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आजादी के जश्न में सफाई का संकल्प, स्टेशनों पर जागरूकता फैलाने उतरे कलाकार

जबलपुर आजादी का अमृत महोत्सव अब सफाई के संकल्प से भी जुड़ गया है। रेलवे द्वारा 1 अगस्त से 15 अगस्त तक देशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल को स्वतंत्रता दिवस की भावना से जोड़ा गया है, जिससे सफाई को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके। इस अभियान का फेज(1) 1 से 15 अगस्त तक चलेगा, जिसके बाद फेज(2) 16 अगस्त से अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य मिलकर विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।   पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों जबलपुर, कटनी और सतना में सफाई की शुरुआत शपथ ग्रहण से हुई। मुख्य यांत्रिक इंजीनियर एम. विजय कुमार और मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के निर्देशन में अभियान को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यार्ड और कोच डिपो में सफाई अभियान चलाया गया। श्रमदान, जागरूकता रैली, और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से यात्रियों को साफ-सफाई के प्रति सजग किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक-ट्रेनिंग से बढ़ाई जागरूकता स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर आम जनता को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। साथ ही, कर्मचारियों के लिए स्वच्छता पर वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए, जिससे वे सफाई को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।

गांव के मरीजों को मिला डिजिटल इलाज का सहारा, जानें E-Sanjeevani से कैसे हो रहा फायदा

भोपाल भोपाल से ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के उपमहानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने सोमवार को भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में तीन नई पहलों की शुरुआत की। इसमें सबसे अहम रही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत, जिससे दमोह, सिंगरौली और मंडला के मरीजों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे ऑनलाइन परामर्श मिल सकेगा। क्या है ई-संजीवनी सेवा और कैसे मिलेगा फायदा? ई-संजीवनी सेवा एक ऑनलाइन टेलीपरामर्श सुविधा है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू की गई है। इस सेवा के तहत अब इन जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टर, भोपाल स्थित BMHRC के विशेषज्ञों से सीधे सलाह ले सकेंगे।   विशेषज्ञ डॉक्टरों में शामिल होंगे     जनरल मेडिसिन     स्त्री रोग     गैस्ट्रो मेडिसिन     क्रिटिकल केयर इससे मरीजों को भोपाल या जिला अस्पताल तक बार-बार आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। ग्रामीण मरीजों के लिए क्यों है ये सेवा उपयोगी? BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार, यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी होगी। इससे दूरदराज के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही, यह सेवा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ, सस्ती और तेज बनाएगी। नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और हिंदी टाइपिंग का शुभारंभ ICMR उपमहानिदेशक ने BMHRC में दो अन्य पहलों का भी उद्घाटन किया 1. ओरिएंटेशन प्रोग्राम     यह प्रशिक्षण ICMR के नवनियुक्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए है।     इसमें प्रशासनिक कौशल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर फोकस किया गया। 2. हिंदी टाइपिंग प्रशिक्षण     4 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 15 कर्मचारियों को राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी प्रशासनिक कार्यों में दक्ष बनाया जाएगा।     प्रशिक्षण का नेतृत्व श्री घनश्याम नामदेव करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 7 अगस्त को पॉक्सो कार्यशाला, बाल अधिकारों पर होगा फोकस

भोपाल  लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो अधिनियम) विषय पर जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा 7 अगस्त (गुरुवार) को एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष द्रविंद्र मोरे उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में पूरे प्रदेश से महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस तथा जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पोक्सो अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर अधिकारियों को संवेदनशील बनाना और उन्हें विधिक जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करना है। कार्यशाला में बाल संरक्षण के क्षेत्र में नीति निर्धारण से लेकर ज़मीनी कार्यान्वयन तक की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर भी मंथन किया जाएगा।  

इंदौर की तरक्की पर सीएम का दावा, सिंघार ने पूछा- करोड़ों का निवेश आया कैसे? PM 25 को धार में रखेंगे नींव

भोपाल विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि विकास को लेकर मध्य प्रदेश से नहीं बल्कि देश को देखकर बात करनी होगी। उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि पूरा देश लाभान्वित होना चाहिए। बिजली, सड़क आखिरी महत्व तक का और प्रवासियों की मानसिकता उनके काम करने का तरीका मध्य प्रदेश अनुकूल है।  फालतू के कानून खत्म मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार में कारखाने में हड़ताल नहीं हुई। मध्य प्रदेश में चाहे कांग्रेस की सरकार हो या बीजेपी की। परमात्मा की कृपा से इंदौर की गति जेट विमान की तरह चल रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर चारों टाउन बड़ी-बड़ी स्थिति में बड़ी-बड़ी संभावनाएं रखते हैं। हमने मेट्रोपॉलिटन इलाका पांच पांच शहरों को मिलाकर बनाया है। मास्टर प्लान को लेकर झगड़ा लैंड यूज का होता है। हम क्षेत्र आधार विकास को लेकर योजना पर काम कर रहे हैं। यह आगामी समय में 10-12 जिलों का नया मॉडल बनेगा। हम फालतू के कानून खत्म करते हुए नई विचारधारा नए कानून की ओर बढ़ रहे हैं। हम योजनाओं का सरलीकरण कर रहे हैं। धार में भूमिपूजन करेंगे PM मोदी सीएम डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा कि GIS के लिए भोपाल का चयन किया है। GIS के लिए पीएम मोदी रात रुके। कोयंबटूर में वहां के नेता प्रतिपक्ष ने उद्योग को लेकर आंदोलन कर दिया था। मैंने कहा…कंपनियां वहां भी करें, और एमपी में भी काम करें। स्विट्जरलैंड के व्यापारी मोटा अनाज कोदू कुटकी खरीदने को तैयार है। हमारा माल दुनिया खरीद रही। पर्यटन के कई आयामों से रोजगार दिए जा रहे। इंजीनियरिंग कॉलेज में ही IT पार्क बना रहे। पढ़ाई के साथ काम भी एक ही कैंपस में मिल जाएगा।” सीएम ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को धार में पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करेंगे / सीएम के वक्तव्य पर उमंग सिंघार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के वक्तव्य पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा, “मध्य प्रदेश मेकिंग मध्य प्रदेश कब बनेगा? मुख्यमंत्री का आभार आपने आंकड़े गिनाए। करोड़ों का निवेश आया। लेकिन कैसे आया यह समझ ही नहीं आया। किसानों की जमीनों को लेकर मुआवजा दे नहीं पा रहे। 120 इंडस्ट्रियल पार्क बना रहे हैं। उद्योगपति को क्यों नहीं बोलते कि वह डेवलपमेंट करें। सरकार जनता के पैसे से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कर रही है। सरकार को विचार करना चाहिए।” उमंग सिंघार ने आगे कहा, “बेरोजगारों को आप आकाशी रोजगार कह रहे हो। मध्य प्रदेश के सालों से बेरोजगार पड़े युवाओं की रोजगार नहीं दे पा रहे हैं।हम सफेद प्याज की खेती को बढ़ावा नहीं दे पा रहे। चावल को लेकर मध्यप्रदेश कहा हैं? सोयाबीन के प्लांट बंद पड़े हैं। देश का सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्य की आज हालत खराब है। इस पर सरकार ने कुछ नहीं किया।” “IT सेक्टर की बात करते हैं..लेकिन IT मध्यप्रदेश नहीं आता। बड़ी कंपनियां बंद हो रही हैं, सिर्फ 11 बची है। नाम कहें तो गिना सकता हूं। पॉलिसी में खराबी है न। मांडू के पर्यटन की बात करते हैं। तालाब सूखे पड़े हैं..पर्यटन नहीं आता। पर्यावरण में घोटाला हो रहा है। मुख्यमंत्री के पास रिपोर्ट पेंडिंग पड़ी है। मेडिकल टूरिज्म की बात करते हैं आप। लेकिन लोग प्रदेश से बाहर जाते हैं..ये क्या है मेडिकल टूरिज्म? भावनाएं अच्छी है आपकी लेकिन आपकी भावनाएं लोगों तक नहीं पहुंच पाती। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आपने समूह की बात की लेकिन यहां भ्रष्टाचार हो रहा है।”

जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा लौटेगा? सुप्रीम कोर्ट में 8 अगस्त को हो सकती है बड़ी बहस

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट 8 अगस्त (शुक्रवार) को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के निर्देश देने की मांग की गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने इस याचिका को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) वीआर गवई के समक्ष उठाया और आग्रह किया कि इसे निर्धारित तिथि (8 अगस्त) की सूची से हटाया न जाए। न्यायमूर्ति गवई ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया। यह मामला अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण से संबंधित है, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त था। यह याचिका उस पुराने केस से जुड़ी एक मिक्स्ड एप्लिकेशन के रूप में दायर की गई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 में अपने ऐतिहासिक फैसले में अनुच्छेद 370 को हटाने को वैध ठहराया था। हालांकि, उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की संवैधानिक वैधता पर कोई टिप्पणी नहीं की थी, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को आश्वस्त किया था कि राज्य का दर्जा "शीघ्र" बहाल किया जाएगा। कोर्ट ने उस समय कहा था- “राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए” लेकिन कोई ठोस समयसीमा तय नहीं की गई थी। ताजा याचिका कॉलेज शिक्षक जाहूर अहमद भट और सामाजिक कार्यकर्ता खुर्शीद अहमद मलिक द्वारा दायर की गई है। यह याचिका एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड इजाज मकबूल के माध्यम से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आए लगभग 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जबकि क्षेत्र में विधानसभा चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुके हैं। इधर सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठकों से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि केंद्र सरकार राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर सकती है। रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बीच हुई अलग-अलग मुलाकातों और मंगलवार सुबह एनडीए सांसदों की बैठक ने इन अटकलों को और हवा दी है। सोमवार को संसद भवन परिसर में हुई एक और अहम बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका और गृह सचिव गोविंद मोहन शामिल हुए। हालांकि इस बैठक से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। अब निगाहें 8 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट हो सकता है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने के लिए क्या रोडमैप तय करती है।  

भारतीय सेना की दो-टूक: अमेरिका ने किया भरोसे का उल्लंघन, क्या रिश्तों में आएगी दरार?

नई दिल्ली   भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने एक पुरानी खबर को साझा कर अमेरिका को उसकी दशकों पुरानी नीति याद दिलाई है. सेना ने पांच अगस्त 1971 को प्रकाशित एक समाचार लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है. इसमें बताया गया था कि अमेरिका ने 1954 से 1971 तक पाकिस्तान को दो अरब डॉलर (लगभग 17,500 करोड़ रुपये) के हथियार भेजे थे. इस पोस्ट को ‘This Day That Year’ कैप्शन के साथ शेयर किया गया, जिसमें हैशटैग #KnowFacts का इस्तेमाल किया गया. यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव और व्यापारिक मुद्दों के साथ-साथ भारत-रूस संबंधों पर डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के बीच आया है. यह लेख 1971 के उस समय का है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था. उस साल दिसंबर में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ा, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ. भारतीय सेना की इस पोस्ट को मौजूदा हालात में अमेरिका की नीतियों पर एक तीखा कटाक्ष माना जा रहा है. 1971 में अमेरिका ने पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति जारी रखी थी, भले ही उसने भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए हथियारों पर प्रतिबंध की घोषणा की थी. इस दौरान अमेरिका ने पाकिस्तान को टैंक, जेट विमान और अन्य सैन्य उपकरण दिए. ये हथियार बाद में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान इस्तेमाल हुए. भारतीय सेना की इस पोस्ट का समय महत्वपूर्ण है. हाल ही में अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा है. भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-रूस संबंधों पर टिप्पणी करते हुए भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं. इसके जवाब में भारत ने साफ किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता देता है. भारतीय सेना की यह पोस्ट न केवल ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि भारत अमेरिका की दोहरी नीति को भूला नहीं है. 1971 के युद्ध में अमेरिका ने पाकिस्तान का समर्थन किया था और अपने विमानवाहक पोत USS एंटरप्राइज को हिंद महासागर में तैनात किया था, जिसे भारत के खिलाफ एक चेतावनी माना गया. इस दौरान भारत ने सोवियत संघ के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत किया, जिसने युद्ध में भारत को कूटनीतिक और सैन्य सहायता प्रदान की. भारतीय सेना की यह पोस्ट उस समय की याद दिलाती है, जब अमेरिका की नीतियों ने भारत के लिए चुनौतियां खड़ी की थीं. वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ा है, लेकिन पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति का मुद्दा समय-समय पर विवाद का कारण बनता रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पोस्ट भारत का एक रणनीतिक संदेश है, जिसमें वह अमेरिका को उसकी पुरानी नीतियों के प्रति आगाह कर रहा है. यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों में नई तल्खी ला सकता है, खासकर तब जब भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है.

राष्ट्रीय सब जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप सात अगस्त से ग्रेटर नोएडा में

नई दिल्ली भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने मंगलवार को कहा कि ग्रेटर नोएडा में सात से 13 अगस्त तक होने वाली सब-जूनियर (अंडर-15) राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 400 लड़के और 300 लड़कियों सहित 700 से अधिक मुक्केबाज भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन 15 भार वर्ग में किया जाएगा। हरियाणा लड़कियों के वर्ग में जबकि चंडीगढ़ लड़कों के वर्ग में गत विजेता है। राष्ट्रीय सब जूनियर चैंपियनशिप से पहले इस साल के शुरू में पुरुष, महिला और जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। मुक्केबाज विश्व मुक्केबाजी के तकनीकी नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिसमें 1.5 मिनट के तीन राउंड होंगे तथा राउंड के बीच में एक मिनट का विश्राम होगा। प्रतियोगिता में 10 अंकों की स्कोरिंग प्रणाली अपनाई जाएगी।  

कोरिया: हाफ बिजली बिल योजना के नए स्वरूप से लाखों उपभोक्ताओं को मिला लाभ

कोरिया : छत्तीसगढ़ की पुनरीक्षित हॉफ बिजली बिल योजना से 31 लाख उपभोक्ताओं को राहत छत्तीसगढ़ की संशोधित हाफ बिजली बिल योजना से 31 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत कोरिया: हाफ बिजली बिल योजना के नए स्वरूप से लाखों उपभोक्ताओं को मिला लाभ 31 लाख उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली की सौगात, छत्तीसगढ़ सरकार की पुनरीक्षित योजना लागू 15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत मिलती रहेगी मुफ्त बिजली की सुविधा सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया ठोस कदम कोरिया छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने वाली हॉफ बिजली बिल योजना में संशोधन करते हुए अब 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत की रियायत देने का निर्णय लिया है। इससे राज्य के 31 लाख सामान्य और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को योजना का लाभ पूर्ववत मिलता रहेगा। गौरतलब है कि राज्य में कुल लगभग 45 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत यानी 31 लाख उपभोक्ताओं की मासिक बिजली खपत 100 यूनिट से कम है। इनमें से 15 लाख बीपीएल परिवारों को पहले की तरह 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिलती रहेगी। साथ ही, वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य लाभों से भी यथावत लाभान्वित रहेंगे। सरकार द्वारा ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी गति दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य सरकारों से संयुक्त रूप से अधिकतम 1,08,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं- 1 किलोवाट क्षमता वाले प्लांट से प्रति माह औसतन 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है, जिस पर 45,000 की कुल सब्सिडी दी जाती है। उपभोक्ता को केवल 15,000 वहन करना होता है, 2 किलोवाट प्लांट से औसतन 240 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है। इसमें 90,000 रु. तक सब्सिडी मिलती है और उपभोक्ता को 30,000 रु. खर्च करना होता है, 3 किलोवाट प्लांट से औसतन 360 यूनिट उत्पादन होता है, जिस पर 1.08 लाख रुपये की सहायता मिलती है। इसमें उपभोक्ता अंश 72,000 रुपये होता है, जिसे ऋण सुविधा से चुकाया जा सकता है। विशेष बात यह है कि 2 किलोवाट या अधिक क्षमता वाले सौर प्लांट 25 वर्षों तक प्रति माह 200 यूनिट से अधिक बिजली उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं, जो हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट से भी ज्यादा है। इससे उपभोक्ता बिजली खर्च से मुक्त हो सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर आय भी अर्जित कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल सस्ती बिजली, स्थायी बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में रणनीतिक कदम है। इससे उपभोक्ता योजना पर निर्भर न रहकर स्वयं श्उर्जादाताश् बन सकेंगे। यह राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मजबूती प्रदान करेगा।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना ने बढ़ाया ब्रह्मोस पर भरोसा, मिसाइलों के लिए बड़ा ऑर्डर जारी

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया। भारतीय सेना अब भारत-रूस के ज्वाइंट वेंचर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के लिए बड़ा ऑर्डर दे रही है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जल्द ही हाई लेवल मीटिंग में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए बड़ी संख्या में ब्रह्मोस मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी जा सकती है। साथ ही, भारतीय वायु सेना के लिए भी इन मिसाइलों के जमीनी और हवाई वैरिएंट खरीदे जाएंगे। पाकिस्तान के वायु ठिकानों और सेना के कैंपों पर हमले के लिए इन मिसाइलों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया गया। नौसेना इन मिसाइलों को अपने वीर-कैटेगरी के युद्धपोतों पर तैनात करने वाली है, जबकि वायु सेना इन्हें अपने रूसी मूल के सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमानों पर लगाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों स्वदेशी हथियारों की तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने हमारे स्वदेशी हथियारों की ताकत देखी। हमारे एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलें और ड्रोन ने आत्मनिर्भर भारत की शक्ति दिखाई, खासकर ब्रह्मोस मिसाइलों ने। आतंकी मुख्यालयों पर किया हमला भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के पंजाब प्रांत में स्थित मुख्यालयों पर हमला किया। भारतीय वायु सेना ने इसके लिए ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल किया। इसने टारगेट को बहुत सटीकता से तबाह कर दिया। ब्रह्मोस ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को भी नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों और उनके ठिकानों को बचाने की कोशिश में जवाबी कार्रवाई की थी।

सरकार देगी बाढ़ पीड़ितों को राहत: सीएम मोहन ने अधिकारियों को दिए मुआवजे के निर्देश

 भोपाल  एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि/बाढ़ से जनता को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। कोई चिंता न करें, सरकार आपके साथ है। प्रत्येक प्रभावित परिवार का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की जाए। सरकार द्वारा ‘डीबीटी प्रणाली’ के माध्यम से सहायता राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई जाएगी। मुख्‍यमंत्री यादव ने सोमवार को गुना में बाढ़/अति वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने जिले के विभिन्न वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने कैंट क्षेत्र, पटेल नगर में घर-घर जाकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।   मुख्यमंत्री यादव ने न्यू टेकरी रोड स्थित पवन कॉलोनी पहुँचकर वर्षा से प्रभावित परिवारों से भेंट कर हालात जाने। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि गत दिनों हुई भारी वर्षा ने जिले में 32 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिससे अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हुई। इस चुनौती का प्रशासन ने तत्परता एवं समन्वय के साथ सामना किया। गुना न्यू सिटी कॉलोनी की एक बुजुर्ग महिला सहित 170 नागरिकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। विभिन्न जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से राहत कार्यों की गति तेज की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ की 70 सदस्यीय टीम द्वारा सघन बचाव कार्य किए गए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं प्रशासनिक अमले ने मिलकर भोजन पैकेट वितरण, अस्थायी आश्रय स्थल की स्थापना तथा आवश्यक सामग्री वितरण जैसे राहत कार्य किए। मुख्‍यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी वर्षा संभावित है, इसलिए प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें। यह हर्ष की बात है कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया निरंतर संपर्क में रहते हुए राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यादव प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन हर हाल में उनके साथ है, किसी भी प्रकार की कठिनाई में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी बहनों का रक्षाबंधन के साथ स्वागत करने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बहनों ने राखी बांधकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।