samacharsecretary.com

PM मोदी के 25 साल के सेवा-संकल्प को नमन, ‘सेवा संकल्प अभियान’ आभार का प्रकटीकरण: CM डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 17 सितम्बर को आ रहे जन्मदिवस पर उज्जैन स्थित महाकाल महालोक सहित संपूर्ण प्रदेश में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्जवलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक मोदी ने गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। प्रदेशवासियों द्वारा किया जा रहा है यह दीप प्रज्ज्वलन प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है। वस्तुत: हम ऐसे व्यक्तित्व की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने जीवन को पद नहीं, सेवा का माध्यम माना। प्रधानमंत्री मोदी की सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह सेवा यात्रा आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच रही है। इस क्रम में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा को राजनैतिक संस्कार बनाने के संकल्प के रूप में सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा। करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन, करोड़ों परिवारों को आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला। इससे पहले मोदी गुजरात के लंबे समय तक निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे। कृषि, उद्योग और निवेश के साथ शासन में गति और परिणाम पर विशेष ध्यान, उनकी कार्यशैली की पहचान रही। भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जिस भारत को कभी आर्थिक कमजोरी के रूप में देखा जाता था, वही भारत आज विश्व मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूती मिली है। आतंकवाद और नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई है। परिणामस्वरूप देशवासियों के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं को नई दिशा, नई ऊर्जा और नए अवसर प्रदान किए हैं। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान ने देश में जनभागीदारी की एक नई संस्कृति की रचना की। प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों परिवारों के लिए पक्के घर के आकांक्षा को नई गति दी और जल जीवन मिशन ने घर-घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में 35 वर्षों के अंतराल के बाद शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी के आर्थिक बोझ से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लेकर लाड़ली बहना, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक महत्वपूर्ण पहल हुई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने विविधीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ है। 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' को धरातल पर उतार रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प है। प्रदेश में संचालित "लाड़ली बहना" योजना ने महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और परिवार में उनके निर्णयकारी स्थान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किए गए नवाचारों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भू-अर्जन पर बाजार दर पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता का लगतार विस्तार किया रहा है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा राज्य बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू होगी। मध्यप्रदेश नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा प्रदेश बन गया है। अब तक लगभग 34 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, बड़ी उपलब्धि यह भी है कि लगभग 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। रीवा, दतिया और सतना हवाई अड्डे के लोकार्पण के बाद प्रदेश में हवाई अड्डो की संख्या आठ हो गई है। वर्षों से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केन्द्र सरकार के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के नए द्वार खोले हैं। प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र क्रमश: इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा आकार लेने की ओर अग्रसर हैं। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सांची और खजुराहो का विकास भारत की सभ्यता और संस्कृति के जीवंत केन्द्रों के रूप में कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य जारी है।  

किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि, CM डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव को किया संबोधित

किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ के बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि होती है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनकी समृद्धि बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेलखंड अंचल की समृद्धि के लिए केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना की स्वीकृति प्रदान की है। उनका संकल्प है कि पर्याप्त सिंचाई से उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्रदान किए जाएं। आने वाले समय में बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदल जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को टीकमगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ में पीतल की मूर्तियां बनाने वाले शिल्पी इस क्षेत्र की पहचान है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में टीकमगढ़ जिले में हो रहा कार्य अन्य जिलों के लिए उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में पधारे जनप्रतिनिधियों, किसानों और बहनों को श्रेष्ठ आयोजन के लिए तथा आने वाले पर्व-त्यौहारों की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत कृषि कार्य में लगे कृषकों को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में आये किसानों से चर्चा की, जो उन्नत कृषि के कार्य में संलग्न है। उन्होंने किसानों द्वारा किए जा रहे परिश्रम और नवाचारों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विष्णु शर्मा अनंतपुरा को सब्जी उत्पादन और पॉली हाऊस निर्माण के साथ ही गौशाला के संचालन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालचंद अहिरवार ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जिससे लगभग 250 किसान बंधु जुड़े हैं। मनोहर लोधी और श्रीमती शशि लोधी ने प्राकृतिक खेती के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जगदीश अहिरवार ने लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में की जा रही फूलों की खेती विशेष रूप से स्ट्रोबेरी, तरबूज, नीबू, अमरूद आदि के उत्पादन की जानकारी दी। अहिरवार ने बताया कि वे उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर यह कार्य कर रहे हैं और दो दर्जन व्यक्तियों को रोजगार भी दे रहे हैं। इसके साथ ही 15 गायों को पालते हुए दुग्ध उत्पादन से भी लाभ कमा रहे हैं। रमेश यादव ने बताया कि वे वर्ष 2005 से बीज उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। लगभग 3 लाख क्विंटल बीज उत्पादन में सक्षम बने हैं। रानी मक्खी तो नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन को महारानी बनते देख रहा हूं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रीमती सुनीता बुंदेला ने मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 5 केंद्र कार्य कर रहे हैं। यह कार्य परिश्रम आधारित है जिसके आर्थिक लाभ काफी हैं। मधुमक्खी पालन कार्य की विस्तृत जानकारी भी श्रीमती सुनीता बुंदेला द्वारा दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मधुमक्खी पालन कार्य में रानी मक्खी की भूमिका का उल्लेख आने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने तो रानी मक्खी नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन सुनीता को मधुमक्खी पालन के कार्य से आर्थिक रूप से सक्षम होने और महारानी बनते हुए देखने का अवसर जरूर प्राप्त हो रहा है। जनप्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र यादव, कप्तान सिंह से भी चर्चा की। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किसानों के कल्याण के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में बलराम कृषि महोत्सव प्रांरभ किए गए हैं, जिनकी किसान कल्याण की दृष्टि से बहुत उपयोगिता है। प्रारंभ में श्रीमती सरोज राजपूत ने स्वागत भाषण में कहा कि केन-बेतवा परियोजना की मंजूरी और बुंदेलखंड में इन्वेस्टर्स समिट होने से किसानों सहित सभी वर्गों के हित में कार्य हुआ है।  

MP में निवेश के लिए ग्लोबल मंच पर CM मोहन यादव की पहल, इथियोपिया के राष्ट्रपति को GIS-2027 का आमंत्रण

दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात प्रवास के दौरान इथियोपिया के राष्ट्रपति महामहिम ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ भारत-इथियोपिया आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रदेश में वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर लगातार विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के उद्योग एवं व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ साझेदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारत-इथियोपिया आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर मुलाकात के दौरान भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने तथा मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच निवेश एवं व्यावसायिक सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।  

धर्मेंद्र के निधन से शोक, CM मोहन व सिंधिया ने व्यक्त किया दुख—भावुक संदेश हुए वायरल

भोपाल  बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र के निधन पर CM मोहन का रिएक्शन सामने आया है। सीएम ने ट्वीट कर कहा- भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेन्द्र जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। सिनेमा जगत को समृद्ध करने में उनका अद्वितीय योगदान और अभिनय सदैव अविस्मरणीय रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति दें। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा- भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता एवं बीकानेर से लोकसभा सांसद रहे धर्मेंद्र जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। धर्मेंद्र जी ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, सादगी, और समर्पण से न केवल पर्दे पर किरदारों को जिया, बल्कि करोड़ों दिलों में अमिट छाप छोड़ी। उनका जाना भारतीय फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है पर उनका व्यक्तित्व, उनका स्नेह और उनका जीवंत अंदाज़ हमेशा अमर रहेगा। शोक की इस घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं उनके परिवार, प्रशंसकों और समस्त फिल्म जगत के साथ हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय वायुसेना दिवस पर शुभकामनाएं दी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के गौरव, आकाश के अभेद प्रहरी भारतीय वायुसेना के सभी जवानों और उनके परिजनों को 'भारतीय वायु सेना दिवस' की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'नभः स्पृशं दीप्तम्' मंत्र के साथ चाहे सीमाओं की सुरक्षा हो या आपदा के समय लोगों को राहत पहुंचाना, देश के वायु वीरों ने हमेशा अपने शौर्य, साहस और त्याग के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेवा की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। इस वर्ष भारतीय वायुसेना अपना 93वां स्थापना दिवस मना रही है।

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: घायल संस्कृति वर्मा को CM यादव ने दिलाया एयर एंबुलेंस से मुंबई में इलाज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा। राज्य सरकार उठाएगी उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर  शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।  

दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग, भोपाल वासियों को स्वदेशी वस्तुओं की आत्मीयता का कराएगा अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट स्वदेशी मेले से हुई सेवा पखवाड़ा की शुरूआत स्वदेशी मेले में मिल रही है गांवों की बहन-बेटियों द्वारा बनाई एलईडी दशहरे पर धूमधाम से होगा शस्त्र पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल हाट में स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्म दिवस पर सेवा का संकल्प लेते हुए सेवा पखवाड़े के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप देश में स्वदेशी के अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 02 अक्टूबर तक सबका साथ-सबका विकास के भाव से जन भागीदारी, स्वच्छता और कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भोपाल हाट में लगा स्व-सहायता समूहों का 'स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग', इन गतिविधियों की शुरूआत है। मेले में 40 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं। इससे लगभग 3 हजार 600 से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी तीज-त्यौहारों के दृष्टिगत यह स्वदेशी मेला महत्वपूर्ण है, इससे भोपाल वासी स्वदेशी उत्पादों की आत्मीयता का अनुभव ले सकेंगे। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर में बनने वाली वस्तुओं को बाजार और प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों से ही आदि काल से भारत की पहचान रहे, स्वावलंबन के भाव को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वदेशी के उत्पाद अपने गांव, जिले और प्रदेश के गौरवान्वित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को "स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग" का भोपाल हाट में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेला में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया, विक्रेताओं तथा सामग्री निर्माताओं से चर्चा की और वॉटर बॉटल बैग सहित अन्य सामग्री भी खरीदी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम भोजपुर के सिद्धी विनायक आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का आनंद भी लिया। सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे पर प्रदेश में धूम-धाम से शस्त्र पूजन किया जाएगा। यह सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वतंत्रता से पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कल्पना कर ली थी कि आजादी तो मिलेगी, लेकिन इसके बाद देश को आजाद रखने के लिए सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश भक्त नागरिकों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी के भाव के साथ सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के परिणामस्वरूप भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी अन्नदाता, युवा, नारी सशक्तिकरण और गरीब सहित सभी वर्गों के लिये समर्पित भाव से निरंतर सक्रिय हैं। पीएम मित्र पार्क से खुलेंगे प्रदेश की समृद्धि के द्वार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को शुभागमन हो रहा है। वे पीएम मित्र पार्क की नीव रखेंगे। गरीब परिवार से निकले मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने अपने जन्म दिन पर सेवा पखवाड़े में माताओं-बहनों के लिए सेवा का संकल्प लिया है। 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' अभियान में प्रदेश भर में महिलाओं की सभी प्रकार की जांच होंगी, महिला के स्वस्थ होने से परिवार सशक्त होंगे। साथ ही रोजगार के अवसरों के साथ ही प्रदेश में विकास के लिए सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान कपास उत्पादक हैं, कपास पर केन्द्रित उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। राज्य सरकार कपास उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। पीएम मित्र पार्क धार-झाबुआ अंचल में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सबकी समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे। यहां बने वस्त्र विश्व के सभी प्रमुख देशों तक जाएंगे। प्रदेश में होने वाले जैविक कॉटन की बेहतर गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में इसकी मांग है। स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क के परिणामस्वरूप प्रदेश के जैविक कॉटन को वैश्विक स्तर पर उचित महत्व मिल सकेगा। भारत के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने में स्व-सहायता समूहों की भी होगी भूमिका पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी फूड प्रोसेसिंग हो रही है। समूह की हमारी बहनों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। जिला स्तर पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे। भोपाल हाट को दिल्ली हाट के रूप में विकसित करने की योजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। भारत जब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्व-सहायता समूहों की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिवस की बधाई भी दी। स्वदेशी मेले से करें त्यौहारों के लिए खरीददारी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में उद्योग केंद्र की स्थापना हो रही है। गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन स्वदेशी अभियान को समर्पित है। इस स्वदेशी बाजार में हुजूर विधानसभा के 40 स्व-सहायता समूहों की बहनों ने यहां अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। दीपावली सहित सभी त्यौहार आ रहे हैं। अब विदेशी एलईडी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, स्वदेशी मेले में गांव की बहन-बेटियों द्वारा बनाई गई एलईडी भी मिलेगी। यह स्वदेशी मेला 4 दिन तक चलेगा। विधायक शर्मा ने नगरवासियों को दीपावली, नवरात्र और दशहरा के दृष्टिगत स्वदेशी मेले से खरीददारी करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, रवींद्र यति, कीरत सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य उपस्थित थीं।  

प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा

श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर के लिये डी.पी.आर. बनाने परामर्श शुल्क की स्वीकृति प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय का निर्णय "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत पर 610 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल  मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन लवकुश चौराहा, इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रूपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत लागत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय करने की स्वीकृति दी। संशोधित/विस्तारित (CCTNS) योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान गयी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं। 610 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वाराभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक न्याय प्रशासन के सुचारू संचालन एवं प्रदेश के सभी दण्ड न्यायालयों के समक्ष "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत अनुसार अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक अभियोजन संचालनालय के तहत 610 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार अभियोजन संचालनालय के पदों के सृजन में अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 पद और सहायक कर्मचारी के 70 पद का सृजन किया गया है। पद सृजन पर तीन वर्ष में लगभग 60 करोड़ रूपए का व्यय आयेगा। प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय किये जाने का निर्णय एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मंत्रि-परिषद की 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक के पालन में प्रदेश में स्थापित की जाने वाली 4000 (3200+800 मेगावाट "ग्रीनशू") मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय के लिए जारी निविदा अंतर्गत चयनित तीन विकासकों से क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट एवं 800 मेगावाट विद्युत क्रय के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा चयनित विकासकों से अतिरिक्त 800 मेगावाट विद्युत का क्रय "ग्रीनशू" प्रावधान का उपयोग कर, निविदा की शर्तों एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उक्त स्वीकृति के पालन में अग्रिम कार्यवाही एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ स्वीकृति के लिए याचिका दायर करने के लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कैप्टिव मोड पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारामध्यप्रदेश जल निगम की समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण व्यय को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 100 मेगावाट सौर उर्जा एवं 60 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित किए जाने, निविदा से प्राप्त दरों पर विद्युत् क्रय किए जाने एवं उत्पादित विद्युत देयकों के भुगतान की सुनिश्चितता के लिए "भुगतान सुरक्षा व्यवस्था" के अंतर्गत 6 माह का रिवोल्विंग लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए जाने के लिए अनुमोदन दिया गया। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।  

फिर कर्ज़ पर निर्भर मोहन सरकार! आज बाजार से 4800 करोड़ रुपए जुटाएगी

भोपाल  मोहन सरकार मंगलवार को फिर से 4 हजार 800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। दो पार्ट में 2300 करोड़ और 2500 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 5 अगस्त को 4 हजार करोड़ रुपए और जुलाई में 9100 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया था।  रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सिस्टम के जरिये मोहन सरकार एक बार फिर कर्ज उठा रही है। आज लिया जा रहा पहला कर्ज 2300 करोड़ रुपए का होगा, जो 18 साल के लिए है। इसकी अदायगी राज्य सरकार ब्याज के जरिये हर छह माह में करेगी। इसी तरह 2500 करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 20 साल के लिए लिया जा रहा है जिसका भुगतान हर छह माह में ब्याज के जरिये किया जाएगा। दोनों ही कर्ज उठाने के बाद सरकार को 4800 करोड़ की रकम 28 अगस्त को मिलेगी। कुल कर्ज 4 लाख 49 हजार 640 करोड़ पहुंचेगा मोहन सरकार ने इसके पहले चालू वित्त वर्ष में 5 अगस्त, 30 जुलाई, 8 जुलाई, 4 जून और 7 मई को कर्ज लिए हैं। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज की राशि 27900 करोड़ रुपए और कुल कर्ज बढ़कर 449640.27 करोड़ रुपए हो जाएगा। 31 मार्च 2025 की स्थिति में राज्य सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ 27 लाख रुपए था। राजस्व सरप्लस के चलते लिया लोन सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज     5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।     30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए जा गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं।     8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।     आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।     सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए थे। मई में ढाई हजार करोड़ का पहला कर्ज 12 साल के लिए लिया था, जिसका ब्याज सात मई 2037 तक चुकाना है। इसी तरह ढाई हजार करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 7 मई को ही 14 साल के लिए लिया है, जिसकी भरपाई सात मई 2039 तक ब्याज के रूप में होगी। एक हफ्ते में दूसरी बार कर्ज लेगी मोहन सरकार मोहन यादव सरकार एक हफ्ते के अंतराल में मंगलवार को फिर बाजार से चार हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। इसका भुगतान सरकार को बुधवार को होगा। दो-दो हजार करोड़ रुपए के यह कर्ज 22 साल और 6 साल के अवधि के हैं जिसका भुगतान सरकार छमाही ब्याज के रूप में करेगी। इसके साथ ही मोहन सरकार चालू वित्त वर्ष में 51 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी होगी। इसके पहले चार मार्च को छह हजार करोड़ रुपए का कर्ज दो-दो हजार की तीन किस्तों में लिया गया था। सरकार ने पिछले माह 20 फरवरी को जीआईएस के पहले भी 6 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। एक हफ्ते के अंतराल में सरकार दस हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। अभी कुछ और कर्ज लिए जा सकते हैं।

जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने किया इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार और उद्योग का परिचय

मध्यप्रदेश–जर्मनी टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन सहयोग 2025 जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने किया इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार और उद्योग का परिचय उद्योग, नवाचार और अध्यात्म का संगम: जर्मन प्रतिनिधिमंडल का इंदौर–उज्जैन दौरा इंदौर–उज्जैन में जर्मन व्यापारियों का दौरा, उद्योग और संस्कृति के नए पहलुओं से परिचय जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल का इंदौर–उज्जैन दौरा, नवाचार, उद्योग और अध्यात्म का अनूठा संगम इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयासों का असर बुधवार को उज्जैन और इंदौर में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इनोवेशन प्रोग्राम 2025’ के तीसरे दिन जर्मनी की पाँच अग्रणी टेक कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी इंदौर, चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर का भ्रमण किया और उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड में स्थानीय उद्यमियों, स्टार्टअप्स से संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल का दौरा एमपीआईडीसी के नेतृत्व में जीआईआईसी एवं आईएम ग्लोबल के सहयोग से हो रहा है। यह दौरा 22 अगस्त तक इंदौर और भोपाल में जारी रहेगा। प्रतिनिधि मंडल की तीसरे दिवस दिन की शुरुआत आईआईटी इंदौर के चरक सेन्टर फॉर डिजिटल हेल्थ केयर के अनुभवात्मक दौरे से हुई। इस दौरान आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन और उनके स्टार्टअप कार्यों का परिचय दिया गया। इसके बाद डिजिटल हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन किया गया। साथ ही इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग सेंटर का भ्रमण भी हुआ। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल उज्जैन पहुँचा, उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित सत्रों में प्रतिनिधिमंडल ने पहले स्थानीय उद्योगपतियों एवं HNIs से बैठक की। इस दौरान निवेश और संभावित साझेदारियों के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही उज्जैन आधारित टेक स्टार्टअप्स के साथ विशेष इंटरैक्शन हुआ, जिसमें युवा उद्यमियों ने अपने नवाचारपूर्ण उत्पाद एवं समाधानों का प्रदर्शन किया। उज्जैन स्मार्ट सिटी में आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में आयुक्त स्मार्ट सिटी अभिलाष मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे। "आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एंड सिंहस्थ-2028" सत्र में प्रतिनिधिमंडल एवं स्थानीय उद्यमियों ने चर्चा के दौरान यह जाना कि एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्मार्ट समाधान आगामी सिंहस्थ 2028 को एक वैश्विक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने में कैसे योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर स्मार्ट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ। बैठक के दौरान स्मार्ट सिटीके लिए इनोवेटिव समाधान, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित रिप्लेसमेंट एजेन्ट्स पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर एआई और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा प्रदान की। लेक्सीनेक्सी एआई, मिलेट आईटी, एमआर सॉफ्ट प्रा.लि. जैसे स्थानीय उद्यम अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों एवंजर्मन डेलीगेशन के साथसाझेदारी व सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। यह पहल उज्जैन को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी राजेश राठौड़ एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप शिवा ने अपने संबोधन में कहा कि Cities 2.0 Vision और महाकुंभ प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीकी समाधानों के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर दिया कि उज्जैन शीघ्र ही सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट और स्मार्ट टेक्नोलॉजी एडॉप्शन का अग्रणी केंद्र बनेगा। आईएम ग्लोबल के संस्थापक सी.के. तिवारी ने कहा कि नए व्यवसायों की चुनौतियों का समाधान केवल रिसर्च-ड्रिवन अप्रोच और ग्लोबल कोलैबोरेशन से ही संभव है। उन्होंने स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाज़ारों में सफलता के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उज्जैन प्रवास के दौरान सर्वप्रथम महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजनकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इसके बाद मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन का दौरा किया, जहाँ कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को राज्य में विकसित हो रहे नवीन औद्योगिक ढांचे, प्रौद्योगिकी आधारित पारिस्थितिकी तंत्र तथा सरकार द्वारा निवेशकों को प्रदत्त सुगम और पारदर्शी नीतिगत वातावरण की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल को विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड की औद्योगिक परियोजनाओं और उज्जैन में उभरते निवेश अवसरों से भी अवगत कराया गया। यह संवाद भारत-जर्मनी के मध्य औद्योगिक सहयोग और भविष्य की साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जर्मन कंपनी टाइलर्स, हैलोनिक, स्टेक्स, क्यू-कनेक्ट-एजी और क्लाउड-स्क्विड के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया में उज्जैन दौरे को अत्यंत सार्थक बताया। उनका मानना था कि उद्योग और अध्यात्म का यह अनूठा संगम है। एआई एवं टेक्नोलॉजी के ज़रिए वैश्विक आयोजन ‘सिंहस्थ-2028’ की तैयारियाँ मध्यप्रदेश की प्रगतिशील सोच और नवाचार क्षमता का प्रमाण हैं।