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नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू? योगी और शीर्ष नेताओं की बैठक में हुई अहम चर्चा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर संगठन के भीतर बैठकों का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में पार्टी की एक अहम बैठक मुख्यमंत्री आवास पर हुई जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद थे। भाजपा के सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक सोमवार दोपहर में हुई, जिसमें ये दोनों वरिष्ठ नेता मौजूद थे। तीनों अहम व्यक्तियों की यह मुलाक़ात कई मायनों में अहम मानी जा रही है।   नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की अटकलें तेज उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की अटकलें लगातार तेज हो गई हैं। बीजेपी के सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और उसके बाद होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली और फिर धरमपाल सिंह और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वापस पार्टी कार्यालय आ गए। सूत्रों के मुताबिक़, इस अहम बैठक के बाद मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली जाएंगे। माना जा रहा है कि उनके साथ संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह भी दिल्ली जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से ये सप्ताह काफ़ी अहम होने वाला है। पीएम मोदी और अमित शाह से भी मिले योगी  गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद वह लखनऊ लौट आए थे। उनके दौरे के बाद अब मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक और उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का दिल्ली दौरा काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की कवायद चल रही है। इसी कड़ी में कई बड़े नाम शामिल हैं लेकिन इस दौड़ में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की दावेदारी सबसे ज़्यादा तगड़ी मानी जा रही है।       

उद्यानिकी फसल मार्केटिंग सलाहकार बोर्ड की बैठक 23 जुलाई को

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग सलाहकार बोर्ड की बैठक 23 जुलाई को दोपहर 12 बजे से मंत्रालय VB-2 के कक्ष क्रमांक 427 में होगी। बैठक में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग बोर्ड गठन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जायेगी। बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खादय प्रसंस्करण, सचिव कृषि विभाग, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम उपस्थित रहेंगे।  

मंत्री टेटवाल ने वीरगति प्राप्त जवान श्री नागर को दी श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान के साथ दी गई विदाई

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने जम्मू-कश्मीर में देशसेवा के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए राजगढ़ जिले के ग्राम टूटियाहेड़ी निवासी भारतीय सेना के जवान हरिओम नागर को मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। मंत्री श्री टेटवाल ने स्व. नागर की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि हरिओम नागर जैसे साहसी और राष्ट्रनिष्ठ सपूतों के कारण ही भारत की आत्मा जीवित रहती है। उनका बलिदान समूचे राष्ट्र का गौरव है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है। शहीद हरिओम नागर की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिये गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। राजगढ़ जिले के पचोर नगर से टूटियाहेड़ी तक शहीद की अंतिम यात्रा में अपार जन सैलाब उमड़ा। 'भारत माता की जय' और 'शहीद हरिओम नागर अमर रहें' के नारों से गूंजते माहौल में पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी गई। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चों ने भावविभोर होकर नम आंखों से अंतिम दर्शन किए। ग्राम टूटियाहेड़ी में सेना की टुकड़ी द्वारा सैन्य परंपराओं के अनुसार शहीद नागर को अंतिम सलामी दी गई। तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। हवाई फायरिंग, राष्ट्रगान और मौन श्रद्धांजलि के साथ पूरे गांव ने शहीद हरिओम नागर को अंतिम विदाई दी। मंत्री श्री टेटवाल ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न हो, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए हमें अपने कर्तव्यों और नागरिक उत्तरदायित्वों को भी निभाना चाहिए। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक श्री अमर सिंह, श्री ज्ञान सिंह गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी और हजारों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

इजराइल को दुनिया का सख्त संदेश: अब युद्ध नहीं, गाजा में चाहिए अमन

गाजा  गाजा पट्टी में जारी खून-खराबे और मानवीय संकट को लेकर ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत 28 देशों  ने मिलकर इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। इन देशों ने साफ कहा है कि **गाजा में युद्ध अब तुरंत खत्म होना चाहिए**, ताकि मासूम नागरिकों और बच्चों की जान बचाई जा सके। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को एक साझा बयान जारी किया। उन्होंने कहा- “गाजा में नागरिकों की पीड़ा अब नए स्तर तक पहुंच गई है। वहां बच्चों और आम लोगों को पीने का पानी और खाना तक नहीं मिल पा रहा। राहत सामग्री बहुत धीमी गति से पहुंच रही है और लोग बेवजह मारे जा रहे हैं।” बयान में कहा गया कि इजराइल सरकार का राहत सामग्री वितरण मॉडल न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि इससे वहां की जनता को मानवीय सम्मान से जीने का हक  भी छिन जाता है। विदेश मंत्रियों ने आरोप लगाया कि इजराइल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन नहीं कर रहा है।इस बयान पर ब्रिटेन, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के अलावा कई यूरोपीय देश जैसे फ्रांस, स्पेन, आयरलैंड और नॉर्वे ने हस्ताक्षर किए हैं।हालांकि,  अमेरिका और जर्मनी  ने इस बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए।   इजराइल ने दिया सख्त जवाब इजराइल सरकार ने इस आलोचना को तुरंत खारिज कर दिया। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बयान का ‘‘वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं’’  है और यह हमास जैसे आतंकी गुटों को गलत संदेश देता है।अमेरिका में इजराइल के राजदूत माइक हुकाबी ने तो इसे सोशल मीडिया ‘एक्स’ (पुराना ट्विटर) पर  ‘‘घृणित’’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया को इजराइल पर नहीं, बल्कि हमास पर दबाव डालना चाहिए जो ‘‘बर्बर और निर्दोष लोगों का हत्यारा’’ है। गाजा में हालात कितने गंभीर ?      गाजा पट्टी में इस समय 20 लाख से ज्यादा फिलीस्तीनी  एक भयानक मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं।     बड़ी संख्या में लोग  घर छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं।      पानी, भोजन और दवाइयों की भारी कमी है।     गाजा  स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक इजराइली हमलों में 59,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।      इनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे  हैं। कैसे शुरु हुई जंग ?  7 अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इजराइल में बड़ा हमला कर दिया था।  इस हमले में करीब 1,200 इजराइली नागरिक मारे गए।  251 लोगों को बंधक बना लिया गया जिनमें अब भी करीब 50 बंधक हमास के कब्जे में हैं लेकिन माना जाता है कि आधे से भी कम अब जीवित हैं। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा में भीषण सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है। इन देशों ने इजराइल और हमास दोनों से  तुरंत युद्धविराम  की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे इस क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए  राजनीतिक समाधान को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

ऑपरेशन के बाद भी रिश्तों में तल्ख़ी, भारत-पाक सीमा पर तनाव की नई परतें

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई सीमा पार झड़पों के बाद दोनों देश फिर से एक-दूसरे के खिलाफ रणनीतिक ‘शैडो बॉक्सिंग’ कर रहे हैं। इसके तहत दोनों देशों ने अपनी-अपनी सीमाओं के पास एयरस्पेस रिजर्व करने के लिए  नोटम्स  (Notice to Airmen) जारी किए हैं ताकि वायुसेना अभ्यास किए जा सकें। भारतीय वायुसेना की दक्षिण पश्चिमी एयर कमान 23 जुलाई से 25 जुलाई के बीच राजस्थान-गुजरात के इलाके में, जो कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास है,  एयर कॉम्बैट ड्रिल यानी हवाई युद्धाभ्यास करने जा रही है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अपने मध्य क्षेत्र के लिए 23 जुलाई तक और दक्षिणी क्षेत्र के लिए 22-23 जुलाई तक नोटम जारी किया है। गौरतलब है कि मई में दोनों देशों के बीच चार दिन तक तीव्र संघर्ष हुआ था। यह संघर्ष 7 मई को भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में  चार आतंकवादी ठिकानों और  पांच आतंकी अड्डों पर सटीक हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस ऑपरेशन को भारत ने  ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था। भारत ने साफ कहा था कि उसका मकसद केवल आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था, लेकिन पाकिस्तान ने इस पर पलटवार करते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए। पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के अड्डों, सैन्य ठिकानों और कुछ नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया।   इसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कम से कम नौ एयरबेस और  तीन रडार साइटों पर हमला किया। इनमें कुछ ठिकाने पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों और कमांड एंड कंट्रोल ढांचे के पास भी थे। भारतीय वायुसेना ने इसमें  Su-30MKI ,  राफेल और  मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमान इस्तेमाल किए। हमलों में  ब्रह्मोस,  क्रिस्टल मेज़-2,  रैम्पेज और  स्कैल्प जैसी सटीक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। ये हमले बहुत ही सटीक तरीके से, तय निशानों पर किए गए थे। अब दोनों देश फिर से सीमाओं के पास एयरस्पेस ब्लॉक कर हवाई अभ्यास कर रहे हैं, जिससे साफ है कि हालिया तनाव के बाद भी दोनों देश एक-दूसरे पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और अपनी रणनीतिक ताकत दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं

मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

जम्मू-कश्मीर में मौसम का अलर्ट, बारिश के चलते स्कूलों पर ताला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पिछले 12 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जिला प्रशासन ने मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। यह निर्णय छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सुबह 9:30 बजे जारी एक आधिकारिक निर्देश में रियासी के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा, “खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल 22 जुलाई को बंद रहेंगे।” राजौरी जिले में भी हालात ऐसे ही हैं। भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है। धरहाली और साकतोह नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजौरी के जिला मजिस्ट्रेट ने घोषणा की कि “खराब मौसम के कारण राजौरी जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल मंगलवार को बंद रहेंगे।” प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है, क्योंकि लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सांबा जिले में भी भारी बारिश के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। सांबा के उपायुक्त ने लोगों से भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को उन क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए जहां भूस्खलन की आशंका ज्यादा है। यात्रा करने से बचना चाहिए और बहते हुए नालों, नदियों या जलमार्गों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। स्कूलों से कहा गया है कि यदि कोई स्कूल भवन असुरक्षित पाया जाता है, तो कक्षाएं स्थगित कर दी जाएं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में सड़कें ब्लॉक हो गई हैं और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है।  

सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुआ पौधरोपण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् पौध-रोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य में समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।  

तिरंगे की शान को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने का अवसर है राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस की शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तिरंगे की आन-बान-शान को वैश्विक स्तर पर निरंतर बढ़ाने का पावन अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस पर देशवासियों को कर्तव्य निर्वहन के साथ देश की सेवा करने और तिरंगे का मान बढ़ाने का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया।  

Tesla Model Y की बुकिंग लाइव: कश्मीर से कन्याकुमारी तक उमड़ी इलेक्ट्रिक कार की डिमांड, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

मुंबई एलन मस्‍क की कंपनी टेस्‍ला की भारत में एंट्री हो गई है. मुंबई के बीकेसी में खुला टेस्‍ला का शोरूम शहर की शोभा बढ़ा रहा है. कंपनी ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि टेस्‍ला की Y मॉडल कार यहां एवलेबल होगी. इसी के साथ कंपनी ने कीमतों का भी खुलासा कर दिया है. कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि टेस्‍ला के वाई मॉडल की कार की ऑन रोड प्राइस करीब 61 लाख रुपये से शुरू हो रही है. कंपनी ने कार की बुकिंग को लेकर भी जानकारी दी है. सबसे पहले जान लीजिए कि टेस्‍ला के Y मॉडल में किस वेरिएंट की कितनी कीमत होगी.      कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, ब्‍लैक कलर में रियर-व्‍हील ड्राइव की कीमत 59.89 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है, जिसकी ऑन रोड प्राइस 61.07 लाख रुपये पड़ेगी.      इसी मॉडल में रेड वेरिएंट में लॉन्‍ग रेंज रियर-व्‍हील ड्राइव की कीमत 68.14 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है, जिसकी ऑन रोड प्राइस 71.02 लाख रुपये पड़ेगी.  ₹22,220 देकर आज ही कर सकते हैं बुकिंग  कंपनी ने ऑनलाइन साइट पर टेस्‍ला कार की बुकिंग के लिए भी जानकारी दी है. इसके लिए आपको कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा और वहां लोकेशन इंडिया सेलेक्‍ट करना होगा. इसके बाद भारत में आपको Y मॉडल की कीमतें दिखने लगेंगी.      सबसे पहले https://www.tesla.com/ पर जाएं.      यहां आपको मॉडल में कार का Y Model सेलेक्‍ट करना होगा.     इसके बाद आपको लेफ्ट कॉर्नर में जाकर लोकेशन भारत (India-English) सेलेक्‍ट करना होगा.      अब आपको भारत में इस कार की कीमतें दिखनी शुरू हो जाएगी.      यहां आप अपनी पसंद के हिसाब से वेरिएंट और कलर चुन सकते हैं.      इसके बाद आपको Order Now पर क्लिक करना है.  यहां पर आप यूपीआई/कार्ड या अन्‍य पेमेंट माध्‍यम से बुकिंग अमाउंट पेड कर अपने लिए कार बुक कर पाएंगे. बुकिंग के लिए 22,220 रुपये देने पड़ेंगे और एक हफ्ते के भीतर ग्राहक को 3 लाख रुपये जमा करने होंगे.  टाइमलाइन: 10 साल पहले प्रयास, अब हुआ साकार     2016: टेस्ला ने मॉडल 3 के लिए प्री-ऑर्डर लेना शुरू किया, जो भारतीय बाजार में उनकी शुरुआती दिलचस्पी को दर्शाता है. हाल ही में (2025 में), कंपनी ने इन बुकिंग का रिफंड भी किया.     2017: एलन मस्क ने भारत में लग्जरी वाहनों पर 100% आयात शुल्क को टेस्ला के लिए बड़ी बाधा बताया.     2021: टेस्ला ने बेंगलुरु में अपनी इकाई पंजीकृत की. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि टेस्ला CBU (पूरी तरह से निर्मित इकाई) के माध्यम से परिचालन शुरू करेगी.     2022: मस्क ने भारत के उच्च आयात शुल्क को फिर से बाधा बताया. टेस्ला ने भारत में अपने चार मॉडलों के लिए होमोलोगेशन प्रक्रिया भी शुरू की.     2023: टेस्ला ने मुंबई में 13 भूमिकाओं के लिए स्थानीय भर्ती शुरू की और गुजरात या महाराष्ट्र में $2 बिलियन की फैक्ट्री की योजना पर विचार किया, लेकिन उच्च टैरिफ और स्थानीय विनिर्माण के दबाव के कारण बातचीत रुक गई.     मार्च 2024: भारत ने नई ईवी नीति (SPMEPCI) की घोषणा की, जिसमें कुछ शर्तों के साथ $35,000 से अधिक कीमत वाले ईवी पर आयात शुल्क घटाकर 15% कर दिया गया.     2025 की शुरुआत: टेस्ला ने मुंबई और दिल्ली में स्टोर मैनेजर, बिक्री और सेवा भूमिकाओं के लिए भर्ती में तेजी लाकर रिटेल ऑपरेशन की नींव रखी.     मिड 2025 : नई ईवी नीति के विवरण को अंतिम रूप दिया गया और रजिस्‍ट्रेशन विंडो खोली गईं; टेस्ला को छोड़कर कई वैश्विक कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई.