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जिले में उर्वरक वितरण होगा हाई-टेक, निजी विक्रेताओं को मिली L1 Pos मशीनें

एमसीबी जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं को अब उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नई पीढ़ी की L1 Pos मशीनें प्रदान की गई हैं। गुरुवार को कार्यालय उप संचालक कृषि मनेन्द्रगढ़ के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में इन मशीनों का वितरण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि इन्द्रासन पैकरा ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से पूर्व प्रदाय Lo Pos मशीनें निष्क्रिय हो चुकी थीं, जिसके बाद आधुनिक तकनीक से युक्त  L1 Pos  मशीनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नई मशीन से किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में आसानी होगी, वहीं विक्रेताओं को स्टॉक और बिक्री संबंधी अद्यतन जानकारी रखने में भी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में निजी उर्वरक विक्रेताओं सहित  IPL कंपनी के प्रतिनिधि, सहायक संचालक कृषि जयंत कुमार पैकरा और शाखा प्रभारी दीपक कुमार साहू भी उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि ने आशा व्यक्त की कि इस तकनीकी पहल से जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित होगी।

एकलव्य छात्रावास में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ एकलव्य वनवासी बालक छात्रावास, चैनपुर में इस वर्ष गणेश उत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गणेश अग्रवाल, छात्रावास अध्यक्ष जगदंबा अग्रवाल, सचिव प्रभात वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आर. डी. दीवान, नगर सचिव रितेश श्रीवास्तव, छात्रावास के भैया जोग सिंह, संदीप सिंह, पीयूष सिंह, दीपक सिंह तथा जिला संगठन मंत्री हरभजन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजन के बीच विनोद शुक्ला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म से जुड़ाव और संस्कार ही जीवन की वास्तविक धरोहर हैं। उन्होंने भगवान श्री गणेश जी के जीवन चरित्र एवं उनकी स्थापना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सनातन धर्म की परंपराओं से अवगत कराया। गणेश प्रतिमा की स्थापना 27 अगस्त को की गई थी, जिसके उपरांत कल 31 अगस्त, रविवार को दोपहर 2 बजे से भजन संध्या एवं भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें नगरवासियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है.

विधानसभा भवन को मिलेगा नया गौरव, स्थापित होगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की विशाल प्रतिमा

रायपुर नवा रायपुर अटल नगर स्थित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन परिसर में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की अनुशंसा की है. विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने गठन के 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह राज्य समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नवनिर्मित विधानसभा परिसर में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर की यह भव्य प्रतिमा न केवल संविधान निर्माता को यथोचित सम्मान अर्पित करेगी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सामाजिक समता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा का प्रतीक भी बनेगी. उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर 12 दिसंबर 1945 को रायपुर आए थे और वर्तमान माधवराव सप्रे शाला परिसर (तात्कालीन लॉरी स्कूल) में ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था. इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ की धरती को उनके विचारों और व्यक्तित्व से सशक्त बनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे. यह पहल डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी (ए.डब्ल्यू.एस.) की ओर से की गई है. सोसाइटी के चेयरमैन दिलीप वासनीकर एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से विगत दिनों मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था. उन्होंने राज्य स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में यह प्रतिमा स्थापित करने का निवेदन करते हुए इसे सामाजिक समता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.

कौन हैं दानिश मालेवार? जिनकी पारी से दलीप ट्रॉफी में बना रिकॉर्ड

नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी में 21 साल के दानिश मालेवार ने दोहरा शतक जड़ इतिहास रच दिया है। वह इस टूर्नामेंट में विदर्भ के लिए ऐसा कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। दानिश ने अपना यह दोहरा शतक दलीप ट्रॉफी के डेब्यू मैच में जड़ा। नोर्थ जोन रिटायर आउट होने से पहले सेंट्रल जोन के दानिश ने 203 रनों की शानदार पारी खेली। इन 203 रनों के साथ उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी 1000 रन का आंकड़ा भी छूआ। उन्होंने यह कमाल मात्र 16 पारियों में किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड यशस्वी जायसवाल, रूसी मोदी और अमोल मजूमदार के नाम है जिन्होंने यह कारनामा मात्र 13-13 पारियों में किया था। कौन है दानिश मालेवार? 2024 के अंत में फर्स्ट क्लास में डेब्यू करने के बाद से मालेवार तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले रणजी सीजन में 783 रन बनाए, जिसमें केरल के खिलाफ फाइनल में खेली गई 153 ​​रनों की महत्वपूर्ण पारी भी शामिल है, जिसने विदर्भ को अपना तीसरा रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया। वह उस सीज़न में यश राठौड़ और करुण नायर के बाद विदर्भ के लिए तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। अब, वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में विदर्भ के पहले शतकवीर भी बन गए हैं। 2024 के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट चरणों में उनका शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। मालेवार ने सेमीफाइनल में मुंबई के खिलाफ 79 रनों की जुझारू पारी खेली और फिर केरल के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 52.20 की औसत से सीजन खत्म किया और सीजन के पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले दानिश की तुलना अभी से राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों से हो रही है। नागपुर में जन्मा यह खिलाड़ी भी द्रविड़ और पुजारा की तरह शांत स्वभाव का है, मगर गेंदबाजों को आड़े हाथ लेता है। केवल 10 फर्स्ट क्लास मैचों में, उन्होंने पांच बार पचास से ज्यादा का स्कोर बनाया है, कई स्कोर को शतकों में बदला है उनका औसत फिलहाल 65 के पार का है।। हालाँकि, इस युवा खिलाड़ी के लिए राह आसान नहीं रही है, क्योंकि वह एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का मुख्य सचिव जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को आगामी एक वर्ष के कार्यकाल विस्तार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। शासन द्वारा मुख्य सचिव जैन का कार्यकाल आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है।  

‘पति पत्नी और वो 2’ की टीम पर हमला, स्थानीय लोगों से झड़प में तनाव

प्रयागराज एक्टर आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ की शूटिंग इन दिनों प्रयागराज में चल रही है. वहीं, अब खबर मिल रही है कि फिल्म के सेट पर स्टाफ के साथ कुछ स्थानीय लोगों ने मारपीट किया है. इसका एक वीडियो रेडिट पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ की शूटिंग चल रही है. एक गाड़ी पर शूटिंग स्टाफ मौजूद है. तभी दो-तीन लोकल लोग आते हैं और फिल्म के स्टाफ एक व्यक्ति को मारने लगते हैं. इसके बाद दोनों तरफ से मारपीट शुरु हो गई. इस वीडियो को प्रयागराज के स्थानीय व्यक्ति ने ही बनाया है. बता दें कि फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ की शूटिंग के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस वीडियो पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं. एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘प्रयागराज का नाम रोशन करता हुआ युवा.’ तो एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘बिना सिक्योरिटी के शूटिंग कैसे कर रहे थे?’ आयुष्मान खुराना और सारा अली खान भी शूटिंग पर दिखे फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ के शूटिंग स्टाफ और लोकल के बीच हुए इस झड़प का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. साथ ही एक और वीडियो वायरल है, जिसमें सारा अली खान, आयुष्मान खुराना के ऊपर गुस्सा कर रही हैं, दोनों एक गाड़ी में बैठे हैं. इसके बाद सारा अली खान गाड़ी से नीचे उतर जाती है. वीडियो देखकर लगता है कि यह दोनों फिल्म का सीन शूट कर रहे हैं.

WHO मानक से 22 गुना ज्यादा प्रदूषण, दिल्लीवासियों की सेहत पर खतरा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की हवा अब इंसानों की जिंदगी के लिए गंभीर खतरा बन गई है। शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा जारी एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) 2025 रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौजूदा प्रदूषण स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत उम्र 8.2 साल तक घट सकती है। रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। यहां 2023 में PM2.5 (सूक्ष्म कण) का औसत स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण हैं। इनमें सबसे बड़ा योगदान वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक इकाइयों और पावर प्लांट्स से उत्सर्जन, और हरियाणा-पंजाब में पराली जलाना है। इसके अलावा, निर्माण कार्य और धूल भी प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। दिल्ली की हवा: दुनिया में सबसे खराब शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा तैयार की गई एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) रिपोर्ट सैटेलाइट डेटा के आधार पर दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का आकलन करती है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण किस तरह लोगों की सेहत और जीवन प्रत्याशा को प्रभावित कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में दिल्ली में PM2.5 का स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों का कहना है कि PM2.5 कण बेहद सूक्ष्म होते हैं, जो फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की बीमारियां, हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनते हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर प्रदूषण का मौजूदा स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल तक घट सकती है। यह आंकड़ा किसी भी शहर में प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गंगा का मैदानी क्षेत्र, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश शामिल हैं, दुनिया का सबसे प्रदूषित इलाका है। यहां करीब 60 करोड़ लोग रहते हैं और प्रदूषण के कारण उनकी सेहत पर सबसे गंभीर असर पड़ रहा है। दिल्ली क्यों डूब रही है जहर में? विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों कारण जिम्मेदार हैं। इनमें प्रमुख हैं: वाहनों का धुआं: दिल्ली में 1.2 करोड़ से अधिक वाहन हैं। डीजल और पेट्रोल से निकलने वाला धुआं PM2.5 का बड़ा स्रोत है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, वाहनों का योगदान कुल प्रदूषण में 30-40% तक है। औद्योगिक प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर के आसपास की फैक्ट्रियां और थर्मल पावर प्लांट कोयले पर चलते हैं, जिनसे निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड PM2.5 कणों में बदल जाते हैं। पराली जलाना: हरियाणा और पंजाब में अक्टूबर-नवंबर के दौरान पराली जलाने से दिल्ली की हवा और बिगड़ जाती है। IITM पुणे के अध्ययन के मुताबिक, 2023 में इससे 15-20% तक प्रदूषण बढ़ा। निर्माण और धूल: सड़कों की धूल और निर्माण गतिविधियां कुल प्रदूषण का करीब 20% हिस्सा हैं। बिना ढके मलबे और अनियोजित निर्माण इसके बड़े कारण हैं। अन्य कारण: घरेलू स्तर पर कोयला जलाना, कचरा जलाना और सर्दियों में तापमान गिरने से हवा में कण फंस जाते हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है। 8.2 साल का नुकसान क्यों? AQLI की गणना के अनुसार, PM2.5 का हर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की वृद्धि जीवन प्रत्याशा को औसतन 0.64 साल कम कर देती है। दिल्ली में PM2.5 का स्तर WHO मानक से 106.4 माइक्रोग्राम ज्यादा है, जिसके चलते लोगों की औसत आयु में 8.2 साल की कमी आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं: सांस की बीमारियां: अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस और COPD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लंग केयर फाउंडेशन के अनुसार, दिल्ली के 30% बच्चे सांस की समस्या से पीड़ित हैं। हृदय रोग: PM2.5 खून में मिलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। 2023 में दिल्ली के 20% हार्ट अटैक के मामले सीधे प्रदूषण से जुड़े पाए गए। कैंसर और अन्य रोग: फेफड़ों का कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। आर्थिक नुकसान: प्रदूषण से स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च में इजाफा हुआ है। लैंसेट स्टडी के अनुसार, 2023 में भारत को प्रदूषण की वजह से 1.36 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। दिल्ली की हवा को साफ कैसे करें? विशेषज्ञों ने प्रदूषण कम करने के लिए कई तात्कालिक उपाय सुझाए हैं, जिन्हें सख्ती से लागू करने की जरूरत है। वाहन नियंत्रण: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाए, BS-VI मानक सख्ती से लागू हों और पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगे। दिल्ली सरकार ने 2025 तक 25% इलेक्ट्रिक बसें लाने का लक्ष्य रखा है। औद्योगिक उत्सर्जन: कोयला आधारित पावर प्लांट्स में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) तकनीक लगाई जाए। 2024 तक दिल्ली-NCR में लगभग 50% प्लांट्स में यह तकनीक लागू होनी है। पराली जलाने पर रोक: पंजाब और हरियाणा में पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर जैसी मशीनें और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए। 2023 में पराली जलाने की घटनाएं 20% तक कम हुई थीं। निर्माण नियंत्रण: धूल कम करने के लिए ग्रीन कवर और वॉटर स्प्रिंकलिंग पर जोर दिया जाए। 2024 में दिल्ली में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) और सख्ती से लागू किया जा रहा है। जागरूकता और हरियाली: पेड़ लगाने और कचरा जलाने पर रोक को लेकर जनता को जागरूक किया जाए। DDA डेटा के अनुसार, 2023 में दिल्ली में 1 करोड़ पेड़ लगाए गए। क्षेत्रीय सहयोग: दिल्ली और आसपास के राज्यों के बीच एयरशेड मैनेजमेंट और एकीकृत नीति बनाई जाए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण में सामूहिक प्रयास हो सके। AQLI 2025 की रिपोर्ट दिल्ली के लिए खतरे की घंटी दिल्ली की हवा अब जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण के मौजूदा स्तर पर दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल कम हो सकती है। यह किसी भी शहर के लिए प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि है। विशेषज्ञों का कहना … Read more

आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे ने शुरू की भूख हड़ताल, समर्थकों ने चेतावनी दी

मुंबई मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की मुंबई में भूख हड़ताल शुरू हो गई है। मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे, जहां मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे और उनके समर्थक एक दिवसीय भूख हड़ताल कर रहे हैं। सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ मनोज जरांगे ने बुधवार को जालना जिले के अपने गांव से मार्च शुरू किया था। शुक्रवार को मुंबई में प्रवेश करते ही वाशी में समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उनके हजारों समर्थक पहले ही मुंबई पहुंच चुके हैं। मराठाओं को कुनबी के रूप में मान्यता देने की मांग 43 वर्षीय जरांगे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। जरांगे ने कहा है कि उनके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और गणेश उत्सव में कोई बाधा नहीं डालेंगे। जरांगे की मांग है कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। कुनबी एक कृषक वर्ग से जुड़ी जाति है, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है। जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का फायदा मिलेगा। जालना पुलिस ने जरांगे और उनके समर्थकों पर 40 शर्तें लगाने के बाद उन्हें मार्च जारी रखने की अनुमति दी थी, जिसमें उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, वाहनों की आवाजाही में बाधा न डालने और आपत्तिजनक नारे लगाने से बचने का निर्देश दिया गया। मुंबई पुलिस ने जरांगे को 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच आजाद मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। पुलिस ने कहा कि शाम 6 बजे सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से चले जाना होगा। मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुलिस ने यह भी शर्त रखी है कि प्रदर्शनकारियों के केवल पांच वाहन ही आजाद मैदान जा सकते हैं और वहां प्रदर्शनकारियों की संख्या 5,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। जरांगे के समर्थकों को ध्यान में रखते हुए रेलवे पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है। 'हमें मराठा आरक्षण दो या देखते ही गोली मारने का आदेश दो' मनोज जरांगे के मराठा आरक्षण आंदोलन में भाग लेने के लिए आजाद मैदान पहुंचे नांदेड़ के एक किसान मारुति पाटिल ने कहा, 'अगर आप हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो हमें गोली मार दो।' अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी मारुति पाटिल के आक्रामक रुख को दोहराया और कहा कि वे तब तक नहीं जाएंगे जब तक आरक्षण आंदोलन की जीत नहीं हो जाती। मराठा आरक्षण समर्थक मारुति पाटिल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कहा कि 'अगर आप हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो हम जीना नहीं चाहते। सरकार को देखते ही गोली मारने का आदेश दे देना चाहिए और हमें मार देना चाहिए। सरकार को अंदाजा नहीं है कि हमारी जिंदगी कितनी मुश्किल है।' पाटिल की तरह ही जरांगे के कई समर्थक पहले ही मुंबई पहुंच गए और पेड़ों के नीचे, फुटपाथों पर और रेलवे और मेट्रो स्टेशन के अंदर शरण लिए हुए हैं। पाटिल ने कहा, 'यह शर्मनाक है कि सरकार ने आंदोलन में भाग लेने वालों की सुरक्षा के लिए कोई अस्थायी ढांचा बनाने की जहमत नहीं उठाई। सब कुछ गीला है, और जमीन कीचड़ से भरी है।' 'मुख्यमंत्री को हमारी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए' बीड जिले के परली इलाके के मोहा गांव निवासी उद्धव निंबालकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर इस रैली का नेतृत्व कोई प्रमुख नेता कर रहा होता, तो नगर निगम बड़े-बड़े पंडाल और शेड बनवा देता। निंबालकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को एक ही दिन में ओबीसी कोटे से मराठों को आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कोई अंदाजा नहीं है कि यह आंदोलन कितना बड़ा हो जाएगा। निंबालकर ने कहा, 'उन्हें हमारी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। अगर वह हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ देना चाहिए।'

न्यायिक आयोग रिपोर्ट के जामा मस्जिद और अन्य क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा, संभल में सतर्कता बढ़ी

संभल संभल दंगे को लेकर न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद जिले में सुरक्षा के दृष्टिकोण से अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस ने किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। खासतौर पर जामा मस्जिद क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के सामने आने के बाद कुछ क्षेत्रों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी, जिसे ध्यान में रखते हुए पहले से ही तैयारियां की गई थीं। जिला प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार गश्त की जा रही है और इंटेलिजेंस विंग भी सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है और किसी भी भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।  

जांच में सामने आया पाकिस्तान का कनेक्शन, धर्मांतरण गिरोह के कारनामे उजागर

बरेली बरेली में पकड़े गए धर्मांतरण गिरोह की जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। कट्टरपंथी जाकिर नाइक के अलावा गिरोह के सदस्य पाकिस्तानी धर्मगुरु इंजीनियर अली मिर्जा के भी मुरीद हैं। दूसरे धर्म के लोगों को अपने धर्म से जोड़ने से पहले वे अली मिर्जा जैसे धर्मगुरुओं का भाषण उन्हें सुनाते थे। प्रभात को हामिद बनाने वाले गिरोह के पास से अली मिर्जा से जुड़ा साहित्य मिला है। बरामद सीडी में अली मिर्जा की तकरीर भी है। अली मिर्जा यूट्यूब पर अक्सर भारत के मुद्दों पर चर्चा करता है। कुछ दिन पहले दाढ़ी को लेकर टिप्पणी की थी और संगीत को जायज बताया था। वहां सरकार के खिलाफ बोलने पर उसे गिरफ्तार भी किया गया था। चूंकि अली मिर्जा कट्टरपंथी विचारधारा के विरोध में रहता है, इसलिए उसे पाकिस्तान के साथ ही भारत के समुदाय विशेष के युवा भी फॉलो करते हैं। अधिकारियों को जानकारी मिली है कि शुरुआत में शिकार का ब्रेनवॉश करने के लिए उनको अली मिर्जा की ही तकरीर सुनाई जाती थी। चंगुल में फंसता था शिकार तो सुनाते थे जाकिर के नफरती भाषण अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के पास से जाकिर नाईक का भी साहित्य मिला है। इससे ऐसा लग रहा है कि गिरोह के सदस्य धर्मांतरण के लिए पहले शिकार के दिमाग में अली मिर्जा की आधुनिक विचारधारा डालते थे। हिंदू और मुस्लिम धर्म की समानता बताते थे। जब शिकार फंस जाता था तो धीरे-धीरे ब्रेनवॉश कर उसके अंदर जाकिर नाईक की नफरती विचारधारा विकसित करते थे। गिरोह के लोगों को बाकायदा इसके लिए फंडिंग की जाती थी। आरोपी अब्दुल मजीद, सलमान, आरिफ और फहीम कोई बड़ा कारोबार नहीं करते, फिर भी उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर है। पूरे गिरोह को संचालित करने के लिए कहां से फंडिंग हो रही थी? इसकी जांच की जा रही है। सभी के खाते खंगाले जा रहे हैं। कुछ दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है। धर्मों की डिबेट दिखाकर देते थे झांसा अब्दुल मजीद के गिरोह के पास ऐसे वीडियो मिले हैं, जिसमें कुरान और बाइबिल के बारे में डिबेट दिखाई जाती थी। डिबेट के अंत में मुस्लिम धर्म को सर्वोपरि दिखाया जाता था और बताया जाता था कि वह देश के सर्वोपरि धर्म का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इस दौरान गिरोह के सदस्य अपनी धर्म की लड़की से निकाह कराने का वादा भी करते थे। इससे अवसाद और अकेलेपन के शिकार लोग झांसे में आ जाते थे। गिरोह के निशाने पर ऐसे परिवार या लोग होते थे, जो किन्हीं कारणों से समाज से कट जाते हैं। धर्मांतरण के लिए यह लोग फर्जी प्रमाणपत्र भी बनाकर देते थे। यह प्रमाणपत्र दिल्ली की मस्जिद से दिया जाता था। गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। पुलिस टीम इन राज्यों में छापेमारी के लिए रणनीति बना रही है। धर्मांतरण से बची ब्रजपाल उर्फ अब्दुल्ला की दूसरी बहन हादसे में अपाहिज हुए शिक्षक ब्रजपाल को शादी का झांसा देकर गिरोह ने अब्दुल्ला बना दिया। ब्रजपाल के साथ ही उनका पूरा परिवार गिरोह के प्रभाव में आ गया। बहन राजकुमारी का धर्म परिवर्तन कराकर उसे आयशा बना दिया गया। मुस्लिम शख्स से ही उसका निकाह भी करा दिया। बेटी और बेटे के धर्म परिवर्तन करने के बाद घर में अकेली बची मां ऊषा रानी भी ज्यादा दिन तक गिरोह के प्रभाव से न बच सकीं। उन्हें गिरोह ने अमीना नाम दे दिया। ब्रजपाल की दूसरी बहन सीमा इस गिरोह के प्रभाव में आने से बच गई। उसकी शादी पहले ही होने से गिरोह उसे झांसा नहीं दे सका। प्रवक्ता प्रभात उर्फ हामिद के बयान दर्ज गिरोह के शिकार हुए हिंदी प्रवक्ता प्रभात उर्फ हामिद अब बुलंदशहर के जहांगीराबाद स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल हैं। बृहस्पतिवार को बरेली कोर्ट में प्रभात उर्फ हामिद के बयान दर्ज हुए। प्रभात नेत्रहीन हैं और ब्रेल लिपि में विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। घटनाक्रम के बाद मां अखिलेश कुमारी उन्हें घर अलीगढ़ के क्वार्सी ले गई थीं। प्रभात के बयान की प्रति अब विवेचक को दी जाएगी। विवेचक इसे विवेचना में शामिल करेंगे। माना जा रहा है कि इस गिरोह के संपर्क में रहने से प्रभात के मन पर गहरा असर पड़ा है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि भुता थाने के इंस्पेक्टर क्राइम ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी व अन्य ने दक्षिण भारत के राज्यों में ज्यादातर कॉल लैंडलाइन नंबरों पर की है। इन नंबरों की तस्दीक की जा रही है। जरूरत पर टीम संबंधित राज्यों में जाकर भी पड़ताल करेगी। धार्मिक नेताओं के भाषणों से गिरोह के सदस्य लोगों का ब्रेनवॉश करते थे। पड़ताल में नए आरोपी सामने आए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।