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श्रीकृष्ण पर्व पर होंगे प्रदेश में गरिमामय आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी ओर बलराम जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन्माष्टमी और बलराम जयंती को लेकर सरकार तैयार, डॉ. यादव बोले- उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण पर्व पर होंगे प्रदेश में गरिमामय आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव आयोजन संबंधी समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में बलराम एवं श्रीकृष्ण के प्रसंगों, उनके अवदान और लोक कल्याणकारी जीवनगाथा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। विभिन्न चिन्हित मंदिरों में भक्तिमय कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालयों में स्थानीय साहित्य, सामाजिक एवं सांस्कृति संस्थाओं का सहयोग भी लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव के संबंध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने श्रीकृष्ण पर्व के अंतर्गत प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाये। बैठक में बताया गया कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में अनेक स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। इसके लिए गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया गया है। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जिन स्थानों पर पड़े और उनके जीवन के विशेष प्रसंग जहां घटित हुए, ऐसे सभी संबंधित स्थान पावन हैं। इस नाते इन स्थानों पर भी जन रुचि के अनुरूप प्रभावी कार्यक्रम होंगे। इन स्थानों में सांदीपनि आश्रम उज्जैन, नारायणा धाम, अमझेरा, जामगढ़, जानापाव आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री निवास में भी होगा विशेष कार्यक्रम भोपाल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अनेक जिलों के बालगोपाल भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में एक मंच पर आएंगे। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन से संस्कृति और पर्यटन विभाग के सौजन्य से विभिन्न कलाकार भी जुड़ेंगे। बैठक में आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मुख्यमंत्री के सचिव एवं पर्यटन विकास निगम के निर्देशक इलैया राजा, मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति एमपी नामदेव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया गुना में वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

गुना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि/बाढ़ से जनता को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। कोई चिंता न करें, सरकार आपके साथ है। प्रत्येक प्रभावित परिवार का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की जाए। सरकार द्वारा ‘डीबीटी प्रणाली’ के माध्यम से सहायता राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई जाएगी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को गुना में बाढ़/अति वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने जिले के विभिन्न वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने कैंट क्षेत्र, पटेल नगर में घर-घर जाकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न्यू टेकरी रोड स्थित पवन कॉलोनी पहुँचकर वर्षा से प्रभावित परिवारों से भेंट कर हालात जाने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत दिनों हुई भारी वर्षा ने जिले में 32 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिससे अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हुई। इस चुनौती का प्रशासन ने तत्परता एवं समन्वय के साथ सामना किया। गुना न्यू सिटी कॉलोनी की एक बुजुर्ग महिला सहित 170 नागरिकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। विभिन्न जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से राहत कार्यों की गति तेज की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ की 70 सदस्यीय टीम द्वारा सघन बचाव कार्य किए गए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं प्रशासनिक अमले ने मिलकर भोजन पैकेट वितरण, अस्थायी आश्रय स्थल की स्थापना तथा आवश्यक सामग्री वितरण जैसे राहत कार्य किए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी वर्षा संभावित है, इसलिए प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें। यह हर्ष की बात है कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया निरंतर संपर्क में रहते हुए राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने डॉ. यादव प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन हर हाल में उनके साथ है, किसी भी प्रकार की कठिनाई में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी बहनों का रक्षाबंधन के साथ स्वागत करने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बहनों ने राखी बांधकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान विधायक पन्‍नालाल शाक्‍य, जिला पंचायत अध्‍यक्ष अरविन्‍द सिंह धाकड़, पूर्व मंत्री महेन्‍द्र सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक राजेन्‍द्र सिंह सलूजा, संभाग आयुक्‍त ग्‍वालियर मनोज खत्री, आईजी अरविन्‍द सक्‍सेना सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सुगम परिवहन सेवा का नया ढांचा तैयार, मुख्यमंत्री होंगे राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष

भोपाल प्रदेश में नगर वाहन सेवा समेत अंतरशहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश में जल्द ही शुरू किये जाने के प्रयास परिवहन विभाग द्वारा किये जा रहे है। इसके लिये प्रदेश में राज्य स्तरीय कम्पनी के साथ 7 सहायक कंपनियां गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को राज्य शासन द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृति दी जा चुकी है। कंपनियों का गठन प्रदेश में राज्य स्तरीय कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का गठन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट में 3 जुलाई 2025 को पंजीयन के साथ हो गया है। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष होंगे। परिवहन मंत्री एवं मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। राज्य स्तरीय कंपनी के अधीन राज्य शासन के द्वारा लिये गये निर्णयों के अनुसार 7 सहायक कंपनी सम्पूर्ण प्रदेश में रहेगी। वर्तमान में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में कार्य कर रही सिटी बस कंपनी के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन करते हुए इन सातों शहरों की नवगठित कंपनिया बनाई गई है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सभी संभागों में वैज्ञानिक पद्धति से ट्रैफिक सर्वे करते हुए नये सिरे से नवीन बस रूट निर्धारण और इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी के निर्धारण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस क्रम में उज्जैन एवं इंदौर संभाग का ट्रैफिक सर्वे और रूट निर्धारण का कार्य अंतिम चरण में है। जबलपुर एवं सागर संभाग में सर्वे कार्य जारी है। इसके बाद भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर तथा चंबल संभाग के रूट्स सर्वेक्षण का कार्य भी किया जाएगा। अधोसंरचना का कार्य पीपीपी मॉडल पर होगा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में वर्तमान निजी बस ऑपरेटर्स को पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन नियंत्रित बस कंपनी द्वारा अनुबंधित कर कंपनी के सुपरविजन में बस संचालित होंगी। इस योजना में प्रत्येक जिले में बस डिपो, अत्याधुनिक बस स्टेंड और बस स्टॉप का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप) मॉडल में किया जाएगा। उज्जैन एवं इंदौर रूट सर्वे कार्य अंतिम चरण होने से इन बस कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिलेवार बस ऑपरेटर्स से सलाह कर रूट निर्धारण के संबंध में आवश्यक सलाह मशविरा कर सकेंगे। संदीप सोनी को अतिरिक्त प्रभार उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संदीप सोनी को सौपा गया है। संदीप सोनी वर्तमान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन प्राधिकरण भी हैं। क्षेत्रीय सहायक कम्पनी प्रदेश की 7 क्षेत्रीय सहायक कम्पनी अपनी क्षेत्राधिकार के जिलों में सिटी बस सेवा और अंतरशहरी बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। प्रदेश में लम्बे समय से शहरी और अंतरशहरी बस सेवा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन बस सेवाओं में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और किफायती दर पर निर्धारित समय पर बस सेवा उपलब्ध हो सकें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के रघुनंदन गार्डन में रक्षाबंधन कार्यक्रम में हुए शामिल

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मैं जहां भी हूं बाबा श्रीमहाकाल और आप सभी लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से हूं। लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के सभी कार्य तेजी से हो रहे हैं। सनातन संस्कृति के सभी त्यौहार हमें जोड़ने का कार्य करते हैं और पारिवारिक संबंध मजबूत करते हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार पर जब बहनों के साथ भांजे भांजी का घर में आगमन होता है तो घर की रौनक और भी बढ़ जाती है। रक्षा-सूत्र केवल धागा नहीं एक संकल्प है बहन की रक्षा का, सहयोग का और स्वप्नों को साकार करने का। भगवान कृष्ण को द्रौपदी ने रक्षा-सूत्र बांधा, भगवान श्रीकृष्ण ने राखी का मान रखना सिखाया। भगवान श्रीकृष्ण ने सभी कर्तव्यों में बहन द्रौपदी की हर समय, हर परिस्थिति में रक्षा की। भगवान शिव की शक्ति माता पार्वती भी प्रकृति को कष्ट होने पर माँ कालिका का रूप लेकर कष्टों का निवारण करती हैं। इसी प्रकार लाड़ली बहनें भी प्रदेश और समाज के सभी कष्टों का निवारण करती हैं। बहनों, बुआ और बेटियों से ही पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक समृध्दि होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन स्थित रघुनंदन गार्डन में रविवार को लाड़ली बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मनों को यह बता दिया कि हम बहनों के सिंदूर की रक्षा के लिए कृत-संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनों का सशक्तिकरण करने के लिए लखपति दीदी और ड्रोन दीदी आदि योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुनिया के सभी देशों में केवल भारत ही है जहां त्यौहार को रिश्तों से जोड़कर सामूहिक जीवन जीने की शैली सिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार बहनों के जीवन में समृध्दि लाने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार बहनों के उत्थान के लिए सदैव कार्य करती रहेगी। लाड़ली बहनाओं को वर्तमान में 1250 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है उसे बढ़ाकर भाईदूज से 1500 रूपये किये जाएंगे। बहनों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शासन द्वारा संपूर्ण मदद की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से कारखानों में कार्य करने वाली हर बहन को 5 हजार रुपए की राशि दस वर्ष तक प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत लाड़ली बहनों को झूला झुलाकर की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कन्या-पूजन भी किया गया। इस अवसर पर कन्याओं को स्कूल बैग और पुस्तकें भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा की और उनसे राखी बंधवाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लाड़ली बहनों ने हस्तनिर्मित बड़ी राखी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में लाड़ली बहनों का आभार ‘’फूलों का तारों का, सबका कहना है; एक हजारों में मेरी बहना है’’ गीत गाकर प्रकट किया। रक्षाबंधन कार्यक्रम में बडी संख्या में लाड़ली बहनें, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी, पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित थे।  

एमपी में जल्द होगी राजनीतिक नियुक्तियों की बौछार, सूची को दिल्ली से मिली हरी झंडी

भोपाल मध्यप्रदेश की राजनीति में एक दो दिन में बड़ा उठापटक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरे के बाद यह कयास लगने लगे हैं कि सूची फाइनल हो चुकी है। जी हां, इस सूची में निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों से संबंधित है। सत्ता-संगठन में तालमेल के लिए नई दिल्ली में गुरुवार रात मध्यप्रदेश के सांसदों की बैठक हुई। नई दिल्ली के एमपी भवन में संपन्न हुई इस बैठक की खास बात यह है कि इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ ही पूर्व सीएम केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सहित लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसद शामिल हुए। क्षेत्रीय-सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश इस बैठक में क्षेत्रीय-सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई। इशारों ही इशारों में सबको साधने की कोशिश कर ली गई। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद वे गृहमंत्री अमित शाह के अलावा अन्य बड़े नेताओं से भी मिले। संगठन के नेताओं से भी उनकी चर्चा हुई। इसके बाद मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने के बाद अब निगम-मंडल, बोर्ड और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता खुल गया है। ऐसे में जल्द ही कई पदों पर नई नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है।दरअसल, पिछले दिनों ओबीसी आयोग के अध्यक्ष पद पर रामकृष्ण कुसमारिया की नियुक्ति हुई है। इसके बाद अब निगम-मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद अनुमोदित सूची में शामिल नामों की नियुक्तियों के आदेश जारी करेंगे। ऐसे किया गया चयन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखा है। पूर्व मंत्री, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और कुछ वर्तमान विधायकों को भी शामिल किया गया है। गौरतलब है कि वर्तमान में राज्य में निगम-मंडल, बोर्ड और आयोगों के लगभग तीन दर्जन से अधिक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद रिक्त हैं। डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले 45 निगम-मंडलों और बोर्डों में की गई पूर्ववर्ती नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। तब से यह पद रिक्त हैं।

भारत की लोकतांत्रिक परम्पराओं और जनविश्वास की सशक्त अभिव्यक्ति है यह उपलब्धि: CM यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया विश्व में भारत का मान-सम्मान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी को मिला सबसे लंबे समय तक लगातार कार्यरत दूसरे प्रधानमंत्री बनने का गौरव भारत की लोकतांत्रिक परम्पराओं और जनविश्वास की सशक्त अभिव्यक्ति है यह उपलब्धि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज हमारे देश के लिए बेहद गर्व का दिन है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सेवा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। उन्होंने भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय (4078 दिन) तक लगातार कार्यरत दूसरे प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की महान लोकतांत्रिक परम्पराओं से ओत-प्रोत परिपक्वता, सुदीर्घ विकास यात्रा और जनविश्वास की एक सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल देश के भीतर अभूतपूर्व परिवर्तन देखे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी बड़ी खूबी से अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। मैं मध्यप्रदेश की सम्पूर्ण जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देता हूं और कामना करता हूं कि वे दीर्घायु हों और इसी तरह देश का नेतृत्व करते हुए नये-नये कीर्तिमान स्थापित करते रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में हमारा भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देता हूं कि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष न केवल सशक्त तरीके से रखा, बल्कि कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी भारत के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें आजादी के बाद देश के लोगों ने सर्वोच्च पद से सम्मानित करके अपने आप को गौरवान्वित किया है। देश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी को देश और दुनिया के सामने भारत का मान-सम्मान बढ़ाने का अवसर दिया है। आज एक और नया रिकार्ड प्रधानमंत्री मोदी के साथ जुड़ा है, वे देश के दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हो गए हैं जो 4078 दिन तक न केवल प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं, बल्कि उनके कार्यकाल में भारत ने मान-सम्मान और कई उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत, आजादी के समय विश्व की 15वीं अर्थव्यवस्था था। जब प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यभार संभाला, तब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें नंबर पर थी। प्रधानमंत्री मोदी ने मात्र 11 साल के अंदर ही भारत को चौथी अर्थव्यवस्था में बदल दिया है और जब तक उनकी कार्यकाल अवधि पूर्ण होगी, तब तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत दुनिया का ऐसा एकमात्र देश बना, जो देश के दुश्मनों को अपने यहां भी और दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने में भी सक्षम हुआ है। पहले दुनिया के सिर्फ दो देश इजरायल और अमेरिका ही ऐसा काम कर पाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधामनंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्य करने का अपना तरीका है। उन्होंने देश को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा। भारत डिजिटल पैमेंट के मामले में दुनिया का अग्रण्य होने जा रहा है। दूसरे विकसित देशों में भी ऐसा नहीं होता है कि चाय वाले के यहां चाय पियो और डिजिटल पैमेंट कर दो। सब्जी, फल वाले सब्जी और फल खरीदो और डिजिटल पैमेंट कर दो। ऐसे कई नवाचार करते हुए गरीब वर्ग के लिए भी पूरे देश में मोदी के नेृतृत्व में एकमात्र सरकार है जो देश की 80 करोड़ से अधिक लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न देकर उनके खाने-पीने और रहने की चिंता दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के तहत 60 साल तक के गरीब व्यक्तियों का पांच लाख रूपए तक का नि:शुल्क इलाज और 70 साल की आयु वाले सभी समाज/वर्गों के व्यक्तियों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा देकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक नहीं अनेक प्रकार से भारत की जनता का मान-सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 4078 दिन पूर्ण करने पर में प्रधानमंत्री मोदी जी को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे इसके बाद का रिकार्ड भी तोड़ेंगे और वर्ष 2029 में फिर एक बार देश का नेतृत्व करेंगे। आइए, हम सब मिलकर उनके दीर्घायु होने और उनके माध्यम से भारत के सुशासन की कामना करें।  

स्थायित्व की ओर कदम, नगर निगम के 1000 संविदा कर्मियों को किया जाएगा नियमित

भोपाल  नगर निगम में कार्यरत 1000 कर्मचारियों(Employees) को नियमित किया जाएगा। निगम परिषद की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राजधानी भोपाल के ओल्ड अशोका गार्डन को रामबाग कहने और हमीदिया कॉलेज और अस्पताल का नाम दिवंगत पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। वेटलैंड साइट संरक्षण प्रोजेक्ट के तहत बड़ा तालाब छोटा तालाब में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के साथ ही 25 करोड़ की लागत से छह विसर्जन कुंड बनाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। पार्षदों की नाराजगी दूर करने विकास कार्य के प्रस्ताव पर 30 दिन में टेंडर और 60 दिन में वर्क ऑर्डर जारी करने का प्रस्ताव पारित हुआ। इन मुद्दों पर हंगामा बैठक में नगर निगम आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने को लेकर भाजपा पार्षद पप्पू विलास राव धरने पर बैठ गए। नाम परिवर्तन प्रस्ताव पर चर्चा पर भाजपा पार्षद ने नवाब हमीदुल्लाह को गद्दार कहा। इस पर हंगामा हुआ। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। हंगामे पर अध्यक्ष ने कहा कि सत्य को स्वीकारना ही होगा। नाराज कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे पर आसंदी का घेराव करने पहुंच गए। बाद में सदन को स्थगित कर दिया गया। ये प्रस्ताव बहुमत से पारित ● महाशिवरात्रि के दिन मांस दुकानें बंद रहेंगी ● ८० फीट रोड चौराहे का नाम विवेकानंद चौक ● हमीदिया अस्पताल-कॉलेज-स्कूल का नाम पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर ● बीयू, नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी, प्रेमपुरा में 25 करोड़ से विसर्जन कुंड ● वार्ड विकास कार्य की फाइल पर दो माह के अंदर टेंडर और वर्कऑर्डर जारी होगा ● शालीमार, मेरीगोल्ड मैरिज गार्डन और 24 दुकानों के निर्माण की जांच होगी ● अवैध पार्किंग स्थलों को दोबारा सर्वे कर चिन्हिंत किया जाएगा ● 8 हजार सफाई कर्मियों को यूनिफार्म, रेनकोट, हेल्थ चेकअप होगा जनता के मुद्दे एजेंडे से गायब शबिस्ता जकी ने कहा कि हमने एजेंडा आने से पहले शहर की सडक़, सीवेज, जल भराव, खराब सड़क जैसी जनता की समस्याओं पर चर्चा का प्रस्ताव दिया था। ये मुद्दे एजेंडे से नदारद हैं। वीआईपी रोड किनारे चौपाटी बनाने का मुद्दा कांग्रेस के पार्षद अजीज उद्दीन ने उठाया। पार्षद अजीजउद्दीन ने अफसरों द्वारा फोन नहीं उठाने पर भी आपत्ति ली। कांग्रेस पार्षद शिरीन ने कहा जन्म-मृत्यु अधिकारी सत्यप्रकाश बड़वैया प्रभारी अधिकारी हैं। उन पर गोविंदपुरा थाने में प्रकरण दर्ज है। योगेंद्र ने पूछा कि क्या एनजीटी की गाइडलाइन के हिसाब से ही कुंड बनाए जा रहे हैं। यति ने कहा सभी अनुमतियां हैं।

भोपाल में 400 करोड़ के निवेश से लगेगा रोजगार का मेला, 1500 युवाओं को मिलेगा लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है। पांच इकाईयों का होगा भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 12.88 हेक्टेयर में 400 करोड़ से अधिक निवेश और लगभग 1500 व्यक्तियों को रोजगार देने वाली 5 इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें गारमेंट सेक्टर में गोकुलदास एक्सपोर्टस, टेक्सटाइल सेक्टर में इंडो एकॉर्ड अप्पेरल्स, हाई टेक इलेक्ट्रानिक में एसेडस प्राइवेट लिमिटेड, फार्मा सेक्टर में सिनाई हेल्थ केयर और कृषि उपकरण में समर्थ एग्रीटेक इकाइयां शामिल हैं। मुख्यमंत्री  ने  कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।  मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना,  स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है।    

नर्मदापुरम में 3.0 गीगावॉट सोलर सेल यूनिट की तैयारी, 700 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  दुबई यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्रियू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक विनय ठडानी और प्रतिनिधियों ने मुलाक़ात की। बैठक में नर्मदापुरम जिले में प्रस्तावित 3.0 गीगावॉट क्षमता की सोलर सेल परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुकूल औद्योगिक सहायता पर विस्तार से चर्चा हुई। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की भागीदारी को सशक्त करेगी, बल्कि इससे 700 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावनाएं भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को आवश्यक प्रोत्साहन देने और उद्योगों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह परियोजना राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगी। बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश सतत ऊर्जा नवाचार का एक उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है।  

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव-इंदौर: शहरी विकास के नए युग की ओर बढ़ते कदम

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 जुलाई को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 – सिटीज ऑफ टुमॉरो” का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में होटल, पर्यटन, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से संवाद करेंगे। यह आयोजन प्रदेश में शहरी विकास के ब्लूप्रिंट और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित रहेगा। इस उच्च स्तरीय आयोजन में देश के 1500 से अधिक निवेशकों, उद्योगपतियों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1:30 बजे कॉन्क्लेव स्थल पर पहुँचकर एक्जीबिशन का अवलोकन करेंगे, उसके बाद विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। आयोजन में क्रेडाई, नगर निगम, आईडीए, स्मार्ट सिटी, हाउसिंग बोर्ड, मैट्रो, हुडको, एलआईसी सहित कई संस्थाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। तकनीकी सत्रों का आयोजन कॉन्क्लेव में चार तकनीकी-सत्र आयोजित होंगे, जिनमें “शहरी उत्कृष्टता के लिए आधिनिक तकनीक, विकास के केंद्र के रूप में शहर, भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण और भविष्य के शहरों की यातायात व्यववस्था” जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में MP लॉकर, ET अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन समिट 2025 ब्रोशर का विमोचन, एमओयू साइनिंग और “सौगात” का उद्घाटन एवं अनावरण करेंगे। वह निवेशकों को प्रशस्ति-पत्र भी भेंट करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के शहरीकरण में निवेश अवसरों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जायेगा। शहरीकरण में निवेश के अवसर प्रदेश में मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब, अफोर्डेबल हाउसिंग, वॉटरफ्रंट डेवेलपमेंट, सीवेज नेटवर्क, ई-गवर्नेंस, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट रोड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। प्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती आवास तैयार किये जा चुके हैं और 10 लाख से अधिक नए आवासों पर कार्य चल रहा है, जिनमें लगभग ₹50,000 करोड़ का निवेश संभावित है। रियल इस्टेट की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध हैं। पाईपलाइन वॉटर सप्लाई कवरेज की सुविधा और शतप्रतिशत शहरी क्षेत्र सीवरेज सिस्टम उपलब्ध है। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय निकायों में 23 सेवाएं ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। नगरीय निकायों में सेन्ट्रलाइज पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जा रही है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 17 हजार 230 योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 2 हजार 800 करोड़ और वॉटर फ्रंट से संबंधित डेव्हलपमेंट में 2 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के विस्तार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएं संचालित हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम ईंधन के कार्बन फुट-फ्रंट रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2025 लागू की गई है। इंदौर में आयोजित यह ग्रोथ कॉन्क्लेव न केवल प्रदेश की शहरी योजनाओं को रफ्तार देगा, बल्कि निवेशकों को एक मजबूत और विश्वसनीय मंच भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नेतृत्व में प्रदेश शहरी परिवर्तन की ओर तेज़ी से अग्रसर है।