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सीएम साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में जीएसटी विभाग की समीक्षा बैठक ली

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है। बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है। बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने की रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन की समीक्षा

रेलवे तथा राजस्व अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें – कलेक्टर सीधी   कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि रेलवे तथा राजस्व अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। रेलवे विभाग के अधिकारी कार्यों के प्राथमिकता क्रम को निर्धारित करते हुए राजस्व अधिकारियों के सतत संपर्क में रह कर कार्य मे प्रगति लाएं।   सीधी सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को भू-अर्जन के काम को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने लंबित रकबों के भू-अर्जन के धारा 11, 19, 21 की कार्यवाही निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जो भुगतान लंबित है उनकी कमियों को दूर करते हुए अगले एक सप्ताह में भुगतान की कार्यवाही पूर्ण करायें। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करने के लिए निर्देशित किया, ताकि कार्य समय सीमा में पूर्ण हो।   बैठक में उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, चुरहट शैलेष द्विवेदी, सिहावल प्रिया पाठक, उप मुख्य अभियंता निर्माण रीवा घमंडी लाल मीणा, उप मुख्य अभियंता सीधी अवलीश मीणा, सहायक कार्यकारी अभियंता निर्माण सीधी अविनाश कुमार, वरिष्ठ खंड अभियंता निर्माण सीधी गिरधर मीणा, कुलदीप शर्मा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जिले में आगमन 4 जुलाई को

मुख्यमंत्री सरई में आयोजित शसक्त महिला एवं जन जाति गौरव सम्मेलन में होगे शामिल सिंगरौली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  का 4 जुलाई को  जिले के  सरई अंचल में आगमन होगा  मुख्यमंत्री सरई में आयोजित शसक्त महिला  एवं जन जाति गौरव सम्मेलन में शामिल होगे। मुख्यमंत्री के आगमन को मद्देनजर रखते हुये देवसर विधानसभा के विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम,  कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री, एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह नागेश के द्वारा मुख्यमंत्री जी के लिए कार्यक्रम हेतु चयनित सभा स्थल सीएम राईज विद्यालय सरई के परिसर में की जा रही व्यवस्थाओ का निरीक्षण किया गया। एवं तैयारियो में सलग्न अधिकारी कर्मचारियो को समय पर सभी तैयारियो को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया।  कलेक्टर ने विंदुवार कार्यक्रम हेतु की जा रही तैयारियो का गहनता पूर्वक निरीक्षण करते हुयें सभा स्थल पर बैठक व्यवस्था, बैरिकेंटिग, पेयजल, वाहनो के पार्किग व्यवस्था, हेलीपैड सहित सभा स्थल तक पहुच मार्ग व्यवस्था आदि का अवलोकन करते हुयें निर्देश दिया गया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के आने वाले नागरिको के लिए सेक्टरवार बैठक व्यवस्था सुनिश्चित कराये। साथ सभा स्थल तक नागरिको लाने एवं ले जाने वाले वाहनो के लिए उचित पर्किग व्यवस्था सुनिश्चित करे।  कलेक्टर ने सभा स्थल पर निर्बध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही पेयजल, शौचालय, अग्निशमक आदि का उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के द्वारा जिले के जिन विकास कार्यो का लोकापर्ण भूमिपूजन कराया जाना है उनकी सूची तैयार कर विकास कार्यो की शिलापट्टीका तैयार कराकर व्यवस्थित करले। इसके अलावा भी कार्यक्रम के तैयारियो के संबंध मे कलेक्टर द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय,  एसडीएम देवसर अखिलेश सिंह, एसडीएम माड़ा राजेश शुक्ला, नगर निगम आयुक्त डी.के शर्मा,  डिप्टी कलेक्टर माइकेल तिर्की, देवेन्द्र द्विवेदी, तहसीलदार सरई चन्द्र शेखर मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

संसद सुरक्षा में सेंध के आरोपी दो युवकों को मिली जमानत, दिल्ली पुलिस ने किया विरोध

नई दिल्ली  संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को आरोपियों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत मंजूर कर दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने इन दोनों की जमानत अर्जी का विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया। याद दिला दें कि वर्ष 2023 में संसद सत्र के दौरान लोकसभा में घुसकर पीली गैस छोड़ी गई थी और नारेबाजी की गई थी, जिससे संसद की सुरक्षा पर सवाल उठे थे। कोर्ट ने लगाई कुछ शर्ते दिल्ली हाई कोर्ट ने संसद सुरक्षा में चूक के मामले में आरोपी नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत प्रदान की है, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दोनों आरोपी जमानत अवधि के दौरान मीडिया से कोई बातचीत नहीं करेंगे और सोशल मीडिया पर भी कोई पोस्ट नहीं करेंगे। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने दोनों को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और दो समान राशि की जमानत के आधार पर राहत दी है। पुलिस ने कोर्ट को क्या बताया? इससे पहले निचली अदालत ने संसद में सुरक्षा व्यवस्था की चूक से जुड़े मामले में आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने नीलम आजाद और महेश कुमावत की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद 21 मई को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। पुलिस ने अदालत में यह तर्क दिया था कि आरोपियों का मकसद 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले की भयावह घटनाओं को दोबारा याद दिलाना था।

शहडोल सांसद ने अपनी बेटी का एडमिशन शासकीय विद्यालय में कराया

भोपाल  शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने अपनी बेटी गिरीश नंदिनी सिंह का एडमिशन अनूपपुर जिले के ग्राम राजेंद्र के शासकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय में कराया है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह के इस निर्णय की सराहना की। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस सकारात्मक संदेश से अन्य जन-प्रतिनिधियों एवं नागरिकों को प्रेरणा मिलेगी। जन-सामान्य में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा। 

रणवीर सिंह का अगला धमाका, महबूब स्टूडियो में शूटिंग पर दिखी हाई सिक्योरिटी!

  मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को हाल ही में महबूब स्टूडियो में हाई सिक्योरिटी में शूटिंग करते हुए देखा गया। रणवीर सिंह बॉलीवुड के सबसे जबरदस्त अभिनेता में से एक हैं। उन्होंने अब तक कई हिट फिल्में दी हैं। अब फैंस को यह जानने की बड़ी दिलचस्पी है कि रणवीर अगली बार क्या नया करने वाले हैं। रणवीर सिंह को हाल ही में महबूब स्टूडियो में शूटिंग करते हुए देखा गया। बताया जा रहा है कि महबूब स्टूडियो में जहां रणवीर सिंह शूटिंग कर रहे हैं, वहां हाई सिक्योरिटी देखी गई है। इस प्रोजेक्ट को लेकर अभी तक ज़्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, क्योंकि सब कुछ सीक्रेट रखा जा रहा है जब तक कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट ना हो। हालांकि प्रोजेक्ट से जुड़ी डिटेल्स अभी तक सामने नहीं आई हैं, लेकिन ये अपडेट लोगों की उत्सुकता जरूर बढ़ा रहा है। ऐसा लग रहा है कि रणवीर सिंह महबूब स्टूडियो में किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इस वक्त रणवीर अपनी आने वाली फिल्म धुरंधर में बिजी हैं, जो उनके सबसे चर्चित प्रोजेक्ट्स में से एक है। हाल ही में यह भी खबर आई थी कि रणवीर मैडॉक फिल्म्स के साथ उनके बढ़ते हुए हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा बनने जा रहे हैं।  

मानसून के मौसम में अपने बैग में जरूर रखें ये चीजें

यूं तो मानसून में होने वाली बारिश सभी को पसंद होती है लेकिन यही बारिश तब आफत बन जाती है जब आपको कहीं बाहर जाना पड़े। इसीलिए हम आपको यहां बता रहे हैं कि मानसून के मौसम में कहीं भी बाहर जाते हुए अपने बैग में क्या चीजें जरूर रखें? मानसून में हवा बहुत ज्यादा चलती है जिसके कारण होठ सूख जाते हैं। ड्राय और चैप्ड लिप्स किसी को पसंद नहीं आते। ऐसे में हैंडबैग में अपना फेवरेट लिप ग्लॉस जरूर रखें। जब भी आपको लगे कि लिप्स ड्राय हो रहे हैं तुरंत इसे लगाएं। नहाने के बाद आप मॉइस्चराइजर लगाते ही हैं। इसी तरह जब आप हाथ धोते हैं या बारिश में कहीं फंस जाते हैं तब भी मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है। जैसे ही पानी आपकी स्किन के सपर्क में आता है और जब वह सूखने लगता है तब वह स्किन का मॉइस्चर भी ले उड़ता है, इसलिए अपने बैग में एक मॉइस्चराइजर जरूर रखें। मानसून अपने साथ बैक्टीरिया की भरमार लेकर आता है। बारिश, कीचड़ और धूल हर जगह होती है। इसके लिए बाहर कम खाएं और अगर खाना पड़े तो हाथ सैनिटाइज किए बिना कभी ना खाएं। अपने बैग में एक छोटी सैनिटाइजर की बॉटल जरूर रखें। अगर आपकी हेल्थ अच्छी है तो सब अच्छा है। मानसून में हमारी प्यास कम हो जाती है इसलिए अपने बैग में एक छोटी पानी की बॉटल जरूर रखें। ये आपको ज्यादा पानी पिने की याद दिलाती रहेगी। मानसून का मतलब है बैक्टीरिया, तो ये आपको हेल्दी रखेगी। आप घर से बाहर जा रहे हैं तो हो सकता है मेकअप करके जाएं, स्टाइलिश हेयरस्टाइल बनाकर जाएं, या अपना सबसे अच्छा आउटफिट पहनकर जाएं। ऐसे में अगर बारिश की संभावना बन जाती है तो आप रेन डांस के मूड में तो बिलकुल नहीं आएंगे। इसलिए अपने बैग में एक फोल्डिंग छतरी जरूर रखें। न जाने कब इसकी जरूरत पड़ जाए।  

सांसद बृजमोहन अग्रवाल को नई जिम्मेदारी की प्रदान, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के बने सदस्य

रायपुर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी प्रदान की गई है. नई जिम्मेदारी मिलने के पश्चात सांसद अग्रवाल ने कहा कि, हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है. हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और राजकीय कार्यों में अधिकाधिक उपयोग को लेकर मैं प्रतिबद्ध हूं. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में जुड़ना मेरे लिए गौरव का विषय है. उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे यह दायित्व सौंपा. उल्लेखनीय है कि हिन्दी सलाहकार समिति का कार्य मंत्रालय की योजनाओं, कार्यक्रमों और दस्तावेजों में राजभाषा हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को सुनिश्चित करना तथा भाषा से संबंधित सुझाव देना होता है.

₹2 लाख की FD पर 2 साल में मिलेगा ₹2.29 लाख से ज्यादा, पोस्ट ऑफिस की स्कीम में जबरदस्त फायदा

नई दिल्ली  बाजार में भले ही बैंकों की एफडी (Fixed Deposit) पर ब्याज दरें घट रही हों, लेकिन पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स आज भी छोटे निवेशकों को स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न दे रही हैं। खास बात ये है कि जहां बैंकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद एफडी की ब्याज दरों में कमी कर दी है, वहीं पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। RBI ने रेपो रेट घटाया, लेकिन पोस्ट ऑफिस ब्याज दरों पर टस से मस नहीं इस साल फरवरी से जून तक RBI ने रेपो रेट में 1.00% तक की कटौती की है। इसका असर बैंकों की लोन और एफडी स्कीम्स पर साफ दिखा – लोन सस्ते हुए और FD पर ब्याज दरें गिरीं। मगर पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम अभी भी वही आकर्षक रिटर्न दे रही है, जो पहले मिल रहा था। पोस्ट ऑफिस TD पर कितना ब्याज? पोस्ट ऑफिस TD स्कीम को आप बैंक की एफडी जैसा समझ सकते हैं, लेकिन एक बड़ा फर्क है – यहां ब्याज सरकारी गारंटी के साथ तय होता है और बाजार में उतार-चढ़ाव का इस पर असर नहीं होता। ब्याज दरें इस प्रकार हैं: – 1 साल की TD: 6.9% – 2 साल की TD: 7.0% – 3 साल की TD: 7.1% – 5 साल की TD: 7.5% वाइफ के नाम 2 लाख रुपये की TD करें, जानिए 2 साल में क्या मिलेगा? अगर आप अपनी पत्नी के नाम पर पोस्ट ऑफिस की 2 साल की टाइम डिपॉजिट स्कीम में ₹2,00,000 जमा करते हैं, तो मैच्योरिटी पर कुल ₹2,29,776 मिलेंगे। -इसमें ₹29,776 की कमाई सिर्फ ब्याज से होगी। -निवेश राशि: ₹2,00,000 -अवधि: 2 साल -ब्याज दर: 7.0% प्रति वर्ष (कंपाउंडिंग के साथ) -मैच्योरिटी अमाउंट: ₹2,29,776    क्यों बेहतर है पोस्ट ऑफिस TD? -फिक्स और गारंटीड रिटर्न -सरकारी योजना, मतलब जोखिम नहीं -किसी भी उम्र और वर्ग के निवेशकों को एक जैसा ब्याज -न्यूनतम ₹1000 से शुरू कर सकते हैं -कोई अधिकतम सीमा नहीं  

एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में मध्यप्रदेश को फ्रंट रनर स्टेट का दर्जा

भारत-जर्मनी सहयोग से सतत विकास लक्ष्य स्थानीयकरण पर नीति आयोग की 3 जुलाई को राज्य स्तरीय वर्कशॉप भोपाल  सतत विकास के लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर क्रियान्वित करने में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी क्रम में सतत विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन में निजी उद्योग की भूमिका और सहभागिता को बढ़ाने के लिए भारत जर्मन सहयोग परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा विशेषज्ञों की राष्ट्रीय कार्यशाला भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट भोपाल में 3 जुलाई को सुबह दस बजे से आयोजित की गई है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के विभिन्न विभाग, जिलों के प्रतिनिधियों, नीति आयोग, जर्मनी की संस्था जीआईजेड के प्रतिनिधियों से सतत विकास के लक्ष्यों और उनके स्थानीयकरण के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश उन राज्यों में से एक है जहां सतत विकास के लक्ष्यों के स्थानीयकरण में तेजी आई है और एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में मध्यप्रदेश को फ्रंट रनर स्टेट का दर्जा मिला। प्रदेश में उत्पादन और जिम्मेदार पूर्ण उपभोग, स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ स्वच्छता, शहरीकरण, गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में उल्लेखनीय काम हुआ है। मध्यप्रदेश के प्रयासों से 2.30 करोड़ व्यक्ति बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करते हुए मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा हासिल करने के लिए आयुष्मान भारत और स्वच्छ भारत के प्रावधान के लिए जल जीवन मिशन में उल्लेखनीय काम हुआ है। मध्यप्रदेश देश के उन पहले राज्यों में से एक है जिसने भोपाल शहर के लिए स्वैच्छ‍िक स्थानीय समीक्षा की और इंदौर नगर निगम में ग्रीन म्युनिसिपल बांड के माध्यम से वित्त जुटाने में अग्रणी भूमिका निभाई। कार्यशाला में जर्मन दूतावास और यूएनडीपी के प्रतिनिधि, भारत जर्मन सहयोग परियोजना की प्रमुख श्रीमती हेनरी पेईचर्ट, नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार श्री राजीव कुमार सेन और सतत विकास लक्षण के क्रियान्वयन से जुड़े विषय विशेषज्ञ, आर्थिक सलाहकार, कॉर्पोरेट भागीदारी से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मई 2022 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने भारत और जर्मनी के बीच हरित और सतत विकास के लिए एक नई साझेदारी के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी भारत-जर्मनी विकास सहयोग को 2030 एजेंडा और पेरिस समझौते के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए था। इस प्रक्रिया में भारत जर्मनी सहयोग का समर्थन करने के लिए जर्मन संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय बीएमजेड ने जीआईजेड संस्था के साथ साझेदारी की। जीआईजेड और नीति आयोग राष्ट्रीय राज्य और जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्य के क्रियान्वयन और निगरानी में सहायता के लिए संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने के करने में सहयोग दे रहे हैं। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मध्य पारस्परिक ज्ञान साझा करने को सुलभ बनाना और राज्य नीति आयोग और अन्य संस्थाओं के सहयोग के लिए मार्ग प्रशस्त करना है।