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रायपुर : श्रम कल्याण केन्द्रों का होगा उन्नयन, अध्यक्ष योगश दत्त मिश्रा ने ली बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले मेंछत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत प्रदेश भर में 20 श्रम कल्याण केन्द्रों का विभिन्न औद्योगिक जिलों में संचालन किया जा रहा है। इन केन्द्रों के माध्यम से श्रम मंडल में पंजीकृत मजदूरों के परिवार के महिला सदस्यों को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक हजारों श्रमिक परिवार की महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार से जोड़ा गया है। श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने इन कल्याण केन्द्रों का संचालन कर रही कर्मचारियों की एक बैठक लेकर केन्द्रों की समीक्षा की। प्रत्येक केन्द्र के संचालन करने वाले कर्मचारियों से रूबरू होकर उनके दुःख-तकलीफ को जाना, समस्याओं से अवगत हुए और इन केन्द्रों का भविष्य में किस तरह बेहतर ढंग से संचालित किया जाए, इसके उपाय बताए।  बैठक को संबोधित करते हुए कल्याण मंडल के अध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल का जिलों में संचालित ये श्रम कल्याण केन्द्र मॉडल है, इन्हें और उन्नत और विकसित किया जाएगा। सिलाई-कढ़ाई-बुनाई के अलावा और दूसरी अन्य रोजगार मूलक शिक्षा देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का प्रयत्न किया जाएगा। उन्होंने अपनी घोषणा में श्रम कल्याण केन्द्रों का संचालन कर रही महिलाओं के वेतन वृद्धि की घोषणा करते हुए कहा कि इन केन्द्रों का बेहतर ढंग से संचालन करें। लोगों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दें, ताकि वे अपना रोजगार स्वयं प्रारंभ करे सकें और अपने परिवार की आय वृद्धि करने में समर्थ हों। बैठक के प्रारंभ में श्रम कल्याण केन्द्रों की प्रभारी श्रीमती मोनिका मिश्रा ने मंडल के अध्यक्ष का उपस्थित कर्मचारियों से परिचय कराया। कर्मचारीगणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। फिर सभी की बैठक ली गई। इस दौरान मंडल के कमिश्नर अजितेश पाण्डेय जी, एवं अन्य मंडल कर्मचारी उपस्थित थे।

अखिलेश से मिलकर किया था बड़ा दावा, अब पिता के खुलासे से कटघरे में आया युवक

शाहजहांपुर यूपी के शाहजहांपुर के रहने वाले युवक ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लखनऊ में मिलकर पुलिस पर रिश्वत का आरोप लगाया तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की अफसरों ने तुरंत जांच सौंप दी। पुलिस पर आरोप लगाने वाला युवक अब खुद ही कटघरे में खड़ा नजर आने लगा। जांच में सामने आया है कि तालिब ने न सिर्फ गलतबयानी की, बल्कि जिस फेसबुक पोस्ट पर उसे कार्रवाई की बात कह रहा था, उसका चालान किसी और वजह से हुआ था। अब पिता ने भी बेटे की पोल खोलकर रख दी। शाहजहांपुर के अल्हागंज थाना क्षेत्र के मऊ गांव निवासी तालिब 1 जुलाई को एक फेसबुक वीडियो पोस्ट कर चर्चा में आया था। उसने कहा था कि जो अखिलेश यादव से टकराएगा, उसे रेल दिया जाएगा। उसने दावा किया कि इस पोस्ट को लेकर पुलिस ने उसका चालान किया और थाने से छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपए वसूले। 40 मिनट तक थाने में भी बैठाए रखा। सोमवार को वह लखनऊ में अखिलेश यादव से मिला और मंच से यह बात कही। इस पर अखिलेश यादव ने हंसते हुए कहा कि वह पुलिस से पैसे वापस दिलाएंगे। अब इस पूरे मामले की तह में सच कुछ और निकला है। तालिब के खिलाफ पुलिस ने फेसबुक पोस्ट या राजनीति के कारण नहीं, बल्कि गांव की एक महिला की शिकायत पर शांति भंग में कार्रवाई की थी। महिला ने की थी शिकायत, बार-बार कर रहा था गाली-गलौज मऊ गांव की रहने वाली महिला रुखसाना ने बताया कि उसका बेटा नाजिम, तालिब के पिता तौफिक के साथ जरी का काम करता था। मई में नाजिम ने तौफिक से 1000 रुपए उधार लिए थे। कहा था कि काम के मेहनताने से काट लेना। बाद में नाजिम ने काम पर आना बंद कर दिया। इससे नाराज होकर तौफिक घर पहुंचा और गाली-गलौच की। तब रुखसाना ने 500 रुपए लौटा दिए, लेकिन तौफिक बार-बार 500 रुपए के लिए धमकाने लगा। महिला ने परेशान होकर 23 जून को पुलिस को शिकायत दी। थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करवा दिया। आरोप: समझौते के बाद भी महिला को दे रहा था गाली इसके बाद रुखसाना का आरोप है कि तौफिक का बेटा तालिब उसे सोशल मीडिया पर बदनाम करने लगा। घर पर आकर धमकी देता और गालियां देता था। 29 जून को महिला ने तालिब के खिलाफ थाने में तहरीर दी। इस पर पुलिस ने तालिब को थाने बुलाकर 1 जुलाई को शांति भंग में चालान कर दिया। पिता बोले- तालिब झूठ बोल रहा है, पुलिस ने हमसे पैसे नहीं मांगे तालिब के पिता तौफिक ने बताया कि उनका बेटा पहले भी कई बार ऐसी पोस्ट कर चुका है। वह घर के कहने पर नहीं चलता है और गांव से भी अलग रहता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमसे कभी कोई पैसे नहीं मांगे और न ही किसी तरह की जबरन वसूली हुई। उसकी जमानत उसके मामा ने करवाई थी। सपा जिलाध्यक्ष ने भी पल्ला झाड़ा, बोले- मामला संदिग्ध सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने कहा कि तालिब ने पहले एक मामले में मदद मांगी थी, तब थाना प्रभारी से बात कर समाधान भी करवा दिया गया था। लेकिन जो बातें उसने अखिलेश यादव के सामने कही हैं, उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। तालिब के दावे फर्जी लग रहे हैं। पुलिस बोली- वीडियो की जांच सीओ को सौंपी गई थाना अल्हागंज के प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश ने कहा कि एक महिला की तहरीर पर तालिब के खिलाफ शांति भंग में चालान किया गया था। बीस हजार रुपए लेने और पोस्ट को लेकर कार्रवाई का कोई मामला नहीं है। वहीं, एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि युवक के वीडियो का संज्ञान लिया गया है और मामले की जांच जलालाबाद के सीओ को सौंपी गई है।  

तीसरे मैच से पहले जेम्स एंडरसन ने मेजबान टीम को अपने पेस अटैक में जोफ्रा आर्चर को शामिल करने की दी सलाह

लंदन इंग्लैंड क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच जीतने के बाद दूसरा मुकाबला 336 रनों के बड़े अंतर से हार गई है। सीरीज के तीसरे मैच से पहले इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने मेजबान टीम को अपने पेस अटैक में जोफ्रा आर्चर को शामिल करने की सलाह दी है। एंडरसन के अनुसार, मेजबान टीम को तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को शामिल करके एक चांस लेना चाहिए। बेन स्टोक्स की अगुआई में इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में यह मुकाबला खेलेगी। भारत ने सीरीज का पहला मैच पांच विकेट से गंवाया था, जिसके बाद उसने एजबेस्टन में 336 रन से जीत दर्ज की। यह टेस्ट इतिहास में भारत की इस मैदान पर पहली जीत रही। फिलहाल पांच मुकाबलों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। जोफ्रा आर्चर पिछले सप्ताह एजबेस्टन में इंग्लैंड की टीम से जुड़े थे। वह साल 2019 के बाद से कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले, लेकिन हाल ही में ससेक्स के लिए प्रथम श्रेणी स्तर पर लाल गेंद से वापसी की है। एंडरसन ने ‘आईसीसी’ से कहा, “आप उनके ओवरों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाकर उन्हें सीरीज के आखिरी मुकाबलों में खिलाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन तब तक बहुत देर हो सकती है। मुझे लगता है कि वह खेलेंगे। उन्होंने ससेक्स के लिए एक मैच खेला है, एजबेस्टन में टीम के साथ रहे और थोड़ी गेंदबाजी भी की थी। मेरा मानना है कि उन्हें खिलाना ही चाहिए। यह मुकाबला बहुत अहम है। इसे ऐसे ही नहीं छोड़ा जा सकता।” इंग्लैंड के कोच ब्रैंडन मैकुलम ने हालांकि आर्चर की वापसी की गारंटी नहीं दी है, लेकिन उन्होंने यह बताया है कि दाएं हाथ का यह खिलाड़ी फिट होकर चयन के लिए उपलब्ध है। ब्रेंडन मैकुलम ने कहा, “जोफ्रा फिट दिख रहे हैं। वह मजबूत दिख रहे हैं। वह खेलने के लिए तैयार दिख रहे हैं। जोफ्रा भी उत्साहित हैं। वह स्पष्ट रूप से अपनी चोटों और टेस्ट क्रिकेट से बाहर रहने के दौर से गुजर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा, “हम सभी जानते हैं कि जोफ्रा टेस्ट क्रिकेट में क्या हासिल करने में सक्षम हैं। हमें उम्मीद है कि जब उनके लिए मौका आएगा, तो वह फिर से पहले जैसा मुकाम हासिल करने और उसमें सुधार करने में सक्षम होंगे।” एजबेस्टन टेस्ट गंवाने के कुछ घंटों बाद ही इंग्लैंड ने लॉर्ड्स टेस्ट के लिए 16 खिलाड़ियों के नाम का ऐलान कर दिया था। इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट के लिए अपने दल में तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को शामिल किया है। तीसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, शोएब बशीर, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग और क्रिस वोक्स।  

अपर मुख्य सचिव दुबे ने इंदौर में 11 जुलाई को होने वाले एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव की तैयारियों की जानकारी ली

अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा अपर मुख्य सचिव दुबे ने निर्देश दिए कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी अपर मुख्य सचिव दुबे ने इंदौर में 11 जुलाई को होने वाले एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव की तैयारियों की जानकारी ली भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद भोपाल के पालिका भवन स्थित संचालनालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की। इस मौके पर निर्वतमान अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव की ली जानकारी अपर मुख्य सचिव दुबे ने इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर 11 जुलाई को होने वाले एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव की तैयारियों की जानकारी ली। प्रदेश के शहरी क्षेत्र के विकास में यह कॉन्क्लेव बहुत महत्वपूर्ण है। आयुक्त नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे ने विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव दुबे ने निर्देश दिए कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। योजनाओं में प्रगति लाने के लिये प्रत्येक सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत व्यापक जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे

रायपुर : ’मोर गांव, मोर पानी‘ महाभियान से जल संरक्षण को मिली नई दिशा ’मोर गांव, मोर पानी‘ जन सहयोग बना स्थायी जल सुरक्षा की आधारशिला भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत व्यापक जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे रायपुर जल संकट से स्थायी निजात दिलाने एवं भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत व्यापक जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। वर्षा ऋतु से पूर्व नालों की सफाई कर जल प्रवाह को सुचारू किया गया जिससे जलभराव एवं जलजनित रोगों की समस्या में कमी आई है। पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए पंचायत भवनों, विद्यालय परिसरों, सड़कों एवं खाली स्थानों पर स्थानीय प्रजातियों जैसे नीम, पीपल, करंज एवं बांस के पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। भू-जल स्तर में वृद्धि एवं मिट्टी कटाव की समस्या पर नियंत्रण जैसे सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं, जिससे यह महाभियान जिले की जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर सिद्ध हो रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महाअभियान का शुभारंभ कर इसे प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिला एवं जनपद स्तर पर सीईओ को नोडल अधिकारी नियुक्त कर, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन का चयन किया गया तथा मैदानी अमलों को ग्राम, जनपद एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान दिया गया। सूरजपुर जिले में इस महाअभियान में 64 नालों का सर्वे किया गया, जिसमें 18 मॉडल नालों का चयन कर क्षेत्रवार कार्य योजना बनाई गई है। पार्टिसिपेट्री रूरल अप्रैज़ल पद्धति से ग्रामों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन योजना तैयार कर उसे ग्राम पंचायत विकास योजना में समाहित किया गया एवं शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। मनरेगा के श्रम बजट में समाहित कर रोजगार सृजन करते हुए कार्यों की स्वीकृति ’सिक्योर’ पोर्टल के माध्यम से दी गई। इस महाभियान के तहत कंटूर ट्रेंच 55, वृक्षारोपण 34 स्थल, गली प्लग 2520, लूज बोल्डर चेक डेम 855, कूप 12, गैबियन स्ट्रक्चर 43, अंडरग्राउंड डाइक 20, फार्म पोंड 1289, मिट्टी बांध 67, चेक डेम 09 एवं अमृत सरोवर 28 कुल 4932  संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य बरसात में बहकर व्यर्थ जाने वाले जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर को बढ़ाना है।  कार्ययोजना निर्माण में आधुनिक (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) तकनीक का उपयोग करते हुए पहाड़ी से घाटी तक (रिज टू वैली) सिद्धांत पर आधारित संरचनाओं की योजना बनाई गई है जिससे वर्षा जल को संरचित ढंग से रोककर अधिकतम जल संचयन सुनिश्चित किया जा सके, साथ ही जनसहयोग एवं श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को भी गति दी गई है, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय कर्मचारियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही है। घरेलू अपशिष्ट जल के समुचित निपटान हेतु परिवारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर जल पुनर्भरण की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। इन समस्त प्रयासों में जनभागीदारी से जनकल्याण की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है, जिससे जिले में न केवल जल संरक्षण को मजबूती मिली है बल्कि स्थानीय समुदाय की आजीविका को भी स्थायित्व मिला है। 

लाड़ली बहनों को दी जाने वाली राशि में होगी वृद्धि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हुकुमचंद मिल के समान, ग्वालियर-रतलाम के मिल मजदूरों को भी दिलाया जाएगा उनका हक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में मेट्रोपोलिटिन एरिया विकास के लिए बिल लायेगी राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहनों को दी जाने वाली राशि में होगी वृद्धि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यंजनों का एम्बेसडर है इन्दौर का पोहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "एम.पी. तक बैठक" संवाद कार्यक्रम में विचार व्यक्त किए भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। औद्योगिकरण को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए स्व-रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। सरकार लाड़ली बहना की राशि बढ़ा रही है। टेक्सटाइल पार्क में काम करने वाली लाड़ली बहनों को 5000 रुपए अलग से दिलाएंगे। लाड़ली बहना योजना की राशि क्रमबद्ध रूप से बढ़ाकर 3000 रुपए की जाएगी। एमपीपीएससी की तीन साल की परीक्षा एक साथ कराने का आदेश दिया गया है। युवाओं का कोई अहित नहीं होने देंगे। एक लाख शासकीय पदों पर भर्तियां हो रही हैं। प्रदेश सरकार ने नौ साल से अटकी पदोन्नति का रास्ता साफ किया है। इससे 2 लाख नए पदों के लिए भर्ती की संभावना बनेगी। आजादी के बाद लम्बे समय तक गेहूँ का मूल्य 600 रुपए था, अब सरकार किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रही है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के फलस्वरूप प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने इंदौर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 300 करोड़ रुपए दिलवाये, जिससे 30 साल पुराना विवाद खत्म हुआ। रतलाम की सज्जन मिल और ग्वालियर की मिल के लिए भी इसी तरह के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिया टुडे मीडिया समूह द्वारा भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित "एम.पी. तक बैठक" संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियां जारी हैं। इस आयोजन में सारे रिकॉर्ड टूटेंगे। क्षिप्रा नदी को 12 मासी जीवंत रखने के लिए कान्ह नदी परियोजना पर कार्य जारी है। गंभीर नदी को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। क्षिप्रा के जल से श्रद्धालुओं और किसानों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार मेट्रोपोलिटन विकास को गति प्रदान करने के लिए एक साल के अंदर बिल लेकर आऐगी। मध्यप्रदेश पर्यटन निगम लाभ में रहने वाला देश का एकमात्र टूरिज्म बोर्ड है। इसमें हमारे द्वारा बनाए गए कॉस्ट इफेक्टिव विज्ञापनों की अहम भूमिका रही है। राज्य सरकार ने पर्यटन को वाइल्ड लाइफ से जोड़ा है। मध्यप्रदेश टाइगर, चीता, घड़ियाल और गिद्ध की संख्या में नंबर-एक पर है। उन्होंने कहा कि इंदौर का पोहा व्यंजनों का एम्बेसडर बन सकता है। भाप पर बने पोहे में तेल कम इस्तेमाल होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी सभी से अपने खाने में तेल की 10 प्रतिशत खपत कम करने का आहवान किया हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंबेडकर जी ने जातियों के विवाद खत्म करके देश को एकजुट करने का कार्य किया। हमारी सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 5 स्मारक बनवाए। अब जाति जनगणना शुरू होगी, तो कई प्रकार के भ्रम दूर हो जाएंगे। जातिगत जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण तय करेंगे। राज्य सरकार ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में जनकल्याण और विकास की गतिविधियों के क्रियान्वयन में प्रदेशवासियों का हरसंभव सहयोग और समर्थन निरंतर प्राप्त हो रहा है।  

9 जुलाई को 10 बड़े ट्रेड यूनियनों ने पूरे देश में हड़ताल का ऐलान किया, 25 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी होंगे शामिल

नई दिल्ली  देशभर में कल 9 जुलाई को भारत बंद का ऐलान किया गया है। यह बंद 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मिलकर बुलाया है। इनमें बैंक, बीमा, डाक, कोयला खदान, हाईवे और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टरों के 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस विरोध प्रदर्शन को ' भारत बंद ' नाम दिया गया है। यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियां कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली और मजदूरों के खिलाफ हैं। ग्रामीण भारत से किसान और खेतिहर मजदूर भी इस बंद में शामिल होंगे। अडानी ने किसे दिया बिना शर्त 12600 करोड़ रुपये का ऑफर? इस कंपनी को खरीदने का है प्लान बंद में इन ट्रेड यूनियनों का समर्थन इस हड़ताल में कई प्रमुख राष्ट्रीय संगठन शामिल हैं। इनमें ये शामिल हैं:     इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)     ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)     हिंद मजदूर सभा (HMS)     सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU)     ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC)     ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC)     सेल्फ एम्प्लॉयड वीमेंस एसोसिएशन (SEWA)     ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU)     लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF)     यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC) क्या खुला है, क्या बंद रहेगा? इस हड़ताल से कई क्षेत्रों पर असर पड़ने की उम्मीद है। इनमें बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, डाक विभाग, कोयला खनन और कारखाने, राज्य परिवहन सेवाएं, सरकारी कार्यालय शामिल हैं। एनएमडीसी और स्टील व खनिज क्षेत्रों की कई सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने की पुष्टि की है। हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के उद्योगों और सेवाओं में मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी। क्या बैंक बंद रहेंगे? बैंकिंग यूनियनों ने अलग से बंद के कारण सेवाओं में व्यवधान की पुष्टि नहीं की है। लेकिन, बंद आयोजकों के अनुसार वित्तीय सेवाएं प्रभावित होंगी। बंद आयोजकों ने कहा कि हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सहकारी बैंकिंग क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल हैं। इससे कई क्षेत्रों में शाखा सेवाएं, चेक क्लीयरेंस और ग्राहक सहायता जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस का क्या होगा? 9 जुलाई को स्कूल, कॉलेज और प्राइवेट ऑफिस खुले रहने की उम्मीद है। हालांकि, परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण कुछ क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। ट्रेड यूनियनों और सहयोगी ग्रुप की ओर से कई शहरों में विरोध मार्च और सड़क प्रदर्शन किए जाने से सार्वजनिक बसें, टैक्सियां और ऐप-आधारित कैब सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे स्थानीय यात्रा और लॉजिस्टिक्स संचालन में देरी या रद्द होने की संभावना है। क्या रेल सेवाएं प्रभावित होंगी? 9 जुलाई को देशव्यापी रेलवे हड़ताल की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की आशंका है, जिससे कुछ क्षेत्रों में ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं या उनमें देरी हो सकती है। रेलवे यूनियनों ने औपचारिक रूप से भारत बंद में भाग नहीं लिया है। लेकिन, पहले हुईं इस तरह की हड़तालों में देखा गया है कि प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशनों के पास या पटरियों पर प्रदर्शन करते हैं, खासकर उन राज्यों में जहां यूनियन की मजबूत उपस्थिति है। इससे स्थानीय स्तर पर ट्रेनों में देरी हो सकती है या अधिकारियों द्वारा सुरक्षा उपाय बढ़ाए जा सकते हैं। हड़ताल का कारण क्या है? ट्रेड यूनियनों का दावा है कि उनकी चिंताओं को लगातार नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने पिछले साल श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया को 17 सूत्रीय मांगों का एक चार्टर सौंपा था, लेकिन उनका कहना है कि इस पर कोई गंभीर प्रतिक्रिया नहीं हुई है। यूनियन फोरम ने कहा कि सरकार ने देश की कल्याणकारी राज्य की स्थिति को त्याग दिया है। यह विदेशी और भारतीय कंपनियों के हित में काम कर रही है। यह उन नीतियों से स्पष्ट है जिनका सख्ती से पालन किया जा रहा है। यूनियन ने ये लगाए सरकार पर आरोप     पिछले दस वर्षों में भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित नहीं किया है।     चार नए श्रम कानूनों को आगे बढ़ा रही है जो यूनियनों को कमजोर करते हैं और काम के घंटे बढ़ाते हैं।     संविदात्मक नौकरियों और निजीकरण को बढ़ावा दे रही है।     अधिक सार्वजनिक क्षेत्र की भर्ती और वेतन वृद्धि की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।     युवा बेरोजगारी से निपटने के बिना नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दे रही है। किसान और ग्रामीण मजदूर क्यों शामिल? किसानों के ग्रुप और ग्रामीण श्रमिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा और कृषि श्रमिक संघ ग्रामीणों को जुटाने और उन आर्थिक फैसलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे ग्रामीण संकट को बढ़ा रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकारी कामों के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है। वहीं आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याणकारी खर्चों में कटौती की जा रही है।

विंबलडन के दौरान यानिक सिनर चोटिल, करवाना होगा ‘एमआरआई स्कैन’

लंदन विंबलडन के चौथे दौर में ग्रिगोर दिमित्रोव के खिलाफ मुकाबले के शुरुआती चरण में यानिक सिनर गिरकर चोटिल हो गए, जिसके बाद वर्ल्ड नंबर-1 सिनर चोट की जांच के लिए ‘एमआरआई स्कैन’ कराने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, सिनर विंबलडन के चौथे दौर में पहुंच गए हैं, क्योंकि ग्रिगोर दिमित्रोव को चोट के कारण मैच छोड़ना पड़ा। चौथे दौर के मैचअप के पहले ही गेम में सिनर हार की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रहे थे। इसी बीच जमीन पर एक सहज दिखने वाली स्लाइड के दौरान उनकी कोहनी में चोट लग गई। इसके बाद उन्हें ‘मेडिकल टाइमआउट’ मिला। हाल ही में अपने फिजियोथेरेपिस्ट और ट्रेनर से अलग होने के बाद, सिनर अब अपनी कोहनी के इलाज के लिए एटीपी टूर के फिजियो की मदद लेंगे। सिनर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “उस तरह गिरना काफी दुर्भाग्यपूर्ण था। मैंने वीडियो देखी, तो लगा कि यह गंभीर नहीं था, लेकिन फिर भी मुझे काफी दर्द महसूस हुआ, खासकर सर्व और फोरहैंड पर। मैं दर्द को महसूस कर सकता था। अब देखते हैं, कल चोट की जांच करेंगे, फिर तय करेंगे आगे क्या करना है।” उन्होंने आगे कहा, “यहां एटीपी के अच्छे फिजियोथेरेपिस्ट हैं। डॉक्टर भी अच्छे हैं। जैसा कि मैंने कहा, एमआरआई से पता चलेगा कि कहीं कोई गंभीर बात तो नहीं है, और फिर उसी के अनुसार इलाज किया जाएगा।” इस मुकाबले में ग्रिगोर दिमित्रोव दो सेट से आगे चल रहे थे। इसी बीच दिमित्रोव अपने दाहिने हाथ के नीचे ‘पेक्टोरल मसल्स’ को पकड़कर मैदान पर गिर पड़े। जब तक उन्होंने गेम खत्म किया, तब तक वह दर्द से कराह रहे थे। दिमित्रोव अपनी सर्विसिंग आर्म को मुश्किल से उठा पाए और चोटिल होने के कारण उन्हें रिटायर होना पड़ा। यह लगातार पांचवां ग्रैंड स्लैम है, जिसमें उन्हें मैच के बीच में ही हटना पड़ा। क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले सिनर का सामना अमेरिका के बेन शेल्टन से होगा।  

जगदलपुर : प्लेसमेंट केम्प के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति हेतु जानकारी देने की अपील

जगदलपुर : प्लेसमेंट केम्प के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति हेतु जानकारी देने की अपील जगदलपुर  जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जगदलपुर द्वारा निजी क्षेत्र के रिक्त पदों हेतु प्लेसमेंट केम्प का आयोजन जुलाई माह में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। उप संचालक रोजगार जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार प्लेसमेंट केम्प के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति करने के इच्छुक नियोजक अपने फर्म (संस्था), कार्यालय और दुकान की रिक्तियों की जानकारी कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जगदलपुर को पत्र के माध्यम से या कार्यालय के ईमेल  ddirempl@gmail.com अथवा कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर जानकारी प्रदाय कर सकते हैं। जिसमें पदवार रिक्तियों की संख्या, वांछित योग्यता, अनुभव एवं प्रतिमाह देय वेतन की जानकारी भी दिया जाना आवश्यक है, ताकि प्लेसमेंट कैम्प हेतु पद अनुरूप युवाओं को आकर्षित किया जा सके।

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : जनदर्शन में 23 लोगों ने दिया आवेदन : कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी सभी की फरियाद

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन में अपनी मांगों एवं समस्याओं को लेकर 23 लोगों ने आवेदन प्रस्तुत किया। जनदर्शन में आए लोगों ने कतारबद्ध होकर बारी-बारी से कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याओं-मांगों से अवगत कराया। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने एक-एक कर सभी की फरियाद सुनी और उनके आवेदनों का अवलोकन किया। उन्होंने शिकायत से संबंधित आवेदनों की जांच कराने और मांगों से संबंधित आवेदनों को संबंधित विभाग को भेजकर नियम प्रक्रिया का पालन कराते हुए कार्रवाई हेतु अग्रेषित किया। जनदर्शन में कलेक्टर ने आवेदकों को राजस्व से संबंधित प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने, विवादित मामलों में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने तथा न्यायालयीन प्रकरण जिनकी सुनवाई कलेक्टर न्यायालय में पूर्व में हो चुका है, को अपील करने कहा। उन्होंने घरेलू विवाद के मामले में आपसी समझौता कराने सलाह दी। जनदर्शन में आर्थिक सहायता, पारिश्रमिक भुगतान, मुआवजा, अतिक्रमण हटाने, आवास का किश्त दिलाने, पदस्थापना, नियुक्ति आदि से संबंधित आवेदन शामिल हैं।