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पहचान बनाने के लिए करें बाकियों से कुछ अलग

देश के अलग-अलग इलाकों के विद्यार्थियों में एक जैसी छटपटाहट दिखती है। वह यह कि 11वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन में पढ़ते हुए वे अपने भविष्य के करियर को लेकर दुविधा में हैं। उन्हें समझ नहीं आता कि आगे वे क्या करें। इस तरह की व्याकुलता ऐसे अभिभावकों में भी देखी जाती है, जिनके बच्चे अभी छोटी कक्षाओं में पढ़ रहे हैं लेकिन वे अभी से जानना चाहते हैं कि वे अपने बच्चों के बेहतर करियर के लिए क्या करें। पहचान की बेचैनी आपमें से कइयों को लगता होगा कि आप कुछ नहीं जानते, आपको कुछ नहीं आता। ऐसे में जो हीन भावना आपके मन में भर जाती है, उसी के कारण आपको अक्सर ऐसा लगता होगा कि आपकी आगे की राह पूरी तरह अंधकारमय है। इससे निकलने का रास्ता आपको नहीं सूझता। मगर इसका हल आपके पास ही है। जरा सोचें, आप अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं, इसीलिए तो परेशान हैं। पहचान बनाने की यह व्याकुलता ही आपकी शक्ति है। आप इसी के सहारे आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि इसी में असली ताकत है। सामर्थ्य पहचानें आप अपने मन से यह बात पूरी तरह निकाल दें कि आपको कुछ नहीं आता। ध्यान रखें कि हर व्यक्ति में कोई-न-कोई गुण होता है। यह बात अलग है कि हममें से तमाम को अपने भीतर छिपे इन गुणों के बारे में पता ही नहीं होता। जिस दिन आपको अपनी छिपी प्रतिभा का पता चल जाएगा, उस दिन से आपकी सोच सकारात्मक हो जाएगी। इसलिए सबसे पहले अपनी इस खासियत को ढूंढें। जरूरी नहीं कि एक दिन में यह तलाश पूरी हो जाए। कुछ देर से ही सही, आपको अपनी खासियत का पता चल ही जाएगा। अब इसे निखारें जब आपको अपने गुणों के बारे में पता चल जाए, तो उस पर आत्ममुग्ध होने के बजाय उसे तराशने की योजना बनाकर आगे बढ़ें। अगर इसके लिए आज के वक्त के हिसाब से कोई अपडेटेड कोर्स करने की जरूरत हो, तो उससे भी पीछे न हटें। इससे आपको अपनी खासियत निखारने-चमकाने का अवसर मिलेगा। अगर कोर्स करने की जरूरत न हो, तो स्वाध्याय या सेल्फ-ट्रेनिंग से भी खुद को तराश सकते हैं। प्रेक्टिकल पर जोर कोर्स जॉइन कर लेने के बाद बारीकियों को अच्छी तरह से जानने के लिए थ्योरी तो जरूर पढ़ें, पर प्रेक्टिकल नॉलेज पर ज्यादा जोर दें। इससे आपको व्यवहारिक बातें सीखने को मिलेंगीं, जो सिर्फ किताबें पढ़ने से नहीं सीखी जा सकतीं। अगर तकनीकी कोर्स कर रहे हैं, तब तो प्रेक्टिकल ट्रेनिंग और भी जरूरी है। जिज्ञासा जरूरी अपनी पहचान बनाने के लिए अपने स्वभाव में ही चीज सीखने की उत्सुकता शामिल करनी होगी। जानने की जिज्ञासा को अपनी दिनचर्या में शुमार करके ही आप अपने ज्ञान में लगातार इजाफा कर सकते हैं। आज के प्रतिस्पर्धी समय में इस तरह की जिज्ञासा बेहद आवश्यक है। इससे आप उस फील्ड से संबंधित नई-नई बातों और टेक्नोलॉजी को समझकर उसे अपने काम में शुमार करके अपनी काबिलियत बढ़ा सकते हैं। इससे आपके काम का परिणाम और सटीक तथा प्रभावशाली हो सकता है। विनम्रता न छोड़ें आप किसी भी फील्ड से जुड़े हों, नौकरी कर रहे हों या फिर स्वरोजगार, क्लाइंट के सामने हों या फिर मालिक के या अपने सहयोगियों के साथ मीटिंग में हों, विनम्र बने रहकर आप अपनी अहमियत बढ़ा सकते हैं। ज्ञान, पद, पैसा, पहचान आदि हासिल करने के दौरान अहंकार से तनने के बजाय खुद को अधिक से अधिक विनम्र बनाए रखने का प्रयास करें। दूसरों की मदद को तत्पर रहें। आप देखेंगे कि समय आने पर दूसरे लोग भी आपकी मदद को तैयार रहेंगे। हार में जीत जीत आपको ज्यादा कुछ नहीं सिखाती। जीत की खुशी में आप बहुत कुछ भूल जाते हैं। मगर हार आपको बहुत कुछ सिखा सकती है। इसलिए कभी भी नाकामी या हार से हताश न हों। इस हार में कोई-न-कोई सीख जरूर होगी, जो आपकी जीत की सीढ़ी बन सकती है। अपनी कमी को तलाशें और उसे दूर करने की कोशिश करें। अगर कई बार असफलता मिलती है, तो भी परेशान न हों। उससे भी सबक लें। अगर आप सच्चे मन से सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो एक-न-एक दिन कामयाबी जरूर मिलेगी।  

JP Nadda का बड़ा हमला: हेल्थ फंड का उपयोग नहीं हुआ तो सरकार को जनता से पड़ेगा सामना

बिलासपुर  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रदेश सरकार को चेताते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रदान की गई आर्थिक सहायता का उपयोग युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार के पास अब केवल एक वित्तीय वर्ष का समय शेष बचा है, ऐसे में इस राशि का समुचित व त्वरित उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए। परिधि गृह बिलासपुर में आयोजित प्रैस वार्ता में जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार केवल शाब्दिक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी प्रदेश की मदद कर रही है। हमने स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए दिल खोलकर सहायता दी है, अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उस पैसे को जमीनी स्तर पर खर्च करे। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाने होंगे, ताकि आम जनता को लाभ मिल सके।  जेपी नड्डा ने राज्य सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील भी की। उन्होंने केंद्र के बजटीय सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पिछले 3 वर्षाें के अंदर एसडीआरएफ के तहत 1736 करोड़, एनडीआरएफ के तहत 1071 करोड़ और एसडीएमएफ के तहत 339 करोड़ प्रदान किए हैं और हाल ही में गृह मंत्री ने पीडीआरआरएफ के तहत 2006 करोड़ रुपए प्रदान किए हैं। वर्ष 2021 से 2025 तक स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ही आयुष्मान भारत हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 360 करोड़ 11 लाख रुपए प्रदान किए हैं, जिसमें से केवल प्रदेश सरकार केवल 78 करोड़ ही खर्च कर पाई है। इस योजना के तहत प्रदेश में 73 ब्लॉक लेबल पब्लिक हैल्थ यूनिट बनाए जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें से मौजूदा समय में 6 ही बन पाए हैं, जबकि 14 के टैंडर हुए हैं। उन्हाेंने बताया कि इसी प्रकार प्रदेश में 8 क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने हैं, जिसमें रोहड़ू, रिकांगपिओ, घवांडल, टांडा, मंडी अस्पताल व पांवटा सहिब शामिल हैं।  जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदेश को 15वें वित्तायोग से 521 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिसमें से केवल 128 करोड़ 62 लाख ही खर्च हुए हैं। उन्होंने कहा कि गत 25 मई को मुख्यमंत्री उनसे मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने जायका से पैसा दिलवाने का आग्रह किया था, जिस पर गत 30 जून को 1138 करोड़ रुपए केंद्र ने मंजूर किए। इसमें से प्रदेश सरकार को 1024 करोड़ रुपए ग्रांट इन एड दिए गए हैं, जबकि शेष राशि सस्ते लोन पर उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने बताया कि यदि प्रदेश सरकार ने केंद्रीय योजनाएं समय पर लागू नहीं कीं, तो इसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल, नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा, झंडूता के जीत राम कटवाल, सदर के त्रिलोक जम्वाल व पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग भी मौजूद रहे।

श्रद्धा की राह पर हादसा: ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर ट्रक पलटा, तीन कांवड़ियों ने गंवाई जान

देहरादून ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर बुधवार सुबह ताछला के पास कांवड़ियों को ले जा रहा ट्रक सड़क पर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में तीन कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल पांच यात्रियों को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। सभी कांवड़िए बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और भंडारे के लिए हर्षिल जा रहे थे। हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रक (संख्या UP-13-बीटी-8739) फकोट से आगे ताछला के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन में कुल 19 यात्री सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को ट्रक से निकालकर फकोट और नरेंद्रनगर अस्पताल में भर्ती कराया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने व घायलों को हरसंभव उपचार देने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी टिहरी ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया और सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने किसी तरह सभी को बाहर निकाला है। 5 घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है अन्य को नरेंद्रनगर उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। थानाध्यक्ष नरेंद्रनगर संजय मिश्रा ने बताया कि फकोट और जाजल के बीच ताछला के पास यह दुर्घटना हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। घायलों की सूची: 01- ईश्वर सैनी पुत्र फूल सिंह सैनी आयु 49 वर्ष 02- अतर सिंह पुत्र यादराम आयु 60 वर्ष 03- रवि पुत्र अतर सिंह आयु 30 वर्ष 04- कुलदीप गिरी पुत्र मुकेश आयु 35 वर्ष 05-झम्मन सिंह पुत्र बुद्धु आयु 70वर्ष 06- बनवारी पुत्र किशनलाल आयु 55 वर्ष 07- मुकेश पुत्र मुरारी लाल मित्तल आयु 59 वर्ष 08- प्रेम सिंह पुत्र सोहन आयु 50 वर्ष। 09- जुगनू पुत्र देवी सिंह आयु 35 वर्ष। 10- तुषार पुत्र सुनील प्रजापति आयु 17 वर्ष। 11- भजन लाल पुत्र बाबूलाल आयु 45 वर्ष। 12- लेखराज पुत्र गोपी सिंह आयु 40 वर्ष 13-टिंकू पुत्र रुद्रप्रकाश आयु 29 वर्ष 14- मूलचंद पुत्र लक्ष्मण आयु 40 वर्ष 15-राहुल पुत्र किन्चित आयु 28 वर्ष 16- नकुल पुत्र राहुल आयु 04 वर्ष ये कुल लोग 16 चोटिल है, जिनका उपचार चल रहा है। मृतकों की पहचान: विक्की पुत्र महेंद्र 30 वर्ष सुनील सैनी पुत्र मूलचंद 45 वर्ष तीसरे मृतक की शिनाख्त प्रक्रिया जारी है।  

कुछ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, कैसा रहेगा अगले 5 दिनों के मौसम का हाल?

नई दिल्ली मानसून लगभग पूरे देश में पहुंच चुका है। मानसून की एंट्री के साथ ही कई राज्यों में जोरदार बारिश भी देखी जा रही है। खासकर पहाड़ी राज्यों में कहर बरसा रहे मानसून से बाढ़ की स्थिति बन गई है। आईएमडी ने भी कुछ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार, राजस्थान में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हाल भी अभी सुधरते हुए नजर नहीं आ रहे है। ऐसे में आइए जानते है कि अगले पांच दिनों में कैसा रहेगा आपके यहां का मौसम…   स्काईमेटवेदर के अनुसार, अगले 24 घंठे की करें तो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, कोंकण और गोवा, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में भारी बारिश और अधिकतर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इधर, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, सौराष्ट्र और कच्छ, राजस्थान, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, दिल्ली और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के अनुमान लगाए जा रहे है। हालांकि सभी जगहों पर आसमान में बादल बने रह सकते है। कैसा रहेगा अगले पांच दिन का मौसम IMD के अनुसार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के कई इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। वहीं, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की बात कही गई है। इधर, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी रह सकती है।

उत्तर प्रदेश: बिजली के तारों से चिंगारी गिरने के कारण गैस पाइप में आग लगी

बरेली (उप्र) बरेली में नैनीताल राजमार्ग पर बिजली की लाइन से चिंगारी गिरने के कारण सड़क किनारे रखे प्लास्टिक गैस पाइप में आग लग गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब साढ़े 10 बजे की है जब बिजली के तारों से निकली चिंगारी सड़क किनारे रखे प्लास्टिक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइप और केबल के ढेर पर गिर गई। उसने बताया कि वहां रखी सामग्री ने तुरंत आग पकड़ ली और विकराल लपटें उठने लगीं। बरेली के अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) अकमल खान ने बताया कि एहतियात के तौर पर नैनीताल राजमार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही तुरंत रोक दी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब आधे घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही, जिससे वहां जाम लग गया। खान ने बताया कि दमकल की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और एक घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का कार्य जारी रहा। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ''आग संभवत: बिजली के तारों से चिंगारी निकलने के कारण लगी। अग्निशमन विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जाएगी।'' मौके पर पहुंचे पाइप बिछाने वाली कंपनी के अधिकारी अभिषेक ने बताया कि पाइप नई गैस लाइन डालने के लिए रखे गए थे जिनकी कीमत लाखों रुपये है। उन्होंने कहा, ''आग में पाइप व केबल का पूरा भंडार जलकर खाक हो गया, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ।'' अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।   

50 के बाद भी रहें हेल्दी और ब्यूटीफुल

भारतीय महिलाएं अक्सर पचास की आयु के बाद स्वयं को बूढ़ा सा बडों की कैटेगिरी में रखने लगती है। उनकी सोच उन्हें अधिक बूढ़ा बना देती है। कुछ भी पहनने और संवरने से पहले वे कई बार सोचती है उन्हें लगता है कि कहीं वे लोगों के बीच हास्य का पात्र तो न हीं बन रही। विदेसों में महिलाओं की सोच बिल्कुल अलग होती है। उन्हें लगता है कि अब जो समय है वह स्वयं को अधिक खुशनुमा रखने का है, अपनी ओर ध्यान देने का है। जिम्मेदारियां अब कम हैं, ऐसा एक सर्वेक्षण का मानना है। वैसे अब भारतीय महिलाओं की सोच में भी बदलाव आने लगा है, विशेषकर बड़े शहरों में। अगर हम इस उम्र तक पहुंचते ही अपनी सेहत अपनी लुक्स लुक्स पर ध्यान दें तो हम भी हैल्दी और ब्यूटीफुल लग सकती हैं। कराएं जरूरी टेस्ट:- 50 वर्ष तक पहुंचते पहुंचते हमारी हड्डियों की डेंसिटी कम हो जाती है और जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है जो आर्थराइटिस की पहचान है। इसके लिए हर दो साल में बोन डेंसिटी टेस्ट करवाते रहना चाहिए ताकि समय रहते इलाज करवाकर हम अपनी हड्डियों को बचा सकें। -पेशाब की रूटीन जांच करवाते रहना चाहिए। इंफेक्शन होने पर कल्चर करवाएं ताकि कोई भी इंफेक्शन हो तो पता चल सके। लंबे समय तक इंफेक्शन रहने से किडनी प्रभावित होने का खतरा रहता है. -पेल्विक अल्ट्रासाउंड साल में दो बार करवाना चाहिए ताकि ओवरी में होने वाले ट्यूमर का पता चल सके। -छाती का अल्ट्रासाउंड भी दो साल में एक बार करवाना चाहिए ताकि ब्रेस्ट कैंसर के खतरे का समय रहते पता चल सके। -इसके अतिरिक्त विटामिन डी, आंख, दांत, कान, डिप्रेशन, डिमेशिया आदि के टेस्ट भी करवाते रहने चाहिए। -बीपी, ब्लडप्रेशर व कोलेस्ट्रोल की जांच भी करवाते रहना चाहिए। करें नियमित व्यायाम: इस उम्र तक पहुंचते पहुंचते कई बार फैट शरीर के किसी विशेष भाग पर एकत्र हो जाता है। व्यायाम करते समय उस भाग को अवश्य ध्यान देते हुए करें ताकि उस भाग के फैट्स कम हो जाए। हल्के फुल्के योग आसन या व्यायाम नियमित करते रहें ताकि शरीर में लचक बनी रहे। अगर एनर्जी लेबल हाई है तो जिम ट्राई कर सकते हैं। वैसे ब्रिस्क वाक, जागिंग, स्विमिंग या कोई मनपसंद स्पोर्ट ट्राई कर सकते हैं। कोई भी नियमित व्यायाम करने से पहले अपने शरीर की स्थिति को ध्यान में अवश्य रखें। हर शरीर की स्थिति अलग होती है। अपने फैट्स को बर्न करने के लिए हर माह व्यायाम के तरीकों में थोड़ा बदलाव लाते रहें। संतुलित आहार जरूरी है: डाइटिशियन के अनुसार इस आयु में भी प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन्स की जरूरत रहती है पर इनका संतुलित मात्रा में लेना ही शरीर के लिए उचित होती है। अगर हम डाइटिशियन से अपना फूड चार्ट बनवा लें और उस पर चलें, तो हम स्वस्थ रह सकते हैं। वैसे सामान्यतः पालक, दूध, टमाटर, स्प्राउटस, फल, अंडे, नींबू, आंवला, चुकंदर, दलिया, सूखे मेवे लेते रहने चाहिए ताकि शरीर को सही खुराक मिलती रह सके। सुंदर दिखने के लिए नेचरल उत्पादों का प्रयोग करें: -केला स्किन और बालों के लिए बहुत अच्छा होता है। यह त्वचा को माइश्चराइज करता है। केला मैश कर उसमें तीन चार बूंदें शहद और थोड़ा सा ओटमील मिलाकर मिश्रण को फेस मास्क की तरह प्रयोग कर त्वचा को टाइट बना सकते हैं। इससे झुर्रियां दूर होती हैं, त्वचा पर ग्लो भी आता है। -होंठ और हाथों पैरों को नर्म बनाए रखने के लिए आलिव आयल लगाएं। पूरे शरीर में नमी बरकरार रहे इसके लिए बाथटब में या नहाने वाली बाल्टी में आलिव आयल की बूंदे डालें। -डेड स्किन को दूर करने के लिए पके पपीते को मैश कर चेहरे लगाएं और 10 मिनट बाद चेहरा धो लें। -शहद चेहरे पर सीदे लगा सकते हैं। 15 मिनट गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। बालों पर काले शेड के स्थान पर बरगंडी शेड लगाएं।  

सीएम पेमा खांडू का बड़ा दावा – अरुणाचल प्रदेश बना भारत का टॉप कार्बन सिंक

ईटानगर भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश देश का सबसे बड़ा कार्बन सिंक बनकर उभरा है। इस बात की जानकारी अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने खुद दी है। उन्होंने बताया कि हिमालय की गोद में बसा अरुणाचल प्रदेश भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य में अहम भूमिका निभा रहा है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने अरुणाचल प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा कार्बन सिंक बताया। साथ ही कुछ डेटा भी शेयर किया है, जिसमें वन क्षेत्र, कार्बन अवशोषण और नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य के बारे में बताया गया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने एक्स पर लिखा, “भारत का सबसे बड़ा कार्बन सिंक: अरुणाचल प्रदेश। यहां 79 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जो भारत के कुल कार्बन अवशोषण में 14.38 प्रतिशत योगदान दे रहा है। इसके अलावा, यहां 1,021 मिलियन टन कार्बन स्टॉक है, जो देश में सबसे अधिक है। हिमालय की गोद में बसे अरुणाचल प्रदेश की 2070 तक भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य में बेहद अहम भूमिका है।” राज्य के घने जंगल और जैव-विविधता न केवल जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी बनाए रख रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश की सीमाएं असम, नागालैंड, म्यांमार,भूटान और उत्तर में तिब्बत से मिलती हैं। अरुणाचल प्रदेश, अपने विशाल वन क्षेत्र और कई हजार वर्ग किलोमीटर के भौगोलिक क्षेत्र के साथ भारत के पर्यावरणीय संतुलन का आधार है। यहां के जंगल न केवल कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देते हैं। हालांकि, इस क्षेत्र पर चीन और ताइवान के दावों के कारण भू-राजनीतिक चुनौतियां भी हैं।  

‘वॉर 2’ के प्रमोशन में एक-दूसरे से दूर रहेंगे ऋतिक और एनटीआर!

मुंबई, यशराज फिल्मस (वाईआरएफ) की फिल्म 'वॉर 2' के प्रचार में ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर को एक-दूसरे से अलग रखा जायेगा। यशराज फिल्म्स ने हमेशा अपने स्पाई यूनिवर्स की फिल्मों के प्रचार के लिए अनोखी और दिलचस्प रणनीतियाँ अपनाई हैं। अब, बहुप्रतीक्षित फिल्म 'वॉर 2' के प्रचार को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। कहा जा रहा है कि ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर को एक-दूसरे से अलग रखा जाएगा! 'वॉर 2' में पहली बार ऋतिक और एनटीआर एक साथ स्क्रीन साझा करते नजर आएंगे, और दर्शकों के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण होने वाला है। इस तीव्र टक्कर को प्रमोशन के दौरान भी बरकरार रखने के लिए वाईआरएफ ने तय किया है कि दोनों कलाकार कभी भी एक ही मंच पर नजर नहीं आएंगे। चर्चा है कि “ऋतिक और एनटीआर फिल्म के प्रचार में कभी एक साथ नहीं दिखेंगे ,न किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, न किसी प्रमोशनल वीडियो में और न किसी इवेंट में। वाईआरएफ चाहता है कि दर्शक पहले बड़े पर्दे पर इन दोनों की जबरदस्त भिड़ंत देखें, उसके बाद ही उन्हें साथ में किसी दोस्ताना माहौल में देखना चाहिए। यह रणनीति वाईआरएफ की अब तक की स्पाय यूनिवर्स फिल्मों की तरह एक और दिलचस्प पहल है। इससे पहले 'वॉर' में भी ऋतिक और टाइगर श्रॉफ पहली बार फिल्म की सक्सेस पार्टी में एक साथ नजर आए थे। 'पठान' के प्रचार के दौरान शाहरुख खान ने केवल सोशल मीडिया के लिए कुछ खास वीडियो शूट किए, लेकिन किसी भी प्रमोशनल इवेंट में हिस्सा नहीं लिया। फिल्म 'वॉर 2' का निर्देशन अयान मुखर्जी ने किया है और यह फिल्म 14 अगस्त को दुनियाभर में आइमैक्स पर रिलीज होगी। इस फिल्म में कियारा आडवाणी भी वाईआरएफ स्पाय यूनिवर्स का हिस्सा बन रही हैं और इस बार उनके सबसे खतरनाक अवतार की झलक देखने को मिलेगी। इस फिल्म को आदित्य चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया है।  

संभल में मुहर्रम जुलूस के दौरान नाबालिगों के ताजिया ले जाने पर रोक: पुलिस

संभल (उप्र) संभल पुलिस ने सुरक्षा कारणों और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता का हवाला देते हुए मुहर्रम जुलूस के दौरान नाबालिगों के ताजिया और अलम ले जाने पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर) राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि मुहर्रम जुलूस के साथ जाने वाले स्वयंसेवकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। श्रीवास्तव ने कहा, ''यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि नाबालिग बच्चों को ताजिया या अलम ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'' उन्होंने कहा, ''ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं जब अलम ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को छू गए थे और इस कारण उन्हें करंट लग गया था। ऐसे जोखिमों को ध्यान में रखते हुए केवल वयस्कों को ही उन्हें ले जाने की अनुमति दी जाएगी।'' अधिकारी ने बताया कि नाबालिग जुलूस का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन उन्हें ताजिया या अलम नहीं पकड़नी चाहिए। श्रीवास्तव ने इस बात पर भी जोर दिया कि ताजिया की ऊंचाई 10 फुट से अधिक नहीं होनी चाहिए और जुलूस केवल पारंपरिक मार्गों से ही निकलने चाहिए। उन्होंने कहा, ''सभी स्वयंसेवकों ने इन नियमों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।'' जुलूसों के दौरान तेज आवाज में ढोल-ताशा बजाने संबंधी चिंताओं पर श्रीवास्तव ने कहा, ''मुहर्रम शोक का अवसर है। ढोल-ताशा केवल परंपरा के अनुसार ही बजाए जाने चाहिए। खासकर दूसरे समुदायों के अराधना स्थलों के पास अनावश्यक शोर नहीं होना चाहिए।''  

ऋषभ पंत ने ICC रैंकिंग में रच दिया इतिहास, बुमराह, जडेजा का जलवा भी कायम

नई दिल्ली ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) की ताजा जारी रैकिंग में टेस्ट बल्लेबाजों के टॉप 10 में फिर बदलाव हुआ है. इंग्लैंड के लीड्स (हेडिंग्ले) टेस्ट में दो शतकों की वजह से दो खिलाड़ियों ने करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग हासिल की है.  ऑस्ट्रेलिया के एक फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज और श्रीलंका के दो बल्लेबाजों को भी रैंकिंग में फायदा मिला है.  भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को भी बड़ी कामयाबी मिली है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में दो शतक लगाने के बाद पंत ने टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में करियर की सबसे ऊंची रेटिंग हासिल की है.  27 साल के ऋषभ पंत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का जलवा दिखाया है. उन्होंने पहली पारी में 134 और दूसरी पारी में 118 रन बनाए. हालांकि भारत यह मैच पांच विकेट से हार गया.  इसके बावजूद पंत को टेस्ट बल्लेबाजों की ताजा रैंकिंग में एक स्थान का फायदा हुआ और अब वो छठे नंबर पर पहुंच गए हैं.  यह उनकी करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग (पांचवें नंबर) से सिर्फ एक पायदान नीचे है, जो उन्होंने 2022 में हासिल की थी. लेकिन इस बार उनका कुल रेटिंग प्वाइंट (801) अब तक का सबसे ज्यादा है. पंत अब नंबर 1 बल्लेबाज जो रूट से सिर्फ 88 रेटिंग अंक पीछे हैं.  इंग्लैंड के जो रूट टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में पहले नंबर पर बने हुए हैं. हेडिंग्ले टेस्ट में उन्होंने 28 और नाबाद 53 रन बनाए. उनके साथी और नंबर 2 पर मौजूद हैरी ब्रूक उनसे सिर्फ 15 रेटिंग अंक पीछे हैं. इंग्लैंड के ओपनर बेन डकेट को भी बड़ा फायदा हुआ है. लीड्स टेस्ट की दूसरी पारी में 149 रन की मैच विनिंग पारी के बाद वो करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग (8वें नंबर) पर पहुंच गए हैं. ट्रेव‍िस हेड को ICC रैकिंग में फायदा  बारबाडोस में वेस्टइंडीज को 159 रन से हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को भी फायदा मिला है. दो अर्धशतक की वजह से वो तीन स्थान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर पहुंच गए हैं. कोलंबो में बांग्लादेश के खिलाफ जीत के हीरो पथुम निसांका को 14 पायदान की बड़ी छलांग मिली और अब वो 17वें नंबर पर आ गए हैं. उनके साथी कुसल मेंडिस भी चार स्थान ऊपर चढ़कर 30वें नंबर पर पहुंच गए हैं. साउथ अफ्रीकी   लुआन-ड्रे प्रिटोरियस ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक जड़कर पहली बार टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में एंट्री की है और अब वो 68वें नंबर पर हैं. गेंदबाजों की रैंकिंग में बुमराह का जलवा  भारत के जसप्रीत बुमराह टेस्ट गेंदबाजों में पहले नंबर पर कायम हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट में पांच विकेट लिए थे.ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर आ गए हैं. वेस्टइंडीज के जेयडन सील्स नौवें नंबर पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या एक पायदान ऊपर चढ़कर 14वें नंबर पर पहुंच गए हैं. जडेजा नंबर 1 ऑलराउंडर  भारत के रवींद्र जडेजा अब भी टेस्ट ऑलराउंडर्स में नंबर 1 पर हैं, भले ही इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन औसत रहा. साउथ अफ्रीका के वियान मुल्डर सात स्थान ऊपर आकर 15वें नंबर पर पहुंचे हैं. उनके साथी कॉर्बिन बॉश ने 42 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर 19वें नंबर पर जगह बना ली है.