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सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर विधान परिषद में नेता, सचेतक और उपनेता नियुक्त

पटना  मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर बिहार विधान परिषद में सत्‍ता पक्ष के 6 नेताओं को नई जिम्‍मेदारी दी गई है। संसदीय कार्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। 15 मई से प्रभावी इस फैसले के तहत नेता, उपनेता, मुख्य सचेतक और उपमुख्य सचेतक के पदों पर मनोनयन किया गया है। ललन एवं राजेंद्र बने उपनेता अधिसूचना के अनुसार ललन कुमार सर्राफ एवं प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्‍ता को उपनेता का बनाया गया है। इन्‍हें मंत्री पद की सुविधा प्रदान की गई है। जदयू के विधान पार्षद संजय कुमार सिंह को मुख्‍य सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी मंत्री की सुविधा प्राप्‍त हो गई है। वहीं जनक राम उपमुख्‍य सचेतक बनाए गए हैं। इन्‍हें राज्‍य मंत्री की सुविधा प्रदान की गई है। इनके अलावा नीरज कुमार एवं रीना देवी को सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी राज्‍य मंत्री की सुविधा मि‍ली है।   राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयन समित‍ि का पुनर्गठन इससे एक दिन पूर्व राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयण समिति का पुनर्गठन राज्‍य सरकार ने किया। सीएम सम्राट चौधरी इसके अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। इनके अलावा उपमुख्‍यमंत्री व‍िजय कुमार चौधरी कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। समिति में संजय सरावगी एवं उमेश सिंह कुशवाहा को उपाध्‍यक्ष बनाया गया है।   उपाध्‍यक्ष के पद पर ललन कुमार मंडल भी रखे गए हैं। समिति में विधायक चेतन आनंद, संगीता कुमारी, भरत बिन्द, मुरारी प्रसाद गौतम तथा सिद्धार्थ सौरव सहित कई नेताओं को सदस्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त प्रहलाद यादव, नीलम देवी, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह भी सदस्‍य बनाए गए हैं। दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, जबकि सभी सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। बिहार विधान मंडल के सदस्य अपने वर्तमान वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएं पूर्ववत प्राप्त करते रहेंगे।

राज्य में 3.94 करोड़ लीटर पेट्रोल व 8.09 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक

रायपुर  छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को घबराकर अतिरिक्त खरीदी या संग्रहण करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा किसानों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान समय में 3 करोड़ 94 लाख 7 हजार 700 लीटर पेट्रोल तथा 8 करोड़ 8 लाख 83 हजार लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। खाद्य विभाग के अनुसार रबी फसल की कटाई और खरीफ सीजन की तैयारी के कारण डीजल की मांग में वृद्धि को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिर हसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से जिलों को लगातार आवश्यकतानुसार आपूर्ति की जा रही है। गौरतलब है कि 22 मई 2026 को ही प्रदेश को 21 लाख 83 हजार लीटर पेट्रोल और एक करोड़ 29 लाख 75 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही प्रतिदिन नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति जारी है। खाद्य सचिव ने राज्य में ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए 20 मई 2026 को सभी ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन रही हो, वहां डिपो से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। राज्य शासन ने 22 मई 2026 से प्रदेश के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि किसानों तथा कलेक्टर द्वारा चिन्हित अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। राज्य शासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम में आकर पैनिक खरीदी अथवा इसका संग्रहण न करें। जरूरत के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

हरदा के डायल-112 हीरोज रेलवे ट्रैक पर खड़े व्यक्ति की सतर्कता से बचाई जान समझाइश देकर परिजनों के सुपुर्द किया

भोपाल हरदा जिले के थाना टिमरनी क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता, सतर्कता एवं संवेदनशील कार्रवाई से रेलवे ट्रैक पर खड़े एक व्यक्ति की समय रहते जान बचाई गई। त्वरित हस्तक्षेप एवं समझाइश के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। 22 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना टिमरनी क्षेत्र अंतर्गत रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे ट्रैक पर खड़ा है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही टिमरनी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  धर्मेंद्र पटवारी एवं पायलट  संजय पवार ने मौके पर पहुँचकर पाया कि एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर खड़ा था। उसी दौरान ट्रेन आने का सिग्नल भी हो चुका था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए तत्काल व्यक्ति को पकड़कर रेलवे ट्रैक से सुरक्षित बाहर निकाला और संभावित हादसे को टाल दिया। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित व्यक्ति के परिजन भी मौके पर पहुँच गए। डायल-112 टीम द्वारा व्यक्ति को सुरक्षित डायल 112 वाहन से थाना लाया गया, जहाँ परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई एवं आवश्यक परामर्श उपरांत व्यक्ति को उनके सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों की सतर्क, संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही से एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन पर आयोजित संगोष्ठी संपन्न

भोपाल सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि समाज का मूल आधार सहकारिता है। सहकारिता के माध्यम से परिवार, समाज, राष्ट्र और दुनिया चलती है। जब तक एक-दूसरे का समन्वय, सहयोग और सहभागिता नहीं होती, तब तक किसी भी काम का परिणाम प्राप्त नहीं किया जा सकता। मंत्री  सारंग शनिवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ में आयोजित हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ द्वारा क्रियान्वित एवं विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित सीएचसीडीएस योजना अंतर्गत निर्मित सीएफसी कॉमन फैसिलिटी सेंटर का लोकार्पण भी किया। मंत्री  सारंग ने कहा कि राज्य सहकारी संघ द्वारा विभाग की योजना के माध्यम से स्किल ट्रेनिंग प्राप्त करने से रोजगार के अवसर सृजित हो सकेंगे। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर टूलकिट से अपनी जीविका को गति देने से परिवार की आय में वृद्धि होगी। इसका सद्उपयोग कर अपने व्यवसाय कों आगे बढ़ाये और परिवार की आय में अपना सहयोग दें और समृद्ध मध्यप्रदेश सहित विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करें। कार्यक्रम को सहकारिता आयुक्त  मनोज पुष्प ने भी संबोधित किया। शुरूआत में राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक  ऋतुराज रंजन ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर हस्तशिल्प के उप संचालक  वैभव यशवंत मोहारे और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता उपस्थित थे। मंत्री  सारंग ने कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप 6 महिला प्रतिभागी किरण राजपूत, नीलम यादव, आशा मेहरा, कविता रजक, सोनी यादव और महिमा यादव को कढ़ाई एवं जूट शिल्प का टूलकिट वितरित किया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में हुए कार्यों एवं गतिविधियों के संकलन की पुस्तिका "सहकारिता के नवयुग का शंखनाद" का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने सामान्य सुविधा केन्द्र का लोकार्पण किया। यह सुविधा केन्द्र प्रारंभिक तौर पर इंदौर, भोपाल और नौगाँव में शुरू किये गये हैं। साथ ही उन्होंने Coopcraft वाणिज्यिक पोर्टल का शुभारंभ भी किया।  

बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ा अभियान, हरियाणा में 78 बच्चों को मिला नया जीवन

कैथल/चंडीगढ़. ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत मानवता व संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायी मिसाल देखने को मिली। एमडीडी ऑफ इंडिया और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीमों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 78 जरूरतमंद बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। इन बच्चों में गुमशुदा, बाल श्रमिक, भीख मांगने वाले, कूड़ा बीनने वाले तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे शामिल रहे। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीम सेन ने बताया कि अप्रैल 2026 की मासिक समीक्षा रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों का सफलता पूर्वक निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है अपनी कैथल जिला की पुलिस पर जिन्होंने अभियान के दौरान 18 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया गया, जबकि 20 बच्चों को बाल श्रम के चंगुल से मुक्त करवाया गया। बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके इसके अतिरिक्त 22 बच्चों को भीख मांगने की विवशता से बाहर निकालकर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया तथा आठ कचरा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने बताया कि एक परित्यक्त मासूम बच्ची को भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाते हुए विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) में शिफ्ट किया गया, ताकि उसे बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके। इस अभियान के दौरान हर बच्चे की काउंसलिंग, चिकित्सा जांच, सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई। भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि हर बच्चा देश का भविष्य है और उसे भय, शोषण तथा असुरक्षा से मुक्त वातावरण देना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।” उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूसी की टीम लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा दोबारा असुरक्षित परिस्थितियों में न पहुंचे।

बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, चंडीगढ़ में समर कैंप की बाहरी गतिविधियां बंद

चंडीगढ़. गर्मी की छुट्टियों में स्कूलों में आयोजित किए जा रहे समर कैंपों में बाहरी गतिविधियाें पर पाबंदी रहेगी। यह आदेश चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए जारी किया है। स्कूलों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आयोग ने कहा है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान आयोजित किए जा रहे समर कैंपों में बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाया जाए तथा दोपहर के समय किसी भी प्रकार की बाहरी गतिविधियां न करवाई जाएं। आयोग ने पहले ही हीटवेव की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन ने भी सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 23 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूल छुट्टियों के दौरान समर कैंप आयोजित कर रहे हैं। आयोग ने माना कि ऐसे कैंप बच्चों की रचनात्मकता और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होते हैं, लेकिन मौजूदा भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों को खुले में गतिविधियों से बचाना बेहद जरूरी है। सीसीपीसीआर की अध्यक्ष शिप्रा बंसल ने कहा कि अत्यधिक गर्म मौसम में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूलों और संस्थानों से जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा गर्मी की तीव्र परिस्थितियों के संपर्क में न आए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

AI आधारित स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली एवं डिजिटल विद्युत प्रबंधन मॉडल की सराहना

भोपाल  भारत सरकार के ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत संचालित आरडीएसएस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटरिंग, फीडर सेपरेशन, पीएम कुसुम योजना, वन क्षेत्र विद्युत अधोसंरचना तथा डिजिटल विद्युत प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने निर्देश दिए कि कंपनी क्षेत्र में शेष अविद्युतीकृत घरों का सर्वे शीघ्र पूर्ण कर उनका डेटा तैयार किया जाए तथा डीपीआर को अंतिम रूप देकर प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिससे पात्र घरों तक विद्युत सुविधा पहुंचाई जा सके।  अग्रवाल ने आरडीएसएस योजना अंतर्गत फीडर सेपरेशन में शामिल 874 फीडरों को पीएम कुसुम योजना से जोड़कर लाभान्वित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्रों से गुजरने वाली एलटी लाइनों के केबलीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वन्य जीवों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा विद्युत आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनेगी। बैठक में आरडीएसएस योजना अंतर्गत पूर्व क्षेत्र कंपनी के 41 ऐसे प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिनमें वन विभाग की स्वीकृति लंबित है। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों में वन मंत्रालय स्तर पर सतत फॉलोअप किया जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। समीक्षा के दौरान स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली में Artificial Intelligence (AI) एवं Machine Learning आधारित विश्लेषण प्रणाली की विशेष प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि AI आधारित तकनीकों के माध्यम से विद्युत चोरी की संभावनाओं की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। उपभोक्ताओं के खपत पैटर्न, स्मार्ट मीटर टैंपर इवेंट्स, डीटीआर ऊर्जा संतुलन, GIS आधारित उपभोक्ता मैपिंग तथा ऐतिहासिक बिलिंग डेटा का विश्लेषण कर संदिग्ध उपभोक्ताओं की सूची स्वतः तैयार की जा रही है। बैठक में कंपनी के स्मार्ट बिजली ऐप का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 13 हजार स्मार्ट मीटर उपभोक्ता प्रतिदिन स्वयं अपना विद्युत उपभोग ऐप के माध्यम से देख रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में ऊर्जा संरक्षण एवं डिजिटल सहभागिता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू टैरिफ ऑर्डर में TOD योजना लागू की जा चुकी है, जिसका लाभ स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राप्त हो रहा है। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ऊर्जा संरक्षण, लोड प्रबंधन एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के तकनीक आधारित मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  

20 करोड़ से बनेगा भव्य रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर

रायपुर धमतरी शहर से लगे रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल भर नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरेगा। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से मंदिर परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से तीन चरणों में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। विशेष बात यह है कि पूरे विकास कार्य में मंदिर की मूल संरचना और उसकी आध्यात्मिक गरिमा को अक्षुण्ण रखा जाएगा। बिना किसी बड़े विध्वंस या संरचनात्मक क्षति के मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के समन्वय से नया स्वरूप दिया जाएगा। प्रस्तावित डिजाइन में शिखर, त्रिशूल, ओम् प्रतीक, तोरण द्वार, अलंकृत स्तंभ, नंदी प्रतिमा, दीप स्तंभ और जाली कार्य जैसे पारंपरिक तत्व शामिल किए गए हैं। प्राकृतिक सैंडस्टोन क्लैडिंग और पत्थर आधारित फिनिश मंदिर परिसर को भव्य, आकर्षक और कालातीत स्वरूप प्रदान करेंगे। परियोजना का उद्देश्य केवल मंदिर सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। इसके तहत चौड़े पैदल मार्ग, सुव्यवस्थित प्रवेश और निकास द्वार, परिक्रमा पथ, घाट, मंडप और सार्वजनिक उपयोग के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास किया जाएगा। परिसर में डिजिटल सूचना स्क्रीन, प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह दुकानें, फूड कोर्ट, विश्राम क्षेत्र, शिशु आहार कक्ष, भुगतान आधारित स्वच्छ शौचालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग के तहत एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे। वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प आधारित बाधारहित आवागमन व्यवस्था परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। घाट क्षेत्र को भी विशेष रूप से विकसित किया जाएगा। यहां रेलिंग युक्त विसर्जन कुंड, सुरक्षित सीढ़ियां और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी, ताकि धार्मिक गतिविधियां सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें। इसके अलावा गार्डन, सांस्कृतिक मंडप, खुला मंच, रिवर फ्रंट कॉटेज और भविष्य में विकसित होने वाली मेरीन ड्राइव जैसी अवधारणाएं इस परियोजना को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और पारिवारिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनाएंगी। पूरे लेआउट को वास्तु सिद्धांतों, प्राकृतिक वेंटिलेशन, खुले प्रांगण और श्रद्धालुओं की क्रमिक आध्यात्मिक यात्रा की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। डिजाइन में सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और जगन्नाथ मंदिर की स्थापत्य अवधारणाओं से प्रेरणा ली गई है। पर्यावरण संरक्षण को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके तहत सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग शेड, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक प्रकाश और वायु संचार आधारित डिजाइन, हरित क्षेत्र विकास तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। स्थानीय और टिकाऊ निर्माण सामग्री के उपयोग से पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के साथ स्थानीय कारीगरों और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा के अनुसार यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं, बल्कि धमतरी की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान देने वाला प्रयास है। आने वाले समय में रुद्रेश्वर धाम प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दादा असीम बनर्जी को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना पहुंचकर वरिष्ठ समाजसेवी उत्तम बनर्जी के पिता स्वर्गीय दादा असीम बनर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और शोक संतप्त परिजन से भेंट कर ढांढस बंधाया। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, खजुराहो सांसद बीडी शर्मा, महापौर योगेश ताम्रकार, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय ने भी स्व. दादा असीम बैनर्जी को श्रृद्धांजलि अर्पित की।  

अवैध खनन माफिया पर शिकंजा, बिलासपुर में लगातार कार्रवाई से मचा हड़कंप

बिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अवैध बोर खनन और बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। बीते दो दिनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 8 वाहनों को जब्त किया गया है। प्रशासन ने 4 बोर मशीनों और 4 हाइवा वाहनों पर कार्रवाई कर अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के मुताबिक ग्राम बसिया में देर रात अवैध रूप से बोर खनन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान वहां से दो बोर मशीनें जब्त की गईं।इसके अलावा तिफरा क्षेत्र में भी प्रशासन ने दबिश देकर दो और बोर मशीनों को पकड़ा। बिना रॉयल्टी मुरूम और गिट्टी ढो रहे थे हाइवा राजस्व विभाग की टीम ने बिना रॉयल्टी मुरूम और गिट्टी का परिवहन कर रहे 4 हाइवा वाहनों को भी जब्त किया। अधिकारियों के अनुसार सभी वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए सिरगिट्टी और तोरवा थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। तहसीलदार के नेतृत्व में हुई संयुक्त कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई तहसीलदार प्रकाश साहू के नेतृत्व में राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने की। प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।