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वैभव सूर्यवंशी ने चौथे मेंस यूथ वनडे मैच में रचा इतिहास, सबसे तेज शतक जड़ा, पाकिस्तानी खिलाड़ी का रिकॉर्ड ध्वस्त

नई दिल्ली वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को वॉर्सेस्टर में इंग्लैंड अंडर-19 और भारत अंडर-19 के बीच चौथे मेंस यूथ वनडे मैच में इतिहास रच दिया। वैभव ने शतक जड़कर 12 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए पाकिस्तान के खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया। वैभव सूर्यवंशी यूथ वनडे इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। सूर्यवंशी ने 52 गेंद पर शतक पूरा किया और पाकिस्तान के कामराम गुलाम के 53 गेंद पर शतक बनाने के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी तेजतर्रार पारी के दौरान 10 चौके और 7 छक्के लगाए।   यूथ वनडे में सबसे तेज शतक     52 गेंद – वैभव सूर्यवंशी – भारत U19 बनाम इंग्लैंड U19 – वॉर्सेस्टर (2025)     53 गेंद – कामरान गुलाम – पाकिस्तान अंडर 19 बनाम इंग्लैंड अंडर 19 – लीसेस्टर (2013)     68 गेंद – तमीम इकबाल – बांग्लादेश अंडर 19 बनाम इंग्लैंड अंडर 19 – फतुल्लाह (2005/06)     69 गेंद – राज अंगद बावा – भारत U19 बनाम युगांडा U19 – तारौबा (2021/22)     69 गेंद – शॉन मार्श – ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 बनाम केन्या अंडर 19 – डुनेडिन (2001/02) टेस्ट में मचा चुके हैं धमाका बता दें कि पिछले साल 14 वर्षीय इस खिलाड़ी ने चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ मेंस यूथ टेस्ट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया था। उन्होंने सिर्फ 56 गेंद पर शतक जड़ा था। इस मामले में उनसे आगे सिर्फ इंग्लैंड के मोईन अली हैं, जिन्होंने 2005 में 56 गेंद पर शतक लगाया था। इंग्लैंड में जमकर गरज रहा वैभव का बल्ला गौरतलब हो कि सूर्यवंशी इंग्लैंड के खिलाफ चल रही पांच मैचों की यूथ वनडे सीरीज में शानदार फॉर्म में हैं। पिछले मैच में उन्होंने 20 गेंद में अर्धशतक जड़ा था, जो किसी भारतीय द्वारा यूथ वनडे में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है। सूर्यवंशी 31 गेंद पर 86 रन बनाकर आउट हो गए थे। सीरीज के पहले दो मैचों में उन्होंने 48 और 45 रन बनाए थे।  

एसआईए ने एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ

रायपुर एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में एसआईए कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. संदेहियों के पास आंध्र प्रदेश के सिमकार्ड से लैस मोबाइल फोन मिले हैं. पूरे मामले की जांच कर रही एसआईए ने जिन संदेहियों को हिरासत लेकर गोपनीय स्थान में पूछताछ कर रही है, उनके मोबाइल फोन से माओवादियों को पुलिस की गतिविधियों की देने की जानकारी मिली है. पूछताछ के जरिए घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. बता दें कि 9 जून को सुकमा जिले के कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर पुलिस टीम तलाशी अभियान पर निकली थी. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी बम की चपेट में आने से एडिशनल एसपी आकाश राव गिरेपुंजे मौके पर ही शहीद हो गए, वहीं एसडीओपी कोंटा भानु प्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

मेडिकल शिक्षा घोटाला उजागर, CBI ने दर्ज की FIR, पूर्व UGC चीफ भी घेरे में

नई दिल्ली  सीबीआई ने एक बड़े मेडिकल एजुकेशन घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले में स्वास्थ्य मंत्रालय के कई बड़े अधिकारियों, यूजीसी के पूर्व चेयरमैन, धर्मगुरु के अलावा कई नाम शामिल हैं। सीबीआई की एफआईआर में कुल 34 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें से आठ स्वासथ्य मंत्रालय, एक नेशनल हेल्थ अथॉरिटी, पांच डॉक्टर और एक स्वयंभू संत शामिल हैं। कौन-कौन से हाई प्रोफाइल नाम सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक यूजीसी के पूर्व चेयरमैन डीपी सिंह का नाम भी भी इस घोटाले में शामिल है। फिलहाल वर टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के चांसलर हैं। दूसरा नाम रावतपुरा इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ऐंड रिसर्च के चेयरमैन और स्वयंभू संत रविशंकर महाराज का है। इन्हें रावतपुरा सरकार के नाम से भी जाना जाता है अब तक आठ गिरफ्तारियां इसके अलावा इंडेक्स मेडिकल कॉलेज इंदौर के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। गीताांजलि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मयूर सरकार का नाम भी इस स्कैम से जुड़ा है। सीबीआई ने अब तक इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। तीन डॉक्टरों पर 55 लाख रुपये घूस लेकर मनमानी जांच रिपोर्ट लगाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक रवि शंकर महाराज ने जांच को लेकर एडवांस जानकारी लेने की कोशिश की। इसके बाद रावतपुर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी ने मयूर रावल से संपर्क किया। रावल ने जानकारी देने के लिए 25 से 30 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उन्होंने इंस्पेक्शन की तारीक और अधिकारियों के नाम बता दिए। एजेंसियों का दावा है कि रविशंकर महाराज ने डीपी सिंह से भी अपने पसंद की रिपोर्ट बनवाने के लिए संपर्क किया था। वहीं डीपी सिंह ने यह काम सुरेश को सौंप दिया। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में डीपी सिंह से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। स्वास्थ्य मंत्रालय से ही लीक हो गईं फाइल जानकारी के मुताबिक यह घोटाला स्वास्थ्य मंत्रालय से ही शुरू हुआ था। बताया गया कि आठ अधिकारियों ने दलालों को गुप्त फाइलों की भी जानकारी दे दी। लंबी चौड़ी रिश्वत लेने के बाद कॉलेज के प्रतिनिधिोयों को सीक्रेट इन्फॉर्मेशन दे दी गई। अधिकारियों ने फाइल की फोटो खींचकर बिचौलियों को भेजी थी। सीबीआई ने इन अधिकारियों की पहचान पूनम मीना, धर्मवीर, पियूष मल्यान, अनूप जैसवाल, राहुल श्रीवास्तव, दीपक, मनीषा और चंदन कुमार के तौर पर की है। इस तरह की जानकारी मिलने से कॉलेज जांच से पहले ही तैयार हो गए । कॉलेजों में फर्जी फैकल्टी, फर्जी मरीजों का इंतजाम किया गया। इसके अलावा बायोमीट्रिक सिस्टम में भी बदलाव कर दिया गया। इस मामले में आरोपी इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के सुरेश सिंह भदौरिया पर आरोप हैकि वह डॉक्टरों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस बनाने के लिए आर्टिफिशियल फिंगर का इस्तेमाल करते थे। सीबीआई का कहना है कि बड़ी मात्रा में रिश्वत हवाला के जरिए दी जाती थी। कभी इसे मंदिर बनवाने के लिए दान के रूप में दिखाया जाता था तो कभी चैरिटी के लिए। एनएमसी की मेडिकल असेसमेंट ऐंड रेटिंग बोर्ड के सदस्य जीतू लाल मीना वाराणसी के इंद्र बली मिश्रा के साथ संपर्क में थे। इंद्र बली को गुरुजी के तौर पर जाना जाता है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने वीरेंद्र कुमार के लिए काम किया जा को दक्षिण भारत के कई कॉलेजों के लिए दलाली का काम करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घोटाले की जड़ें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण के अन्य राज्यों में फैली हैं। अनंतपुर का हरि प्रसाद यही काम करता है। वह एनएमसी की जांच से पहले डमी फैकल्टी की व्यवस्था भी कर देता है। हरी प्रसाद और कृष्ण किशोर पर दक्षिण के दो कॉलेजों से घूस लेने का आरोप है।

सुरक्षाबलों की कार्रवाई से नक्सलियों को झटका, मुठभेड़ में दो ढेर

बीजापुर शनिवार को छत्तीसगढ़ एक बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर हुई इस मुठभेड़ में दो माओवादियों की मौत हो गई है। पुलिस ने आज यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माओवादी कैडरों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया गया था और शुक्रवार से ही इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी। मुठभेड़ स्थल से दो पुरुष नक्सली के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से जानकारी गोपनीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी गई है। ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद ही पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।  

अखिलेश यादव का BJP पर निशाना: JPNIC बर्बाद, अब बंद स्कूलों में मनाएंगे स्वतंत्रता दिवस

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपी एनआईसी को लेकर एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। जेपीएनआईसी और स्कूलों के मर्जर को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सभी बंद स्कूलों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराने का भी ऐलान किया। अखिलेश ने कहा कि समाजवाद और देश के बचाने के लिए जयप्रकाश नारायण जी बाहर निकले थे। उनके साथ पूरा देश था। संपूर्ण क्रांति आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि राजनीति में बदलाव आ गया। कई पार्टियां बन गईं। अब वही लोग जिन्होंने जेपी के नाम पर बने जेपी एनआईसी को बर्बाद कर दिया, वही लोग बिहार में जाकर वोट मांगेंगे। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि जेपी एनआईसी कमेटी के हम लोग मेम्बर थे। उसे भंग कर दिया गया। जय प्रकाश नारायण के नाम पर बनाया गया संस्थान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत था। सरकार इसे चला नहीं पाई। अब एलडीए को दे दिया। क्या वह चला पाएगी। हमने पहले भी कहा है कि अगर जेपीएनआईसी को बेचना ही है तो हम लोग चंदा लगाकर लेने के लिए तैयार हैं। अखिलेश ने कहा कि जेपी एनआईसी की बर्बादी मीडिया को वहां जाकर देखनी चाहिए। जेपी एनआईसी को बर्बाद कर बिहार में किस आधार पर भाजपा वाले वोट मांगेगे। अखिलेश ने कहा कि लोग राजनितिक लाभ के लिए भाषा विवाद हो रहा है। महाराष्ट्र मे गुजरात के लोगो को पीटा गया। कहा कि सरकार को जेपी एनआईसी के हर फ्लोर को एक-एक भारतीय भाषा के प्रचार के लिए आवंटित कर देना चाहिए। हिंदी समेत किसी भाषा का अपमान न हो। अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने हारने वाले बूथ चिह्नित कर लिए हैं। उनके संबंधित स्कूल बंद किए जा रहे हैं। 15 अगस्त को सपा कार्यकर्ता बंद हो रहे 5000 स्कूलों मे जाकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे। वहां पर तिरंगा झंडा फहराएंगे। उत्तर भारतीयों का अपमान बर्दाश्त नहीं महाराष्ट्र में हिंदी भाषा के मामले में मारपीट की निंदा करते हुए अखिलेश ने कहा कि देश की सभी भाषाओं का सम्मान होना चाहिए मगर हिंदी भाषी लोगों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र में हिंदी भाषा का विरोध सही नहीं है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है जो गलत है। भाजपा की मंशा समाज में खाई पैदा कर राजनीतिक लाभ उठाना है। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को मराठी, गुजराती, कन्नड़, उर्दू और तमित समेत सभी प्रांतों की भाषाओं के उत्थान और प्रचार प्रसार के लिये बड़े बजट का प्रावधान करना चाहिये। बड़ी संख्या में लोग रोजगार और पर्यटन के लिये एक से दूसरे राज्य में जाते है। भाषा और संस्कृति की आपसी समझबूझ से देश में सदभावना का माहौल बनेगा और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि देश के लाखों युवक विदेशों में रोजगार के लिए जाते हैं। हाल ही में अमेरिका से कई भारतीय जंजीरों में बांधकर वापस भेजे गये। यह सरकार की विफलता का प्रमाण है। इस अवसर पर उन्होंने लखीमपुरखीरी में 23 जून को तेंदुए से लोहा लेने वाले वीर श्रमिक और उसके परिवार का सम्मान किया।  

मुख्यमंत्री साय संसदीय पत्रकारिता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है तथा संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधानसभा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं दिवंगत पत्रकारों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश की पत्रकारिता परंपरा ने सदैव विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक श्री संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

ऋषभ पंत की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी, गिल दे रहे साथ, अर्धशतक बनाने के आउट हुए केएल राहुल

नई दिल्ली  भारत ने दूसरी पारी में एक विकेट गंवाकर 64 रन बना लिए हैं। केएल राहुल 28 और करुण नायर 7 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत की कुल बढ़त 244 रन की हो गई है। इससे पहले इंग्लैंड की पहली पारी 407 रन पर सिमट गई। दूसरे दिन के 77 रन से आगे खेलते हुए इंग्लैंड की तरफ से हैरी ब्रूक और जेमी स्मिथ ने शानदार शतक जड़े। वहीं, मोहम्मद सिराज ने छह विकेट चटकाए। चौथे दिन भारत अपनी बढ़त को 500 तक पहुंचाने की कोशिश करेगा।  पंत की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी  ऋषभ पंत की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी है। वह अलग ही बैजबॉल खेल रहे हैं। भारत ने 169 रन बना लिए हैं। पंत 27 गेंद पर 35 रन बना चुके हैं। गिल 22 रन बनाकर क्रीज पर टिके हुए हैं।  अर्धशतक बनाने के आउट हुए केएल राहुल  केएल राहुल अर्धशतक बनाने के बाद पवेलियन लौट गए। वह 55 रन बना सके। भारत ने तीसरा विकेट गंवा दिया है। ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए हैं। टीम इंडिया ने कुल 140 रन बना लिए हैं। 

‘मिशन से वापस नहीं लौटा अमेरिका का एक B-2 बॉम्बर लापता! वॉशिंगटन में सन्नाटा

वॉशिंगटन  अमेरिकी वायु सेना के ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए बमबारी अभियान ने एक आश्चर्यजनक मोड़ लिया है. दरअसल, अमेरिकी वायु सेना के ऑपरेशन में शामिल एक बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर ऑपेशन के बाद अपने बेस पर वापस नहीं पहुंचा है. इसे लेकर अब कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. 27 जून को यूरेशियन टाइम्स की छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने 21 जून को मिसौरी स्थित व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से बी-2 बॉम्बर्स के दो अलग-अलग समूहों को रवाना किया था. बी-2 स्पिरिट बॉम्बर्स के एक समूह ने प्रशांत महासागर की ओर पश्चिम की दिशा में उड़ान भरी, जिसका मकसद ईरान के डिफेंस को चकमा देना था. वहीं बॉम्बर्स के दूसरे समूह में सात बी-2 स्पिरिट बॉम्बर शामिल थे. इन्होंने पूर्व दिशा में तेहरान के फोर्डो और नतांज स्थित अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए रवाना किया गया था. 37 घंटे के बाद मिशन पूरा कर लौटे थे बॉम्बर विमान ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने गई टीम 37 घंटे की बिना रुके की गई राउंड ट्रिप के बाद अपना मिशन पूरा कर बेस पर वापस सुरक्षित लैंड कर गई. वहीं प्रशांत महासागर की ओर से ईरानी डिफेंस को चकमा देने के लिए उड़ान भरने वाले बॉम्बर समूह के बारे में अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, बाद में इस बात का खुलासा हुआ कि अमेरिकी बी-2 बॉम्बर के समूह से लापता हुआ विमान हवाई में किसी कारण से इमरजेंसी लैंडिंग को मजबूर हो गया. उल्लेखनीय है कि यह स्टील्थ बॉम्बर डैनियल के. इनौये इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, यह एयरपोर्ट होनोलूलू में हिकम एयरफोर्स बेस के साथ रनवे शेयर करता हैं. जानिए क्या हुआ था उस दिन मिशन के तहत दो ग्रुप बनाए गए थे. दोनों ने उड़ान भरी मिसौरी के व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से. एक ग्रुप पश्चिम की ओर गया, यानी प्रशांत महासागर की दिशा में. मकसद था – ईरान को गुमराह करना. दूसरा ग्रुप, जिसमें सात B-2 बॉम्बर थे, सीधे ईरान की ओर बढ़ा. उनका टारगेट था ईरान के न्यूक्लियर फैसिलिटी – फोर्डो और नतांज. साथ में फ्यूल टैंकर और फाइटर जेट्स भी थे. इन जेट्स ने अपनी-अपनी जगह से मिसाइलें दागीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन B-2 बॉम्बर्स ने कुल 14 GBU-57 बंकर बस्टर बम गिराए. सातों बॉम्बर 37 घंटे बाद सुरक्षित लौट आए. लेकिन इस बीच पश्चिम की ओर भेजे गए डिकॉय ग्रुप का एक B-2 बॉम्बर अब तक नहीं लौटा. लापता बॉम्बर को लेकर क्या पता चला है? खबर है कि यह बॉम्बर उड़ान के दौरान इमरजेंसी में फंस गया था. इसे हवाई के डेनियल K इनोए इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया. यही रनवे हिकम एयर फोर्स बेस के साथ साझा किया जाता है. इस बॉम्बर का कॉलसाइन था – ‘MYTEE’. लैंडिंग के बाद से यह वहीं खड़ा है. इसकी मरम्मत या वापसी को लेकर कोई अपडेट अब तक नहीं आया है. इस लैंडिंग का एक वीडियो भी वायरल है, जिसे पूर्व अमेरिकी एयरफोर्स पायलट डेविड मार्टिन ने शेयर किया है. हालांकि, अमेरिकी वायुसेना ने अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है. न कोई बयान, न कोई स्पष्टीकरण. पहले भी दिक्कत में रहे हैं B-2 बॉम्बर B-2 बॉम्बर टेक्नोलॉजी का चमत्कार माना जाता है. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब इन्हें तकनीकी संकट झेलना पड़ा हो. अप्रैल 2023 में भी एक B-2 को हवाई में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी. 2022 में तो पूरे B-2 फ्लीट को ग्राउंड कर दिया गया था, जब एक बॉम्बर मिसौरी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. 2008 में सबसे गंभीर हादसा हुआ था. ‘स्पिरिट ऑफ कंसास’ नाम का B-2 उड़ान भरते ही गुआम में क्रैश हो गया. हालांकि पायलट बच गए थे. B-2 बॉम्बर की खासियत क्या है? B-2 अमेरिका का सबसे महंगा और हाईटेक बॉम्बर है. एक यूनिट की कीमत है दो अरब डॉलर. इसका मुख्य रोल है – दुश्मन की परमाणु और अंडरग्राउंड फैसिलिटी को बर्बाद करना. अमेरिका के पास सिर्फ 19 B-2 बॉम्बर हैं. यानी, हर एक का नुकसान अमेरिका की ताकत में बड़ी सेंध है. ईरान की प्रतिक्रिया क्या रही? ईरान ने दावा किया है कि उनके न्यूक्लियर साइट्स को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. वहीं अमेरिका कहता है कि यह हमला पूरी तरह सफल था और ईरान का परमाणु प्रोग्राम पीछे चला गया. लेकिन लापता बॉम्बर की गूंज अब वॉशिंगटन से लेकर तेहरान तक सुनाई दे रही है. क्या यह तकनीकी फेलियर था? क्या ईरान ने जवाबी हमला किया? या फिर अमेरिका कुछ छुपा रहा है?

तरनतारन की बेटी ने रचा इतिहास, भारतीय महिला हॉकी टीम में चयन पर गांव में जश्न

तरनतारन पट्टी विधानसभा क्षेत्र के साबरा गांव की 21 वर्षीय होनहार बेटी ने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है। विदेशों में हॉकी में अपना लोहा मनवा चुकी इस खिलाड़ी का पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम में चयन हुआ है। जैसे ही यह खबर गांव में पहुंची, पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। भारतीय टीम में चयन के बाद जब वह खिलाड़ी पहली बार अपने गांव लौटी, तो ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ उसका भव्य स्वागत किया। स्थानीय युवाओं, स्कूल के बच्चों, बुज़ुर्गों और पंचायत प्रतिनिधियों ने गर्व और सम्मान के साथ बेटी को सिर आंखों पर बिठाया। गौरतलब है कि साबरा गांव की यह खिलाड़ी पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, लेकिन अब उन्हें भारतीय राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम में स्थायी स्थान मिला है, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। गांव के बुज़ुर्गों और स्कूल के शिक्षकों ने कहा कि यह लड़की गांव की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने राज्य सरकार और खेल विभाग से आग्रह किया कि इस प्रतिभा को और निखारने के लिए जरूरी संसाधन और समर्थन प्रदान किया जाए। खिलाड़ी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह मेरी नहीं, पूरे गांव की जीत है। मैं अपनी सफलता गांव की बेटियों को समर्पित करती हूं और चाहती हूं कि हर लड़की सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला रखे।"

जिला प्रशासन का सख्त निर्देश सभी अधिकारी-कर्मचारी पहनें हेलमेट वरना होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन का सख्त निर्देश सभी अधिकारी-कर्मचारी पहनें हेलमेट वरना होगी कार्रवाई चार पहिया वाहन चालक अनिवार्य रूप से लगाये सीट बेल्ट एमसीबी/मनेंद्रगढ़  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज कलेक्टर की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने इस दिशा में ठोस एवं कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला मुख्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यस्थल पर आने-जाने के दौरान अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी हेलमेट नहीं पहनते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। चार पहिया वाहनों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगाने के निर्देश दिये है। कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अब प्रशासनिक अमले को अनुकरणीय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी विभाग प्रमुख अपने अधीनस्थों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करें। सड़क सुरक्षा को लेकर एक प्रभावी रणनीति तैयार करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन इस दिशा में कठोरता और सतर्कता दोनों के साथ कार्य करेगा। उन्होंने विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य योजना निर्धारित करने के भी निर्देश दिए ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित की जा सके। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।