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मायावती ने प्राथमिक विद्यालयों को विलय करने के कदम की आलोचना की

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बेसिक शिक्षा परिषद के तहत प्राथमिक विद्यालयों का विलय करने या उन्हें समेकित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के कदम की बुधवार को कड़ी आलोचना की। मायावती ने आरोप लगाया कि इस फैसले से गरीब बच्चों को नुकसान होगा। मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस निर्णय को ‘अनुचित, गै़र-ज़रूरी एवं गरीब-विरोधी'' करार दिया और कहा कि इस कदम से आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के करोड़ों बच्चे अपने घरों के पास सुलभ और सस्ती शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के युग्मन/एकीकरण की आड़ में बहुत सारे विद्यालयों को बंद करने वाला जो फैसला लिया गया है वह गरीब बच्चों के हित में नहीं है। उन्होंने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपना यह फैसला वापस नहीं लेती है तो राज्य में बसपा की सरकार बनने पर इस फैसले को रद्द करके पुनः पुरानी व्यवस्था बहाल की जायेगी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उम्मीद है कि राज्य सरकार गरीबों व आमजन की शिक्षा के व्यापक हित के मद्देनजर इस फैसले को बदलने के बारे में जरूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक संसाधनों को युक्तिसंगत बनाने और कम नामांकन, शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे के दोहराव जैसे मुद्दों को दूर करने के प्रशासनिक प्रयास के तहत स्कूल विलय नीति शुरू की है। अधिकारियों का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य छोटे और कम नामांकित विद्यालयों को समेकित करना और उनका विलय नजदीकी संस्थानों में करना है।  

तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने घोषणा की कि उनकी मृत्यु के बाद भी दलाई लामा की संस्था चलती रहेगी

धर्मशाला तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने बुधवार को घोषणा की कि उनकी मृत्यु के बाद भी दलाई लामा की संस्था चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि गदेन फोडरंग ट्रस्ट को ही उनके पुनर्जन्म को मान्यता देने का एकमात्र अधिकार होगा। गदेन फोडरंग ट्रस्ट की स्थापना तिब्बती संस्कृति को संरक्षित करने और तिब्बती लोगों के साथ-साथ अन्य जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए की गई थी, चाहे उनकी राष्ट्रीयता, धर्म या पृष्ठभूमि कुछ भी हो। धर्मशाला के पास मैकलियोडगंज में तीन दिवसीय बौद्ध धार्मिक सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान दलाई लामा ने यह महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा, “24 सितंबर 2011 को तिब्बती आध्यात्मिक परंपराओं के प्रमुखों की बैठक में मैंने तिब्बत के अंदर और बाहर रहने वाले तिब्बतियों, तिब्बती बौद्ध धर्म के अनुयायियों और तिब्बत से जुड़े लोगों के सामने यह स्पष्ट किया था कि दलाई लामा की संस्था को जारी रखने का फैसला लिया गया है।” तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने कहा कि उनकी मृत्यु के बाद भी दलाई लामा की संस्था जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पुनर्जन्म को मान्यता देने का अधिकार केवल गदेन फोडरंग ट्रस्ट को होगा। 6 जुलाई को 90 वर्ष के होने जा रहे नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा ने धर्मशाला के मैकलियोडगंज में एक बौद्ध सम्मेलन के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने बताया कि 1969 में उन्होंने कहा था कि दलाई लामा के पुनर्जन्म को जारी रखने का फैसला तिब्बती लोगों और संबंधित समुदायों को करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 90 वर्ष की आयु के आसपास वे तिब्बती बौद्ध परंपराओं के प्रमुख लामाओं, तिब्बती जनता और बौद्ध धर्म के अनुयायियों से इस पर चर्चा करेंगे। हालांकि, पिछले 14 वर्षों में तिब्बती आध्यात्मिक नेताओं, निर्वासित तिब्बती संसद, केंद्रीय तिब्बती प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों, हिमालयी क्षेत्र, मंगोलिया, रूस के बौद्ध गणराज्यों और चीन के बौद्धों ने उन्हें पत्र लिखकर दलाई लामा की संस्था को जारी रखने की मांग की। खासकर तिब्बत में रहने वाले लोगों ने भी विभिन्न माध्यमों से यही अपील की। इन सभी अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए दलाई लामा ने पुष्टि की कि उनकी संस्था भविष्य में भी चलेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि सितंबर 2011 में दिए गए बयान के अनुसार, भविष्य के दलाई लामा को मान्यता देने की जिम्मेदारी केवल उनके कार्यालय और गदेन फोडरंग ट्रस्ट की होगी। यह ट्रस्ट तिब्बती संस्कृति को संरक्षित करने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए बनाया गया है। तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने अपनी संस्था और पुनर्जन्म की प्रक्रिया पर स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में उनके पुनर्जन्म को मान्यता देने का एकमात्र अधिकार गदेन फोडरंग ट्रस्ट को होगा। किसी अन्य व्यक्ति या समूह को इसमें हस्तक्षेप की अनुमति नहीं होगी। दलाई लामा ने कहा कि पुनर्जन्म की प्रक्रिया तिब्बती बौद्ध परंपराओं के प्रमुख लामाओं और शपथबद्ध धर्म रक्षकों के परामर्श से होगी। यह प्रक्रिया दर्शन, संकेत और आध्यात्मिक अनुष्ठानों पर आधारित होगी, जैसा कि तिब्बती परंपरा में होता है। उन्होंने जोर दिया कि दलाई लामा का पुनर्जन्म नियुक्त नहीं किया जाता, बल्कि इसे पवित्र प्रक्रिया के जरिए मान्यता दी जाती है। इस प्रक्रिया में केवल दलाई लामा ही अपने उत्तराधिकारी की पहचान कर सकते हैं।  

उत्तर प्रदेश में सीआरआई निधि से होगा 10 सेतुओं का निर्माण

लखनऊ उत्तर प्रदेश को बेहतर सड़क सम्पर्क वाला राज्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम के तहत राज्य में केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना (सीआरआई) निधि से 10 पुलों का निर्माण कराया जाएगा। राज्य सरकार के एक बयान के मुताबिक लोकनिर्माण विभाग ने इसके लिए एक खाका तैयार किया है, जिसके मुताबिक सेतु बनाने की 10 परियोजनाओं को 1,111 करोड़ की लागत से पूरा करने की तैयारी है। बयान के अनुसार इस योजना के जरिए जिन सेतुओं का निर्माण होना प्रस्तावित है, उसमें मुख्य रूप से रेल ओवहरेड ब्रिज (आरओबी) और रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) प्रस्तावित हैं। बयान के अनुसार इन पुलों का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की देखरेख में पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही सीआरआई कोष के इस्तेमाल से मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण और उनके सुदृढ़ीकरण के कामों को भी पूरा करने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में 1,111 करोड़ की लागत से 10 सेतुओं के निर्माण को स्वीकृति दी थी जिस पर मौजूदा वित्तीय वर्ष में काम होना प्रस्तावित है। इनमें से हर पुल के निर्माण में 50 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च की जाएगी। इनके पूरा होने से कनेक्टिविटी में विस्तार के साथ ही उचित यातायात प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।   

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की चाकू मारकर हत्या, वारदात के बाद फरार हैं पांचों आरोपी

राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र अंतर्गत टेड़ेसरा स्थित अपना ढाबे में मंगलवार तड़के भिलाई के रिसाली निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत तिवारी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात करने वाले पांच आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। प्रशांत तिवारी दोस्तों के साथ एक मित्र का जन्मदिन मनाने अपना ढाबा आया था। सभी खाना खाकर ढाबे से निकलने की तैयारी में थे, तभी भिलाई की ओर से आए पांच युवक वहां पहुंचे। आरोपियों ने ढाबा संचालक से खाना मांगा, लेकिन खाना समाप्त हो जाने की जानकारी मिलने पर वे गाली-गलौज करते हुए बाहर ही बैठ गए। मामूली विवाद पर बिगड़ गई बात इसी बीच प्रशांत और उसके दोस्त ढाबे से निकल रहे थे। तभी प्रशांत के हाथ में रखी पानी की बोतल से कुछ पानी उन युवकों पर गिर गया। मामूली बात को लेकर युवकों ने विवाद शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि उनमें से एक आरोपी ने प्रशांत पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इलाज के दौरान हो गई प्रशांत की मौत लहूलुहान प्रशांत को भिलाई के सेक्टर-नौ अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सोमनी थाना पुलिस पहुंची और जांच शुरू की। ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी भिलाई क्षेत्र के रहने वाले हो सकते हैं। पुलिस बोली- आरोपित जल्द होंगे गिरफ्तार सोमनी थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपितों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

सड़कों के चौड़ीकरण के साथ प्रयागराज में बन रहा है सबसे बड़ा फ्लाईओवर – यातायात होगा सुगम

प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रयागराज में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण के साथ आरओबी और फ्लाइओवर का निर्माण तो किया ही गया है, अब स्टेनली रोड पर भी फ्लाइओवर का निर्माण किया जाएगा। लगभग 1700 मीटर फ्लाईओवर बनाया जाएगा जो प्रयागराज मंडल का सबसे बड़ा फ्लाईओवर होगा। फ्लाईओवर बनाने के लिए डीपीआर बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से फ्लाइओवर बनाने के लिए दो बार रूट का स्थलीय निरीक्षण किया जा चुका है। 1700 मीटर तक बनने वाले फोर लेन फ्लाइओवर के निर्माण में 125 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। स्टेनली रोड पर कलश चौराहा के पास से लोक सेवा आयोग चौराहा तक फ्लाइओवर का निर्माण कराया जाएगा। स्टेनली रोड पर बनने वाले फ्लाइओवर की कनेक्टिविटी सिक्सलेन पुल से रहेगी। लखनऊ अयोध्या से आने वाले वाहन इस फ्लाइओवर से होकर सीधे महर्षि भरद्वाज चौराहा (बालसन) चौराहा निकल जाएंगे। इस फ्लाइओवर के निर्माण से लाला लाजपत राय रोड के पास वाले चौराहा पर जाम की समस्या भी नहीं होगी। फ्लाइओवर का निर्माण दो से ढाई वर्ष में पूरा किया जाएगा। बताया कि जा रहा है कि फ्लाइओवर निर्माण के दौरान स्टेनली रोड की चौड़ाई भी बढ़ाई जाएगी। फोर लोन फ्लाइओवर का निर्माण के दौरान स्टेनली रोड का भी चौड़ीकरण किया जाएगा। स्टेनली रोड पर फ्लाइओवर का निर्माण किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके बनने से जाम की समस्या से लोगों को छुटकारा मिलेगा। महाकुंभ के पहले फ्लाइओवर बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन समय की कमी के कारण निर्माण नहीं किया गया। जल्द ही फ्लाइओवर का निर्माण किया जाएगा।- मो. नुसरतुल्लाह खान, प्रोजेक्ट निदेशक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय  

फुल चार्ज पर 142Km तक दौड़ेगा हीरो का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर

नई दिल्ली हीरो मोटोकॉर्प की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांड विडा ने अपना सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसका नाम विडा VX2 रखा है। कंपनी के दावे के मुताबिक, ये फुल चार्ज पर 142 किलोमीटर तक दौड़ेगा। खास बात ये है कि इसे बैटरी रेंटल प्रोग्राम 'बैटरी एज ए स​र्विस' (BAAS) के साथ पेश किया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 99,490 रुपए है। वहीं, BAAS प्रोग्राम (बैटरी की कीमत शामिल नहीं) के साथ इसकी शुरुआती कीमत सिर्फ 59,490 रुपए है। ये इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS आईक्यूब, बजाज चेतक, ओला S1 और एथर रिज्टा को टक्कर देगा। बैटरी एज ए स​र्विस (BAAS) एक बैटरी रेंटल प्रोग्राम है। इसकी शुरुआती सबसे पहले MG मोटर इंडिया ने विंडसर ईवी के साथ की थी। इसमें आपसे बैटरी के इस्तेमाल (प्रति किलोमीटर) के हिसाब से पैसे लिए जाते हैं। कंपनी का कहना है कि VX2 को बैटरी रेंटल प्रोग्राम के साथ खरीदने पर आपको 96 पैसे/किलोमीटर चार्ज देना होगा। इसमें बैटरी का परफॉर्मेंस 70% कम हो जाता है तो, कंपनी इसे फ्री में बदलकर देगी। इसकी डिलीवरी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। विडा VX2 के फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस इस स्कूटर के डिजाइन की बात करें तो ये मॉडर्न, प्रैक्टिकल और फैमिली-फ्रेंडली है, जो इसे सिटी राइडर्स और घरेलू इस्तेमाल के लिए परफेक्ट बनाता है। ई-स्कूटर EICMA-2024 में पेश किए गए विडा Z कॉन्सेप्ट का प्रोडक्शन वर्जन है। ये विडा V2 से मिलता-जुलता है। इसे 7 कलर ऑप्शन नेक्सस ब्लू, मैट वाइट, ऑरेंज, मैट लाइम, पर्ल ब्लैक और पर्ल रेड में खरीद पाएंगे है। मेटैलिक ग्रे और ऑरेंज सिर्फ प्लस वैरिएंट में ही मिलेंगे। इसमें दोनों तरफ 12-इंच के एलॉय व्हील दिए है। सेफ्टी के लिए इसमें डुअल टेलिस्कोपिक फोर्क्स और रियर में एडजस्टेबल सिंगल मोनोशॉक एब्जॉर्वर दिया गया है। ब्रेकिंग के लिए प्लस वैरिएंट के फ्रंट में डिस्क और रियर में ड्रम ब्रेक दिए गए हैं। गो वैरिएंट में दोनों ओर ड्रम ब्रेक मिलते हैं। प्लस वैरिएंट में सीट के नीचे 27.2-लीटर और गो में 33.2-लीटर का स्पेस मिलता है। इलेक्ट्रिक स्कूटर में LED हेडलैम्प, LED टेललाइट और LED DRLs इसे प्रीमियम लुक देते हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटर में परफॉर्मेंस के लिए परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर दी गई है, जो 6kWh की पावर और 25Nm का टॉर्क जनरेट करती है। प्लस वैरिएंट में 3 राइड मोड- इको, राइड और स्पोर्ट्स मिलते हैं। वहीं, गो में स्पोर्ट्स मोड नहीं है। ये सिर्फ 4.2 सेकेंड में 0 से 40kmph की स्पीड पकड़ सकता है। वहीं, प्लस में 3.1 सेकेंड लगते हैं। इसकी टॉप स्पीड 80kmph है। इलेक्ट्रिक स्कूटर की मोटर को पावर देने के लिए गो वैरिएंट में 2.2kWh का सिंगल रिमूवेबल बैटरी पैक दिया गया है, जिसे फुल चार्ज करने पर 92km की IDC रेंज मिलती है। कंपनी के अनुसार, रियल वर्ल्ड कंडीशन में इको मोड में 64km और राइड मोड में 48km की रेंज मिलेगी। प्लस वैरिएंट में 3.4kWh के दो रिमूवेबल बैटरी पैक दिए गए हैं, जिन्हें फुल चार्ज करने पर 142km की IDC रेंज मिलती है। फास्ट चार्जर से 0-100% चार्ज होने में 120 मिनट लगते हैं।  

भारतीय सेना, भूटान की इस परिवर्तनकारी पहल में हर संभव सहयोग करती रहेगी: थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी

नई दिल्ली भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी भूटान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। बुधवार को वह भूटान के जम्तशोलिंग स्थित ग्यालसुंग अकादमी पहुंचे। इस अवसर पर उन्हें भूटान के सैन्य अधिकारियों ने पंचम राजा की दूरदर्शी राष्ट्र निर्माण एवं युवा सशक्तीकरण योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जनरल द्विवेदी ने भारत और भूटान के बीच की गहरी और ऐतिहासिक मित्रता को दोहराते हुए आश्वस्त किया कि भारतीय सेना, भूटान की इस परिवर्तनकारी पहल में हर संभव सहयोग करती रहेगी। जनरल द्विवेदी ने अकादमी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान भूटान के युवाओं के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अकादमी की आधुनिक अधोसंरचना एवं भावी योजनाओं की भी प्रशंसा की, जो कि महामहिम राजा के भव्य दृष्टिकोण को साकार करेंगी। इससे पूर्व, भूटान के महामहिम राजा और महामहिम रानी ने ताशीछो जोग में जनरल उपेंद्र द्विवेदी को आमंत्रित किया। यहां राजा का कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और कई मंत्रालय है। भारतीय सेनाध्यक्ष का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। अपने चार दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान, सेना प्रमुख ने ताशीछो जोग स्थित नेशनल मेमोरियल चोर्टेन में भूटान के तीसरे राजा महामहिम जिग्मे दोरजी वांगचुक को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यहां एक प्रभावशाली गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया। भारतीय सेनाध्यक्ष ने यहां रॉयल भूटान सेना के मुख्य परिचालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल बट्टू शेरिंग से भी मुलाकात की है। थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सोमवार को भूटान की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए थे। सेनाध्यक्ष का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है। यह यात्रा भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे गहरे व विश्वासपूर्ण रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना है। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि जनरल द्विवेदी की यह यात्रा भारत-भूटान के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी और पारस्परिक विश्वास को दर्शाती है। भारतीय सेना के मुताबिक यह दौरा भारत की अपने पड़ोसी देश भूटान के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराता है। सेना प्रमुख का यह दौरा दोनों राष्ट्रों के बीच पारंपरिक मित्रता तथा सहयोग को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। गौरतलब है कि इसी वर्ष रॉयल भूटान सेना के मुख्य परिचालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल बट्टू शेरिंग भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए थे। उनकी भारत यात्रा के दौरान भारत ने भूटान को रक्षा तैयारियों में मदद देने की बात की थी।  

मणिपुर में बढ़ा सुरक्षा बलों का एक्शन, पांच उग्रवादी गिरफ्त में

इंफाल मणिपुर में पुलिस और सुरक्षा बलों ने तलाशी और घेराबंदी अभियान के तहत प्रतिबंधित भूमिगत समूहों से जुड़े पांच सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में किए गए इन प्रयासों के तहत विभिन्न प्रतिबंधित भूमिगत समूहों से जुड़े पांच सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इरिलबुंग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत केराओ खुनौ इलाके से एक प्रतिबंधित संगठन के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया। यह व्यक्ति जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल था। इसी तरह पोरोमपत पुलिस स्टेशन के अंतर्गत खुरई कोंगखम लेइकाई से एक अलग गुट के सक्रिय उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने खुरई चैथाबी लेइराक से एक और उग्रवादी को पकड़ा। इस व्यक्ति के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। एंड्रो खुमान इलाके से सुरक्षा बलों ने दूसरे प्रतिबंधित समूह के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान अधिकारियों ने एक मोबाइल डिवाइस बरामद किया। उन्होंने बताया कि केकरुपट के पास एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में ज़ेलियानग्रोंग विद्रोही गुट के एक स्वयंभू वरिष्ठ कमांडर को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने कहा है कि सुरक्षा बलों द्वारा राज्य भर में जबरन वसूली रैकेट और सशस्त्र उग्रवादियों को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ रणनीतिक स्थानों पर तलाशी अभियान और निगरानी गतिविधियाँ जारी रहेंगी।  

अधीनस्थ पैक्स तक संभागीय और जिला अधिकारी करें दौरा

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि पारदर्शिता, ईमानदारी और नवाचार के जरिए सहकारी आंदोलन को मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए पूरी सहकारिता की टीम कृत-संकल्पित होकर काम करें। मंत्री सारंग बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के विभिन्न पहलुओं पर राज्य स्तरीय सहकारी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए पैक्स का सुदृढ़ीकरण करना आवश्यक है। इसके लिए संभागीय और जिला अधिकारी अधीनस्थ पैक्स का निरीक्षण करें। मुख्यालय के अधिकारियों को भी संभागवार जिम्मेदारी दी जाए, जो उनके अधीनस्थों की समस्या एवं सुझावों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने में पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। मंत्री सारंग ने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप सहकारिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केडिट मूवमेंट के साथ सहकारिता के विभिन्न आयामों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता का क्लेवर बदल रहा है। सहकारी आंदोलन को पुन: मजबूत करने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है। मंत्री सारंग ने बताया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सहकारिता के माध्यम से ही गरीबों के घर में खुशी लायी जा सकती हैं। सहकारिता ही ऐसा नेटवर्क है, जिसके माध्यम से हर घर में रोजगार के नए अवसर पैदा किये जा सकते हैं। सहकारिता की साख के लिए काम करें। लोगों को अच्छे कामों के लिए याद रखा जाता है। ईमानदारी से किया गया कार्य आत्मसंतुष्टि देता है, इसलिए जॉब सेटिस्फेक्शन जरूरी है। मंत्री सारंग ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार को दिए गए प्रेजेंटेशन में सबसे अच्छा प्रेजेंटेशन मध्यप्रदेश का रहा। इसके लिए उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नवाचार विंग और सीपीपीपी मॉडल को भूरी-भूरी प्रशंसा मिली है। यही नहीं कंप्यूटराइजेशन की दिशा में भी मध्यप्रदेश देश में नंबर एक पर रहा है, जो सराहनीय है। मंत्री सारंग ने कहा कि कमिटमेंट दक्षता को सिद्ध करता है। सभी टीमवर्क के साथ काम करें। यूनिफार्मलिटी जरूरी है। साफ सुथरा ईमानदारी से किया गया कार्य ही आपकी पहचान बनेगा जिससे आपका नाम होगा। जॉब के लिए ईमानदार रहेंगे, तो सफल होंगे। मंत्री सारंग ने शुरूआत में संभाग और जिलों के आए अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और बिना बताए अनुपस्थित अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। पैक्स सुदृढ़ हो, यही लक्ष्य : एसीएस वर्णबाल अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल ने कहा कि हर पैक्स को केडिट के अलावा तीन एक्टीविटी करना जरूरी है। स्थानीय पृष्ठभूमि में अवसरों को तलाश कर बिजनेस बढ़ाना होगा। संभागीय और जिला अधिकारी को एक-एक पैक्स की समयबद्ध तरीके से समीक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि पैक्स सुदृढ़ हो यह लक्ष्य होना चाहिये। बिजनेस सोसायटियों के सदस्यों के खाते हमारे यहां होना चाहिये। साथ ही उनके लिये माइक्रो एटीएम की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक मनोज पुष्प ने कहा कि सहाकारिता के सकारात्मक बदलाव के दौर में अधिकारी अपनी अहम भूमिका को पहचानकर दायित्वों का निर्वहन करें। सहकारिता के मॉडलाइजेशन को धरातल पर क्रियान्वित करें। अधिकारी अपनी लीडरशिप में प्रगति का फॉलोअप लें और पैक्स को बिजनेस यूनिट बनाने में सक्रिय भूमिका निभाए। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता ने स्वागत भाषण में कार्यशाला में हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उप सचिव मनोज सिन्हा ने केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों से अवगत करवाया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त, उप आयुक्त, जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और समिति प्रबंधकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

हिमाचल में कुदरत का कहर! बादल फटने और भूस्खलन में 10 मौतें, राहत-बचाव जारी

शिमला/मंडी हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को भूस्खलन और बादल फटने की कईं घटनाओं में मंडी जिले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है जबकि 34 लोग लापता हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा अभियान केन्द्र ने यह जानकारी दी है। पिछले तीन वर्षों से राज्य में लगातार कहर बरपा रहे मानसून के कारण एक बार फिर से मंडी के कई क्षेत्रों, खासकर करसोग, थुनाग, पधर और गोहर उप-मंडलों में तबाही मची हुयी है। इस बीच 20 जून से 1 जुलाई के बीच राज्य में मौसम संबंधी घटनाओं में लगभग 90 लोगों की मौत या लापता होने की सूचना है। बुधवार सुबह 8 बजे जारी 32 घंटे की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार मंडी के विभिन्न हिस्सों से 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और आधिकारिक तौर पर 34 लोगों के लापता होने की सूचना है। कई लोगों के मलबे में दबे होने या अचानक आई बाढ़ में बह जाने की आशंका है। इस दौरान पांच लोगों के घायल होने की भी सूचना है और 370 से अधिक लोगों को बचाया लिया गया है । हालांकि 11 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की बचाव टीमों को करसोग, गोहर और थुनाग में तैनात किया गया है जहां बादल फटने से घरों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सियांज, गोहर शामिल हैं जहां नौ लोग बह गए। यहां दो शव बरामद किए गए जबकि सात अभी तक लापता हैं। परवाड़ा और तलवाड़ा गांव में एक ही परिवार के दो लोग लापता बताए गए हैं जिनमें से एक का शव बरामद हुआ है। थुनाग और पकरायर इलाकों में कुल 17 लोग लापता हैं जबकि दो लोगों की मौत हो गई है। कुट्टी बाईपास, ओल्ड बाजार करसोग और गोहर के बाड़ा समेत कई जगहों पर भी लोगों की मौत और कई लोगों के लापता होने की खबरें हैं। मानसून से होने वाली तबाही के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के अवरुद्ध होने और 24 घरों, 12 गौशालाओं और एक जलविद्युत परियोजना को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट है। इस बीच राहत अभियान जारी हैं लेकिन पहाड़ी इलाकों में दूर दराज के क्षेत्रों तक पहुंचने की चुनौतियों के कारण इसमें बाधा आ रही है।