें। बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव  शम्मी आबिदी, संचालक पी. एस. एल्मा सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला

रायपुर, छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण योजना) के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए, जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित हैं या जिनकी देखरेख और शिक्षा में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, यह योजना आर्थिक सहारा बन रही है। कोरबा जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अब तक 122 बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इन सभी बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके अभिभावकों या संरक्षकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि बच्चों के पोषण, देखरेख, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहयोग कर रही है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में और जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी की देखरेख में स्पॉन्सरशिप कमेटी की सक्रिय भूमिका से जरूरतमंद बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजना से जोड़ा गया है। यह योजना किशोर न्याय अधिनियम और आदर्श नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत और गैर-संस्थागत सेवाएं प्रदान की जाती हैं। कोरबा जिले में गैर-संस्थागत सेवाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को उनके परिवार या संरक्षकों के साथ रहकर बेहतर जीवन की दिशा में अग्रसर करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर कोरबा ने अपील की है कि समाज के सभी नागरिक यदि अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी रखते हैं जिन्हें देखरेख, संरक्षण या शिक्षा की आवश्यकता है और जो माता-पिता से वंचित हैं, तो उन्हें बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष प्रस्तुत करें। राज्य सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा सिर्फ माता-पिता की अनुपस्थिति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए। स्पॉन्सरशिप योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के संवेदनशील दायित्व की पूर्ति की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

दिल्ली पुलिस का आतंक पर वार: प्रतिबंधित संगठन का आतंकी पकड़ा गया

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बार फिर से अपनी प्रभावी कार्रवाई के जरिए आतंकवाद के खतरे को चुनौती दी है. बुधवार को पुलिस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल  से जुड़े एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया. इस व्यक्ति की पहचान आकाशदीप के रूप में हुई है, जो कई गंभीर मामलों में संलिप्त रहा है. ग्रेनेड हमले से दिल्ली तक हथियारों की तस्करी आकाशदीप का नाम पंजाब के बटाला में 7 अप्रैल को किला लाल सिंह पुलिस स्टेशन पर हुए भयानक ग्रेनेड हमले से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा, वह दिल्ली में अपराधियों को अवैध हथियारों की आपूर्ति करने के धंधे में भी शामिल था. सूत्रों के अनुसार, यह व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में कुशल था और लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था. स्पेशल सेल की मुस्तैदी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपनी चतुराई और मेहनत से आकाशदीप को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता है और दिल्ली तथा पंजाब में अपराध की दुनिया पर एक गंभीर प्रहार भी है. पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि आकाशदीप के नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके. बब्बर खालसा इंटरनेशनल क्या है बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) एक सिख अलगाववादी संगठन है, जिसे पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है. इसे भारत, कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान और मलेशिया जैसे कई देशों द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता दी गई है. इस संगठन का मुख्य उद्देश्य भारत के पंजाब क्षेत्र में खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र सिख राज्य की स्थापना करना है.

जंगल से आई मौत: 3 साल के बच्चे को पटका, तीन की गई जान

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगलों में विचरण कर रहे हाथियों का उत्पात थमने में नाम नहीं ले रहा है। रोजाना हाथियों के द्वारा गांवों में पहुंच कर ग्रामीणों के फसलों और घरों को तोड़ा जा रहा है। बीती रात हाथी के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है। रायगढ़ जिले में बीती रात हाथी और उसके शावक ने जमकर उत्पात मचाया और एक ही रात में तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूंरे गांव में दहशत का माहौल है। वहीं, वन विभाग की टीम गांव पहुंची है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात लैलूंगा के गोसाईडीह गांव में जहां हाथी ने तीन साल के सत्यम राउत को पटक कर मार डाला। वहीं, अंगेकेला गांव में भी एक महिला को खेत में कुचल कर मारने के बाद घर में सो रहे एक युवक के ऊपर दीवार गिराकर उसकी जान ले ली। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के करीब एक हाथी अपने शावक के साथ विचरण कर रहा था और रात होते ही उसी हाथी ने जमकर उत्पात मचाया है। आज सुबह हाथी के हमले से तीन लोगों की मौत की खबर के गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी गांव पहुंच कर आगे की कार्रवाई में जुट गए हैं।

ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान: अवैध धर्मांतरण को लेकर सरकार सख्त

लखनऊ उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्ट ने अवैध धर्मांतरण, चुनाव आयोग और क्यूआर कोड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा है। साथ ही कहा कि बीजेपी कानून सम्मत कार्यवाही करती है तुष्टिकरण करने वालों को इससे दिक्कत होती है। योगी सरकार सभी को साथ लेकर चलती है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार लगातार अवैध धर्मांतरण पर कार्रवाई कर रही है। ऐसे कृत्य बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। धर्मांतरण के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर संदेश दिया गया है। योगी सरकार सभी को साथ लेकर चलती है। पूर्वी पाकिस्तान से जो लोग विस्थापित होकर आए थे। उनको सरकार उनका भू स्वामित्व दे रही है। यह दूसरी सरकारों ने नहीं किया। कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मै स्वागत करता हूं। सभी होटल ढाबा रेस्टोरेंट संचालकों नेम प्लेट व क्यूअर कोड लगाना चाहिए। घुसपैठिया मतदाताओं का नाम हट रहा वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है। घुसपैठिया मतदाताओं का नाम हट रहा है जो विरोध कर रहे हैं वह घुसपैठियों का स्वागत करने वाले लोग है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत है। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले को सही ठहराया। सपा का नारा है जो जमीन सरकारी है वह हमारी है। केशव प्रसाद ने अखिलेश पर बोला हमला सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को देश की सर्वोच्च अदालत की टिप्पणी पर बताना चाहिए कि जहां पर भी कोई माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है उन पर कार्यवाही होगी। समाजवादी पार्टी ऐसे लोगों को कावड़ियों के रूप में भेज कर माहौल खराब करती है। बीजेपी कानून सम्मत कार्यवाही करती है तुष्टिकरण करने वालों को इससे दिक्कत होती है।